आतंकी जैसा, नफरत फैलाने वाला, भीख पर पलने वाला… मोहम्मद जुबैर को क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद द्वारा आईना दिखा, औकात दिखाने पर कांग्रेस और इस्लामिक कट्टरपंथी उतरे बचाव में


क्रिकेट की पिच पर फुदकते पाकिस्तानियों को पेवेलियन भेज औकात दिखाते थे वेंकटेश प्रसाद। वही फास्ट बोलर वेंकटेश अब सोशल मीडिया पर भी उसी फॉर्म में हैं – बेखौफ, बेधड़क! बस मैदान अलग है, टारगेट बदल गया है। मोहम्मद जुबैर नाम के फर्जी फैक्ट-चेकर ने जब वेंकटेश प्रसाद को टारगेट करना चाहा तो उसी की भाषा में चमाटेदार जवाब मिला।
                           वेंकटेश प्रसाद को डिलीट किए गए ट्वीट पर घेरना चाह रहा था जुबैर

इसकी शुरुआत होती है मोहम्मद जुबैर के एक ट्वीट से, जो उसने वेंकटेश प्रसाद को टारगेट कर लिखा। इसमें वेंकटेश प्रसाद के एक डिलीट किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगाया गया था। वेंकटेश ने यह ट्वीट 9 सितंबर को किया था, जो किसी कारण से डिलीट किया गया होगा। इसी पर ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ बनते हुए मोहम्मद जुबैर टूट पड़ा। बिना यह सोचे कि वेंकटेश उसे क्लिन बोल्ड करने वाले हैं। और हुआ भी ऐसा ही।

वेंकटेश प्रसाद ने मोहम्मद जुबैर की भाषा में ही जवाब दिया, उसके डिलीट किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगाते हुए। उन्होंने लिखा:

“हाहाहा… हमेशा नफरत फैलाने वाला वो बोल रहा है, जिसने अपने एजेंडे के लिए कई लोगों की जान खतरे में डाल दी। तुम फैक्ट-चेकर के भेष में ठीक वैसे हो, जैसे कोई आतंकी शांति की बात कर रहा हो। अब पोस्ट करो कि तेरे को पैसे की जरूरत है, अपनी वेबसाइट के लिए भीख माँगो… क्योंकि लोगों को बेवकूफ बनाकर पेट पालने में तुम्हे कोई शर्म नहीं।”

राम-भक्त वेंकटेश को घेर रहे थे जुबैर के चमचे, खाए बाउंसर

जुबैर को उसके ट्वीट पर जब करारा जवाब मिल गया तो उसके चमचे वेंकटेश प्रसाद की ट्रोलिंग करने लगे। रोशन राय नाम के एक यूजर ने तो ‘राम-भक्त’ लिखते हुए वेंकटेश को चैलेंज तक कर डाला। लेकिन अफसोस! वेंकटेश ने यहाँ भी फास्ट बोलर वाली तेजी के साथ ही उसे धो डाला।
रोशन राय ने वेंकटेश प्रसाद के डिलीट किए गए ट्वीट के बारे में पूछा था, जिस पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने लिखा कि उनका ट्वीट एक सामान्य ट्वीट था। जिसमें उन्होंने एक भ्रष्ट व्यक्ति के कारण उसके संगठन पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव की बात कही थी। वेंकटेश ने यह भी कहा कि वर्ल्ड कप में टिकटों को लेकर वो बीसीसीआई की अक्षमता पर भी खुल कर लिख चुके हैं, इसी कारण से भ्रम पैदा हुआ। और ट्वीट डिलीट करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने लिखा: “वरना नाम लेकर, खुल कर बोलने में रामभक्त किसी को छोड़ते नहीं, जय श्री राम।”
वेंकटेश प्रसाद को 9 सितंबर 2023 वाले ट्वीट को अगर गलत मंशा से डिलीट करना होता तो वो फिर से 10 सितंबर को वही ट्वीट एक लाइन जोड़ कर नहीं करते।
जुबैर ने बिना संदर्भ जाने उनको ट्रोल करना चाहा, जिसने कभी भारत का झंडा बुलंद किया है। और जुबैर ने क्या किया है? फर्जी और एडिट किए गए वीडियो के दम पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगवाए, कट्टर इस्लामी लोगों को हिंदुओं की हत्या के लिए उकसाया।

मोहम्मद जुबैर: फैक्ट-चेकर की भेष में इस्लामी कट्टरपंथी

वो मोहम्मद जुबैर ही था जो ‘Times Now’ चैनल पर आए नाविका कुमार की उस डिबेट का एडिट किया हुआ वीडियो इस्लामी संगठनों तक लेकर गया था, जिसमें नूपुर शर्मा ने इस्लामी साहित्य में लिखी किसी बात का उल्लेख किया था। उससे पहले इस्लामी कट्टरपंथी तस्लीम रहमानी क्या कह रहा था, किस तरह शिवलिंग और हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बना रहा था – इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसे एक साजिश के तहत एडिट कर दिया था मोहम्मद जुबैर ने।
एडिट वीडियो वायरल होने के बाद क्या हुआ? मोहम्मद ज़ुबैर वामपंथी मीडिया का हीरो बना… लेकिन नूपुर शर्मा और उनके परिवार को छिप कर रहना उनकी मजबूरी है। कन्हैया लाल तेली, उमेश कोल्हे और प्रवीण नेट्टारू को तो मार ही डाला गया।
फर्जी फैक्ट-चेकर जुबैर कैसे खबरों से खेल कर फेक न्यूज फैलाता है, BefittingFacts नाम के ट्विटर (अब X) यूजर ने इस पर लंबा थ्रेड लिखा है। वेंकटेश प्रसाद ने इस थ्रेड पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह अपने मालिक लोगों से सवाल नहीं करेगा और फिर से पत्रकारिता के नाम पर भीख माँग कर पेट पालेगा।
कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने लिखा, “प्रिय वेंकटेश प्रसाद आप हर किसी के लिए हीरो की तरह हैं। इस दुनिया ने आपको बहुत कुछ दिया है। कृपया कृतज्ञ रहें। जिस तरह आप जुबैर के लिए निगेटिव हैं, दूसरों के लिए निगेटिव न बनें। आपके पास जो कुछ भी है उसकी खुशी मनाएँ। आप पॉवर में हैं, उसे टारगेट न करें। ये उचित नहीं है।”
प्रोपेगेंडा कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य ने लिखा, ‘मैं दशकों से आपका फैन रहा हूँ। लेकिन इस भाषा ने मेरा दिल तोड़ दिया, वेंकी सर।”
रेडियो जॉकी से न्यूजपेडलर बनी सायमा ने लिखा, “एक-एक करके सभी हीरो गिर रहे हैं। यह कितना निराशाजनक है। अपनी भाषा देखिए। कैसी बीमार मानसिकता है। यह बेहद शर्मनाक है।”
कथित पत्रकार जोया रसूल ने अपना परमानेंट टाइप ‘विक्टिम कार्ड’ खेलते हुए लिखा, “एक पूर्व क्रिकेटर अब एक ट्रॉल बन गया है। सामूहिक हत्यारों का समर्थक और मॉब लिंचर से सहानुभूति रखने वाला आतंकियों के बारे में बात कर रहा है? आप कायर हैं जो हर दिन हत्या करने वाले आतंकियों को मौन समर्थन देते हुए एक मुस्लिम को आतंकी कहने से पहले दो बार नहीं सोचते।”
कर्नाटक के उडुपी में हुए टॉयलेट कांड में लीपापोती करने की कोशिश करने वाली ‘पत्रकार’ अनुषा रवि सूद ने लिखा कि हमारे बचपन के नायक आखिर कितना नीचे गिरेंगे।

वेंकटेश प्रसाद ने दिया जवाब

कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथियों और इस्लामवादियों के गुट द्वारा वेंकटेश प्रसाद को भला-बुरा कहे जाने के बाद पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने ‘बाउंसर’ के जरिए जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कैसे मोहम्मद जुबैर एक पार्टी विशेष के खिलाफ एजेंडे के तहत काम कर रहा है, पैसे बनाने के लिए। उन्होंने कहा कि वो सब कुछ है, लेकिन फैक्ट-चेकर नहीं।
प्रोपेगेंडाधीश सतीश आचार्य को जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, “ऐसे कई उदाहरण हैं जिनसे यह साबित होता है कि यह व्यक्ति अपना एजेंडा आगे बढ़ा रहा है। वीडियो को आसानी से एडिट कर रहा है। पैसे कमाने के लिए किसी राजनीतिक दल के खिलाफ चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है। वह एक फैक्ट-चेकर के अलावा कुछ भी नहीं है। सच्चाई को न देखने के लिए किसी का अंधा होने की जरूरत नहीं है।”
तहसीन पूनावाला को जवाब देते हुए लिखा कि स्वघोषित फैक्ट-चेकर जुबैर फैक्ट-चेक के नाम पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कई लोगों की जान खतरे में डाल चुका है। लेकिन इसके बाद भी वह अब तक नहीं सुधरा है। अनजाने में ही सही लेकिन शायद आप भी उसे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
वेंकटेश ने आगे लिखा, “बीसीसीआई ने विश्व कप की टिकट को लेकर जिस तरह का रवैया अपनाया है। उसकी आलोचना करता रहा हूँ। लेकिन अब इस तरह के एजेंडा पेडलर्स का एक उदाहरण दिखाइए जहाँ वह अपने मालिकों के खिलाफ बोल रहा हो। उनकी गै-रजिम्मेदारी और हरकतों ने कई लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है।” इन तमाम बातों के बीच वेंकटेश प्रसाद ने डिलीट किए गए पोस्ट को फिर से शेयर किया है।

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