मुफ्तखोर नाम से मशहूर दिल्ली में क्या 10 में से 8 बीजेपी को और 2 केजरीवाल को बहुमत दिखाने वाले Exit Poll पिछले चुनावों की तरह 8 फरवरी को फेल होंगे या पास? लेकिन जीत रेवड़ियों की होगी


दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी 2025 को वोट डाले गए। नतीजे 8 फरवरी को आने हैं। उससे पहले ज्यादातर एग्जिट पोल्स बता रहे हैं कि दिल्ली की सत्ता में 27 साल बाद बीजेपी की वापसी होने जा रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत के आसार नहीं हैं। वहीं कांग्रेस का खाता मुश्किल से ही खुलता दिख रहा है।
अगर केजरीवाल को घोटालों के विरोध में वोट दिया जाता है तो देश में इतने घोटाले हुए क्यों उन पार्टियों को वोट दिया? इस कटु सच्चाई का जवाब कौन देगा?  

वैसे पिछले कुछ चुनावों से तमाम Exit Poll फेल होते देखे गए है। इसलिए 10 में से 8 Exit Poll द्वारा बीजेपी को बहुमत दिखाने पर शंका होती है। असलियत तो EVM में कैद हो चुकी जो फरवरी 8 को बाहर आएगी। महाराष्ट्र और हरियाणा में Exit Poll फेल होने का मुख्य कारण था, महाराष्ट्र में बीजेपी विरोधियों का मुस्लिम कट्टरपंथियों के पैरों में माथा टेकना और हरियाणा में भूपेंद्र हुड्डा का पहलवान फ़ोकट का स्वागत करते ही सारे पासे पलट गए थे। 

आम आदमी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के कारण है कि केजरीवाल की ईमानदार नेता की छवि धूमिल होना, शिक्षा मंत्री रहे मनीष सिसोदिया का शराब घोटाले में जेल जाना, फ्री पानी की आड़ में पानी माफिया का सक्रीय होना आदि। वैसे तो दिल्ली मुफ्तखोर दिल्ली नाम से मशहूर हो चुकी है और बीजेपी का केजरीवाल को सत्ता से बाहर केजरीवाल पार्टी के घोटाले नहीं बल्कि केजरीवाल से ज्यादा बीजेपी द्वारा घोषित रेवड़ियां जितवाएंगी। यानि एक रेवड़ी दूसरी रेवड़ी को हराएगी। स्पष्ट शब्दों में मुफ्तखोर दिल्लीवासियों ने आत्मसम्मान रेवड़ियों के हाथ बेच एक बाजारू माल बना दिया है। आज तक पूरे देश ने अपनी जागरूकता का परिचय नहीं दिया। किसी ने यह नहीं कहा कि हमारा वोट लेने से पहले निगम पार्षद से लेकर सांसद को मिलने वाली पेंशन क्यों नहीं बंद होती। मूर्ख जनता को नहीं मालूम कि इस पेंशन पर हर महीने करोडो रूपए बर्बाद हो रहे हैं। जितनी पेंशन इन लोगों को मिलती है किसी मजदूर को छोड़ो एक सरकारी बाबू तक को अपना कार्यकाल पूरा करने पर नहीं मिलती। 

राजनीतिक गरियारों में यह चर्चा बहुत गरमा रही है कि दिल्ली चुनाव परिणाम एक नए राजनीतिक इतिहास की ओर जाएगा। बीजेपी नहीं चाहेगी कांग्रेस के ख़त्म होने से पहले आम आदमी पार्टी की दिल्ली से बिदाई हो। दूसरे, अगर दिल्ली का मुसलमान कांग्रेस के पाले में वापस जाकर 5 से 10 सीट दिलवा देता है वह कांग्रेस को ऑक्सीजन का काम करेगा उसका सारा गाँधी परिवार को नहीं संदीप दीक्षित दीक्षित, अजय माकन और अलका लाम्बा को जाएगा।    

अगर आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत दिखाने वाले 2 Exit Poll सच हो गए और अरविन्द केजरीवाल अपनी नई दिल्ली सीट हार जाता है तो पार्टी का टूटना निश्चित है। जेल जाने पर जिस तरह केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता के हाथ पार्टी सौंपने तैयार थे, उस कदम/सोंच ने पार्टी ने कई गुट बना दिए। मनीष-आतिशी, राघव चड्डा, भगवंत सिंह मान और स्वाति मालीवाल आदि  गुट बन गए हैं। केजरीवाल के हारने पर भगवंत सिंह द्वारा बिभव कुमार को पंजाब से भगाया जाएगा। पार्टी में गुटबाज़ी तो उसी दिन से शुरू हो गयी थी जिस दिन सरकारी अधिकारी को घर बुलाकर पिटाई की थी। लेकिन वह गुटबाज़ी ज्यादा नहीं चली, स्वाति मालीवाल की पिटाई ने उस गुटबाज़ी में नयी ऊर्जा का काम कर दिया। चर्चा यह भी है कि केजरीवाल के हारते के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बावजूद केजरीवाल को जेल जाने से कोई नहीं रोक पाएगा।            

MATRIZE के एग्जिट पोल में बीजेपी और आप के बीच कड़ी टक्कर दिख रही है। बीजेपी 35-40 तो AAP को 32-37 सीटें मिलने के आसार जताए गए हैं। कॉन्ग्रेस को एक भी सीट मिलने के आसार नहीं हैं। चाणक्य स्ट्रैटजी के एग्जिट पोल में बीजेपी की स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बन रही है। इसके मुताबिक बीजेपी को 39-44 सीटें मिल सकती है। आप 25-28 सीटों पर सिमट सकती है। कॉन्ग्रेस को 2-3 सीटों पर जीत मिलने की संभावना दिख रही है।

पोल डायरी के एग्जिट पोल में भी AAP हार रही है। उसे 18-25 सीटें मिल सकती है। बीजेपी 42-50 सीटें हासिल कर सरकार बनाती दिख रही है। कॉन्ग्रेस को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। पीपुल्स इनसाट के अनुसार बीजेपी को 40 से 44 सीटें मिल सकती हैं। आप को 25 से 29 सीटें मिलने का अनुमान है।

 पी-मार्क के पोल में बीजेपी को 39-49 तो आप को 21-31 सीटों का अनुमान लगाया गया है। वहीं WeePreside के एग्जिट पोल में AAP की सत्ता कायम रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार उसे 46 से 52 सीटें तो बीजेपी को 18 से 23 सीटें मिल सकती है।

ज्यादातर एग्जिट पोल बता रहे हैं कि इस बार केंद्र शासित प्रदेश में लोगों ने डबल इंजन सरकार के लिए मतदान किया है। वहीं 15 साल तक लगातार दिल्ली पर शासन करने वाली कॉन्ग्रेस के दिन बदलने के आसार नहीं हैं, जबकि 12 साल सत्ता में रहने के बाद AAP की विदाई होती दिख रही है।

एग्जिट पोल्स के बाद बीजेपी में उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मालवीय नगर से प्रत्याशी सतीश उपाध्याय ने कहा है कि झाड़ू के तिनके बिखर गए हैं और कमल खिल रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। वहीं AAP ने एग्जिट पोल्स को खारिज कर दिया है। पार्टी नेता सौरव भारद्वाज ने कहा है कि इससे पहले के चुनावों में भी आप की हार दिखाई गई थी, लेकिन पार्टी बड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाब रही थी।

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