साभार : जनसत्ता
पंजाब सहित कई राज्यों में कांग्रेस आंतरिक लड़ाई से जूझ रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री पद से अमरिंदर सिंह की छुट्टी करने के फैसले को लेकर कई वरिष्ठ नेता अपनी नाराजगी जता चुके है। कपिल सिब्बल जैसे पार्टी नेता तो यहॉं तक कह चुके हैं कि पार्टी में फैसले कौन ले रहा इसकी किसी को खबर नहीं। इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित एक इंटरव्यू में पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा है कि कांग्रेस का जो हाल है उसमें वह लुप्त हो जाएगी। उनका यह भी दावा है कि अगले साल जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं उनमें कहीं भी पार्टी को सफलता नहीं मिलेगी। इस हालात के लिए उन्होंने पार्टी के शीर्ष परिवार को जिम्मेदार बताया है।
कांग्रेस और पार्टी में परिवारभक्तों को कोई प्रभावी अध्यक्ष ही दिखाई नहीं दे रहा, जबकि इस परिवार के कहीं अधिक नेता पार्टी में पहले भी थे और आज भी हैं, लेकिन परिवारभक्त हैं, किसी की सुनने को ही तैयार नहीं, पार्टी डूबती हो डूब जाए, इनको परिवार भक्ति से फुर्सत नहीं। जब पार्टी में राहुल को अध्यक्ष बनाने की चर्चा चल ही रही थी, योगी आदित्यनाथ ने ऐसे ही नहीं कहा था कि जितनी जल्दी हो अध्यक्ष बनाइए। अंजाम सबके सामने है। और रही प्रियंका की बात उसका भी हाल देख रहे हैं, यानि परिवार ही कांग्रेस को ख़त्म करने में लगी है।
उन्होंने कहा कि इन तीनों लोगों को कैप्टन के सामने अपनी गलती मान लेनी चाहिए थी लेकिन वह ऐसा करेंगे नहीं, क्योंकि वह तीनों खुद को तीस मार खां समझते हैं। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि कांग्रेस में फिलहाल कुछ भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई पद नहीं है, लेकिन पार्टी से जुड़े सभी मामलों में वह फैसले लेते हैं। कांग्रेस के पूर्व नेता ने कहा कि अब न तो CWC की मीटिंग होती है और न ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नटवर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने का फैसला लिया, जबकि सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला प्रियंका गांधी का था। यह पहला मौका है, जब किसी सीनियर नेता द्वारा गांधी परिवार का नाम लेकर निशाना साधा गया हो। इससे पहले कपिल सिब्बल ने भी ऐसे ही तेवर दिखाते हुए पार्टी में बड़े बदलावों वकालत थी और एक एक नियमित अध्यक्ष चुने जाने की मांग की थी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के करीबी रहे नटवर सिंह ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में पंजाब में हुए बदलाव को लेकर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि पंजाब में जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देश को इस समय एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है, लेकिन कांग्रेस कुछ नहीं कर रही है। राहुल गाँधी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिनके पास पार्टी में कोई पद नहीं है, वो फैसला लेते हैं। इससे पार्टी में असंतोष फैलता है और जनता में गलत संदेश जा रहा है।
वहीं प्रियंका गाँधी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि उनका पंजाब की राजनीति में हस्तक्षेप करना सही नहीं था। वो यूपी की प्रभारी हैं तो पंजाब में दखलअंदाजी करना सही नहीं था। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के इतिहास को जाने बिना उन्हें पंजाब का अध्यक्ष बना दिया। हालाँकि अमरिंदर सिंह ने इसके लिए हाइकमान को मना किया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कांग्रेस हाइकमान को ही पार्टी के सत्यानाश का कारण बताया।
भाजपा के कांग्रेस मुक्त नारे को लेकर पूछे जाने उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही स्थिति आगे भी बनी रही तो कांग्रेस का लुप्त होना लाजिमी है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि अभी भी चुनाव में कांग्रेस को 20 फीसदी वोट ही मिलता है। वहीं 5 राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि अगर पार्टी जीत जाती है तो अच्छी बात है, लेकिन इसकी उम्मीद नहीं है। उनका मानना है कि पार्टी को पाँचों राज्यों में हार का मुँह देखना पड़ेगा।
No comments:
Post a Comment