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पाकिस्तान : मुस्लिम Gen Z ने खोली पोल, फौज-सरकार ने लेख डिलीट करवा खुद के पैर पर मारी कुल्हाड़ी

                                            पाकिस्तानी छात्र का लेख सेना ने किया डिलीट
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख अमेरिका को ‘खुश’ करने में लगे हैं। वहाँ जोरदार लॉबिंग की जा रही है ताकि छवि सुधारी जा सके। ऑपरेशन सिंदूर के बाद हर महीने $50,000 यानी 45 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। छवि सुधारने में अब तक 9 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। लेकिन Gen Z हुक्मरानों को ये बता रहे हैं कि ‘तुमसे ना हो पाएगा’।

तंगहाली के बीच लॉबिंग में खर्च किए करोड़ों

FARA के दस्तावेज बता रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार और उसके थिंक टैंक अमेरिका में अपनी छवि सुधारने में लगे हुए हैं। इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने यूनाइटेड स्टेट्स में लॉबिंग और पब्लिक पॉलिसी आउटरीच पर $900,000 यानी ₹80864097.30 खर्च किए। इस दौरान पाकिस्तानी दूतावास ने अमेरिकी फर्म एर्विन ग्रेव्स स्ट्रैटजी ग्रुप LLC के साथ समझौता किया, ताकि हर अमेरिकी सांसद, अधिकारियों और नीति बनाने वालों तक पहुँच बन सके। मीडिया में नैरेटिव बदलने के लिए एक अमेरिकी कंपनी, कॉर्विस होल्डिंग इंक को लगाया गया ताकि पाकिस्तान के पक्ष में माहौल बनाया जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने के लिए अमेरिकी दौरे के दौरान आर्मी चीफ आसीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रेयर अर्थ मिनरल्स भी गिफ्ट किए। इसका नतीजा ये रहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स और मेटल्स पर पाकिस्तान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच करार हुआ। दस्तावेज में खोज, माइनिंग, प्रोसेसिंग और ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर सहयोग के बारे में बताया गया है, जिसकी $1 ट्रिलियन यानी करीब 8.9 लाख करोड़ रुपए तक इंडिकेटिव कमर्शियल वैल्यू होगी।

बुजुर्गों की इतनी ‘कोशिश’ के बावजूद Gen Z इन्हें देश के लिए ‘बेकार’ बता रहे हैं।

बगावत के लिए तैयार पाकिस्तान के Gen Z

पाकिस्तान के Gen Z का गुस्सा भड़क रहा है। ये लोग सत्ता पर काबिज नेताओं और सेना के अधिकारियों को चुनौती दे रहे हैं। सेना ने एक वायरल लेख को हटवा दिया है, जिसमें उनकी पोल पट्टी खोली कर रख दी गई थी।

देश के हर हिस्से में हो रहे विरोध को कुचलने वाली असीम मुनीर की सेना को एक लेख ने विचलित कर दिया। कैसे पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर इस मुद्दे पर अपनी सरकार-सेना को घेर रहे हैं, ट्विटर पर इस ट्रेंड को देख कर समझा जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि ‘जितना चाहें, आप लोगों को लड़वाएँ’, जेन जी इस पर मीम बनाएगा। दरअसल अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ अर्कांसस में PhD स्टूडेंट जोरैन निजमानी के एक लेख को डिलीट कर दिया गया। इसमें उसने पाकिस्तान के हुक्मरानों को साफ-साफ बताया था कि Gen Z अब उनकी बातों में आने वाला नहीं है और न ही उनके झूठे दावों को मानने वाला है।

इसमें बताया गया है कि नौजवान और जेन जी अब पुराने नेताओं की बातों में नहीं आने वाले हैं। पाकिस्तान की मौजूदा व्यवस्था से यह बगावत की शुरुआत है। लेख देखते ही देखते वायरल हो गया। इससे घबराकर लेख को डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।

पाकिस्तान में अब Gen Z बगावत करने जा रहे हैं। इस बगावत में हिंसा नहीं बल्कि विचार है। विचारों को रोकने के लिए पाकिस्तानी शासन के प्रयास को भी ये लेख बता रहा है। जबरदस्ती चुप करने की कोशिश की जा रही है। बगावत की शुरुआत एक युवा पाकिस्तानी छात्र के विचार से शुरू हुआ है। उसने बताया है कि कैसे देश की युवा पीढ़ी पुराने नेताओं के आदेश मानना ​छोड़ चुकी है।

लेख में साफ कहा गया है कि “आप जितना चाहे उतना लड़ाइयाँ करवा सकते हैं, Gen Z उससे मीम बनाएगा। सभी मेनस्ट्रीम मीडिया को सेंसर कर दो, Gen Z अपनी राय बताने के लिए रंबल, यूट्यूब और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर चला जाएगा। बूमर्स, अब आप विचारों को सेंसर नहीं कर सकते। वे दिन गए जब आप लोगों को बेवकूफ बना सकते थे। अब किसी को बेवकूफ नहीं बनाया सकता है।”

यह लेख एक्सप्रेस ट्रिब्यून के डिजिटल एडिशन पर था, जो अब मौजूद नहीं है यानी जैसा लेखक जोरैन निजमानी ने कहा, ठीक वैसा ही हुआ है। यहाँ सच बताने के लिए यूट्यूब से लेकर दूसरे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। चैनल पर सेना प्रमुख असीम मुनीर और शहबाज सरकार के खिलाफ खबरें आनी बंद हो गई हैं। इस पर ही Gen Z कह रहा है कि इस तरह की घटिया तरीकों से हुक्मरान नहीं बच सकते। सच को ज्यादा देर तक दबाया नहीं जा सकता।

पाकिस्तानी सेना के हुक्म से हटाया गया लेख

अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी PhD स्टूडेंट जोरैन निजमानी का ‘इट इज ओवर’ टाइटल वाला यह लेख असल में 1 जनवरी को एक जाने-माने पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर था। हालाँकि कुछ घंटों बाद ही इसे हटा दिया गया। इसके पीछे पाकिस्तान की आर्मी का दबाव था।

दरअसल निजमानी जेन जी के बीच इस लेख की वजह से ‘हीरो’ बन गया। लेख पर रोक के बाद इसका स्क्रीन शॉट जेन जी शेयर कर रहे हैं। जेन जी का गुस्सा आसीम मुनीर की पाकिस्तानी आर्मी पर दिख रहा है। इसे सेंसरशिप कहा जा रहा है और बेबाक लेखन के लिए एक्टर फाजिला काजी और कैसर खान निजमानी के बेटे जोरैन निजमानी की तारीफ की जा रही है।

देशभक्ति जबरन पढ़ाई-सिखाई नहीं जाती- जोरैन निजमानी

लेख में बताया गया है कि पाकिस्तान के सत्ताधारी वर्ग का अब युवा पीढ़ी पर अपना असर खत्म हो गया है। देश के हुक्मरान देशभक्ति को बढ़ाने के लिए स्पॉन्सर लेक्चर, सेमिनार और कैंपेन चला रहे हैं, इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। सरकार के ये सारे प्रयास बेकार हैं।

उन्होंने लिखा, “सत्ता में बैठे बड़े-बूढ़ों पर से युवा पीढ़ी यकीन नहीं कर रही है। ये लोग समझ रहे हैं कि सत्ताधारी बस आम जनता को बरगला रहे हैं। ये लोग स्कूलों और कॉलेजों में देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए चाहे कितने भी वाद-विवाद और सेमिनार कर लें, यह काम नहीं कर रहा है।”

सेना का नाम लिए बिना सारी बातें कही गई है। पीएचडी छात्र निजमानी कहते हैं कि देशभक्ति भाषणों या नारों से नहीं सिखाई जा सकती, बल्कि यह अपने आप बढ़ती है, जब नागरिकों को समान अवसर, भरोसेमंद इंफ्रास्ट्रक्चर, काम करने वाले सिस्टम और गारंटी वाले अधिकार दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा, “जब बराबर मौके, अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और अच्छे सिस्टम हों तो देशभक्ति अपने आप आती ​​है। जब आप आम जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरी करते हैं। उन्हें विश्वास दिलाते हैं कि उनके अधिकार सुरक्षित हैं, तब आपको स्कूलों या कॉलेजों में जाकर देशभक्ति सिखाने की जरुरत नहीं होती। लोग खुद ही अपने देश को पसंद करते हैं।”

पाकिस्तानी सच्चाई को बता रहा ये लेख हुक्मरानों को इतना कड़वा लगा कि उन्होंने इसे हटवा दिया, क्योंकि जनता असलियत को समझ रही है। हालाँकि लेख Gen Z और Gen Alpha को सेंटर में रख कर लिखा गया है।

इसमें कहा गया है, “युवा दिमाग, Gen Z, Alphas अच्छी तरह जानते हैं कि क्या हो रहा है। देशभक्ति के विचार को ‘बेचने’ की कोशिशों को वे अच्छी तरह समझ रहे हैं। इंटरनेट की वजह से, हमारे पास जो भी थोड़ी बहुत एजुकेशन बची है, उसकी वजह से लोगों तक बातें पहुँच रही हैं। वरना लोगों को अनपढ़ रखने की सत्ता पर बैठे लोगों ने पूरी कोशिश की, लेकिन फेल हो गए। हालाँकि जनता अपनी बात डर की वजह से नहीं कह पा रही है, क्योंकि उसे साँस लेना ज्यादा पसंद है।”

इंटरनेट और सोशल मीडिया ने दुनिया की जानकारी लोगों तक पहुँचाना आसान बना दिया है, इसलिए लोगों की सोच को कंट्रोल नहीं किया जा सकता। युवाओं में काफी बेचैनी है, जो लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने आगे कहा, “युवा समझ रहे हैं कि वे सत्ता में बैठे लोगों को चैलेंज नहीं कर सकते, इसलिए देश छोड़ रहे हैं। वे चुपचाप निकल जाना पसंद करेंगे। पीछे मुड़कर भी नहीं देखेंगे क्योंकि उनके दोस्तों ने आवाज उठाई तो उन्हें चुप करा दिया गया।”

पाकिस्तान में लेख हटाने का हो रहा विरोध

डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेख हटाने का पाकिस्तान में काफी विरोध हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की कनाडाई विंग ने दावा किया कि आर्टिकल हटाने से यह पक्का हो गया है कि जबरदस्ती की देशभक्ति अब काम नहीं करती।

पार्टी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “ज़ोरेन निज़ामानी का आर्टिकल ‘इट इज ओवर’ को हटाया जाना, ये बताता है कि पाकिस्तान का सच क्या है। जबरदस्ती की देशभक्ति अब काम नहीं करती। Gen Z करप्शन, गैर-बराबरी और दोहरे चरित्र को समझती है। इंसाफ़, नौकरी और इज्जत के बिना प्रोपेगैंडा फेल हो जाता है। पुराने कंट्रोल के तरीके खत्म हो गए हैं, युवा आगे बढ़ गए हैं।”

पाकिस्तानी एक्टिविस्ट मेहलका समदानी ने लिखा, “हैरानी की बात नहीं है कि यह लेख अब एक्सप्रेस ट्रिब्यून के डिजिटल एडिशन से एक्सेस नहीं हो रहा है – ठीक वैसी ही सेंसरशिप जिसके बारे में ज़ोरेन बात करते हैं।”

वकील अब्दुल मोइज़ जाफ़री ने कहा, “यह बहुत बढ़िया लेख है। पाकिस्तान में अपनी नौकरी में फेल हो रहे हर जवान से लेकर हर बूढ़े आदमी के दिल से लिखा गया है।” पाकिस्तान की मानवाधिकार आयोग ने भी लेख हटाने की आलोचना की है और कहा है कि एक्सप्रेस ट्रिब्यून से जोरीन निजमानी का लेख हटाना पाकिस्तान में बोलने की आजादी पर बढ़ती पाबंदियों का उदाहरण है।

पाकिस्तान की ये हालत है कि बलूचिस्तान, पीओके समेत कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। खाने-पीने के लाले पड़े हैं। आम जनता को दो जून की रोटी नसीब नहीं हो रही। सबकुछ काफी महँगा हो गया है। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है। इस बीच जेन जी का गुस्सा भड़कने लगा है। हुक्मरानों के ऐशो आराम जेन जी को दिख रहे हैं। ऐसे में भारत का एक और पड़ोसी देश जेन जी के गुस्से का शिकार होने के लिए तैयार है।

कांग्रेस और INDI गठबंधन से सावधान : देश के खिलाफ ‘आग’ उगलने वाले नेता : बांग्लादेश-नेपाल तो बहाना है, इंडी गठबंधन का मोदी सरकार निशाना है

बांग्लादेश, नेपाल और अब फ्रांस में हुए एक ही तरह के हुए उपद्रवों के देखते हुए भारत की जनता को कांग्रेस और INDI गठबंधन के नेताओं के भाषणों से सतर्क रहने की बहुत जरुरत है। जो उपद्रव इन देशों में हुए वैसे ऐसी ही हरकत CAA विरोध से लेकर तथाकथित किसान आंदोलन और पहलवानों के धरने से करने की कोशिश करते रहे हैं। 26 जनवरी 2022 को लाल किले पर किये हमले पर अगर सरकार और आर्मी द्वारा कठोर उठाने पर होने वाली मौतों पर इन उपद्रवियों ने देश में यही स्थिति लाने की कोशिश थी जिसे सरकार ने नाकाम कर दिया था। वही हाल CAA विरोध में बने शाहीन बागों से की गयी थी। सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणियां और हिन्दू धर्म यात्राओं पर पत्थराव करना भी देश में उपद्रव करने की बराबर कोशिशे हो रही हैं। 

कांग्रेस और INDI गठबंधन के नेता नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और अमित शाह का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं। इन पाखंडी नेताओं से पूछा जाए कि जिस देश की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था हो उस देश की dead economy कैसे हो सकती है? दूसरे, घुसपैठियों को संरक्षण देना क्या देशहित में है?

       

कांग्रेस और INDI गठबंधन के नेताओं को पीएम नरेन्द्र मोदी की निर्बाध और देश को निरंतर विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जानी वाली सरकार सुहा नहीं रही है। इसीलिए वे या तो मोदी सरकार के खिलाफ अपने इकोसिस्टम से नैरेटिव तैयार कराते हैं या फिर बैसिर-पैर के आरोप लगाकर और देश के खिलाफ आग उगलने वाली बयानबाजी करके अपनी मानसिकता को जाहिर करते रहते हैं। राहुल गांधी समेत इंडी गठबंधन के नेता तो पराई आग में भी राजनीतिक रोटी सेंकने से बाज नहीं आते। यही वजह है कि जब भी भारत के किसी पड़ौसी मुल्क में हालात बदतर होते हैं या फिर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है तो वे भारत में भी ऐसा होने के ख्याली-पुलाव पकाने लगते हैं। श्रीलंका और बांग्लादेश के बाद अब जब नेपाल में यही स्थिति बनी तो एक बार फिर इन नेताओं की बांछें खिलने लगी हैं। लेकिन इनकी नापाक मंशा कदापि पूरी होने वाली नहीं है।

मोदी सरकार के सेवा, सुशासन और समर्पण के मंत्र के आगे इंडी गठबंधन फेल
यहां तक कि राहुल गांधी और कांग्रेस के कई नेता तो भड़काऊ बयान देकर देश की जनता को भड़काने के नापाक प्रयास भी करते नजर आते हैं। देशभर में आग लगने के दावे तक करते हैं। बांग्लादेश में तख्तापलट के आंदोलन में तो कांग्रेस नेता यह तक कहने लगे थे कि भारत में भी ऐसा ही हो सकता है। लेकिन पीएम मोदी सेवा, सुशासन और समर्पण के मंत्र और इसी भावना पर चल रही सरकार के चलते इंडी गठबंधन के नेता अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो पाए।

देश के खिलाफ ‘आग’ उगलने वाले नेता

भारत में सिखों को पगड़ी या कड़ा पहनने की इजाजत नहीं- राहुल
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ज़ोर देकर कहा कि लड़ाई राजनीति की नहीं है, बल्कि इस बात की है कि एक सिख होने के नाते उन्हें भारत में पगड़ी पहनने और गुरुद्वारे जाने की इजाज़त है या नहीं। वर्जीनिया में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने एक व्यक्ति से उसका नाम पूछा और फिर कहा, “सबसे पहले, आपको यह समझना होगा कि लड़ाई किस बारे में है। लड़ाई राजनीति के बारे में नहीं है। यह सतही है। आपका नाम क्या है? लड़ाई इस बारे में है कि क्या…उन्हें एक सिख के रूप में भारत में पगड़ी पहनने की अनुमति दी जाएगी। या उन्हें एक सिख के रूप में भारत में कड़ा पहनने की अनुमति दी जाएगी। या एक सिख गुरुद्वारा जाने में सक्षम होगा। लड़ाई इसी बारे में है और सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों पर लागू होती है।

तीसरी बार मोदी सरकार बनी तो देश में आग लग जाएगी-राहुल
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी अलाइंस की महारैली में राहुल गांधी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर तीसरी बार PM Modi सता में आए तो देश में आग लग जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका पर दबाव डाला जा रहा है, ताकि मैच फिक्स हो और भाजपा सत्ता में रहे। उन्होंने खुद को सच बोलने वाला बताते हुए कहा, “मेरी बात अच्छी तरह सुन लो। अगर हिंदुस्तान में ‘मैच फिक्सिंग’ का चुनाव भाजपा जीते और उन्होंने संविधान को बदला तो इस पूरे देश में आग लगने जा रही है, ये देश नहीं बचेगा। ये चुनाव वोट वाला नहीं, हिंदुस्तान को बेचने वाला और संविधान की रक्षा वाला चुनाव है।”

जनता को भड़काया, घरों से निकलकर आंदोलन करो- सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा कि आप हम सब इसलिए यहां आए हैं क्योंकि काफी समय से देश की हालत बहुत गंभीर हो गई है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने जनता को भड़काते हुए कहा कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि अपने घरों से बाहर निकलें और इसके खिलाफ आंदोलन करें। आज वही वक्त आ गया है।  देश को बचाना है तो हमें कठोर संघर्ष करना होगा। आज हमारे युवा इस तरह की बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं जैसा दशकों में नहीं हुआ। हमारे युवाओं की लगी लगाई नौकरियां जा रही हैं। उनके सामने अंधेरा ही अंधेरा है।

नेपाल की स्थिति…देश में पैदा हो सकती है- संजय राउत
नेपाल के बवाल पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। संजय राउत ने इशारों में निशाना साधा है। संजय राउत ने कहा कि सावधान, नेपाल जैसी स्थिति किसी भी देश में हो सकती है। वंदे भारत। संजय राउत ने नेपाल में आगजनी और असंतोष का वीडियो पोस्ट किया। इस पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सांसद संजय राउत ने लिखा, ‘नेपाल टुडे… यह स्थित किसी भी देश में पैदा हो सकती है। सावधान! भारत माता की जय, वंदे मारतम।’ संजय राउत के इस ट्वीट की खास बात है कि उन्होंने इसमें बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट किया है। उनका इशारा किस ओर है और उन्होंने किस पर निशाना साधा है, यह साफ है। संजय राउत के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने उन्हें खरीखोटी भी सुनाई।

तानाशाह सरकार को जनता सबक सिखाएगी- श्रीनिवास
भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने भी ट्वीट पर नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की हिंसा को एक जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि इन देशों की तानाशाह सरकारें भी जनता को अपनी बपौती समझकर मनमाफिक फैसले ले रही थीं। श्रीनिवास ने इशारों में केंद्र सरकार पर तंज करते हुए कहा कि वहां ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि वहां भी मीडिया सरकारी थी और सोशल मीडिया पर पाबंदियां लगा दी गईं। आखिरकार जनता ने बता दिया है कि वह ही जनार्दन है।

संविधान की हत्या कर रहे हैं मोदी- मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस संविधान को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। श्री खड़गे ने उपस्थित लोगों को सतर्क रहने के लिए आगाह किया और कहा कि बी.आर. अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान को खतरा है, क्योंकि भाजपा इसे कमजोर करने या बदलने की कोशिश कर रही है। यही वह संविधान है जिसने मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री और बाद में देश का प्रधानमंत्री बनने में मदद की। लेकिन अब वही मोदी संविधान की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं।”

भारत में भी हो सकता है बांग्लादेश जैसा- राकेश टिकैत
कांग्रेस तो कांग्रेस किसान नेता भी उनके बहकावे में आकर पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के सुर में सुर मिलाने लग गए। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत देश में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात होने की बात कहते हुए वहां के समान रूप आंदोलन की आशंका जताई है। टिकैत ने कोलकाता घटना को निंदनीय बताते हुए मीडिया पर सवाल उठाए

बांग्लादेश को लेकर मणिशंकर अय्यर के बिगड़े बोल
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां कुछ-कुछ भारत में भी बननी शुरू हो गई हैं और लोगों के मन में चुनावों की निष्पक्षता को लेकर शक पैदा होने लगा है, इसलिए हमें पड़ोसी देश से सीख लेते हुए सावधान रहने की जरूरत है। अय्यर ने आईएएनएस के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि भारत में भी आर्थिक विकास के बावजूद बेरोजगारी बहुत बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा, ‘वहां की परिस्थिति और हमारी परिस्थिति में काफी तुलना की जा सकती है। उनके लोकतंत्र में कमियां महसूस होने लगीं हैं। जो उनके चुनाव हुए,पहले और इस बार भी। तो विपक्ष की पार्टियों ने भाग ही नहीं लिया, क्योंकि उनको लगा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे। अय्यर ने तंज किया कि विकसित भारत बनाना अलग बात है और आजाद भारत बनाना अलग। वो आजाद भारत होगी क्या। वो लोकतांत्रिक भारत होगी क्या। मतलब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को लगता है कि वे आजाद भारत में नहीं रह रहे हैं।

उद्धव ठाकरे और महबूबा मुफ्ती भी श्रीलंका-बांग्लादेश जपने लगे
शिवसेना यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि जो श्रीलंका में हुआ, अब बांग्लादेश में हुआ, तो सारे लोगों को समझना चाहिए कि जो सर्व सामान्य आदमी होता है, वो सबसे श्रेष्ठ होता है, बलवान होता है, उसकी सहनशीलता की मर्यादा होती है और जनता का न्यायालय सर्वोच्च होता है। दूसरी ओर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा जो आप पॉलिसी लाते हो, कानून लाते हो, तो परतंत्र होके उनके बर्दाश्त का पैमाना टूर जाता है और उसे शेख हसीना की तरह भागना पड़ता है। मुझे लगता है कि हमारे मुल्क के लिए यह एक बहुत बड़ा सबक है।

बांग्लादेश जैसा हाल भारत में भी हो सकता है- सलमान खुर्शीद
बांग्लादेश में हुए तख्तापलट को लेकर देश में में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ खड़ा है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है वो भारत में भी हो सकता है। सलमान खुर्शीद के बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

मोदी से बड़ा झूठा और कोई नहीं-दिग्विजय सिंह
भाजपा ने हमेशा नफरत की राजनीति की है। अपने राजनीतिक इतिहास में पीएम मोदी से बड़ा झूठ बोलने वाला नहीं देखा है। यह आरोप मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिविल लाइंस स्थित राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में लगाए। हिंदुस्तान अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पहले गुजरात के साथ पूरे देश में नफरत फैलाया। महाराष्ट्र में असंवैधानिक बयान दिए। कर्नाटक में बजरंग बली के नाम पर वोट मांगा और अब आंखों में आंसू भर कर कह रहे हैं कि वह हिंदू-मुस्लिम की बात नहीं करते हैं। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने एक दशक में इतना झूठ बोले हैं कि उन्हें गिना पाना मुश्किल है।

मैं मोदी को लोकतंत्र का थप्पड़ लगाना चाहती हूं – ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक बार फिर पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी जब पश्चिम बंगाल में आते हैं और टोलाबाजी का बयान देते है तो मैं उन्हें लोकतंत्र का थप्पड़ लगाना चाहती हूं। मैं खुद को बेचकर राजनीति नहीं करती। मैं मोदी से नहीं डरती, क्योंकि मैं इस तरह की ही जिंदगी जीती हूं।

कांग्रेस अध्यक्ष बने राहुल बोले- बीजेपी देश में आग लगा रही 
राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद बतौर अध्यक्ष अपने पहले ही भाषण में बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री देश को पीछे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘एक बार आग लग जाती है तो उसे बुझाना मुश्किल होता है। यही हम बीजेपी के लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। एक बार आपने देश में आग लगा दी तो उसे बुझाना मुश्किल होगा। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पूरे देश में आग और हिंसा फैलाई जा रही है। पूरे देश में सिर्फ एक शक्ति है जो इसे रोक सकती है और वह है कांग्रेस। वे तोड़ते हैं, हम जोड़ते हैं। वे आग लगाते हैं, हम बुझाते हैं। वे गुस्सा करते हैं, हम प्यार करते हैं।’

पीएम मोदी शहीदों के खून की दलाली कर रहे- राहुल गांधी
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधने वाले राहुल गांधी सियासी तौर पर घि‍रते नजर आए। राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी शहीदों के खून की दलाली कर रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस बयान के बाद बीजेपी के साथ साथ आम आदमी पार्टी भी राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है। अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस कर राहुल और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। अभी तक पीएम मोदी से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी राहुल पर जमकर बरसे।

‘जहर की खेती’ करने वाले हैं मोदी- जयराम रमेश
लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की और बीजेपी व नरेंद्र मोदी पर जहर की खेती करने का आरोप लगाया। आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा कि भले ही मोदी का कैंपेन आक्रामक हो पर कांग्रेस डरने वाली नहीं है। वे भी जनता के बीच जाएंगे और बीजेपी का असली चेहरा दिखाएंगे।