विवेक अग्निहोत्री निर्देशित ‘The Kashmir Files’ के प्रदर्शन से आखिर मुस्लिमों को क्यों परेशानी हो रही है? जब कश्मीर में हिन्दू कश्मीरियों पर अत्याचार होने के साथ-साथ मस्जिदों का दुरूपयोग हो रहा था, तब ये लोग क्यों चुप थे? आज सच्चाई सामने आने से क्यों डर लग रहा है? तब किसी को सेकुलरिज्म क्यों नहीं याद आया? कौन-कौन इस षड़यंत्र में शामिल थे? इन फाइलों का खुलना बहुत जरुरी है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने की माँग वाली इंतेज़ार हुसैन सैयद द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ में कश्मीरी पंडितों पर किए गए अत्याचारों को दिखाया गया है। यह फिल्म 11 मार्च, 2022 को अपने शेड्यूल के अनुसार रिलीज होने के लिए तैयार है।
लॉ बीट की रिपोर्ट के अनुसार, जनहित याचिका को खारिज करते हुए, मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक की पीठ ने याचिकाकर्ता से केंद्र सरकार से संपर्क करने और उपाय तलाशने को कहा।
An appeal to Central Government :
— Yash Binani 🇮🇳 (@binaniyash94) March 8, 2022
The Kashmir Files movie should be Tax Free all over India .
Bharat Mata Ki Jai 🇮🇳@vivekagnihotri @KashmirFiles#TheKashmirFiles #KashmiriPandits https://t.co/eRM3ldMaHH pic.twitter.com/ZvIn2LLKm8
Kapil Sharma turns down Vivek Agnihotri's request for the promotion of #Kashmir_Files. #Vivek_Agnihotri ji has said that the excuse has been given that there is no big starcast in this, does Anupam Kher want a bigger starcast than Mithun Chakraborty.😒https://t.co/9OByGYHGAa pic.twitter.com/H4JqlEVEUC
— Poonam Rajput (@PoonsTh01) March 8, 2022
मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने याचिकाकर्ता से आगे पूछा कि क्या उन्होंने यह जानने के लिए एक आरटीआई दायर की थी कि क्या सीबीएफसी ने प्रमाण पत्र जारी किया है। इस पर याचिकाकर्ता ने जवाब दिया, “आरटीआई में कम से कम एक महीना लगता है।” अदालत ने टिप्पणी की कि इस सिर्फ इस आधार पर फिल्म पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
[BREAKING] “Why should we entertain this petition?”: Bombay HC dismisses plea seeking stay on release of The Kashmir File @vivekagnihotri @AishwaryaIyer24 reportshttps://t.co/kx93zuMVro
— LawBeat (@LawBeatInd) March 8, 2022
When your community didn't feel any shame while committing the brutality, then it's our rights to tell about the brutality and broke the myth of muslim are in danger
— Ronnit (@S24922779Ronnit) March 8, 2022
इस मामले में उच्च-न्यायालय में ‘जनहित याचिका (PIL)’ दायर की गई थी, जिस पर आज मंगलवार (8 मार्च, 2022) को शाम 4 बजे हुई सुनवाई में ख़ारिज कर दिया गया। बता दे कि मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता के समक्ष इस याचिका को अर्जेन्ट लिस्टिंग के लिए उठाया गया, जिस पर वो सुनवाई के लिए राजी हो गए थे।
इस PIL को उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंतज़ार हुसैन सैयद ने दायर किया था। ‘द कश्मीर फाइल्स’ शुक्रवार (11 मार्च, 2022) को रिलीज होने वाली है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म के ट्रेलर में मुस्लिमों को कश्मीरी पंडितों का नरसंहार करते हुए दिखाया गया है, जो मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। इंतजार हुसैन सैयद का दावा है कि पूरी फिल्म इस घटनाक्रम के एक ही पक्ष को दिखाती है, जो हिन्दू समाज को आक्रोशित कर के भड़का सकती है।
🚨 SHORTLY: PIL seeking stay on release of #TheKashmirFiles by Uttar Pradesh inhabitant Intezar Hussain Sayed, stating that the movie is a “propaganda” piece, portraying a one sided point of view of the ‘incident’ & hurts Muslim community’s sentiments @vivekagnihotri pic.twitter.com/7XNnUeyU2s
— LawBeat (@LawBeatInd) March 8, 2022
[BREAKING] “Why should we entertain this petition?”: Bombay HC dismisses plea seeking stay on release of The Kashmir File @vivekagnihotri @AishwaryaIyer24 reportshttps://t.co/kx93zuMVro
— LawBeat (@LawBeatInd) March 8, 2022
इस याचिका में फिल्म की रिलीज रोकने के साथ-साथ इसके ट्रेलर को भी YouTube से हटाने की माँग की गई थी। दावा है कि हिन्दुओं के भड़कने के बाद पूरे देश में भारी हिंसा हो सकती है, जिससे जानमाल की बड़ी क्षति होगी। याचिका में ये भी दावा किया गया है कि 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल इस फिल्म का इस्तेमाल सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं। याचिकाकर्ता ने इस फिल्म के ट्रेलर को तुरंत सभी सोशल मीडिया साइट्स से हटाए जाने की माँग की।
अवलोकन करें:-
‘द कश्मीर फाइल्स’ में जहाँ एक तरफ अनुपम खेर, पुनीत इस्सर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे वरिष्ठ अभिनेता हैं, वहीं दर्शन कुमार भी इसका अहम हिस्सा हैं पल्लवी जोशी ने भी फिल्म में एक अहम किरदार निभाया है। इसे 90 के दशक में कश्मीर में हिन्दुओं के नरसंहार के ऊपर बनाया गया है। विवेक अग्निहोत्री को ‘चॉकलेट (2005)’, ‘धन धना धन गोल (2007)’, ‘हेट स्टोरी (2012)’, ‘ज़िद (2014)’, ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम (2016)’, ‘जुनूनीयत (2016)’ और ‘द ताशकंद फाइल्स (2019)’ के लिए जाना जाता है।