सुशांत सिंह राजपूत मामले में फेक न्यूज़ चलाने के लिए ‘न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBSA)’ ने ‘आज तक’ न्यूज़ चैनल को निर्देश दिया है कि वो मंगलवार (अक्टूबर 27, 2020) को रात 8 बजे माफ़ी माँगे, और साथ ही 1 लाख रुपए का जुर्माना भी भरे। दरअसल, ‘आज तक’ ने सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम ट्वीट्स बता कर फेक सामग्रियाँ दिखाई थीं। जून 20, 2020 को नीलेश नवलखा द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए NBSA ने ये निर्णय लिया।
‘आज तक’ चैनल को निर्देश दिया गया है कि वो टेक्स्ट के माध्यम से माफीनामे का प्रसारण करे। ‘आज तक’ को NBSA ने कहा है कि माफीनामे का ये टेक्स्ट बड़े फॉन्ट्स में होने चाहिए और साथ ही बैकग्राउंड में वॉयस ओवर के द्वारा धीरे-धीरे इस माफीनामे को पढ़ा जाना चाहिए। इसके अलावा उसे 1 लाख रुपए का जुर्माना भी भरना पड़ेगा। चैनल को माफ़ी माँगते हुए लाइव प्रसारण के दौरान निम्नलिखित टेक्स्ट को दिखाना और पढ़ना पड़ेगा:
“सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से सम्बंधित घटनाओं पर रिपोर्टिंग के दौरान ‘आज तक’ चैनल ने कुछ ट्वीट्स दिखाए थे और उन ट्वीट्स को गलत तरीके से सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स करार दिया था। हमने उन्हें वास्तविक ट्वीट्स बताया था। ऐसा कर के हमने एक्यूरेसी से सम्बंधित ‘स्पेसिफिक गाइडलाइन्स कवरिंग रिपोर्टेज’ के अनुच्छेद-1 का उल्लंघन किया है। इस अनुच्छेद में कहा गया है कि सूचनाओं की एक से ज्यादा सोर्सेज से पुष्टि की जानी चाहिए। अगर समाचार एजेंसियों से कोई सूचना मिल रही है तो इसका जिक्र किया जाना चाहिए और संभव हो तो उसकी पुष्टि भी की जानी चाहिए। आरोपों को एक्यूरेसी के साथ पेश किया जाना चाहिए और फैक्ट्स में हुई गलतियों को जल्द से जल्द सुधारा जाना चाहिए।”
इसके अलावा ‘इंडिया टीवी’, ‘ज़ी न्यूज़’ और ‘न्यूज़ 24’ को भी सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिपोर्टिंग करते समय पत्रकारिता के सिद्धांतों का उल्लंघन के लिए माफ़ी माँगने को कहा गया है। नीलेश की तरफ से अधिवक्ता द्वय राजेश इनामदार और शाश्वत आनंद ने प्रतिनिधित्व किया। जहाँ ‘ज़ी न्यूज़’ और ‘इंडिया टीवी’ अक्टूबर 27 को माफ़ी माँगेंगे, वहीं ‘न्यूज़ 24’ अक्टूबर 29 को अपना माफीनामा पेश करेगा।
‘ज़ी न्यूज़’ ने ‘सुशांत की मौत पर 7 सवाल’ और ‘पटना का सुशांत मुंबई में फेल क्यों?’ जैसे टाइटल और टैगलाइन चलाए थे, जिसके बारे में NBSA ने कहा है कि किसी भी खबर को लोगों में डर या घबराहट का माहौल पैदा करने के लिए सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं ‘इंडिया टीवी’ ने उस नियम का उल्लंघन किया है, जिसमें क्षत-विक्षत शव या फिर किसी अन्य शव का काफी करीब से लिए गए फोटो या वीडियो नहीं दिखाए जाने चाहिए और मृत्यु के मामलों में सम्मान के साथ रिपोर्टिंग होनी चाहिए।
वहीं ‘न्यूज़ 24’ ने ‘सुशांत, आपने अपनी ही फिल्म क्यों नहीं देखी?’ और ‘जिस चीज के लिए आपने फिल्म में आवाज़ उठाई, उसे अपनी वास्तविक ज़िंदगी में भूल गए’ जैसे टैगलाइन के साथ खबरें चलाई थीं। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘छिछोरे’ में आत्महत्या की समस्या को उठाया गया था। NBSA ने उस नियम का हवाला दिया है, जिसके अनुसार, क्राइम की खबरें दिखाने के लिए उसके साथ ग्लैमर नहीं मिलाया जा सकता।
BREAKING : News Broadcasting Standards Authority (NBSA) directs AajTak @aajtak ,Zee News @ZeeNews, India TV @indiatvnews & News 24 @News24 to air apologies for violating journalistic norms while reporting death of #SushantSinghRajput.
— Live Law (@LiveLawIndia) October 23, 2020
Details of orders in the thread below : https://t.co/ehIQPk0xyK
We need a real regulatory authority for these channels not this industry body NBSA. And simply airing an apology is not enough. They need to be penalised in crores. Also why aren't Republic TV, Times Now and News18 mentioned? Meaningless slap on the wrist.
— Mystic_Soul (@Mystic_Soul25) October 24, 2020
सर लोग ट्वीटर में नही होते ये लोग न्यूज़ में दिखा चुके है अगर रियल में क्षमा मंगवानी है तो न्यूज़ में ही वीडियो बनाकर स्पेशल न्यूज़ बनाकर मांगे ऐसे ट्वीट में क्षमा मांगने से क्या होगा किसी को पता भी नही चलेगा क्योंकि इनकी न्यूज़ करोड़ो लोगो ने देख करके सही मान ली है
— Girjesh kumar (@Girjesh93640846) October 24, 2020
ये देखो @aajtak को भी पड़ा हंटर।
— SANGAM SHUKLA (@Sangam_Shukla) October 24, 2020
बड़ी विश्वसनीयता दिखाते हैं।
30% फेक न्यूज चलाते है ये लोग।
और अगर सरकार पर कोई प्रश्न चिन्ह लग जाए तो इस चैनल के संपादक ही मैदान में आ जाते है प्रवक्ता बन कर।
दूसरों को ज्ञान बाटेंगे ।#FakeAajTak
आजतक वालो का समय खराब चल रहा है pic.twitter.com/KuGSdGPCu6
— கால் பைரவ் (@BHARATIYASEEKER) October 23, 2020
वहीं ‘एबीपी न्यूज़’ को भी इसकी कवरेज से सम्बंधित कुछ वीडियो हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ‘न्यूज़ नेशन’ व अन्य खबरिया चैनलों को भी निर्देश दिया गया है कि जिन वीडियोज में उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के मृत शरीर की तस्वीर दिखाई है, उन्हें हटाया जाना चाहिए। इन सभी चैनलों को माफ़ी माँगने और वीडियोज हटाने के बाद इसके सबूत NBSA को भेजने होंगे। NBSA ने BARC द्वारा 12 सप्ताह के लिए टीवी रेटिंग्स पर रोक लगाए जाने का भी स्वागत किया था।
#SSRCase : NBSA directs "Aaj Tak" channel @aajtak to air an apology on October 27 at 8 PM and to pay a fine of Rs One Lakh for attributing fake tweets to late actor #SushantSinghRajput and reporting them as his last tweets. pic.twitter.com/LvsKBrbSeD
— Live Law (@LiveLawIndia) October 23, 2020
Zee News @ZeeNews asked to air public apology on October 27 for sensationalising the death of #SushantSinghRajput pic.twitter.com/9G8nx2Iq9Q
— Live Law (@LiveLawIndia) October 23, 2020
आजतक ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित आखिरी ‘ट्वीट्स’ पर उनकी मौत के दो दिन बाद 16 जून को ख़बर प्रकाशित की थी। ‘आज तक’ ने यह लेख अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी साझा किया था। आजतक ने जो लिंक साझा किया था उसके भीतर इस बात का दावा किया गया था कि सुशांत ने कथित तौर पर आत्महत्या के संकेत दिए थे। बाद में बिना किसी प्रकार का स्पष्टीकरण दिए यह ख़बर (ट्वीट) हटा ली गई थी।
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