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INX केस: इंद्राणी मुखर्जी - अच्छा है पी चिदंबरम सीबीआई हिरासत में हैं

P Chidambaram आईएनएक्स मीडिया केस में सरकारी गवाह के तौर पर शामिल हुई इंद्राणी मुखर्जी ने कहा है कि पूर्व वित्त और गृह मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई द्वारा हिरासत में लिया जाना एक 'अच्छी खबर' है। उन्होंने कहा, 'यह अच्छी खबर है कि पी चिदंबरम को हिरासत में लिया गया है।' इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी अपने बेटी शीन बोरा की हत्या के मामले में जेल में बंद है। 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में मिली जमानत को रद्द किया जाना चाहिए। इंद्राणी और उनके पति पीटर आईएनएक्स मीडिया ग्रुप के पूर्व प्रमोटर हैं।
इस मामले में इंद्राणी मुखर्जी ने अपना बयान धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज कराया था। उन्होंने अपना बयान ईडी के सामने दर्ज कराते हुए कहा था कि वह और उनके पति पीटर मुखर्जी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से उनके नॉर्थ ब्लाक के ऑफिस में मिले थे।
इसके साथ ही इंद्राणी ने दावा किया था कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति चिदंबरम को व्यवसाय में मदद करने के लिए कहा था और इसके बदले में आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने का वादा किया था।

इंद्राणी मुखर्जी के इसी बयान को आधार बनाकर ईडी ने चार्जशीट दाखिल किया था और इसे सबूत के रूप में पेश किया था। गौरतलब है कि पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को सीबीआई ने बड़े ही नाटकीय अंदाज में 21 अगस्त की देर रात को उनके घर से हिरासत में लिया था। 
इसके बाद जांच एजेंसी ने पी चिदंबरम को एक विशेष अदालत में पेश किया था। जहां पर कोर्ट ने पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई हिरासत में रहने का आदेश दिया और बाद में इसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया था।
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पी.चिदंबरम और इंद्राणी मुख़र्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार और देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की परे....

गौरतलब है कि 2017 में सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें कहा गया था कि पी चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में आईएनएक्स मीडिया ग्रुप में 305 करोड़ रूपए के एफआईपीबी की मंजूरी दी थी।

इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई से कहा- 300 करोड़ टैक्स जुर्माना से बचाने को पी चिदंबरम कई बार मेरे और मेरी दो एंकर संग सोए

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पी.चिदंबरम और इंद्राणी मुख़र्जी 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार और देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. INX मीडिया मामले में चिदंबरम की संलिप्तता पर कोर्ट क्या फैसला लेती है इसका जवाब वक़्त की गर्त में छुपा है. मगर जैसा सरकार का रुख है, चिदंबरम के घर के सदस्य खासे तनाव में हैं. कहीं न कहीं उनको भी ये डर सताने लग गया है कि आज नहीं तो कल उनका भी हश्र कुछ वैसा ही होगा जैसा फिलहाल चिदंबरम का है.
INX मीडिया केस में फंसे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को लेकर डाटा साइंटिस्ट गौरव प्रधान ने ट्वीट कर पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. गौरव प्रधान के मुताबिक इंद्राणी मुखर्जी ने जांच एजेंसियों को दिए बयान में कहा था कि उन्होंने कार्ति चिदंबरम की कंपनी को 10 लाख डॉलर दिए थे. बतौर गौरव प्रधान इंद्राणी मुखर्जी ने जांच एजेंसियों को ये भी कहा था कि पी चिदंबरम उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बना चुके हैं और उन्होंने दो और महिला एंकर की मांग की थी. बतौर गौरव प्रधान शीना बोरा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पी चिदंबरम की सारी मांगों को माना क्योंकि उनके ऊपर 300 करोड़ रुपये आयकर जुर्माना लगा था.

गौरव प्रधान ने दूसरे ट्वीट में कहा कि इंद्राणी मुखर्जी ने जांच एजेंसियों को ये भी बताया है कि पत्रकार एम के वेणु ने इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी की पी चिदंबरम से मीटिंग फिक्स करवाई थी. उन्होंने कहा कि जहां तक दो महिला एंकरों की बात है जिसे कथित तौर पर पी चिदंबरम ने मांगा था वो 9 एक्स म्यूजिक चैनल से थीं. गौरतलब है कि डाटा साइंटिस्ट गौरव प्रधान इससे पहले भी कई बार विवादित खुलासे करते रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने पी चिदंबरम को लेकर ये खुलासा किया है.

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बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में जेल की सजा काट रही इंद्राणी मुखर्जी ने साल 2007 में अपने तीसरे पति पति पीटर मुखर्जी के साथ मिलकर आईएनएक्स मीडिया नाम से कंपनी की शुरूआत की थी जिसमें वो सीईओ की भूमिका में थी. इंद्राणी मुखर्जी ने साल 2009 में कंपनी से इस्तीफा दे दिया और अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी. गौरव प्रधान के मुताबिक आईएनएक्स मीडिया कंपनी में पैसों के हेरफेर के मामले में ही पूछताछ के दौरान ही इंद्राणी मुखर्जी ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को लेकर ये सब बातें जांच एजेंसियों को बताई हैं.
जानकारी के मुताबिक आईएनएक्स मीडिया ने साल 2007 में विदेशों से 305 करोड़ रुपये का फंड हासिल किया था. आरोप है कि शीना बोरा और पीटर मुखर्जी ने फंड के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड FIPB से मंजूरी पाने में कथित तौर पर गड़बड़ियां की. मामला जब सीबीआई के पास गया तो सीबीआई की पूछताछ में इंद्राणी ने पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम का नाम लिया. इसी सिलसिले में सीबीआई ने 16 फरवरी 2018 को कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी.

Image result for चिदंबरमपी चिदंबरम

चिदंबरम का विवादों से पुराना नाता है. 2004 में वित्त मंत्री बनने से पहले चिदंबरम वेदांत की लीगल टीम का हिस्सा थे. 2002 में जब यूके के वित्तीय सेवा प्राधिकरण ने स्टरलाइट को वेदांत रिसोर्स पीएलसी के रूप में पुनर्गठित करने की अनुमति दी थी. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने स्टरलाइट के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के परिवार के तीन सदस्यों को कारण बताओ नोटिस दिया. नोटिस में मांग की गई थी कि स्टरलाइट के निदेशक अपनी होल्डिंग कंपनियों वॉलकन और ट्विनस्टार के जरिये विदेशी मुद्रा लेनदेन पर करों का भुगतान करने से बच रहे हैं इसके लिए वो जवाब दें.
नोटिस में बताया गया था कि प्रथम दृष्टया सबूत हैं कि, 1993 में हुई मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अग्रवाल दोषी हैं. सात सालों तक ये केस कोर्ट में खिंचता रहा और स्टरलाइट ने हर संभव प्रयास किये कि कैसे मामले पर तारीख पर तारीख मिलती रहे.
बताया जाता है कि 2003 में पी चिदंबरम ने बॉम्बे हाईकोर्ट में स्टारलाइट के खिलाफ ईडी द्वारा लगे गए आरोपों से कंपनी का बचाव किया था. इसके बाद अगले साल यानी 2004 में चिदंबरम वेदांता रिसोर्सेज पीएलसी के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक के पद पर नियुक्त किये गए और इसी के बाद वो यूपीए 1 के कार्यकाल में भारत के वित्त मंत्री बने.

आईएनएक्स मीडिया, एयरसेल-मैक्सिस केस

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया कि 2006 में वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम द्वारा नियंत्रित एक कंपनी को एयरसेल से पांच प्रतिशत हिस्सा मिला. ध्यान रहे कि इस मामले में एयरसेल के 74 प्रतिशत शेयर हासिल करने के लिए मैक्सिस कम्युनिकेशन ने उसे 4000 करोड़ रुपए दिए थे. स्वामी के अनुसार, चिदंबरम ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के सौदे को तब तक के लिए रोक दिया जब तक कि उनके बेटे को शिवा की कंपनी में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं मिली. इस मुद्दे को कई बार संसद में उठाया गया और चिदंबरम के इस्तीफे की मांग की गई. हालांकि बाद में चिदंबरम और उनकी सरकार ने आरोपों से इनकार किया.
मामले पर द पायनियर और इंडिया टुडे ने तमाम तरह के दस्तावेज पेश किये जिसमें दर्शाया गया कि चिदंबरम ने अपने पद का दुरूपयोग किया और 7 महीने तक सौदे को रोके रखा. आरोप ये भी लगे कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम 2 जी स्पेक्ट्रम मामले के प्रत्यक्ष लाभार्थी थे. कार्ति चिदंबरम की कंपनी एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग की एयरसेल टेलीकॉम कंपनियों में पांच फीसदी हिस्सेदारी थी और पिता पी चिदंबरम ने सुनिश्चित किया कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे के लिए एफआईपीबी क्लीयरेंस तभी दिया जाएगा जब उनके बेटे कार्ति की कंपनी एयरसेल वेंचर्स में हिस्सेदारी होगी.
इसके अलावा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) एयरसेल सौदे में कार्ति की संलिप्तता की जांच कर रहा है. ज्ञात हो कि पहले 2012 और फिर 2016 में मीडिया में खबरें आई कि ऐसे तमाम मौके आए जब कार्ति ने अपने पिता के पद का  इस्तेमाल करते हुए खुद को फायदा पहुंचाया. बताया ये भी गया कि कार्ति की उनके मित्रों द्वारा आंशिक रूप से स्वामित्व वाली छोटी छोटी कम्पनियां जो मॉरीशस और सिंगापुर में हैं उसमें भी उनकी हिस्सेदारी है.
इसके अतिरिक्त कार्ति को यूके और अन्य देशों में अपनी वैध कमाई से अधिक धन के साथ अचल संपत्ति रखने का भी दोषी पाया गया है. इन तमाम बातों के अलावा चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति पर भ्रष्टाचार, पद के दुरूपयोग, इनसाइडर ट्रेडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं. ध्यान रहे कि, 20 अगस्त 2019 को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने INX मीडिया मामले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया.

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कार्ति चिदंबरम

कार्ति चिदंबरम पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और वर्तमान में तमिलनाडु के शिवगंगा से कांग्रेस सांसद हैं. बात अगर कार्ति चिदंबरम के ऊपर चल रहे मामलों की हो तो पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम पर एयरसेल मैक्सिस भ्रष्टाचार मामला और मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है. सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज एयरसेल मैक्सिस मामलों में चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति की जमानत संबंधी याचिकाएं निचली अदालत में लंबित हैं. दोनों को निचली अदालत ने गिरफ्तारी से 23 अगस्त तक अंतरिम राहत प्रदान की है.
जुलाई 2018 में सीबीआई द्वारा दाखिल चार्ज शीट में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के नाम सामने आए थे, आपको बताते चलें कि 2006 में वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए चिदंबरम ने एक विदेशी कंपनी को एफआईपीबी मंजूरी दी थी जबकि ऐसा करने का अधिकार केवल सीसीईए के पास ही होता है. सीबीआई जांच कर रही है कि आखिर किस आधार पर ये मंजूरी चिदंबरम में विदेशी कंपनी को दी.
इसके अलावा जहां एक तरफ कार्ति पर आय से अधिक संपत्ति और विदेशों में संपत्ति जमा करने के मामले हैं तो वहीं इनपर भ्रष्टाचार, पिता के पद का नाजायज फायदा उठाकर खुद को फायदा पहुंचाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं.

नलिनी चिदंबरम

चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई शारदा चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है. उन पर 1.4 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप है. इस साल फरवरी में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी. आपको बताते चलें कि इसी साल फ़रवरी में, सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम जो खुद एक वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट के जज पीएस कैलासम की बेटी हैं, के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दावा किया था कि चिट फंड घोटाले में घिरे शारदा ग्रुप की कंपनियों से उन्हें 1.4 करोड़ रूपये प्राप्त हुए.
इस मामले पर जानकारी देते हुए सीबीआई ने दलील दी थी कि नलिनी पर आरोप है कि उन्होंने शारदा समूह की कंपनियों की धनराशि के गबन और फर्जीवाड़े के मकसद से शारदा ग्रुप के मालिक सुदीप्त सेन और अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश की.
सीबीआई का आरोप था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की पत्नी मनोरंजना सिंह ने सेन का परिचय नलिनी चिदंबरम से कराया ताकि वह सेबी, आरओसी जैसी विभिन्न एजेंसियों की जांच को प्रभावित कर सकें. दिलचस्प बात ये थी कि इसके लिए उनकी कंपनियों को 2010-12 के दौरान कथित तौर पर 1.4 करोड़ रूपये  हासिल हुए.
इस साल फरवरी में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी. ज्ञात हो कि शारदा समूह ने आकर्षक ब्याज दर का झांसा देकर लोगों से 2,500 करोड़ रूपये लिए थे और बाद में लोगों को उनके पैसे नहीं लौटाए गए.
 कोलकाता हाई कोर्ट ने साल 2014 में जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था. इस मामले के मद्देनजर फ़िलहाल नलिनी सिंह बेल पर हैं.

पी चिदंबरम

चिदंबरम परिवार पर आयकर विभाग के आरोप

बीते दिनों आयकर विभाग ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके परिवार के सदस्यों - कार्ति चिदंबरम, नलिनी चिदंबरम, श्रीनिधि चिदंबरम के खिलाफ चार अभियोजन शिकायतें विदेशी संपत्ति में निवेश करने और अपने कर रिटर्न में इसका खुलासा नहीं करने के लिए दर्ज की हैं. इन शिकायतों पर जानकारी देते हुए कर अधिकारियों ने बताया कि चार्जशीट चेन्नई में एक विशेष अदालत के समक्ष ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिनियम, 2015 की धारा के तहत आई-टी विभाग द्वारा दायर की गई हैं.
नलिनी चिदंबरम, कार्ति और श्रीनिधि पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन के कैम्ब्रिज में 5.37 करोड़ रुपये की संपत्ति, ब्रिटेन में ही 80 लाख की संपत्ति और अमेरिका में 3.28 करोड़ रुपए की संपत्ति का पूरा खुलासा जांच एजेंसियों के सामने नहीं किया है.
चार्जशीट में आरोप है कि चिदंबरम परिवार ने टैक्स अथॉरिटी को इनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. साथ ही कार्ति की फर्म चेस ग्लोबल एडवाइजरी जिसने काले धन पर बने कानून का उल्लंघन किया है उसके विषय में भी कोई जानकारी जांच अधिकारियों को नहीं दी है. ज्ञात हो कि इस कानून को 2015 में मोदी सरकार द्वारा लाया गया था. इस कानून के अंतर्गत उन भारतीयों पर मुकदमा चलाने की बात थी जिन्होंने विदेशों में संपत्ति अर्जित कर रखी है.
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार सीबीआई द्वारा कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी राजनीतिक दलों से ...

विभाग ने हाल ही में कार्ति और उनके परिवार के सदस्यों को उस मामले में नोटिस जारी किया था, जिसे उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय के सामने चुनौती दी थी. आपको बताते चलें की बीते महीने ही टैक्स अथॉरिटी ने कार्ति को ब्लैक मनी एक्ट के आपराधिक धाराओं के तहत नए सिरे से समन जारी किया था और इस समन में उनकी ब्रिटेन की संपत्ति का ब्योरा था. कार्ति को चेन्नई में काले धन और 2015 के कर अधिनियम के प्रावधान के तहत मामले के जांच अधिकारी के सामने हाजिर करने के लिए कहा गया था जो विदेशों में अघोषित संपत्ति से संबंधित हैं.(एजेंसीज इनपुट्स सहित)

कार्ति चिदंबरम की पत्नी श्रीनिधि परदे के पीछे से संभालेगी कमान

Image result for कार्ति चिदंबरमकांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के परिवार से एक और सदस्य को राजनीति में उतारने का फैसला किया है। पी चिदंबरम की बहू श्रीनिधि चिदंबरम परदे के पीछे से तमिलनाडु की शिवगंगा सीट की कमान सभालेंगी। खबर है कि पी चिदबंरम के बेटे कार्ति चिदंबरम इस सीट से आगामी लोकसभा चुनाव में उतरेंगे। श्रीनिधि अपने पति का सोशल मीडिया में प्रचार का काम देखेंगी। पिछली बार भी कार्ति ने इस सीट से चुनाव लड़ा था और वो हार गए थे।

पेश से डॉक्टर हैं श्रीनिधि

Related imageपूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की बहू श्रीनिधि चिदंबरम पेशे से डॉक्टर हैं। वो भरतनाट्यम कलाकार भी हैं। वो अब तक राजनीति से दूर थी। उनके पति कार्ति चिदंबरम साल 2014 के चुनाव में 1,04,678 वोटों से हार गए थे। कांग्रेस उन्हें एक बार फिर से मैदान में उतार सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कांग्रेस के बहुत से कॉडर नेताओं का कहना है कि दो दिन पहले कराईकुडी में एक बैठक को संबोधित किया। हम में से बहुत से लोग लोग जानते थे वो कौन हैं। लोगों ने इससे पहले उन्हें नहीं देखा था। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कैसा कैंपेन करने से पार्टी का फायदा होगा। एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया गया है।जिसकी वह ऐडमिन हैं। उसी ग्रुप के जरिए कार्यकर्ताओं को रोज निर्देश दिए जाएंगे।

कार्ति ने काडर से की बात

कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि वहां मुश्किल से कोई महिला होगी। कार्ति ने इस दौरान कार्यकर्ताओं से कहां कि आजकल हर किसी के पास मोबाइल फोन है। सोशल मीडिया लोगों तक पहुंचने का मजबूत माध्यम है। हर किसी राजनीतिक पार्टी में ज्यादा पुरुष होते हैं। इसमें परिवर्तन लाना होगा और अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचने की कोशिश करनी होगी, क्योंकि वो 50 फीसदी वोटर हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अच्छा काम करने को कहा और भरोसा दिया कि अच्छा सोशल मीडिया प्रमोशन करने वाले चुनाव क्षेत्र को इनाम मिलेगा।

पी चिदंबरम का गढ़ है शिवगंगा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम का शिवगंगा गढ़ है। वो यहां से सात बार सांसद रह चुके है। उन्होंने पिछले बार भी यहां से चुनाव नहीं लड़ा था और अपने बेटे को चुनाव लड़वाया था। कांग्रेस के सीनियर नेता ने कहा कि श्रीनिधि को राजनीतिक रूप से भी प्रचारित किया जा रहा है क्योंकि कार्ति के उम्मीदवारी में दिक्कत आने पर वो बैकअप के तौर पर रहेंगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एन सुंदरम ने कहा कि श्रीनिधि पार्टी के सदस्य नहीं थी और वह कार्ति की मदद कर रही थी। उन्हें पार्टी ने सोशल मीडिया की जिम्मेदारी है और हम उनसे शिवगंगा सीट के लिए कहेंगे।

कानून से मत खेलो, विदेश जाना है तो 10 करोड़ रुपए जमा कराओ : सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम से कहा

Karti Chidambaramसुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को न्यायालय की रजिस्ट्री में 10 करोड़ रुपए जमा कराने की शर्त पर विदेश जाने की बुधवार को अनुमति प्रदान की। साथ ही न्यायालय ने उन्हें कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करने की चेतावनी देते हुए आईएनएक्स और एयरसेल मैक्सिस मामलों की जांच में सहयोग करने की हिदायत दी। 
शीर्ष अदालत ने कार्ति से आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल मैक्सिस मामलों में पूछताछ के लिए पांच, छह, सात और 12 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा, 'आपको 10 से 26 फरवरी के बीच जहां जाना हो वहां जाएं, लेकिन पूछताछ में सहयोग जरूर करें। कृपया अपने मुवक्किल से कहें कि उन्हें सहयोग करना होगा। आपने सहयोग नहीं किया है। हम बहुत कुछ कहना चाहते हैं। हम उन्हें अभी नहीं कह रहे हैं।' शीर्ष अदालत ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय से वह तारीख बताने के लिए कहा था जिस दिन वह कार्ति से पूछताछ करना चाहता है।
SC also ordered Karti Chidambaram to deposit Rs 10 crore with Court if he wanted to go abroad.“You can go wherever you want to, you can do whatever you want,but don't play around law. If there is an iota of non-cooperation,will come down heavily,” CJI Ranjan Gogoi to Karti.
पीठ ने शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार जनरल के यहां कार्ति को 10 करोड़ रुपए जमा कराने के साथ ही लिखित में यह आश्वासन देने का निर्देश दिया कि वह वापस आएंगे और जांच में सहयोग करेंगे। कार्ति ने 10 से 26 फरवरी और फिर 23 से 31 मार्च के बीच विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। 
पीठ कार्ति की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 'टोटस टेनिस लिमिटेड' कंपनी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस, स्पेन, जर्मनी और ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति मांगी थी। 'टोटस टेनिस लिमिटेड' का कार्यालय ब्रिटेन में पंजीकृत है। याचिका के इस अनुरोध का प्रवर्तन निदेशालय ने विरोध किया है। याचिका के अनुसार, कार्ति पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान प्रशासक के रूप में इससे संबद्ध हैं।
पीठ ने जनवरी 28 को कहा था कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि कार्ति जांच एजेन्सी के समक्ष पेश हों और टेनिस के लिए भी जाएं। साथ पीठ ने आगाह किया था, 'यदि बचने की कोशिश करेंगे तो उनके लिए कोई टेनिस नहीं होगा।' शीर्ष अदालत इससे पहले कार्ति की याचिका पर शीघ्र सुनवाई से इंकार कर चुकी थी। न्यायालय ने जानना चाहा था कि कार्ति कौन हैं? आप कह रहे हैं कार्ति चिदंबरम? उसे वहीं रहने दें जहां है। हमारे पास फैसला करने के लिए और महत्वपूर्ण काम हैं।
कार्ति आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं जिनकी जांच प्रवर्तन निदेशालय और केन्द्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है। इनमें से एक मामला पी चिदंबरम के वित्त मंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेश से 305 करोड़ रूपए की धनराशि प्राप्त करने के लिये विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी से जुड़ा हुआ है।