तस्वीर-ट्विटर
वाराणसी के माँ श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी विवादित ढाँचे मामले के पैरोकार डॉक्टर सोहन लाल आर्य को जान से मारने की धमकी मिली है। सोहनलाल को पाकिस्तान के नंबर से फोन करके धमकाया गया है। सोहनलाल आर्य ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि धमकी देने वाले ने कहा, “राजस्थान के कन्हैया की तरह तुम्हारा भी सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”
आखिर बिल्ली थैले से बाहर आ ही गयी, नूपुर शर्मा एक बहाना है, ज्ञानवापी से ध्यान हटाने के लिए आतंक फैलाना है। 'सिर तन से जुदा' भी एक तरह से आतंक ही है। जान दोनों में ही जाती है। सरकार को भी 'सिर तन से जुदा' के आरोप में पकडे गए उपद्रवियों के परिवारों को हर सरकारी सुविधा से ब्लैकलिस्ट किया जाए। नूपुर विवाद होने के बाद से ही अनुमान व्यक्त किये जा रहे थे कि तस्लीम रहमानी के उकसाने पर नूपुर ने जो इस्लामिक किताब के हवाले से बात कही, जिसे फिरकापरस्त मोहम्मद जुबेर ने तोड़मरोड़ कर पेश करने के बाद ही 'सिर तन से जुदा' का शोर मचना शुरू हुआ। जो इस्लामिक देश नूपुर के बयान पर नाराजगी दिखा रहे थे, उनके सामने नबी के लिए गाली देने की गलत बात पेश की गयी थी। अब सोशल मीडिया और News Nation चैनल पर हो रही चर्चा पर क्यों खामोश हैं? इस सच्चाई को समझने की जरुरत है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोहन लाल ने 16 अगस्त, 2022 को ही इसकी जानकारी वाराणसी के पुलिस और प्रशासन के अफसरों को दी है। डीसीपी काशी ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज होगा।
डॉ. आर्य ने सर तन से जुदा करने की धमकी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धमकी के बारे में इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा अंदेशा है कि भारत से ही कोई व्यक्ति पाकिस्तान के नंबर का इस्तेमाल करके कॉल कर रहा है। इन नंबरों को इंटेलिजेंस के अधिकारियों को सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नर और डीएम से मिलने का समय मिला है। वाराणसी के लक्सा थाने में एफआईआर दर्ज कराएँगे। उनके दोनों मोबाइल नंबर पर धमकी मिली है। हालाँकि, अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है।
वहीं पाकिस्तान के नंबर से जान से मारने की धमकी के बारे में बताते हुए डॉ. सोहनलाल आर्य ने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठन उनके पीछे पड़े हैं। उन्हें मुकदमा वापस लेने की धमकी दी गई। जवाब में मैंने कहा कि हम धमकी से झुकने वाले नहीं हैं। कल 18 अगस्त को तारीख है। हिंदुओं के पक्ष में फैसला आने वाला है।
इससे पहले सोहनलाल आर्य को इसी साल 19 मार्च और फिर 19 जुलाई को भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इन जान से मारने की धमकियों पर उन्होंने कहा, “वो इससे डरने वाले नहीं हैं। हिंदुत्व और मंदिर की रक्षा के लिए प्राण भी चला जाए तो फर्क नहीं पड़ता।” जानकारी के लिए बता दें लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर सिक्योरिटी में दो पुलिसकर्मी पहले से ही तैनात हैं।
दिल्ली की राखी सिंह के अलावा वाराणसी की 4 महिलाओं ने माँ शृंगार गौरी के नियमित दर्शन और ज्ञानवापी विवादित परिसर के अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा और उनकी नियमित पूजा के लिए मुकदमा दाखिल किया था। डॉ. सोहनलाल आर्य वाराणसी की उन्हीं चारों महिलाओं के कोर्ट में पैरोकार हैं। डॉ सोहनलाल आर्य 1984 में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इस समय RSS के प्रांतीय पदाधिकारी हैं।
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