आतंकी संगठन SFJ का ऐलान : 1 फरवरी को संसद पर कब्जा, ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने वाले को 2.5 करोड़ रुपए

                       खालिस्तानी संगठन SFJ ने आगामी 1 फरवरी को संसद पर कब्ज़ा करने की धमकी दी है
गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद अब प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) ने आगामी 1 फरवरी को संसद पर कब्ज़ा और घेराव की धमकी दी है। इतना ही नहीं, खालिस्तानी संगठन SFJ ने लाल किले पर झंडा फहराने वाले व्यक्ति को $350,000 इनाम देने का भी एलान किया है। SFJ ने कनाडा से सात मिनट का एक वीडियो जारी करते हुए लाल किले पर ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने की बात भी स्वीकार की है।

1 फरवरी को संसद में बजट भी पेश किया जाना है। इस दौरान सभी लोगों की निगाहें समाचार चैनल्स पर रहेंगी। ऐसे में इसी दिन को संसद घेराव के लिए चुना गया है।

राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘किसान’ दंगाइयों ने ऐतिहासिक लाल किले पर सिखों के धार्मिक झंडे निशान साहब को फहरा दिया और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान भी किया। पूरे दिन ये तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया और समाचार चैनल्स पर छाई रहीं।

यही नहीं, दंगाइयों ने राम मंदिर और केदारनाथ मंदिर को निशाना बनाते हुए राम मंदिर की झाँकी के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया। दंगाइयों ने अयोध्या श्रीराम मंदिर की झाँकी के लिए बनाए गए राम मंदिर के गुम्बद को निशाना बनाकर उसे तोड़ दिया। ये दोनों झाँकी कल गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई गई थीं।

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में हुई हिंसा में एक्शन लेते हुए दिल्ली पुलिस ने करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। इन पर हिंसा करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप लगा है।

मंगलवार को हुए इन ‘किसान दंगों’ में अब तक कुल 22 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने कहा कि वे सत्यापन करने के बाद गिरफ्तारी कर रहे हैं। दंगों में 230 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले और किसान विरोध स्थलों पर कई स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मंगलवार के दिन ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित मार्ग से दूर, सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सीमाओं पर बैरिकेड्स को तोड़ दिया और पुलिस के साथ भिड़ गए। उन्होंने कई जगहों से दिल्ली में प्रवेश किया और गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर धावा बोल दिया।

1 comment:

Himkar Prasad singh said...

Ye hindustan ke sath 26.1.2021 ko ki gyi hegitation se apne ko gourwanvit na samjhen .sikh dharm ko hindutwa se alag karne ki sabhi karya kabhi safal nahi hoga tooche khalistanin.