राना अयूब (Rana Ayyub) को मुस्लिमों ने इस्लाम से खारिज कर दिया है… कम से कम सोशल मीडिया वाले मुस्लिमों ने तो जरूर। चौंकिए मत। नीचे सारे प्रमाण हैं। हुआ यह कि वो हिजाब या बुरके को लेकर ज्ञान बाँट रही थीं। ट्विटर पर मौजूद मुस्लिमों ने कुरान का हवाला देकर राना अयूब की बत्ती लगा दी। लेकिन किसी ने नूपुर शर्मा की तरह राना अयूब के विरुद्ध न कोई प्रदर्शन किया और न ही 'सिर तन से जुदा' की आवाज़ निकालने की किसी कट्टरपंथी मुस्लिम की हिम्मत हो रही, क्योकि राना अयूब एक हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम है, क्यों?
वित्तीय धोखाधड़ी की आरोपित और वाशिंगटन पोस्ट में लेख लिख कर पैसे कमाने वाली राना अयूब ने 22 सितंबर 2022 को सूरा बकराह की आयत का मतलब अंग्रेजी में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “मजहब में कोई मजबूरी नहीं है।” दरअसल यह ईरान में चल रहे हिजाब या बुरके के विरोध-प्रदर्शन से संबंधित था।
राना अय्यूब का ट्वीटइस तरह का ट्वीट लिख राना अयूब यह दिखाना चाह रही थी कि वो विकासशील मानसिकता की महिला है। ट्विटर पर मौजूद मुस्लिम यूजरों ने उनको अच्छे ढंग से समझा दिया कि विकासशील मानसिकता अपनी जगह है, कुरान की अपनी जगह।
इस ट्वीट को लेकर हिंदुओं का मजाक उड़ाने वाली राना अयूब सोशल मीडिया पर मुस्लिम यूजर्स के निशाने पर आ गईं। बिंट नूह नाम के यूजर ने लिखा: “मुखौटा उतर चुका है, हकीकत सबके सामने है। इसके बावजूद बड़े हैंडल राना अय्यूब पर अभी भी चुप क्यों हैं… जाहिर है कि वह आयत से जुड़े संदर्भ को जानती हैं, बावजूद इसमें कोई संदेह नहीं है कि गुस्ताख लोगों के भले की कामना करने वाली यह महिला इस्लाम के कट्टर दुश्मनों में से एक है। हमें उन लोगों को समझना-जानना होगा, जो अभी भी इस्लामी विरोधी नैरेटिव में इस महिला का समर्थन करते हैं। राना अय्यूब एक फिल्टर है!”
बिंट नूह का ट्वीटसनिफ सुल्तान लिखते हैं, “यह आयत गैर-मुस्लिमों के लिए है। मुस्लिमों को मजहब के तौर पर इस्लाम का अनुसरण करने और चुनने की आजादी नहीं है। अपने दोहरे मापदंड के लिए संदर्भ से बाहर इस आयत का इस्तेमाल एक मुस्लिम नहीं कर सकता।”
सनिफ सुल्तान का ट्वीटएक और मुस्लिम यूजर ने राना अय्यूब को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यह पूरी आयत है (सूरा बकराह, आयत-256, कुरान)। देश भर में और विश्व स्तर पर हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, मुझे लगता है कि मुस्लिमों को कुरान का हवाला देते समय सावधान रहना चाहिए।”
ZAyesha का ट्वीटइसके अलावा कई मुस्लिम यूजर्स ने राना को ट्विटर पर जमकर लताड़ा है। एक ने लिखा, “मुशरिक के ओपिनियन की जरूरत नहीं।” एक ने उन पर तंज कसते हुए कहा, “ये मुस्लिमों की संरक्षक है।”
3 अलग-अलग ट्विटर यूजर्स का राणा अयूब को जवाबनयमारा नाम की यूजर ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर राना के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर हुए उन्हें इस्लाम, अल्लाह और कुरान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सवाल किया, “क्या तुम कुरान की आयत को नकार रही हो? क्या तुम मुस्लिम भी हो।”
नयमारा नाम की ट्विटर यूजर ने धोया राणा अयूब कोराना अयूब (Rana Ayyub) को लताड़ने वाले सभी ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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