
कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर बताया कि संजय सिंह की पिटाई कर के उनका मुँह काला करने वाले उनकी ही पार्टी के दलित कार्यकर्ता ये पूछ रहे थे कि पार्टी PAC में कोई दलित क्यों नहीं है? साथ ही वो ये भी पूछ रहे थे कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में किसी दलित को क्यों नहीं भेजा? बता दें कि कपिल मिश्रा भी AAP से ही भाजपा में आए हैं। उन्होंने दिल्ली दंगों को लेकर भी कई खुलासे किए थे।
भाजपा वोट बैंक के लिए दलित को राष्ट्रपति तो बना सकती है मगर दलित को भूमि पूजन में नही बुला सकती। pic.twitter.com/KsSp62eQCK— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) August 9, 2020
AAP के दलित कार्यकर्ता ने फोन करके बताया— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) August 9, 2020
कल रात AAP के SC मोर्चा के लोगों ने संजय सिंह जी की पिटाई की और मुंह काला किया
Is it true ?
दलित गुस्से में पूछ रहे थे:
दिल्ली में दलित उपमुख्यमंत्री क्यों नहीं?
पार्टी PAC में दलित क्यों नहीं?
राज्यसभा में दलित क्यों नहीं भेजा?
— Jagga Jasoos (@changu065) August 9, 2020
पाकिस्तान की तरह भारत में भी हिंदुओं के लिए ईशनिंदा एक्ट पारित होना चाहिए— सचिन हिंदुस्थानी (@SachinSDevkar) August 9, 2020
जो भी हिंदुओं के देवी देवताओं को गाली दे उसके लिए सजा-ए-मौत हो!
सहमत हो तो RT करो
क्या "AAP" मे केजरीवाल जी ने किसी एक दलित को भी इस लायक नही समझा की वो आपराधिक प्रवृत्ति के संजय सिंह की जगह किसी दलित को सांसद बनाकर राज्यसभा भेज सके, या केजरीवाल जी दलितों से नफरत करते है ?#दलित_विरोधी_AAP #संजय_सिंह_झूठा_हैं— झांजी अक्षय⚫ (@akshayspeaks2) August 9, 2020
और आप के एक दलित कार्यकर्ता ने मुझे भी फ़ोन किया— Sri Abhi (@abhi21dec2012) August 9, 2020
और पूछा कि पूरी पार्टी और स्वयं हरीशचंद्र को सत्य का ट्यूशन देने वाले ईमानदारवाल जी ने दलित नेता संतोष कोली की मृत्यु की जाँच नहीं करवाई
टिकट ब्लैकिया और शाहीन बाग का समर्थक दोनों पार्टी और दिल्ली के मालिक पर क़ब्ज़ा किए हैं !
और सबसे बड़ी बात कि दलित संतोष कोली जोकि एक कर्मठ कार्यकर्ता थी मरणोपरांत उसकी और उसकी मां की इज्जत का जो जलूस निकाला..— पुनीश लूथरा (@puneesh_luthra) August 9, 2020
क्या दलित होने का पुरस्कार दिया है उस परिवार को @ArvindKejriwal ने...
वाह @SanjayAzadSln ...
न तो तुम दलितों के प्रिय हो,
न ही देश के..
और
न धर्म के..
@SanjayAzadSln मुझे भी आप के कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि जो संजय सिंह जिसको मेरा मानना है कि दिल्ली के दंगो में ताहिर जैसा ही आरोपी है , मनीष ससौदिया ओर अमनतुल्ला के साथ ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान से रहा है , इस लिए उसकी कुटाई ओर काला मुंह किया गया है क्या सही सूचना है??— Rakesh Sharma (@Rakesh5Dec) August 9, 2020
लो पढ़लों 😂🤣 pic.twitter.com/veEZ9FRQZF— Rajeev Kumar Sharma (@RajeevKrSharma8) August 9, 2020
Is aapiye ka bhi muh kala kerna jaruri hai pic.twitter.com/V8aVWk7L9M— Tanmay Anand (@TanmayA28963625) August 9, 2020
हाल ही में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया था। उन्होंने भाजपा को दलित विरोधी पार्टी ठहराने के लिए ट्विटर पर झूठ फैलाया। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘संजय सिंह झूठा है’ ट्रेंड करने लगा। AAP नेता ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि कार्यक्रम में बुधवार (अगस्त 5, 2020) को नहीं बुलाया गया, क्योंकि वो दलित हैं।
मौर्या ने उसी दिन ट्विटर पर फोटो डाल कर बताया था कि वो श्री राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया था, “श्री राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के भव्य पंडाल में ऐतिहासिक दिन का साक्षी बन रहा हूॅं। परम सौभाग्य एवं अद्भुत और अलौकिक आनंद की अनुभूति कर रहा हूॅं।”
मौर्या ने 5 अगस्त को ही यह ट्वीट किया था। बावजूद 7 अगस्त को संजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें एक दलित नेता ने बताया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में इसीलिए नहीं बुलाया गया क्योंकि वो दलित हैं और केशव प्रसाद मौर्या को भी इसीलिए नहीं बुलाया गया। उन्होंने पूछा कि भाजपा ऐसा क्यों करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दलितों को मंदिर के बाहर रखना चाहती है।
झूठ फ़ैलाने में माहिर आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया है। उन्होंने भाजपा को दलित विरोधी पार्टी ठहराने के लिए ट्विटर पर झूठ फैलाया। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘संजय सिंह झूठा है’ ट्रेंड करने लगा। आप नेता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि कार्यक्रम में बुधवार (अगस्त 5, 2020) को नहीं बुलाया गया, क्योंकि वो दलित हैं।
दरअसल, ये झूठ है। मौर्या ने उसी दिन ट्विटर पर फोटो डाल कर बताया था कि वो श्री राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया था, “श्री राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के भव्य पंडाल में ऐतिहासिक दिन का साक्षी बन रहा हूॅं। परम सौभाग्य एवं अद्भुत और अलौकिक आनंद की अनुभूति कर रहा हूॅं।”
Aam Aadmi Party senior leader @SanjayAzadSln caught with his pants down!— Priti Gandhi - प्रीति गांधी (@MrsGandhi) August 8, 2020
Sadly, his tweet got more than 5000 RT's and his fake narrative has gone viral.
This is how these leeches continue to remain in power - by spreading hatred. @ArvindKejriwal must be held accountable! pic.twitter.com/4KMLqZ5ceJ
दलित राष्ट्रपति भाजपा से आते है— Rai Bahubali (@Bhumiharrai36) August 8, 2020
OBC प्रधानमंत्री मोदी जी भाजपा से आते
आदिवासी समुदाय से आने वाले GC Murmu को CAG बनाया गया है
राम मंदिर का पहला प्रसाद दलित के घर भेजा भाजपा ने
फिर भी लोग बोलेंगे भाजपा दलित विरोधी है , पिछड़ा विरोधी है आदिवासी विरोधी है 😡
#संजय_सिंह_झूठा_है
यह लोग सिर्फ देश का माहौल खराब करना चाहते हैं।जातिवादी उन्माद फैलवाकर।— Ashwani Kumar Modi (@Real_Ashwani) August 8, 2020
एक और झूठ बोला है उसने. मौर्या जी को दलित बताया जब कि मौर्या लोग दलित नहीं होते हैं.— RADHE S. SINGH (@radshy64) August 8, 2020
एक गैंग है जो शातिरयाना ढंग से पूरे देश में यही अफवाह फैलाने में लगा है ताकि हिन्दुओं के बीच भेदभाव पैदा की जा सके ! @kpmaurya1 जी को चाहिए वे @SanjayAzadSln के विरुद्ध कानूनी संज्ञान लेते हुए उन्हें अदालत में घसीटें !— Rajesh Patel (@RajeshJanak) August 8, 2020
Kajri kaunsa sachha hai, wo to CM banne k liye baccho k jhuti kasam kha leta hai— Power Bank (@powerbank2019) August 8, 2020
आपभी क्या सिनेमा की टिकट ब्लेक करनेवालेको वजूद देते हो?— Pradip Doshi (@PradipDoshi4) August 8, 2020
मौर्या ने 5 अगस्त को ही यह ट्वीट किया था। बावजूद 7 अगस्त को संजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें एक दलित नेता ने बताया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में इसीलिए नहीं बुलाया गया क्योंकि वो दलित हैं और केशव प्रसाद मौर्या को भी इसीलिए नहीं बुलाया गया। उन्होंने पूछा कि भाजपा ऐसा क्यों करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दलितों को मंदिर के बाहर रखना चाहती है।
उन्होंने ये भी ग़लत बोला कि केशव प्रसाद मौर्या दलित हैं। वो ओबीसी समुदाय से आते हैं। उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते ही भाजपा को उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत से जीत मिली थी, जिसके बाद उन्हें उप-मुख्यमंत्री बनाया गया। अपने गरीबी के दिनों में चाय और अखबार बेच र गुजर-बसर चलाने वाले केशव प्रसाद मौर्या ने RSS से जुड़ने के बाद राम मंदिर और अयोध्या आंदोलन में हिस्सा लिया था।
यजमान के रूप में भूमिपूजन में हिस्सा ले रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ओबीसी समुदाय से ही आते हैं। बावजूद इसके संजय सिंह ने केशव मौर्या को दलित बताया और साथ ही उन्हें भूमिपूजन में न बुलाए जाने की बात कही।
इससे पहले शाहीन बाग में हुई फायरिंग की घटना के तुरंत बाद आप नेता संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा था कि यह सब बीजेपी की चाल है। बाद में तस्वीरों में कपिल गुर्जर को आप नेता आतिशी और संजय सिंह के साथ देखा गया था। वहीं तस्वीरों में आप नेता आतिशी, संजय सिंह और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को फायरिंग करने वाले कपिल गुर्जर और उनके पिता का स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे थे।
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