दिल्ली पुलिस पर महिलाओं ने लगाए होलिका बुझाने के आरोप (फोटो साभार: सुदर्शन न्यूज़)
दिल्ली में पुलिस पर आरोप लगा है कि उसने होलिका दहन के समय जलती आग को बुझा दिया। हालाँकि, पुलिस ने ऐसे किसी भी आरोप को नकार दिया है। वैसे इस घटना को देख हिरणकश्यप भी सोंच रहे होंगे "काश ऐसे मानसिकता वाले सुरक्षाकर्मी मेरे कार्यकाल में होते तो मेरी बहन होलिका जलकर राख नहीं होती। इतना ही नहीं, भगवान विष्णु भी उस युग में ऐसे सुरक्षाकर्मियों के न होने पर खुश हो रहे होंगे।" क्या यह काम हिन्दू भावनाओं को भड़काने का प्रयास था? चुनाव में अपने आपको हनुमानभक्त बताने वाले दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनके क्षेत्रीय विधायक इस घटना पर चुप क्यों? सोशल मीडिया पर दावे के समर्थन में वीडियो भी वायरल हो रहा है। विश्व हिन्दू परिषद ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। विहिप ने पूछा कि होलिका दहन के पारंपरिक उत्सव को भंग कर पानी डाला जाना हिन्दुओं की सहिष्णुता की परीक्षा तो नहीं?
संगठन ने सवाल दागा कि क्या किसी और धर्म के साथ ऐसा करने का सोचा भी जा सकता है? विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी इस मामले का वीडियो शेयर कर के आरोप लगाए। बंसल ने कहा, “जलती होलिका को पानी से बुझाया जाना बेहद पीड़ादायक है। राजधानी दिल्ली में हिन्दू आस्था के साथ इस घोर अपमान पर अबिलम्ब कार्रवाई जरूरी है। शांत व सभ्य समाज की सहिष्णुता की परीक्षा उचित नहीं।”
जलती होलिका को पानी से बुझाया जाना बेहद पीड़ादायक है। राजधानी दिल्ली में हिन्दू आस्था के साथ इस घोर अपमान पर अबिलम्ब कार्यवाही जरूरी है। शांत व सभ्य समाज की सहिष्णुता की परीक्षा उचित नहीं। @DelhiPolice कार्यवाही करे। https://t.co/OB2DCLYE0A pic.twitter.com/Kctdlpmfq0
— विनोद बंसल (@vinod_bansal) March 30, 2021
जलती होलिका को @DelhiPolice ने पानी डाल कर बुझाया व 2 लोगों को हिरासत में भी लिया.
— Suresh Chavhanke “Sudarshan News” (@SureshChavhanke) March 29, 2021
साल में 52 बार सड़कों पर नमाज़ को संरक्षण देने वालों को वर्ष में 1 दिन की होली भी स्वीकार नहीं.
पूजा की थाली लेकर खड़ी महिलाओं का आक्रोश सुनिए.
यह पाकिस्तान नहीं, जगतपुरी ( कृष्णा नगर) दिल्ली हैं pic.twitter.com/JQq0DRBYxj
उन्होंने दिल्ली पुलिस से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की माँग की। ये घटना दिल्ली की जगतपुरी की बताई जा रही है। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने आकर जलती होलिका को बुझा दिया और हाथों में पूजा की थाल लिए महिलाएँ वहाँ खड़ी रोती रहीं। ये इलाका DCP शाहदरा के अंतर्गत आता है। वीडियो में वहाँ खड़ी महिलाएँ भी दिल्ली पुलिस का विरोध करती नज़र आ रही है। पुलिस ने इन आरोपों को नकार दिया है।
पुलिस ने जलती होलिका पर पानी नहीं डाला व इसी मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया| पुलिस के खिलाफ आरोप गलत है। दिल्ली सरकार द्वारा दी गयी कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन कराया जा रहा था | https://t.co/ZlRZqqufJg
Delhi police amit shah ke under me hai , hindu hradya samrat ke under me aati hai manywar
— Sameersammay (@Sameer22595522) March 29, 2021
जी डी मे नाम से रवानगी होगी।
— Suvrat Tripathi (@ips_suvrat) March 30, 2021
दिल्ली पुलिस खुद बुझा रही है वह क्या कार्रवाई करेगी
— अतुल भारद्वाज (@AtulBha86037049) March 30, 2021
बहुत ही दुख हुआ, अगर दिल्ली पुलिस कहीं शब-ए-बारात पर कुछ कर देती , तो आधे पुलिस वाले सस्पेंड हो जाते
— Dhiman Lalit (@DhimanLalit1) March 30, 2021
बहुत ही दुःख है हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना ही इनका मकसद था। जिन पुलिसवालों ने ऐसा किया है उनके अगेंस्ट कार्रवाई होनी चाहिए।
— Alok Verma : Water Consultants (@alok_myself) March 30, 2021
अभी 2 दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री जी बांग्लादेश की मंदिर में पूजा अर्चना कर के आए हैं वो क्या मंदिर नहीं है भाई?
— इंतेखाब आलम (@al_inview) March 29, 2021
इतनी नफरत खैर कोई बात नहीं ।
बीजेपी के राज में भी धार्मिक आस्था का सम्मान नहीं होगा तो किसके राज में होगा ?🙄
— Rahul goswami (@JRahulgoswami) March 30, 2021
कृष्णा नगर*
— ShaitaanBachcha (@KashyapRanvir) March 29, 2021
Don't forget BhajanMandalis.and AndhBhakts that Delhi Police is under Centre and Kejri is not responsible for this...Wonder where this Bravado disappears when DP confronts Thookiyas or protestors.https://t.co/bfPT8e9yaU
— Sanjay (@Sanjaypro) March 30, 2021
Jago Hindu jago PARSHURAM bano
— Prabhakar Bhosale (@PrabhakarBhos18) March 30, 2021
दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है केंद्र सरकार यानी गृह मंत्रालय यानी गृह मंत्री अमित शाह लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता बंगाल में ढूंढी जा रही है दिल्ली में क्यों नहीं मौलाना साद को तो आज तक गिरफ्तार कर नहीं पाए होली पर पानी डलवा सकते हैं (उन्हीं का साथ,उन्हीं का विकास) 😠
— राजेश जादौन (@rksagra007) March 30, 2021
इसीलिए आपको हम चौकीदार की जगह ऋषि की मान्यता देते हैं क्योंकि आपके विचार सै कोई सहमत नहीं है, तो भी उन्हें पूर्वाग्रह ग्रस्त नहीं कह सकता।
— Suvrat Tripathi (@ips_suvrat) March 30, 2021
आदरणीय त्यागी जी जब हम छोटे थे तब हमारे बुजुर्ग इस पार्टी को जो जनसंघ के नाम से हुआ करती थी को बनियों और सरमाऐदारों की पार्टी बताते थे मेरे विचार में इस पार्टी की आर्थिक नीतियां और सामाजिक नीतियां विशुद्ध रूप से भारतीयता के खिलाफ है हमें अब अपनी गलती का एहसास हो रहा है
— dp singhganj (@dpsinghganj) March 30, 2021
‘सुदर्शन न्यूज़’ के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके ने भी इस वीडियो को शेयर किया, जिसका DCP ने जवाब देते हुए लिखा, “पुलिस ने जलती होलिका पर पानी नहीं डाला व इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। पुलिस के खिलाफ आरोप गलत है। दिल्ली सरकार द्वारा दी गयी कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन कराया जा रहा था।” चव्हाणके ने 2 हिन्दुओं को हिरासत में लिए जाने का आरोप भी लगाया था।