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राहुल गाँधी द्वारा हिंदुओं को ‘हिंसक’ बताने का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कांग्रेसियों ने की ‘हिंसा’: पथराव-तेजाब की बोतलों से किया हमला

                                                 भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडो और पत्थरों से हमला हुआ
लोकसभा में हिन्दुओं को हिंसक कहने वाले बयान के विरोध पर अहमदाबाद कांग्रेस दफ्तर से भाजपा कार्यकर्ताओं पर पत्थर बरसाए गए। कांग्रेस दफ्तर से लगातार बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ। इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हो गए। हमला करने वाली भीड़ में कांग्रेस MLA शैलेश परमार और पार्षद शहजाद पठान भी शामिल थे। इस मामले में FIR दर्ज करवाई गई है और घायलों का इलाज चल रहा है।

यह वाकया मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को हुआ। राहुल गाँधी के लोकसभा में हिन्दुओं को हिंसक कहने के बाद बजरंग दल और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद कांग्रेस  दफ्तर पर विरोध करने का ऐलान किया था। यह सभी कार्यकर्ता जब प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस  दफ्तर के पास पहुँचे तो उन पर हमला चालू हो गया।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुआ हमला: भाजपा नेता

भाजपा नेता विनय देसाई ने ऑपइंडिया को इस हमले के विषय में बताया, “राहुल गांधी के हिंदू विरोधी बयान के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के सामने कुछ दूरी पर सिर्फ बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। जब हमारे कार्यकर्ता खड़े थे तभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं और उनके द्वारा बुलाए गए गुंडों ने पत्थरों, काँच की बोतलों, लाठियों और धारदार हथियारों से हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।”
उन्होंने बताया, “वह सब भीड़ में आए और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में हमारे कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। घायलों में 5 लोगों को ज्यादा चोटें आईं हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हमने शैलेशभाई परमार, शहजाद पठान और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।”
अहमदाबाद शहर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस संबंध में बताया, “भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता राहुल गाँधी के हिंदू विरोधी बयान के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए कांग्रेस कार्यालय गए थे। वे केवल हाथ में तख्तियाँ लेकर गए थे। लेकिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर पत्थर, शराब की बोतलें और तेजाब की बोतलें फेंकी गईं। इस हमले में हमारे 5 कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए एसवीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

हमलावर भीड़ में शामिल थे कांग्रेस MLA शैलेश परमार

इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस और BJP कार्यकर्ताओं की ओर दौड़ रहे हैं। इस वीडियो में कुछ कार्यकर्ता पथराव भी करते नजर आ रहे हैं। इस पूरे वीडियो में सबसे खास बात ये है कि इस भीड़ के साथ कांग्रेस विधायक भी मार्च कर रहे हैं। उनके आसपास के लोग विरोधी पक्ष पर हमला कर रहे हैं। वीडियो में शैलेश परमार जोर-जोर से कुछ कहते नजर आ रहे हैं।
यह भी सामने आया है कि इस पूरी घटना में अहमदाबाद पुलिस के जवान और होम गार्ड के जवान भी घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पथराव की घटना में अहमदाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी और एक होम गार्ड जवान समेत कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

पाकिस्तानी, हुडदंगी, घुसपैठिए, इनको जेल में डालो… केजरीवाल ने ‘पीड़ितों’ के जख्मों पर फिर रगड़ा नमक

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध करने वाली आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस के खिलाफ आज (15 मार्च 2024) फिर पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी शरणार्थी सड़कों पर उतरे। उन्होंने हाथ में पोस्टर और तिरंगा लेकर AAP और कॉन्ग्रेस का विरोध किया। इसे देखते हुए अरविंद केजरीवाल की एक और बार सख्त टिप्पणी आई है।

अरविंद केजरीवाल ने सड़कों पर प्रदर्शन करते शरणार्थियों को देख अपना गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “इन पाकिस्तानियों की हिम्मत? पहले हमारे देश में गैर कानूनी तरीके से घुसपैठ की, हमारे देश का क़ानून तोड़ा। इन्हें जेल में होना चाहिए था। इनकी इतनी हिम्मत हो गई कि हमारे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं, हुडदंग कर रहे हैं? CAA आने के बाद पूरे देश में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी फैल जाएँगे और लोगों को परेशान करेंगे। बीजेपी इन्हें अपना वोट बैंक बनाने के स्वार्थ में पूरे देश को परेशानी में धकेल रही है।”

केजरीवाल ने यह टिप्पणी पीटीआई द्वारा साझा की गई वीडियो पर की। इसमें सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को विरोध करते देखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करती दिख रही है। सामने आई वीडियो कॉन्ग्रेस हेडक्वार्टर के पास की है। यहाँ प्रदर्शन करने आई एक महिला को कहते सुना जा सकता है- “हम अरविंद केजरीवाल, राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, ये लोग क्यों हमारे अधिकार छीनना चाहते हैं जब पीएम हमें दे रहे हैं।”

विपक्षी नेताओं का विरोध

जब से मोदी सरकार ने सीएए को लेकर अधिसूचना जारी की है उसके बाद से कॉन्ग्रेस नेता और आप नेता समेत बाकी विपक्षी दल भी इसके विरोध में टिप्पणियाँ कर रहे हैं। हाल में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CAA को भेदभावपूर्ण था। उन्होंने कहा था कि सीएए भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों और भावना के खिलाफ है। चुनाव से ठीक पहले अधिसूचित CAA नियम दर्शाता है कि बीजेपी ध्रुवीकरण की राजनीति को लेकर कितनी सजग है।
वहीं AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर सीएए लागू होगा तो देश में अंधाधुंध लोग आएँगे, जैसा कि स्वतंत्रता के बाद हुआ था। इससे कानून व्यवस्था बिगड़ेगी और चोरियाँ, डकैतियाँ और बलात्कार आदि होंगे।
इन्हीं बयानों के बाद कल भी पाकिस्तान से आए शरणार्थी सड़कों पर उनके विरोध में उतरे थे। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार के समर्थन में नारे लगाए थे और सीएम केजरीवाल को कहा था कि वह सीएए पर भ्रम न फैलाएँ, जनता को सच बताएँ। केजरीवाल के इसी बयान के विरोध में गृहमंत्री अमित शाह ने भी उनसे कहा था कि वो हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी और बौद्ध के खिलाफ बोलते हैं मगर कभी रोहिंग्याओं के खिलाफ नहीं कहा।

कर्नाटक : सनातन विरोधी कांग्रेस सरकार ने उतरवाया हनुमंत ध्वज तो सड़क पर उतरे ग्रामीण, BJP-JDS कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया: ‘बंद’ को कुचलने के लिए क्रूरता

बीजेपी-जेडीएस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन (फोटो साभार : X_ANI)
कर्नाटक विधान सभा चुनाव में चुनावी हिन्दू बने उपमुख्यमंत्री शिव कुमार जो बड़ा हनुमान मन्दिर बनाने की बात करते थे, उन्हीं के शासन में हनुमान ध्वज उतारा जा रहा है। क्या उनका हिन्दुत्व केवल चुनाव तक ही सीमित था? जो अब मुस्लिम कट्टरपंथियों से किये वायदों को पूरा करने सनातन का विरोध किया जा रहा है? जैसे-जैसे यह समाचार कर्नाटक राज्य से बाहर फैलना शुरू हो रहा है, हिन्दू कांग्रेस से दूरी बनाने को विवश हो रहे हैं। चर्चा हो रही है कि कांग्रेस में शामिल समस्त हिन्दुओं में अगर लेशमात्र भी सनातन है, तुरंत पार्टी छोड़ देनी चाहिए। क्योकि अब कांग्रेस मुस्लिम कट्टरपंथियों के हाथ कठपुतली बन चुकी है, जो सनातन ही नहीं समस्त हिन्दू समाज के लिए बहुत घातक है।   

कर्नाटक में 108 फुट ऊँचे खंबे से हनुमान जी का झंडा उतारने के विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया है। उनका साथ बीजेपी और जेडीएस कार्यकर्ता भी दे रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। बीजेपी-जेडीएस कार्यकर्ताओं को पुलिस-प्रशासन ने हिरासत में भी लिया है। ये मामला कर्नाटक के मंड्या जिले का है। जहाँ केरागोडू गाँव में हनुमान जी की ध्वजा 108 फुट ऊँचे खंबे पर लहराया गया था।

हनुमान जी की इस ध्वजा को लहराने की अनुमति मंड्या जिले के केरागोडू ग्राम पंचायत बोर्ड ने ही दी थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने झंडे को नीचे उतारा। प्रशासन के इस काम का स्थानीय लोगों ने तीखा विरोध किया है, जिनका साथ बीजेपी और जेडीएस के कार्यकर्ता भी दे रहे हैं। इस बीच, बीजेपी और जेडीएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में भी लिया है। वहीं, स्थानीय महिलाओं पर भी पुलिस बल ने कार्रवाई की है और उन्हें झंडे के नीचे से बलपूर्वक हटा दिया है। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा बुलाए गए बंद को प्रशासन से निर्दयता से कुचला है।

जानकारी के अनुसार, मंड्या जिले के केरागोडू गाँव में ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा करके एक 108 फीट लंबा पोल स्थापित किया था। इस पर भगवा ध्वज लगा था और आंजनेय (हनुमान जी को यहाँ आंजनेय कहा जाता है) की छवि थी। इसे गाँव के रंगमंदिर के पास लगाया गया था। बताया जा रहा है कि इसके लिए ग्राम पंचायत की भी अनुमति ले ली गई थी।

हालाँकि, गाँव के कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने इसके विरुद्ध शिकायत कर दी। इस शिकायत के आधार पर मंड्या के प्रशासन ने 27 जनवरी, 2024 को यहाँ पहुँच कर पोल से ध्वज हटा दिया था। यहाँ ध्वज हटाने के लिए प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल लाया था। इस दौरान गाँव के लोग प्रदर्शन करते रहे और प्रशासन से अपील करते रहे कि यह ध्वज उन्होंने आपसी सहमति से लगाया है, इसके बाद भी प्रशासन नहीं माना। अजब ग्रामीणों ने अधिक प्रदर्शन किया तो उनको यहाँ से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज तक कर दिया।

एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ध्वज हटाने के लिए रात का समय चुना गया। ध्वज 27 जनवरी रात को हटाया गया। यहाँ हिन्दू रात से ही इकट्ठा होने लगे थे और 28 जनवरी, 2024 की सुबह को यहाँ माहौल और तनावपूर्ण हो गया। प्रशासन के इस निर्णय से गुस्साए ग्रामीणों ने केरागोडू को बंद रखने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने विरोध में स्थानीय कांग्रेस विधायक रविंद्रकुमार के पोस्टर भी फाड़ दिए। कुछ लोगों ने उनके इस पूरे मामले के पीछे होने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद बजरंग दल, भाजपा और जेडीएस कार्यकर्ता भगवा ध्वज को दोबारा लगाए जाने की माँग कर रहे हैं।