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बिहार : गोपालगंज में पुजारी का गुप्तांग काटा, जीभ निकाली, आँख नोचकर झाड़ी में फेंकी

पुजारी मनोज कुमार (दाएँ) और विरोध प्रदर्शन (बाएँ) (चित्र साभार: News18 & Live Hindustan)
बिहार के गोपालगंज में एक पुजारी की निर्मम हत्या की खबर सामने आई है। उसकी हत्या गोली मार कर दी गई और शव को भी क्षत-विक्षत कर दिया गया। हत्यारों ने पुजारी की आँखे निकाल ली, गुप्तांग और जीभ काट दिए और शव को झाड़ियों में फेंक दिया।

न्यूज 18, आजतक और जागरण जैसे मीडिया संस्थानों में प्रकाशित खबर के अनुसार, जिला गोपालगंज के थाना दानापुर के मांझा गाँव के रहने वाले मनोज कुमार अपने गाँव में ही बने मंदिर में पूजा करते थे। वह यहाँ के पुजारी थे और यहीं रहते थे। वह 11 दिसम्बर, 2023 की शाम से गायब थे। पुलिस को भी इस मामले की सूचना दी गई थी लेकिन पुलिस उन्हें सप्ताह भर तक नहीं ढूँढ पाई और खानापूर्ति करती रही।

आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जाँच करने से पता चला था कि वह रात 12 बजे मंदिर का कमरा बंद करके बाहर निकले थे और इसके बाद गायब हो गए। मनोज कुमार के भाई अशोक कुमार साह भाजपा के मंडल अध्यक्ष और गाँव के पूर्व मुखिया हैं।

मनोज कुमार के गायब होने के बाद जब पुलिस को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और लगभग एक सप्ताह तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। 16 दिसम्बर, 2023 को मनोज कुमार शव गाँव के पास ही झाड़ियों में पड़ा मिला।

मनोज कुमार के शव के साथ काफी बर्बरता की गई थी। मनोज कुमार को गर्दन के पास गोली मारी गई थी। उनकी आँखे निकाल ली गई थी और गुप्तांग को काट दिया गया था। शव पर और भी मारपीट के निशान थे। शव मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

ग्रामीणों ने पुलिस की इस विफलता पर गोपालगंज से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 27 जाम कर दिया। कुछ आक्रोशित ग्रामीणों ने आगजनी और पथराव भी किया। पुलिस ने इस भीड़ को शांत करने के लिए लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की। आक्रोशित ग्रामीण हत्यारों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे।

गोपालगंज पुलिस ने इस मामले में कहा है कि इस मामले में सीसीटीवी के आधार पर कुछ तथ्य स्थापित कर लिए गए हैं। इस मामले की जाँच के लिए एक पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इससे पहले भी जुलाई 2023 में बिहार से एक पुजारी की हत्या की खबर सामने आई थी जिसे बिहार पुलिस ने हार्ट अटैक बताया था।

बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है। बिहार की नीतीश सरकार कानून व्यवस्था के मामले विफल रही है। हाल ही में आई राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 में बिहार में 23% अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2022 में अपराध के 3.47 लाख मामले दर्ज हुए हैं जो कि 2021 के दौरान 2.82 लाख थे। वहीं वर्ष 2021 के दौरान प्रदेश में हत्या के 2799 मामले सामने आए थे जो कि वर्ष 2022 में बढ़कर 2930 हो चुके हैं।


दिल्ली : केजरीवाल के आवास के बाहर पुजारियों का प्रदर्शन : ‘मौलवियों को वेतन दिया जा सकता है, तो हमें क्यों नहीं’

                                                केजरीवाल के आवास के सामने पुजारियों का प्रदर्शन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के सामने आज (7 फरवरी, 2023) को हजारों पुजारियों ने वेतन की माँग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब मौलवियों को वेतन दिया जा सकता है, तो उन्हें क्यों नहीं? इसमें दिल्ली बीजेपी के मंदिर प्रकोष्ठ के लोग भी शामिल थे। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि अरविंद केजरीवाल के आवास के सामने हनुमान चालीसा के साथ पुजारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।

पुजारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार जब तक उन्हें वेतन नहीं देगी और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम नहीं करेगी, तब तक यह धरना-प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा, “इस सरकार को हम बताना चाहते हैं कि ये तो तमाम पंडित पुजारियों की हुंकार है। हम 2024 में इन्हें दिखा देंगे कि सनातन धर्म की क्या ताकत है। जितने भी लोग जुड़े हुए हैं सभी सनातनी है। ये सनातन धर्म की ललकार है। होश में आ जाओ और समान रूप से पुजारियों का वेतन भी तय करो।”

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है, जब पुजारियों को उनका हक दिलाने के लिए प्रदर्शन किया गया हो। इससे पहले भी इस तरह के विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। साल 2021 में दिल्ली के विभिन्न मंदिरों में पुजारियों को वेतन देने की माँग को लेकर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के सामने प्रदर्शन किया था। बीजेपी ने माँग की थी कि दिल्ली के मंदिरों के पुजारियों को उचित वेतनमान दिया जाए।

केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा था कि जब मस्जिद की देखभाल करने वाले काज़ियों और इमामों को वेतन दिया जा सकता है तो मंदिर के पुजारियों को भी वेतन मिलना चाहिए। मंदिरों की सेवा करने वाले पुजारियों और साधु संतों को किसी तरह का वेतन नहीं दिया जाना, दिल्ली सरकार के भेदभाव को दर्शाता है ।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की पंजीकृत करीब 185 मस्जिदों के 225 इमाम और मुअज्जिनों को हर महीने वेतन दिया जाता है। इसमें 18 हजार रुपए इमाम को और 14 हजार रुपए मुअज्जिनों को दिए जाते हैं। वहीं बात करें अनरजिस्टर्ड मस्जिदों की तो यहाँ के इमामों को 14 हजार और मुअज्जिनों को 12 हजार रुपए प्रति माह का मानदेय मिलता है।