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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने सरकारी विज्ञापन में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल राजस्थान का बताया

कांग्रेसियों के बीच आपस में ही सिर-फुटव्वल मची हुई है। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच को वर्चस्व की लड़ाई चल ही रही है। अब सीएम चन्नी ने ‘आ बैल मुझे मार’ की कहावत चरितार्थ कर राजस्थान सरकार से भी पंगा ले लिया है। पंजाब सरकार द्वारा दिए गए एक पेज के विज्ञापन में राजस्थान में न सिर्फ सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल बताया है, बल्कि विज्ञापन में राजस्थान के रेट गलत भी दर्शाए हैं

विज्ञापन में बताया पड़ोसी राज्यों में महंगा पेट्रोल-डीजल

दरअसल, पंजाब कांग्रेस ने स्थानीय अखबारों में एक पेज का विज्ञापन देकर पंजाब में पेट्रोल 10 रुपए और डीजल 5 रुपए सस्ता करने की घोषणा की है. इसमें पड़ोसी राज्यों से सबसे सस्ता डीजल पेट्रोल बताया है। पंजाब सरकार के विज्ञापन में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से तुलना करते हुए पेट्रोल-डीजल के रेट दिए गए हैं. इसमें तीनों राज्यों की तुलना में पंजाब में सबसे कम दरें दिखाई गई हैं। टेबल में चार राज्यों में राजस्थान में सबसे ज्यादा दरें हैं।

राजस्थान के पेट्रोल-डीजल के रेट भी गलत दिए

पंजाब सरकार के विज्ञापन में राजस्थान की पेट्रोल-डीजल की दरें भी 5 रुपए प्रति लीटर तक ज्यादा दिखाई हैं। विज्ञापन में राजस्थान में पेट्रोल की रेट 116.27 रुपए लीटर और डीजल 100.46 रुपए लीटर लिखी है, जबकि यहां रेट इससे तो कम है। राजस्थान में अभी पेट्रोल 111.10 रुपए लीटर और डीजल 95.71 रुपए लीटर है। इस विज्ञापन को पंजाब कांग्रेस और सरकार के बीच चल रही खींचतान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पंजाब सरकार के गहलोत सरकार को दुविधा में डालने वाले विज्ञापन की सियासी हलकों में खूब चर्चा हो रही है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी राजस्थान सरकार में राजस्व मंत्री हैं। उन्हीं के प्रभार वाले राज्य की सरकार से ऐसा विज्ञापन जारी हुआ है।

बीजेपी वैट घटाने के लिए पहले ही दबाव बना रही थी

पंजाब की कांग्रेस सरकार के पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने के विज्ञापन ने राजस्थान में गहलोत सरकार की दुविधा बढ़ा दी है। दरअसल, पहले ही बीजेपी वैट कम करने के लिए दबाव बना रही है। पंजाब सरकार के विज्ञापन में राजस्थान में पड़ोसी राज्यों में सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल बताया गया है। पंजाब सरकार के विज्ञापन में राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के रेट 5 रुपए ज्यादा दिखाए गए हैं।

अब तो कांग्रेस सरकार ही बता रही है महंगा पेट्रोल

पंजाब कांग्रेस सरकार के अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाने वाले एक विज्ञापन ने बीजेपी को मुद्दा दे दिया है। बीजेपी ने इस विज्ञापन को आधार बनाकर गहलोत सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बीजेपी राजस्थान सरकार से भी वैट कम करने की मांग कर रही है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पंजाब सरकार ने विज्ञापन जारी करके राजस्थान में सर्वाधिक वैट वसूलने का उल्लेख कर सरकार पर निशाना साध दिया है। अब तो खुद कांग्रेस की सरकार ही गहलोत सरकार पर महंगा पेट्रोल-डीजल बेचने का आरोप लगा रही है। अब तो उन्हें वैट कम करना ही चाहिए और राजस्थान की जनता को राहत देनी चाहिए।
दरअसल, केंद्र की पीएम मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बावजूद राजस्थान की जिद्दी सरकार वैट नहीं घटा रही है। केंद्र के बाद गैर कांग्रेस शासित 22 राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर जनता को अतिरिक्त राहत दी है, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राजस्थान की जनता की कोई चिंता नहीं है। प्रदेश में अब भी पेट्रोल पर 36 प्रतिशत और डीजल पर 26 प्रतिशत वैट वसूला जा रहा है, जो देश में सबके अधिक है।
दो साल में डीजल की बिक्री 9.51 लाख लीटर कम
गैर कांग्रेस शासित राज्यों के बाद अब तो पंजाब ने भी आसन्न विधानसभा चुनाव को देखते हुए पेट्रोल-डीजल पर से वैट कम किया है। इससे वहां पेट्रोल 95 रुपए और डीजल 84 रुपए प्रति लीटर हो गया है। पंजाब से लगते श्रीगंगानगर में पड़ौसी राज्य से पेट्रोल-डीजल 20 प्रतिशत महंगा मिल रहा है। पंजाब की तुलना में यहां पेट्रोल-डीजल पहले ही महंगा था, लेकिन अब बहुत ज्यादा अंतर आ गया है। यही वजह है कि प्रदेश में दो साल में डीजल की बिक्री 9.51 लाख लीटर कम हुई है। हरियाणा-पंजाब सीमा के लगे एक हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं, लेकिन सरकार अपनी मनमानी पर उतारू है।
राजधानियों में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल जयपुर में
श्रीगंगानगर ही नहीं, यदि बात राज्यों की राजधानियों की करें तो जयपुर में पेट्रोल-डीजल अन्य राजधानियों के महंगा मिल रहा है।
राजधानी     पेट्रोल        डीजल
जयपुर       111.10    95.79
मुंबई         103.97    94.14
दिल्ली       103.97    86.67
कोलकाता   104.67    89.79
लखनऊ      95.28    86.80
बेंगलुरु      100.58    85.01
हैदराबाद    108.2     94.62
चेन्नई        101.4      91.43
*पेट्रोल-डीजल के रेट 6 नवंबर के हैं
सरकार ने कमाए 10 हजार करोड़, पर जनता को राहत नहींं
सीएम अशोक गहलोत पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराते रहे हैं। अब जबकि केंद्र सरकार ने एक साथ पेट्रोल-डीजल पर इतनी कीमत कम कर दी है तो खुद राज्य की जनता को राहत देने के बजाए बहानेबाजी कर रहे हैं। गहलोत के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी कम होने के राजस्व में 1800 करोड़ की हानि हुई है। हकीकत यह है कि राज्य सरकार मार्च से सितंबर तक छह माह में पेट्रोल-डीजल की बिक्री से 10 हजार करोड़ रुपए कमा चुकी है, लेकिन जनता को राहत देने के कतरा रही है।
वैट घटाने के बजाए गहलोत ने गृह मंत्री को भेजी चिठ्ठी
सीएम गहलोत ने खुद तो वैट घटाने से इनकार कर दिया है। इसके उलट राजनीति करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भेजा है। गहलोत ने केन्द्र सरकार से कहा है कि केन्द्र पेट्रोलियम कंपनियों को पाबंद करे कि वो रोज-रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी न करें। साथ ही केन्द्र से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और घटाने की मांग की है। सीएम की इस सियासतबाजी में नुकसान राज्य की जनता का हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल पर गहलोत सरकार को एक्सपोज करेगी बीजेपी
दूसरी ओर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान बीजेपी को कांग्रेस सरकार के लिए टास्क दिया है। दरअसल, केंद्र के बाद कांग्रेस शासित पंजाब ने भी वैट घटा दिया है, लेकिन राजस्थान में वैट कम न होने से इसके दाम अन्य राज्यों के ज्यादा हैं। बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व जो टास्क दिेया है, उसके तहत राजस्थान की कांग्रेस सरकार राज्य में वैट कम नहीं कर रही है, जबकि पहले कांग्रेस पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर हल्ला मचा रही थी. अब अपनी जिम्मेदारी से कांग्रेस और उसकी सरकार पीछे हट रही है। बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पेट्रोल-डीजल के मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर कांग्रेस सरकार को एक्सपोज करना है।