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दिवाली पर ज्ञान दे रही ‘भारत की ग्रेटा थनबर्ग’ लिसिप्रिया कंगुजम का लुटेरों ने लूट लिया मोबाइल फोन

लिसिप्रिया कंगुजम
हिन्दू त्योहारों को बदनाम करने में उम्र अथवा धर्म कोई अर्थ नहीं रखता, क्योकि उनका मूल उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं में भ्रम पैदा कर हिन्दू पद्दति को कलंकित करना है। यही उनकी जीविका है। लेकिन इन सनातन विरोधियों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि समय चक्र शनै शनै नहीं बहुत तेजी से बदल रहा है। अब वो समय नहीं है,जब मन किया सनातन पर कीजड़ फेंक दो। 
11 वर्षीय तथाकथित पर्यावरण एक्टिविस्ट लिसिप्रिया कंगुजम उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दिवाली को प्रदूषण से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर लाइव आ रही थीं, लेकिन इसी बीच लुटेरे उनका मोबाइल फोन ही छीन कर भाग निकले। उन्होंने ट्विटर पर नोएडा पुलिस को टैग करते हुए इसे अर्जेन्ट बताया है। उन्होंने बताया कि 23 अक्टूबर, 2022 की रात 8:30 बजे बाइक सवार दो चोरों ने उनका मोबाइल फोन झपट लिया।

लिसिप्रिया कंगुजम ने अपने ट्विटर हैंडल ने जानकारी दी है कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 16B स्थित बेल्लाना स्ट्रीट मार्किट के सामने ‘निराला एस्पायर’ के पास से वो फेसबुक लाइव कर रही थीं, तभी ये घटना हुई। उन्होंने नोएडा पुलिस से मदद माँगी है। हालाँकि, रिप्लाई में लोगों ने चोरों को सही ठहराते हुए कहा है कि बच्चों को मोबाइल फोन नहीं रखना चाहिए। एक व्यक्ति ने लिखा कि फोन चोरी होने के बावजूद आप ट्वीट कर रही हैं, इसका अर्थ है कि आपका हैंडल कोई और चलाता है।

एक व्यक्ति ने तो दिवाली के प्रदूषण पर ज्ञान दे रही लिसिप्रिया कंगुजम को समझाया कि मोबाइल फोन बनाने में कैडमियम, लीड, लिथियम, मर्करी और ब्रोमिनैट जैसे हैवी मेटल्स का इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में पर्यावरण एक्टिविस्ट को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हालाँकि, DCP सेन्ट्रल नोएडा ने बताया कि आवश्यक कार्यवाही के लिए बिसरख के थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता से बातचीत कर घटना की जानकारी ली है और जल्द मामले का पर्दाफाश होगा।

लाइव वीडियो के दौरान लिसिप्रिय कंगुजम को दिवाली पर लाइटिंग से सजाए गए घरों को दिखाते हुए ये कहते देखा जा सकता है कि ये सब अच्छी बात है, लेकिन पटाखे उड़ाना गंदी बात है और वो इसे लेकर उदास हैं। उन्होंने कहा कि ये हमारे पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि ये हवा को प्रदूषित करता है और नॉइज़ पॉल्यूशन से जानवर भी परेशान होते हैं। उन्होंने पूछा कि अगर हवा को प्रदूषित करोगे तो साँस कैसे लोगे?