चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के साथ ही 5 राज्यों में आचार संहिता लागू हो चुकी है और खास बात ये है कि भाजपा इस बार पाँचों राज्यों में शीर्ष 2 की लड़ाई में है। ये वो राज्य हैं, जहाँ 2014 से पहले पार्टी के लिए खाता खोलना भी मुश्किल होता था। इसी बीच एबीपी न्यूज और सी-वोटर ओपिनियन पोल ने सर्वे किया है, जिसके आधार पर दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनती दिख रही है।
इस ओपिनियन पोल के हिसाब से कुल 294 सीटों में वोट प्रतिशत की बात करें TMC को 43% वोट, बीजेपी को 38% वोट मिल सकता है। वहीं कांग्रेस-वामपंथी गठबंधन को 13% वोट मिल सकता है। दूसरे अर्थों में कहा जाए कि इतने वर्ष राज करने वाली कांग्रेस और वामपंथी धरातल में जा रहे हैं। अन्य के खाते में 6% वोट जाने की संभावना जताई गई है।
#ABPOpinionPoll | UPA Alliance Predicted To Shine In #TamilNadu; Voters Mood Not In Favour Of #BJP, MNM#tamilnaduassemblyelection2021https://t.co/4porBuQOxm
— ABP News (@ABPNews) February 27, 2021
If your prediction proven wrong on May 2, will you publicly apologize and accept you took money to publish this poll?
— Chanakya (@chanakyadgreat) February 27, 2021
and take moral responsibility n sack the entire team for misleading public against democracy? #Wasted
According to ABP Opinion Poll, BJP will return to power in Assam. pic.twitter.com/LiJLSEdIrn
— Shantanu Nandan Sharma (@shantanunandan2) February 27, 2021
Appears realistic. But still one more month to go. I'm told equations could change in some constituencies.
— Rajeev Bhattacharyya (@rajkbhat) February 27, 2021
ममता बनर्जी की पार्टी TMC को 148-164 सीटें आने की संभावना जताई गई है। भाजपा यूँ तो तो 200 का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है, लेकिन उसे 92-100 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।
इस सर्वे के हिसाब से कांग्रेस और वामपंथियों का गठबंधन लड़ाई में भी नहीं है और उसे 31-39 सीटें ही मिलने की संभावना है। बताते चलें कि 34 साल तक सत्ता में रहे वामदलों के गठबंधन को हराकर TMC ने 2011 में 294 सीटों में से 194 सीटें हासिल की थी।
2016 के विधानसभा चुनाव में TMC और मजबूत हुई और कुल 211 सीटों पर उसका कब्ज़ा हुआ। बंगाल में किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों के जादुई आँकड़े की जरूरत होती है।
सर्वे की मानें तो केरल में CPI(M) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खाते में इस बार 83-91 सीटें जाने की संभावना है और कांग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को मात्र 47 से 55 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। इस तरह से पिनाराई विजयन दोबारा मुख्यमंत्री बन सकते हैं। LDF को 40% और UDF को 33% वोट्स मिलने की संभावना जताई गई है।
असम में भाजपा के लिए अच्छी खबर है और सत्ता में उसकी लगातार दूसरी बार वापसी होती दिख रही है। भाजपा गठबंधन का वोट प्रतिशत 42% होने का अनुमान लगाया गया है और उसे 126 सदस्यीय विधानसभा में 68-76 सीटें मिलते दिखाया गया है। हालाँकि, कांग्रेस यहाँ 31% वोट्स पाकर 43-51 सीटें झटक सकती है। 30 सीटों वाली पुडुचेरी में भी भाजपा 36% वोट शेयर और 17-21 सीटें जीत कर सरकार बना सकती है।
बात दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की करें तो वहाँ DMK गठबंधन को आगे बताया गया है। इस सर्वे की मानें तो AIADMK और भाजपा के गठबंधन को जहाँ महज 29% वोट ही मिलेंगे, वहीं स्टालिन की अगुआई वाली कांग्रेस और DMK गठबंधन को 41% वोट मिलेंगे। सीटों की बात करें तो 154-162 सीटें पाकर स्टालिन मुख्यमंत्री बन सकते हैं, वहीं मौजूद सत्ताधारी गठबंधन को 58-66 सीटों से संतोष करना पड़ेगा।
उधर सीएम ममता ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। बीजेपी के कहने पर ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा, किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा, ”क्या केंद्र के निर्देश पर तारीखों का ऐलान किया गया है? जिलों को 2 भागों में क्यों बाँटा गया है? हमारा अनुरोध है कि पैसे की बर्बादी बंद की जाए। हम जमीनी नेता हैं और स्थानीयों की परेशानी से वाकिफ हैं।”
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