Showing posts with label promises. Show all posts
Showing posts with label promises. Show all posts

दिल्ली के लिए BJP ने संकल्प पत्र किया जारी; महिलाओं को हर माह 2100 रूपए, गर्भवतियों को 21000रूपए : बुजुर्गों और गरीबों का भी रखा खास ख्याल; केजरीवाल की तरह बीजेपी ने बाँट दी रेवड़ियां यानि महंगाई का फूल बिछाकर स्वागत

जब से अरविन्द केजरीवाल ने सियासत में कदम रखा है जनता को बिकाऊ माल बना दिया और उसी रास्ते अपने आपको अलग बताने वाली बीजेपी भी चल पड़ी है। यानि पार्टियों ने साबित कर दिया कि जनता बिकाऊ माल है बस खरीदार चाहिए। मूर्ख पागल जनता को नहीं मालूम कि तेल तो तिल से निकलेगा। यानि जनता ने महंगाई को खुला निमंत्रण दे दिया है। फिर ये ही जनता महंगाई को लेकर रोएगी माथा पिटेगी। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट भी वोटों की हो रही खुलेआम बिक्री पर आंख और कान बंद किये हुए है। 
दूसरे, करोना समय जो सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी बंद हुई, रेल और हवाई यात्रा में वरिष्ठों को मिलने वाली छूट बंद हुई, क्यों नहीं चालू हुई। ये केंद्र के ही हाथ में है किसी राज्य सरकार के हाथ नहीं।    

गौरतलब है, 1977 में, जनता पार्टी के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों की यूनियन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के पास महंगाई भत्ता बढ़वाने गयी। तब मोरारजी देसाई ने जो जवाब दिया यूनियन की बोलती बंद। उन्होंने कहा कि आप लोग महंगाई कम करवाने के लिए बोलते उल्टे महंगाई भत्ता बढ़वाने के बहाने महंगाई को ही बड़वा रहे हो। सरकार जब महंगाई भत्ता बढ़ाएगी तो टैक्स आदि को बढ़ाकर वसूली करेगी यानि महगाई और बढ़ेगी। मेरी आयु के लोगो को याद होगा कि इमरजेंसी में 15/16 रूपए किलो बिकने वाला वनस्पति घी, तेल 10 रूपए किलो बिकना शुरू हो गया था। याद रखो, महंगाई पहले बढ़ती है भत्ता बाद में और भत्ता घोषित होने पर व्यापारी भी कीमतें बढ़ाने में पीछे नहीं रहता। जनता जितना फ्री की रेवड़ियों के लालच में आएगी उतनी ही महंगाई का फूल बिछाकर स्वागत करने जा रही है। इस कटु सच्चाई को जनता को खुले दिमाग से समझना होगा।      
दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार (17 जनवरी 2025) को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। इसे ‘संकल्प पत्र’ नाम दिया गया है, जिसमें पार्टी ने महिलाओं, गरीबों, बुजुर्गों और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी कार्यालय में इस संकल्प पत्र का पहला भाग पेश किया।

बीजेपी ने इस बार महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए महिला समृद्धि योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत हर महिला को प्रतिमाह 2,500 रुपये दिए जाएँगे। इसके साथ ही हर गर्भवती महिला को 21,000 रुपये की आर्थिक मदद का वादा किया गया है। पार्टी का कहना है कि यह योजनाएँ सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में लागू की जाएँगी। महिलाओं को एलपीजी सिलेंडर पर 500 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, साथ ही होली और दिवाली के अवसर पर एक-एक सिलेंडर मुफ्त मिलेगा।

 बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करने का वादा किया है। इसके तहत प्रत्येक दिल्लीवासी को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। बुजुर्गों के लिए भी पार्टी ने विशेष प्रावधान किए हैं। 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अतिरिक्त 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा, जिससे यह कुल बीमा कवर 10 लाख रुपये हो जाएगा। पेंशन योजनाओं में भी वृद्धि का ऐलान किया गया है। बुजुर्गों की पेंशन 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये की जाएगी, वहीं विधवाओं और दिव्यांगों को 3,000 रुपये की पेंशन दी जाएगी।

बीजेपी ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए अटल कैंटीन योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। नड्डा ने कहा कि यह योजना झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीबों को राहत पहुँचाएगी। पार्टी ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की मोहल्ला क्लीनिक योजना में भ्रष्टाचार की जाँच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी।

जेपी नड्डा ने आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य पार्टियों ने केवल वादे किए, लेकिन बीजेपी ने हर राज्य में अपने वादों को पूरा किया है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के पास 99.9% वादे निभाने का रिकॉर्ड है। नड्डा ने कहा कि पार्टी दिल्ली को विकसित राजधानी के रूप में बदलने का संकल्प लेकर आई है।

दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा। नड्डा ने कहा कि यह संकल्प पत्र दिल्ली के हर वर्ग के कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी सत्ता में आने के बाद दिल्ली में चल रही सभी मौजूदा जनकल्याण योजनाओं को जारी रखेगी।

बीजेपी के संकल्प पत्र (भाग-1) की बड़ी बातें

  • एलपीजी सिलेंडर पर 500 रुपये की सब्सिडी
  • महिला समृद्धि के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये
  • गर्भवती महिलाओं को 21000 रुपये दिए जाएँगे
  • होली-दिवाली पर एक-एक सिलेंडर मुफ्त दिया जाएगा
  • एलपीजी सब्सिडी 500 रुपये दी जाएगी
  • गर्भवती महिलाओं को न्यूट्रीशनल किट दिए जाएँगे
  • पाँच लाख रुपये तक का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा
  • आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू किया जाएगा
  • अटल कैंटीन योजना को लॉन्च करेंगे
  • झुग्गियों में पाँच रुपये में राशन दिया जाएगा
  • वरिष्ठ नागरिकों को 3000 रुपये तक की पेंशन दी जाएगी
बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में दिल्ली के विकास को प्राथमिकता दी है। इसमें महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, गरीबों और बुजुर्गों के जीवन स्तर को सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। पार्टी ने जनता से अपील की है कि वह इस बार बीजेपी को मौका दें और दिल्ली को नई दिशा में ले जाने में सहयोग करें।

25 सालों बाद ओडिसा में बीजेपी बनने से 19 प्रदेशों में बीजेपी-एनडीए की सरकार; जॉर्ज सोरेस आदि अनेकों सनातन और भारत विरोधियों के तोते उड़े; भारत को तोड़ने हज़ारो-करोड़ों रूपए खर्च किया जा रहा है; कभी मुस्लिम और ईसाईयों में जातपात का शोर सुना? नहीं, क्यों?

भारत से प्रेम रखने वाले हर भारतवासी चाहे वह किसी धर्म अथवा मजहब से हो, नींद से जागने का समय आ गया है। अगर नहीं जागे इतिहास बन जाओगे और तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां पानी पी-पीकर तुम्हे कोसेंगी। क्योकि जो देश का नहीं हुआ किसी का नहीं हो सकता। दुनियां में भी तुम्हारी जो दुर्दशा होगी तुम्हारी पीढियों का जीवन भी बर्बाद हो जायेगा। CAA विरोध से लेकर किसान आंदोलन आदि तक जितने भी हिंसक प्रदर्शन हुए सभी सनातन और भारत विरोधी विदेशियों की दी भीख से हुए हैं। भारत को तोड़ने हज़ारो-करोड़ों रूपए खर्च किया जा रहा है। विपक्ष जातपात से हिन्दुओं को बांटकर सनातन और भारत विरोधियों की भाषा बोल रहे हैं। इतने सालों में कभी मुस्लिम और ईसाईयों में जातपात का शोर सुना? नहीं, क्यों? क्योकि ये मजहब के नाम पर एकजुट रहते हैं, जबकि हिन्दू ने अपनी ऐसी दुर्दशा बनाई हुई है, जिसे शब्दों में कहना मुश्किल है। बुद्धिजीवी उर्फ़ मूर्ख हिन्दू अपने आप मतलब निकाल लें। 
लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम आने के बाद बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे। जिससे जॉर्ज सोरेस जैसी भारत विरोधी उपद्रवियों की नींद ही नहीं रोटी-पानी तक हराम हो गया है। बीजेपी लोकसभा चुनाव में जहां 240 सीटें जीतकर सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बनी है वहीं विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने आंध्र प्रदेश में बड़ी विजय हासिल की है। इस तरह चुनाव के बाद तीन राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकार बनने जा रही है। अब 19 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकार हो गई है। इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, पुदुचेरी, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, गोवा, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के साथ ही ओडिशा विधानसभा चुनाव के भी नतीजे आए। ओडिशा में जनमत ढाई दशकों के बाद पूरी तरह से बदला नजर आया। जनकल्याण की नीतियों को छोड़कर सिर्फ चेहरा चमकाने की राजनीति कर रहे नवीन बाबू को जब लगा कि चुनाव में बीजेडी कमजोर पड़ रही है, तो उन्होंने मुफ्त की रेवड़ियों की झड़ी लगा दी। नवीन पटनायक की बीजेडी ने ओडिशा में 100 यूनिट फ्री बिजली, सभी छात्रों के छात्रवृत्ति, स्वयंसेवी समूहों को आर्थिक मदद और अन्य वादे किए, लेकिन जब नतीजे 4 जून को आए, तो ओडिशा में बीजू जनता दल को बुरी तरह से पराजय का मुँह देखना पड़ा। खुद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक डैमेज कंट्रोल के लिए 2 सीटों पर चुनाव लड़े, लेकिन एक सीट पर उन्हें भी पराजय का मुँह देखना पड़ा।

बीजेपी-एनडीए गठबंधन की अब 19 राज्यों में सरकार
हाल में आए विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद जहां ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है वहीं आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार बनेगी। इस तरह विधानसभा चुनाव के बाद तीन राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकार बनने जा रही है। अब 19 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकार हो गई है। इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, पुदुचेरी, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, गोवा, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

ओडिशा में पहली बार बीजेपी को बहुमत, बीजेडी का पत्ता साफ
ओडिशा विधानसभा चुनाव की 147 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल करते हुए बीजेपी ने 78 सीटें जीत ली है वहीं दो दशक से सत्ता पर काबिज बीजू जनता दल (बीजेडी) को 51 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी को यहां 14 सीटें मिली है। बीजू जनता दल ने 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 147 में से 117 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी। बीजेपी को 23 सीटें, कांग्रेस को 9, सीपीआई एम को 1 और निर्दलीय को 1 सीट मिली थी। ओडिशा में करीब ढाई दशक से नवीन पटनायक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। ओडिशा में विधानसभा की 147 सीटें और लोकसभा की कुल 21 सीटें हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव 13 मई से 1 जून तक चार चरणों में एक साथ आयोजित किए गए थे। विधानसभा चुनावों में बीजेडी के नवीन पटनायक चुनावी मैदान में थे तो भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर यह चुनाव लड़ा।

अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी ने लगाई हैट्रिक, विधानसभा की 46 सीटें जीती
भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में तीसरी बार जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की है। 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 46 सीटों पर जीत हासिल की है। 2019 की तुलना में बीजेपी को चार सीटें अधिक मिली हैं। 2 जून 2024 को हुई मतगणना में बीजेपी ने विपक्षी पार्टियों खासकर कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। चुनाव परिणाम में एनपीपी को 5, एनसीपी को 3 और पीपीए को 5, कांग्रेस को एक और निर्दलीय को तीन सीटों पर जीत मिली है। भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में 2019 के विधानसभा चुनाव में 41 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा का वोट प्रतिशत 54.57 रहा।

आंध्र प्रदेश में बीजेपी-टीडीपी गठबंधन की जीत, टीडीपी ने 135 सीटें जीती
आंध्र प्रदेश में भाजपा और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के गठबंधन को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली है। राज्य में टीडीपी ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं। 135 सीटें जीत कर टीडीपी ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। वहीं, जनसेना ने 21 सीटें जीती हैं। भाजपा आठ सीटें जीतने में सफल रही। वर्तमान सत्तारूढ़ दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी मात्र 11 सीटों पर सिमट गई है। वहीं, लोकसभा की अधिकांश सीटें भी एनडीए की झोली में गई हैं।

चुनाव से पहले एनडीए में दोबारा शामिल हुई थी टीडीपी
चुनाव से पहले भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता चंद्रबाबू नायडू ने वापसी की थी। साल 1996 में टीडीपी पहली बार एनडीए का हिस्सा बनी थी। चंद्रबाबू नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम किया था। इतना ही नहीं, आंध्र प्रदेश में 2014 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी टीडीपी ने भाजपा के साथ लड़ा था, लेकिन 2019 में टीडीपी, एनडीए से अलग हो गई थी।

तमिलनाडु : ‘सनातन पथ’ पर BJP ; हिंदुओं के धार्मिक स्थल पर ‘कब्जा’ करने वाला बोर्ड भी होगा बंद, मंदिरों से बाहर होंगे पेरियार

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई (बाएं), श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर के बाद लगी पेरियार की प्रतिमा (फोटो साभार : X_N.Annamalai)
तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आती है, तो वह मंदिरों के बाहर स्थित पेरियार की मूर्तियों को हटा देगी। उन्होंने कहा कि ये मूर्तियाँ हिंदू मंदिरों का अपमान हैं और पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। तमिलनाडु में मंदिरों के बाहर स्थित पेरियार की मूर्तियों का मुद्दा एक पुराना है। पेरियार एक द्रविड़ नेता था जो अपनी नास्तिकता और ब्राह्मणों के विरोध के लिए जाना जाता था।

उसने मंदिरों से मूर्तियों को हटाने का समर्थन किया, लेकिन तमिलनाडु में कई मंदिरों के बाहर उसकी मूर्तियाँ उसके ही समर्थकों ने स्थापित की हैं, जिस पर लिखा गया है, “भगवान में विश्वास करने वाले लोग मूर्ख होते हैं।”

तमिलनाडु में अब भाजपा ने द्रविड़ राजनीति को सीधे चुनौती दे दी है। तमिलनाडु के फायरब्रांड भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने ऐलान किया है, “ये हमारी प्रतिज्ञा है कि भाजपा के सत्ता में आते ही पेरियार की मूर्तियों को हटा दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर से लेकर राज्य के सभी मंदिरों के बाहर लगी ईवी रामासामी नायकर (EVR) की मूर्तियों को तुरंत हटा दिया जाएगा साथ ही मंदिरों की बंदोबस्ती करने वाले हिंदू धार्मिक धर्मार्थ विभाग (HR & CE Department in Tamil Nadu) को भी बंद कर दिया जाएगा।

इस विभाग पर आरोप है कि ये मंदिरों की बंदोबस्ती के बहाने पूरे राज्य के मंदिरों पर अपना एकाधिकार चलाती है और मनमाने तरीके से हिंदुओं को उत्पीड़ित करती है। कई जगहों पर इसने परंपराओं को ताकत पर रखकर पुजारियों की नियुक्ति की है।

तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष अन्नामलाई ने 7 नवंबर को श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर के बाहर मंच से कहा, “इसी रंगनाथर मंदिर के बाद 1967 में सत्ता में आई DMK ने एक पट्टी लगाई थी, जिसपर लिखा है – भगवान पर विश्वास करने वाले मूर्ख और धोखेबाज हैं, भगवान पर विश्वास मत करो।” जबकि हिंदू धर्म के लोग शांति से रहने वाले लोग हैं। इसी डीएमके की सरकार में दिसंबर 2006 में पेरियार द्वारा स्थापित सनातन विरोधी संगठन ने पवित्र मंदिर के बाहर 12 फुट ऊँची पेरियर की मूर्ति लगाई, जिसका हिंदुओं ने विरोध किया, लेकिन DMK ने मंदिर के बाहर ही भगवान का विरोध करने वाले की मूर्ति लगाई।

अन्नामलाई ने ऐलान किया, “भाजपा की सरकार बनते ही मंदिर के बाहर लगाई गई ईश्वर विरोधी संदेश वाली शिला पट्टिका को हटाया जाएगा, साथ ही पेरियर की ऐसी मूर्तियाँ जो मंदिरों के बाहर ही लगी हैं, उन्हें भी हटा दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मंदिरों में पेरियार की जगह अज़वार (वैष्णव संत) और नयनमारों (शैव संतों) की मूर्तियाँ स्थापित की जाएँगी। तमिल विद्वानों की मूर्तियाँ लगाई जाएँगी। तमिल विद्वान तिरुवल्लुवर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनकी प्रतिमाएँ स्थापित कर उनकी पूजा की जाएगी।

बीजेपी की सरकार बनते ही मंदिरों पर कब्जे वाला विभाग होगा बंद

अन्नामलाई ने डीएमके और सनातन विरोधी राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सनातन परंपरा पर किए जा रहे हमलों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मुगल शासकों ने इस पवित्र श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की और अब स्टालिन का बेटा उदयनिधि कहता है कि वो सनातन धर्म को नष्ट कर देगा।
अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु का हिंदू धार्मिक धर्मार्थ विभाग मंदिरों की रक्षा के नाम पर बनाया जाता है, लेकिन वो गलत लोगों को पुजारियों और प्रशासकों के पद पर नियुक्ति करता है। उन्होंने कहा, “श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर का पूर्वी द्वार, प्रवेश द्वार का टावर गेट ढह गया है। मंदिरों की रक्षा करना चैरिटी विभाग का उद्देश्य है, लेकिन उसे बनाया नहीं गया।” बता दें कि जिस जगह से अन्नामलाई मंच पर संबोधित कर रहे थे, उसके एक तरफ प्रसिद्ध श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर का राजा गोपुरम (प्रवेश द्वार) है, तो दूसरी तरफ पेरियार की मूर्ति।
‘डेक्कन क्रॉनिकल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जिस दिन भाजपा की सरकार बनेगी, वो दिन तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR और CE) विभाग का आखिरी दिन होगा।
एक अनुमान के मुताबिक, राज्य सरकार ने तमिलनाडु के 38,000 से अधिक मंदिरों पर ‘कब्जा’ कर रखा है। वो मनमाने तरीके से पुजारियों की नियुक्ति करती है और मंदिरों के संरक्षण पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसपर सुनवाई चल रही है। इसी एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा था कि वो परंपरागत तरीके से चल रहे मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति संबंधी कोई हस्तक्षेप न करे, इसके बावजूद राज्य सरकार ने मंदिरों के मामले में हस्तक्षेप करना जारी रखा है।
कुछ समय पहले ही तमिलनाडु में महिला पुजारियों की नियुक्ति सरकार की तरफ से की गई थी और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इसे गलत तरीके से द्रविड़ परंपरा से जोड़ दिया था। स्टालिन ने इसी श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर में महिला पुजारी की नियुक्ति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा था कि हमने पेरियार के दिल का काँटा निकाल दिया है। स्टालिन ने कहा था, “उन्हें (महिलाओं को) अपवित्र माना गया है। यहाँ तक कि देवी मंदिरों में भी। लेकिन, अंततः परिवर्तन हुआ।”
तमिलनाडु में हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने सभी जातियों के लोगों को पुजारी के रूप में नियुक्त करके थानथाई पेरियार के दिल से काँटा निकाल दिया है। महिलाएँ अब गर्भगृह में कदम रख रही हैं। इससे समावेशी और समानता का एक नया युग आ रहा है।”
वहीं, एमके स्टालिन का बेटा उदयनिधि स्टालिन सनातन परंपरा को मिटाने की बात करता है। सनातन की तुलना डेंगू-मलेरिया से करता है। उसने कहा था, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

भाजपा से डरती है डीएमके

अन्नामलाई ने कहा कि डीएमके सरकार भाजपा से बहुत डरती है। डीएमके सरकार ने श्रीरंगम मंदिर में लगे कमल के फूल की प्रतिमा को नष्ट कर दिया। कमल का फूल सिर्फ भाजपा का चुनाव चिन्ह ही नहीं, बल्कि देवी लक्ष्मी और देवी सरस्वती से भी जुड़ा है। ये हमारे देश का राष्ट्रीय पुष्प भी है। चूँकि डीएमके भाजपा से डरती है, इसलिए वो एक तरफ भाजपा के झंडे को हटाती है, तो दूसरी तरफ कमल के फूल को नष्ट करती है।

भाजपा कराएगी हिंदुओं को भगवान राम के दर्शन, अयोध्या तक चलेगी ट्रेन

अन्नामलाई ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा तमिलनाडु के हिंदुओं को भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या लेकर जाएगी। इसके लिए अयोध्या तक सीधी ट्रेन चलाई जाएगी।
अन्नामलाई ने कहा कि 22 जनवरी से भाजपा अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन की व्यवस्था करेगी, जो मुफ्त में तमिलनाडु के हिंदुओं को भगवान राम के दर्शन कराने ले जाएगी।