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‘दक्षिण भारत बनेगा अलग देश’: कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री के भाई एवं कांग्रेस सांसद का ‘भारत तोड़ो’ बयान

                                               कांग्रेस सांसद डीके सुरेश (साभार: रिपब्लिक भारत)
कांग्रेस एक बार फिर भारत को तोड़ने की बात करने लगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार (1 फरवरी 2024) को पेश किए गए अंतरिम बजट को 
कांग्रेस के सांसद डीके सुरेश ने पक्षपाती बताया है। केंद्र पर दक्षिण भारतीय राज्यों को धन जारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने धमकी दी कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो एक अलग देश की माँग उठाई जाएगी।

डीके सुरेश ने जो आपत्तिजनक बयान पर कांग्रेस की तरफ से किसी ने विरोध तक नहीं किया। क्या कांग्रेस सुरेश के अरमानों को पूरा करने के लिए टुकड़े-टुकड़े गैंग की शरण में जाएगी?  

बेंगलुरु ग्रामीण संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद और कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने यह बयान बजट 2024 की आलोचना करते हुए संसद भवन के बाहर दिया। अलगाववाद को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों का पैसा उत्तर भारतीय राज्यों को दिया जा रहा है और उन पर हिंदी थोपी जा रही है। यह बात उन्होंने कन्नड़ में कही।

सुरेश ने कहा, “केंद्र दक्षिण भारतीय राज्यों को जीएसटी और प्रत्यक्ष करों का उचित हिस्सा नहीं दे रहा है। दक्षिण भारतीय राज्यों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी राज्यों से इकट्ठा किया गया पैसा उत्तर भारतीय राज्यों, हिंदी बेल्ट को दिया जा रहा है। हम पर हिंदी थोपी जा रही है। हमें इस पर सवाल उठाना होगा। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम अलग देश की माँग करने पर मजबूर हो जाएँगे।”

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “अगर हम देखें कि देश के विभिन्न राज्यों में पैसा कैसे वितरित किया जाता है तो यह स्पष्ट है कि हमारे राज्यों का धन उत्तरी राज्यों में भेजा जा रहा है। यह हमारे साथ अन्याय है। केंद्र को हमसे 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक मिल रहे हैं और बदले में हमें जो मिल रहा है वह कुछ नहीं है। अगर इसे ठीक नहीं किया गया तो सभी दक्षिण राज्यों को अलग राष्ट्र की माँग के लिए आवाज उठानी होगी।”

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि विभिन्न राज्यों को धन का वर्तमान वितरण सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान नहीं मिला है। इसे चुनावी बजट बताते हुए उन्होंने कहा, “यह चुनावी बजट है। अंतरिम बजट में सिर्फ नाम बदले गए हैं। उन्होंने कुछ संस्कृत नाम पेश किए हैं और योजनाएँ पेश की हैं।”

इससे पहले तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK ने भी कुछ ऐसी ही धमकी दी थी। डीएमके के सांसद ए राजा ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को और अधिकार दे, वरना अगला स्टेट अलग राष्ट्र के लिए लड़ाई होगा। राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए यह बात कही थी।

डीएमके सांसद ने कहा था, “मैं पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से विनम्रता से कह रहा हूँ कि हमारे मुख्यमंत्री अन्ना (पूर्व मुख्यमंत्री और DMK के संस्थापक) के रास्ते पर चले रहे हैं। हमें पेरियार के रास्ते पर चलने के लिए मजबूर ना करें। हमें अलग देश की माँग करने के लिए मजबूर मत कीजिए। हमारे राज्य को स्वायत्तता दीजिए और इसे पाने तक हम चुप नहीं बैठेंगे।”