आप नेता बॉम्बे हाई कोर्ट की वकील निकिता जैकब भी भारत के खिलाफ साजिश में फँसी

                                                              निकिता जैकब / ग्रेटा
दिल्ली पुलिस ने भारत विरोधी अभियानों की साजिश रचने के लिए उच्च न्यायालय की वकील निकिता जैकब के खिलाफ 4 फरवरी को शिकायत दर्ज की है। दरअसल, लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) ने दिल्ली पुलिस के पास शिकायत दर्ज करते हुए राजद्रोह के आरोपों के तहत एफआईआर की माँग की है।

एलआरओ ने एक ट्वीट करते हुए बताया, “भारतीय संसद से पारित कृषि कानून के खिलाफ अभियान चलाने के लिए विदेशी हस्तियों द्वारा अभियान को व्यवस्थित करने के लिए @DelhiPolice के पास @AamAadmiParty की नेता मुंबई HC की वकील निकिता जैकब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। उनके खिलाफ राजद्रोह के तहत एफआईआर माँग की गई है।”

अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार रिहाना और पोर्न स्टार मिया खलीफा के नक्शेकदम पर चलते हुए पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने भारत में चल रहे किसान विरोध के समर्थन में ट्वीट किया था। जिसके बाद उसने एक ‘टूलकिट‘ को लेकर भी ट्वीट किया, जिसमें उसने बताया कि किसान समर्थन में रुचि रखने वाले लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।” हालाँकि, यह टूलकिट सिर्फ एक रिसोर्स फ़ाइल नहीं थी, बल्कि यह एक खतरनाक दस्तावेज था, जिसमें देखा गया कि कैसे एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत विरोधी ताकतें भारत के लोकतंत्र में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर सबके सामने इस धमाकेदार ट्वीट के खुलासे के तुरंत बाद ग्रेटा ने दस्तावेज़ को डिलीट कर दिया और इससे जुड़े सभी दस्तावेजों को या तो प्राइवेट बना दिया गया या उसे ट्रांसफर या पूरी तरह खत्म कर दिया गया। लेकिन जब तक वह ऐसा करती उससे पहले सोशल मीडिया यूज़र्स बहुत सारी सामग्री डाउनलोड, सॉर्ट और उसे काफी लोगों तक वायरल कर चुके थे।

कैसे हुआ निकिता जैकब का पर्दाफाश

दस्तावेजों की जाँच करते समय यह पता चला कि निकिता जैकब कथित रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने से पहले दस्तावेजों की एडिटिंग कर रही थी। यहाँ हम आपको गूगल दस्तावेज़ों की एडिट हिस्ट्री के कुछ स्क्रीनशॉट दिखा रहे हैं, जिनका उपयोग सोशल मीडिया पर भारत विरोधी आंदोलन को व्यवस्थित रूप से करने के लिए किया जा रहा था।
बेनकाब होने के बाद जैकब ने अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया

कौन है निकिता जैकब

ट्विटर पर डिलीट किए गए प्रोफाइल के अनुसार बॉम्बे हाई कोर्ट की वकील निकिता जैकब पर्यावरणविद और कथिततौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़ी हुई हैं। ट्विटर यूजर विजय पटेल के अनुसार, वह “सॉलिडैरिटी विद इंडियन फार्मर्स” नाम के दस्तावेज़ की ओनर थी, जिसे 30 जनवरी, 2020 को क्रिएट किया गया था। वह न्यूज़ इन्फ़्यूज़ नाम से इंस्टाग्राम पर एक प्रोपेगैंडा अकाउंट भी चलाती है।
वहीं इंस्टाग्राम पर भी उसने अब अपने एकाउंट और न्यूज़ इन्फ्यूज़ अकाउंट को प्राइवेट कर दिया है।
इसके अलावा डॉक्यूमेंट में एक और यूजर मरीना पत्तरसन का भी नाम शामिल था, जिसे बार-बार एडिट करते हुए देखा गया था। उसने भी अपना ट्विटर एकाउंट डिलीट कर दिया है।

No comments: