शांतिप्रिय समुदाय के हिंसक प्रदर्शन के बाद अब नूपुर शर्मा के पक्ष में बन रहा माहौल

पैगंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद ‘शांतिप्रिय समुदाय’ के लोगों के जिस तरीके से पूरे देश में अशान्ति फैलाई है, उसने दूसरे समुदाय के लोगों को सोचने के लिए विवश कर दिया है। नूपुर शर्मा ने वहीं कहा था जो मुस्लिम धर्मगुरू जाकिर नाइक इस शांतिप्रिय समुदाय के सामने कह चुका है और यह किताबों में भी लिखा है। इसको लेकर आम लोगों में यह संदेश जा रहा है कि अगर नूपुर शर्मा गलत तो फिर किताब या जाकिर नाइक सही कैसे?

नूपुर शर्मा के बयान के बाद कई दिनों बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा की चिंगारी उठने लगी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर नूपुर को मारने के लिए फतवा जारी कर दिए गए। पुतले जलाए गए और ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगाए गए। कई जगह हिंसक प्रदर्शन कर आगजनी-तोड़फोड़ की गई। शंका भी व्यक्त की जा रही है कि उपद्रवियों को शायद ही मालूम हो कि नूपुर ने बोला क्या है? जानमाल का काफी नुकसान हुआ। भारत तेरे टुकड़े होंगे वाली मानसिकता रखने वाले इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन के नाम पर महीनों सड़क जाम रखा था। ये लोग बोलने की आजादी के नाम पर देश विरोधी नारे लगने लगाते हैं। विरोध प्रदर्शन के नाम पर देश में हिंसा फैलाते हैं। 

इस्लामिक किताबों में लिखी बात को ही बोलने को लेकर नूपुर के बहाने साम्प्रदायिक दंगे करने का असली मकसद मथुरा और काशी आदि से ध्यान हटाना है। क्योकि ज्ञानवापी में हुए सर्वे में सच्चाई सामने के बाद ओवैसी और कट्टरपंथी कहते आ रहे हैं कि "एक मस्जिद खोने के बाद और मस्जिद नहीं खोएंगे।" फिर जो नूपुर ने जो बोला अगर वह गलत है, फिर ज़ाकिर नाइक ठीक क्यों? क्यों नहीं उसका सर तन से जुदा करने की मांग हुई? क्यों नहीं उसको जेल भेजने के लिए आंदोलन हुआ? अब ब्रिटेन में इसी विषय पर निर्मित फिल्म के विरोध में किसी की आवाज़ नहीं निकल रही, क्यों? टीवी पर वकील डॉ रिज़वान अहमद ऐसे वक्ता कट्टरपंथियों को मुंह तोड़ जवाब देते हैं। सुनिए:-  

इसके पहली भी यूजर्स नूपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पर उतर मुस्लिम मौलाना जाकिर नाइक का वो वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वो हदीस के हवाले से मुसलमानों के बीच कहता दिख रहा है कि पैगंबर ने 6 साल की बच्ची से शादी की थी और 9 साल की उम्र में उससे शारीरिक संबंध बनाए थे। लेकिन यही बात कहने पर नूपुर शर्मा को धमकियां मिल रही हैं। यहां आप सुनिए कि जाकिर नाइक ने क्या कहा था।  

 हैरानी की बात तो यह है कि यह हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इन्हें भड़काने वाले कोर्ट पहुंच जाते हैं लेकिन किसी प्रदर्शनकारी को आगजनी और तोड़फोड़ करने या पत्थरबाजी करने से मना नहीं करते। मुस्लिम धर्मगुरु हो या औवेसी जैसे मुस्लिम नेता सभी सिर्फ भड़काने का काम करते हैं। कोई भी मुस्लिम कट्टरपंथियों को समझाने का काम नहीं करते। उन्हें नहीं समझाते कि जब तुम कहते हो कि ये देश किसी के बाप का नहीं है तो फिर अपने बाप की संपत्ति का नुकसान क्यों करते हो? कोई मौलाना या नेता मुस्लिम समुदाय के आम लोगों को ये बताने की कोशिश नहीं करता कि नूपुर शर्मा ने जो कहा है वो हमारे किताब में लिखा है और हमारे धर्मगुरु भी इस बारे में बात कर चुके हैं। ऐसे में इस शांतिप्रिय समुदाय के हिंसक प्रदर्शन ने दूसरे समुदाय के लोगों को यह विचार करने के लिए विवश कर दिया है कि आखिर ये कितने दिनों तक चलेगा?

अब देश भर में लोग नूपुर शर्मा के पक्ष में सामने आने लगे हैं। मंगलवार को बिहार में आरा के रमना मैदान में नूपुर के समर्थन में विशाल सभा की गई। 

इस सभा के बाद रैली भी निकाली गई और कहा गया कि हमारी चु्प्पी को कमजोरी ना समझिए। इस दौरान लोगों ने जय श्री राम के नारे भी लगाए। आरा में नूपुर के समर्थन में हुई इस रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आप भी देखिए-

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