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छत्तीसगढ़ : अरबी की ट्यूशन के लिए जाने वाली 9 वर्षीय बच्ची का यौन शोषण करते मौलवी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

            नाबालिग बच्ची से अश्लीलता के आरोप में मदरसे का मौलवी गिरफ्तार (चित्र साभार- The CG Khabar)
छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक नाबालिग बच्चे के साथ अश्लीलता का मामला सामने आया है। आरोप मदरसे में अरबी पढ़ाने वाले एक मौलवी पर लगा है जिसका नाम मोहम्मद मेराज है। आरोप है कि मोहम्मद मेराज पिछले काफी समय से 9 साल की पीड़िता को गंदे तरीके से छू रहा था और गंदी-गंदी बातें किया करता था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज करते हुए मौलवी मेराज को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (18 फरवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना सुपेला थानाक्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि क्लास 4 में पढ़ने वाली पीड़िता बच्ची मौलवी के पास अरबी भाषा का ट्यूशन पढ़ने जाया करती थी। यहाँ पढ़ाने वाला मौलवी मेराज काफी समय से पीड़िता से बैड टच कर रहा था। मौलवी की इस हरकत से बच्ची न सिर्फ गुमसुम बल्कि डरी-सहमी भी रहने लगी थी। आख़िरकार एक दिन उसने मौलवी की करतूत अपने घर वालों से बता दी। मामले की जानकारी होते ही बच्ची के अब्बा उसे ले कर थाने पहुँचे और मोहम्मद मेराज के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि मौलवी मोहम्मद मेराज नाबालिग पीड़िता से गंदी-गंदी बातें भी किया करता था। सुपेला थाना पुलिस ने पीड़िता के अब्बा की शिकायत पर मेराज के खिलाफ IPC की धारा 354 और 509 के साथ 12 पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के मुताबिक, आरोपित मौलवी मेराज को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है रही है। पुलिस आरोपों के समर्थन में सबूत भी जुटा रही है। पुलिस ने परिजनों से भी ऐसे मामलों में थोड़ा अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।

इसी माह फरवरी में देहरादून की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपित मदरसे मौलाना को 20 साल की कैद की सजा सुनाई थी। फरवरी महीने में ही सहारनपुर के ही एक मदरसे में पढ़ने वाले एक छात्र ने दूसरे छात्र से रेप के प्रयास में विफल रहने पर उसकी गर्दन काट कर हत्या कर दी थी। एक अन्य घटनाक्रम में जनवरी 2023 में गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक मदरसे के हाफिज पर 12 साल के नाबालिग छात्र से अप्राकृतिक कुकर्म का आरोप लगा था।

जनवरी 2023 में ही बिहार के नवादा जिले के एक मदरसे में पढ़ने गई नाबालिग लड़की को मौलवी शहादत हुसैन अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।

दिल्ली : केजरीवाल के आवास के बाहर पुजारियों का प्रदर्शन : ‘मौलवियों को वेतन दिया जा सकता है, तो हमें क्यों नहीं’

                                                केजरीवाल के आवास के सामने पुजारियों का प्रदर्शन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के सामने आज (7 फरवरी, 2023) को हजारों पुजारियों ने वेतन की माँग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब मौलवियों को वेतन दिया जा सकता है, तो उन्हें क्यों नहीं? इसमें दिल्ली बीजेपी के मंदिर प्रकोष्ठ के लोग भी शामिल थे। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि अरविंद केजरीवाल के आवास के सामने हनुमान चालीसा के साथ पुजारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।

पुजारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार जब तक उन्हें वेतन नहीं देगी और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम नहीं करेगी, तब तक यह धरना-प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा, “इस सरकार को हम बताना चाहते हैं कि ये तो तमाम पंडित पुजारियों की हुंकार है। हम 2024 में इन्हें दिखा देंगे कि सनातन धर्म की क्या ताकत है। जितने भी लोग जुड़े हुए हैं सभी सनातनी है। ये सनातन धर्म की ललकार है। होश में आ जाओ और समान रूप से पुजारियों का वेतन भी तय करो।”

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है, जब पुजारियों को उनका हक दिलाने के लिए प्रदर्शन किया गया हो। इससे पहले भी इस तरह के विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। साल 2021 में दिल्ली के विभिन्न मंदिरों में पुजारियों को वेतन देने की माँग को लेकर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के सामने प्रदर्शन किया था। बीजेपी ने माँग की थी कि दिल्ली के मंदिरों के पुजारियों को उचित वेतनमान दिया जाए।

केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा था कि जब मस्जिद की देखभाल करने वाले काज़ियों और इमामों को वेतन दिया जा सकता है तो मंदिर के पुजारियों को भी वेतन मिलना चाहिए। मंदिरों की सेवा करने वाले पुजारियों और साधु संतों को किसी तरह का वेतन नहीं दिया जाना, दिल्ली सरकार के भेदभाव को दर्शाता है ।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की पंजीकृत करीब 185 मस्जिदों के 225 इमाम और मुअज्जिनों को हर महीने वेतन दिया जाता है। इसमें 18 हजार रुपए इमाम को और 14 हजार रुपए मुअज्जिनों को दिए जाते हैं। वहीं बात करें अनरजिस्टर्ड मस्जिदों की तो यहाँ के इमामों को 14 हजार और मुअज्जिनों को 12 हजार रुपए प्रति माह का मानदेय मिलता है।

ISIS के पकड़े गए मॉड्यूल में छात्र और मौलवी भी शामिल

संदिग्‍धों का पकड़ा गया. फोटो ANI
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार(दिसंबर 26) को दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएसआईएस) से प्रभावित एक आतंकवादी समूह का पर्दाफाश किया है. साथ ही इसमें शामिल 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. एजेंसी का दावा है कि ये लोग दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में नेताओं और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर आत्मघाती हमले और सिलसिलेवार विस्फोट करने की योजना बना रहे थे. इनके संबंध में चौंकाने वाली बात भी सामने आई है. इस आतंकी समूह में शामिल संदिग्‍ध मौलवी से लेकर छात्र तक शामिल हैं. इन सभी को आज दिल्‍ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा.
ISIS के पकड़े गए मॉड्यूल में छात्र और मौलवी भी शामिल, आज कोर्ट में होगी पेशी
संदिग्यों के पास से बरामद असला : फोटो साभार pti 
जांच एजेंसी एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने बताया कि छापेमारी के दौरान देसी रॉकेट लांचर, आत्मघाती जैकेट के सामान और टाइम बम बनाने में प्रयुक्त होने वाली 112 अलार्म घड़ियां मिली हैं. उन्होंने बताया, ‘‘हमारे द्वारा बरामद 112 अलार्म घड़ियों से स्पष्ट है कि वह सिर्फ एक नहीं बल्कि बड़ी संख्या में बम बनाने की योजना बना रहे थे.’’ 
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के विशेष सेल और उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते के साथ मिलकर दिल्ली के जाफराबाद और सीलमपुर में छह जगहों पर जबकि उत्तर प्रदेश में 11 जगहों पर छापेमारी की. उत्तर प्रदेश के अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो जगहों पर छापेमारी की गई.
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में कथित मास्टर माइंड 29 वर्षीय मुफ्ती मोहम्मद सुहैल भी शामिल है. वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा का रहने वाला है. वह एक मस्जिद का मौलवी भी है. इसके अलावा नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला इंजीनियरिंग का छात्र, दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक के तीसरे वर्ष का छात्र और दो वेल्डर भी गिरफ्तार किए गए हैं.
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोहों से पहले ये छापेमारियां की गई हैं जिसमें अमरोहा के एक मुफ्ती को भी गिरफ्तार किया गया है. मित्तल ने कहा, ‘‘सदस्य तैयारियों के अंतिम चरण के करीब थे. वे लोग बम बनाने में सफलता मिलने का इंतजार कर रहे थे और रिमोट नियंत्रित आईईडी और पाइप बम के जरिए विभिन्न जगहों पर विस्फोट करना चाहते थे. जरूरत पड़ने पर आत्मघाती जैकेटों का प्रयोग कर फिदायीन हमले भी करना चाहते थे.’’ 
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उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने ‘हरकत उल हर्ब ए इस्लाम’ समूह के 16 लोगों को हिरासत में लिया. इसका सामान्य अनुवाद ‘इस्लाम के हितों के लिए लड़ाई करना है.’ मित्तल ने कहा कि हिरासत में लिए गए 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से पांच अमरोहा से जबकि पांच दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद से गिरफ्तार किए गए हैं. छह अन्य से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं.
उन्होंने कहा कि 20 से 35 वर्ष के बीच के युवाओं के एक ‘‘बेहद चरमपंथी संगठन’’ के सदस्यों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड अभी तक सामने नहीं आया है और यह अपना वित्त पोषण स्वयं कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘इसकी पुष्टि हो गई है कि मुफ्ती मोहम्मद सुहैल उर्फ हजरत और उसके सहयोगियों ने धन एकत्र किया, हथियार खरीदे, और आईईडी तथा बम बनाने के लिए सामग्री खरीदी. उनकी योजना दिल्ली और आसपास के इलाकों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विस्फोट और फिदायीन हमले करने की थी.’’
मोदी के विरुद्ध लामबंद होते छद्दम धर्म-निरपेक्षों और देशभक्त वास्तव में ऐसे ही लोगों को बचाने के लिए सबकुछ किया जा रहा है। जनता इनके प्रचारों से भ्रमित हो रही है कि मोदी सरकार कुछ नहीं कर रही। लेकिन मोदी सरकार जो कुछ भी कर रही है, बम-धमाकों में मरने वाले मासूमों को बचा रही है, जो मोदी विरोधियों को बर्दास्त नहीं, क्योकि इसी खून-खराबे पर इनकी दावत होती और तिजोरियाँ भरती।