Showing posts with label rejected freebies. Show all posts
Showing posts with label rejected freebies. Show all posts

25 सालों बाद ओडिसा में बीजेपी बनने से 19 प्रदेशों में बीजेपी-एनडीए की सरकार; जॉर्ज सोरेस आदि अनेकों सनातन और भारत विरोधियों के तोते उड़े; भारत को तोड़ने हज़ारो-करोड़ों रूपए खर्च किया जा रहा है; कभी मुस्लिम और ईसाईयों में जातपात का शोर सुना? नहीं, क्यों?

भारत से प्रेम रखने वाले हर भारतवासी चाहे वह किसी धर्म अथवा मजहब से हो, नींद से जागने का समय आ गया है। अगर नहीं जागे इतिहास बन जाओगे और तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां पानी पी-पीकर तुम्हे कोसेंगी। क्योकि जो देश का नहीं हुआ किसी का नहीं हो सकता। दुनियां में भी तुम्हारी जो दुर्दशा होगी तुम्हारी पीढियों का जीवन भी बर्बाद हो जायेगा। CAA विरोध से लेकर किसान आंदोलन आदि तक जितने भी हिंसक प्रदर्शन हुए सभी सनातन और भारत विरोधी विदेशियों की दी भीख से हुए हैं। भारत को तोड़ने हज़ारो-करोड़ों रूपए खर्च किया जा रहा है। विपक्ष जातपात से हिन्दुओं को बांटकर सनातन और भारत विरोधियों की भाषा बोल रहे हैं। इतने सालों में कभी मुस्लिम और ईसाईयों में जातपात का शोर सुना? नहीं, क्यों? क्योकि ये मजहब के नाम पर एकजुट रहते हैं, जबकि हिन्दू ने अपनी ऐसी दुर्दशा बनाई हुई है, जिसे शब्दों में कहना मुश्किल है। बुद्धिजीवी उर्फ़ मूर्ख हिन्दू अपने आप मतलब निकाल लें। 
लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम आने के बाद बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे। जिससे जॉर्ज सोरेस जैसी भारत विरोधी उपद्रवियों की नींद ही नहीं रोटी-पानी तक हराम हो गया है। बीजेपी लोकसभा चुनाव में जहां 240 सीटें जीतकर सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बनी है वहीं विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने आंध्र प्रदेश में बड़ी विजय हासिल की है। इस तरह चुनाव के बाद तीन राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकार बनने जा रही है। अब 19 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकार हो गई है। इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, पुदुचेरी, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, गोवा, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के साथ ही ओडिशा विधानसभा चुनाव के भी नतीजे आए। ओडिशा में जनमत ढाई दशकों के बाद पूरी तरह से बदला नजर आया। जनकल्याण की नीतियों को छोड़कर सिर्फ चेहरा चमकाने की राजनीति कर रहे नवीन बाबू को जब लगा कि चुनाव में बीजेडी कमजोर पड़ रही है, तो उन्होंने मुफ्त की रेवड़ियों की झड़ी लगा दी। नवीन पटनायक की बीजेडी ने ओडिशा में 100 यूनिट फ्री बिजली, सभी छात्रों के छात्रवृत्ति, स्वयंसेवी समूहों को आर्थिक मदद और अन्य वादे किए, लेकिन जब नतीजे 4 जून को आए, तो ओडिशा में बीजू जनता दल को बुरी तरह से पराजय का मुँह देखना पड़ा। खुद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक डैमेज कंट्रोल के लिए 2 सीटों पर चुनाव लड़े, लेकिन एक सीट पर उन्हें भी पराजय का मुँह देखना पड़ा।

बीजेपी-एनडीए गठबंधन की अब 19 राज्यों में सरकार
हाल में आए विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद जहां ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है वहीं आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार बनेगी। इस तरह विधानसभा चुनाव के बाद तीन राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकार बनने जा रही है। अब 19 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकार हो गई है। इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, पुदुचेरी, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, गोवा, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

ओडिशा में पहली बार बीजेपी को बहुमत, बीजेडी का पत्ता साफ
ओडिशा विधानसभा चुनाव की 147 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल करते हुए बीजेपी ने 78 सीटें जीत ली है वहीं दो दशक से सत्ता पर काबिज बीजू जनता दल (बीजेडी) को 51 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी को यहां 14 सीटें मिली है। बीजू जनता दल ने 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 147 में से 117 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी। बीजेपी को 23 सीटें, कांग्रेस को 9, सीपीआई एम को 1 और निर्दलीय को 1 सीट मिली थी। ओडिशा में करीब ढाई दशक से नवीन पटनायक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। ओडिशा में विधानसभा की 147 सीटें और लोकसभा की कुल 21 सीटें हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव 13 मई से 1 जून तक चार चरणों में एक साथ आयोजित किए गए थे। विधानसभा चुनावों में बीजेडी के नवीन पटनायक चुनावी मैदान में थे तो भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर यह चुनाव लड़ा।

अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी ने लगाई हैट्रिक, विधानसभा की 46 सीटें जीती
भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में तीसरी बार जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की है। 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 46 सीटों पर जीत हासिल की है। 2019 की तुलना में बीजेपी को चार सीटें अधिक मिली हैं। 2 जून 2024 को हुई मतगणना में बीजेपी ने विपक्षी पार्टियों खासकर कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। चुनाव परिणाम में एनपीपी को 5, एनसीपी को 3 और पीपीए को 5, कांग्रेस को एक और निर्दलीय को तीन सीटों पर जीत मिली है। भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में 2019 के विधानसभा चुनाव में 41 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा का वोट प्रतिशत 54.57 रहा।

आंध्र प्रदेश में बीजेपी-टीडीपी गठबंधन की जीत, टीडीपी ने 135 सीटें जीती
आंध्र प्रदेश में भाजपा और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के गठबंधन को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली है। राज्य में टीडीपी ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं। 135 सीटें जीत कर टीडीपी ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। वहीं, जनसेना ने 21 सीटें जीती हैं। भाजपा आठ सीटें जीतने में सफल रही। वर्तमान सत्तारूढ़ दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी मात्र 11 सीटों पर सिमट गई है। वहीं, लोकसभा की अधिकांश सीटें भी एनडीए की झोली में गई हैं।

चुनाव से पहले एनडीए में दोबारा शामिल हुई थी टीडीपी
चुनाव से पहले भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता चंद्रबाबू नायडू ने वापसी की थी। साल 1996 में टीडीपी पहली बार एनडीए का हिस्सा बनी थी। चंद्रबाबू नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम किया था। इतना ही नहीं, आंध्र प्रदेश में 2014 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी टीडीपी ने भाजपा के साथ लड़ा था, लेकिन 2019 में टीडीपी, एनडीए से अलग हो गई थी।