Showing posts with label #legal action. Show all posts
Showing posts with label #legal action. Show all posts

हरियाणा की हार क्यों नहीं पचा पा रही कांग्रेस? :चुनाव आयोग पर केस करेगी कांग्रेस, कहा- इज्जत से बात नहीं करते; क्या कोर्ट की धमकी से डराने का काम कर रही है; सच्चाई बताने पर अपने ही पक्षधर पत्रकार पर कार्यवाही

कांग्रेस कोर्ट की धमकी देकर क्या साबित करना चाहती है? अगर खटाखट के नाम पर 99 लोक सभा आ गयीं है का मतलब ये नहीं जनता कांग्रेस को पसंद करती है। अगर 'खटाखट नहीं होता कांग्रेस 30/35 से ज्यादा सीट नहीं आती। इस कटु सच्चाई को कांग्रेस को समझना होगा, दूसरे पत्रकार अशोक वानखेड़े ने हरियाणा हार के लिए कांग्रेस के इश्क को सामने लाने पर अपनी ही पक्षधर रहे पत्रकार पर क्यों कार्यवाही की जा रही है। देखिए नीचे लिंक।    
हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी हार पचा नहीं पा रही है। उसने हरियाणा चुनाव के बाद चुनाव आयोग के साथ पत्र युद्ध चालू कर दिया है। चुनाव आयोग को कांग्रेस ने कानूनी एक्शन तक की धमकी दे डाली है। चुनाव आयोग ने हाल ही में कांग्रेस के आरोपों पर कहा था कि पार्टी बिना सबूत के हवा हवाई दावे कर रही है।

शुक्रवार (1 नवम्बर, 2024) को कांग्रेस ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिख कर जवाब दिया है। कॉन्ग्रेस ने लिखा, “हमने हमारी शिकायतों पर आपके जवाब को पढ़ा है। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि चुनाव आयोग ने खुद को क्लीन चिट दे दी है। हम आमतौर पर इस मामले को आगे नहीं बढ़ाते। हालाँकि, चुनाव आयोग के लहजे के चलते हम इसका जवाब दे रहे हैं।”

कांग्रेस ने आगे लिखा, “हम नहीं जानते कि आयोग को कौन सलाह दे रहा है या उसका मार्गदर्शन कर रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि आयोग यह भूल गया है कि वह संविधान के तहत स्थापित एक संस्था है और इसे कुछ महत्वपूर्ण काम सौंपे गए हैं।” कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन्हें जवाब देकर कोई जहमत नहीं उठाई बल्कि उनका यह कर्तव्य है।

अवलोकन करें : -

जनता में संविधान खतरे में का डर और मीडिया पर मुक़दमे के डर ने खोली कांग्रेस की असलियत ; हरियाणा मे

कांग्रेस ने कहा कि वह चुनाव आयोग को जब कुछ लिखती है तो सम्मान से बात करती है जबकि चुनाव आयोग उसे इज्जत नहीं देता। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग उसके नेताओं और पार्टी पर निजी हमले करता है। कांग्रेस ने कहा कि अगर चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता खोने का प्रयास कर रहा है, तो वह एकदम सही राह पर है।

चुनाव आयोग को कांग्रेस ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अख्तियार करने की धमकी भी दे दी। कांग्रेस ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने पार्टी के प्रति अपनी भाषा नहीं बदली तो उसके पास कानूनी रास्ता अपनाने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसकी शिकायतों पर चुनाव आयोग पीएम मोदी पर कोई एक्शन नहीं लेता है। कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव के दौरान EVM की बैटरी 99% होने वाला मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि बैटरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग के जवाबों से संतुष्ट नहीं है। पत्र में कांग्रेस ने लिखा कि चुनाव आयोग ने खुद को क्लीन चिट दी है, जो कि संभावित था।

यह जवाब कांग्रेस ने चुनाव आयोग के जवाब पर दिया है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस को 29 अक्टूबर, 2024 को एक पत्र भेजा था जिसमें हरियाणा चुनाव पर उठाए गए प्रश्नों का जवाब दिया गया था। चुनाव आयोग ने कांग्रेस को ऐसे आधारहीन आरोप लगाने से बचने को कहा था।

चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कांग्रेस को लिखा था कि आयोग चुनाव प्रक्रिया करवाने के लिए कर्तव्यबद्ध है लेकिन गिनती के दिन आधारहीन दावों के सहारे उसकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग ने कहा था कि इससे माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है।

कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव के बाद EVM की बैटरी की चार्जिंग और परिणामों को धीमे अपडेट किए जाने का मुद्दा उठाया था। हालाँकि, चुनाव आयोग ने इस पर कारण सहित जवाब दे दिया था। हालाँकि, कांग्रेस अब इस मामले को लगातार खींच रही है।

कांग्रेस नेताओं ने रजत शर्मा को लेकर फैलाया झूठ: IndiaTV ने दिया करारा जवाब, कहा- इस बार सीमा लाँघ दी

रागिनी नायक (बाएँ), रजत शर्मा (दाएँ) (फोटो साभार : Youtube/IndiaTV)
क्या कांग्रेस अपने बुरे दिनों से गुजर रही है? कोई न कोई विवाद कांग्रेस के गले पड़ रहा है। चुनाव में बांटे गारंटी कार्ड कब अति गंभीर हो जाये, कहा नहीं जा सकता। अगर यह काम बीजेपी की तरफ से हुआ होता जितने भी मुल्ला, मौलवी और कट्टरपंथी चील-कौओं की तरफ चीख-चिल्ला रहे होते। अभी ये विवाद शांत भी नहीं हुआ कि India TV के पत्रकार रजत शर्मा पर कांग्रेस नेताओं ने गाली देने का जो आरोप लगाया है, अगर मीडिया रजत के साथ खड़ी हो गयी कांग्रेस को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। 

रजत से मुलाकात हुए लगभग 4 दशक हो गए हैं। दोनों ही पत्रकारिता के लगभग पहले पायदान पर ही थे, शायद 'रविवार' पत्रिका में थे। सर्वश्री भानु प्रताप शुक्ला और प्रबल मैत्र आदि अन्य पाञ्चजन्य सम्पादकीय के साथ चाय पर किसी चर्चा के अलावा दो/तीन वार्ताओं में मुलाकात हुई। रजत को कभी गाली तो दूर गुस्से में नहीं देखा। अब इतने लम्बे अंतराल में उनके व्यवहार में अंतर आया हो कहा नहीं जा सकता। केवल रतन मलकानी, प्रो वेद प्रकाश भाटिया,  डॉ आर बालाशंकर और तरुण विजय आदि ऐसे संपादक हैं, जिन्होंने कभी किसी को कोई अपशब्द नहीं कहा।  

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक, जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने मशहूर पत्रकार रजत शर्मा पर ऑन एयर गाली देने का आरोप लगाते हुए फर्जी खबरें फैलाने की कोशिश की, जिसके बाद इंडिया टीवी ने मंगलवार (11 जून 2024) को इन नेताओं को चेतावनी देते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

कांग्रेस के तीनों नेताओं को चेताते हुए इंडिया टीवी की लीगल हेड रितिका तलवार ने बयान जारी किया, “मैं आपको भारत के सबसे सम्मानित पत्रकार और टीवी एंकर रजत शर्मा की ओर से लिख रही हूँ, जो चार दशकों से इस पेशे में हैं और उनकी विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा बहुत अधिक है। रजत शर्मा ऑन एयर और ऑफ एयर दोनों जगह अपने सुसंस्कृत और सभ्य व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। दुनिया भर के टेलीविजन दर्शक उनकी विनम्र और सौम्य एंकरिंग शैली की तारीफ करते हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमने सोशल मीडिया पर आपके पोस्ट देखे हैं, जिसमें आपने रजत शर्मा पर ऑन एयर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। आपके द्वारा अपने पोस्ट में लगाए गए आरोप बिल्कुल झूठे हैं और उनका कोई आधार नहीं है। वे दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक हैं और स्पष्ट रूप से फर्जी खबरें हैं। आपने ऊँची प्रतिष्ठा वाले व्यक्तित्व पर झूठा आरोप लगाकर सार्वजनिक शालीनता की सभी सीमाओं को लाँघ दिया है। हम इस पर आगे की कार्रवाई करने के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं।”

इस वार्निंग वाले पोस्ट में आगे लिखा है, “इस बीच हमें पता चला है कि आप प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर से वही बेबुनियाद, झूठी और अपमानजनक खबरें फैलाकर इस अकल्पनीय स्थिति को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हम आपको चेतावनी देते हैं कि आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। हम दोहराते हैं कि रजत शर्मा ने निजी या सार्वजनिक जीवन में कभी भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है। आपके द्वारा गैर-मौजूद और काल्पनिक बातों से निकाले गए निष्कर्ष अपने आप में अपमानजनक हैं। हम आगे कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।” रितिका तलवार ने कहा कि कांग्रेस नेता इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और रजत शर्मा के बारे में झूठा दावा करने की कोशिश करते रहेंगे।

इंडिया टीवी के ऑफिसियल एक्स हैंडल के इस पोस्ट को कोट करते हुए रजत शर्मा ने भी अपने एक्स हैंडल से उसे रीट्वीट किया और सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली सामग्रियों को खुद पर हमला करार दिया।

सोमवार (10 जून 2024) को कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आरोप लगाया कि रजत शर्मा ने लाइव डिबेट के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की। उन्होंने ट्वीट किया, “पत्रकारिता में इससे ज़्यादा घटिया और क्या हो सकता है? रजत शर्मा, क्या आपके पास कोई जवाब है?”

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने इस निराधार दावे को और आगे बढ़ाया। पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, “यह अत्यंत निंदनीय है कि एक महिला नेत्री से एक वरिष्ठ संपादक इस तरह के अपशब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। रजत शर्मा, आप इस बारे में क्या कहेंगे?”

जयराम रमेश ने भी इस झूठ को आगे बढ़ाया। जयराम रमेश ने इस पर लिखा, “रजत शर्मा एक प्रसिद्ध मीडिया व्यक्तित्व हैं। उनके अपने राजनीतिक झुकाव हैं, लेकिन कांग्रेस की एक प्रमुख प्रवक्ता, जो एक महिला हैं, के लिए इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। इस मामले में बिना शर्त सार्वजनिक माफी की तत्काल आवश्यकता है।”

हालाँकि अब इंडिया टीवी और रजत शर्मा ने इस मामले को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है कि वो जल्द ही कांग्रेस के इन तीनों नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।