मोहम्मद जुबैर द्वारा भगवान श्रीराम और माता सीता का अपमान करने पर कब हमेशा के लिए जेल में डाला जाएगा?

#freedom of speech की आड़ में मोहम्मद जुबेर जैसे जहरीले नाग फिर देश में उपद्रव मचवाने का गन्दा खेल रहे हैं। कोई राज्य सरकार ऐसे उपद्रवियों पर कोई कार्यवाही करे या नहीं केंद्र में मोदी सरकार को ऐसे उपद्रवियों और इसके समर्थकों को सबक नहीं सिखाएगी ये गैंग किसी न किसी बहाने जहर घोलते रहेंगे। और जब कोई हिन्दू इस्लाम के विरुद्ध कुछ बोलेगा इस जहरीले जुबेर के समर्थक 'सिर तन से जुदा' चीखते-चिल्लाते सडकों पर आकर माहौल बिगाड़ने आ जाएंगे। दूसरे, जब तक मोदी सरकार इन जहरीलों को मिलने वाली सरकारी सुविधा से हमेशा के लिए वंचित नहीं करेगी, सीधे रास्ते नहीं आएंगे। 

दूसरे, किसी कपिल मिश्रा या अनुराग ठाकुर आदि को आरोपित करने से पहले, ऐसे लोगों के खिलाफ आम मुसलमानों को भी सचेत होना पड़ेगा, क्योकि ऐसे लोगों के कारण इस्लाम ही बदनाम हो रहा है। हिन्दू नूपुर शर्मा के विरुद्ध 'सिर तन से जुदा' की आवाज़ तो बुलंद कर सकते, लेकिन सोशल मीडिया के साथ-साथ चैनल News Nation पर 'इस्लाम क्या कहता है' शो पर कुरान, हदीस और शरीयत के एक-एक वो पन्ना खुल रहा है, जिस पर अदालत भी निर्णय देने से संकोच कर रही है। सबकी आवाज़ बंद है, क्योकि पन्ने खोलने वाला कोई और नहीं मुस्लिम एक्स मुस्लिम बनाम इस्लामिक विद्वान ही हैं। 31 जुलाई 1986 को दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट के बाद कोई कोर्ट कुरान की आपत्तिजनक आयतों के खिलाफ निर्णय दे पायी।  
देश के सेक्युलरों, लिबरलों और टुकड़े-टुकड़े गैंग का चहेता और अल्ट न्यूज का फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर पर एक बार फिर धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर मोहम्मद जुबैर का एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उसने ब्रिटेन के नवनियुक्त प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति को भगवान राम और सीता के रूप में दर्शाया है। जुबैर द्वारा किए गए ट्वीट में मेड इन इंडिया की आड़ में भगवान श्रीराम और माता सीता का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई है।

 

मोहम्मद जुबैर के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। लोगों ने जुबैर पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया। साथ ही पुलिस से गिरफ्तार करने की मांग की। लोगों का कहना है कि धर्म निरपेक्षता की आड़ में हर बार हिंदुओ की आस्था को निशाना बनाया जाता है। मोहम्मद जुबेर भी इस काम में पीछे नहीं है। इससे पहले धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में जुबैर को गिरफ्तार किया गया था।

yle="font-family: verdana; font-size: medium;">गौरतलब है कि मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा का एडिटेड और एकपक्षीय वीडियो शेयर कर पूरे देश को नफरत की आग में झोंक दिया था। यहां तक कि भारत के खिलाफ अरब देशों को भी भड़काने की कोशिश की थी। मोहम्मद जुबैर के कारण देश में ‘सर तन से जुदा’ का आतंक फैला गया था। इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उदयपुर के कन्हैया साहू और अमरावती के उमेश कोल्हे सहित कम-से-कम 6 हिंदुओं का सरकलम कर दिया था।

गाजियाबाद पुलिस ने जून 2021 में मुस्लिम बुजुर्ग के साथ मारपीट को सांप्रदायिक रंग देने के आरोप में कथित फैक्टचेक वेबसाइट AltNews के मोहम्मद जुबैर और ट्विटर सहित 9 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वीडियो में आरोप लगाया गया था कि गाजियाबाद में एक मुस्लिम व्यक्ति की दाढ़ी काटकर उससे जबरदस्ती जय श्री राम बुलवाया गया। इस वीडियो के वायरल होते ही मुस्लिम पक्षकारों के साथ फैक्ट चेकरों ने हिंदुओं को बदनाम करना शुरू कर दिया। AltNews के मोहम्मद जुबैर और सबा नकवी, राणा अयूब जैसे पक्षकारों के साथ मुस्लिम कांग्रेसी नेताओं ने इस फर्जी खबर और वीडियो को ट्वीट कर ‘जय श्री राम’ को बदनाम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में मुस्लिम लड़कों को ही गिरफ्तार किया तो इन सबों ने चुप्पी साध ली।

मोहम्मद जुबैर ने तनिष्क विवाद का फायदा उठाते हुए ट्विटर पर इंदौर के एक शोरूम का वीडियो शेयर किया, जिसमें यह साबित करने का प्रयास किया गया है कि तनिष्क के शोरूम के सामने लोग ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आक्रोशित लोग तनिष्क के शोरूम में घुसकर काम कर रहें लोगों को डराने और धमकाने की कोशिश कर रहे है। जब इस वीडियो की जांच की गई, तो जो सच्चाई सामने आयी, वो काफी हैरान करने वाली थी। जुबैर ने शोरूम के अंदर की तस्वीरों और ‘जय श्री राम’ के नारे की आवाज को आधार बनाकर हिन्दुओं को ‘आक्रामक’ साबित करने की कोशिश की थी।

 

इससे पहले जुबैर ने 07 अगस्त, 2020 को एक ट्विटर यूजर को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने के लिए नाबालिग बच्ची की तस्वीर सार्वजानिक कर दी थी। बताया गया था कि यह बच्ची उस यूजर की पोती थी और उसे जुबैर के ट्वीट के बाद रेप की धमकियां मिली थी। नाबालिग लड़की की ऑनलाइन प्रताड़ना के आरोप में जुबैर के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट कर इसके बारे में जानकारी दी। इस मामले में ट्विटर को भी नोटिस भेजा गया था।

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