कर्नाटक : उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी; आयोजन के लिए योगी आदित्यनाथ की तारीफ की

प्रयाग महाकुंभ के अब केवल 16 दिन और सिर्फ एक अमृत स्नान बाकी है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि अमृत स्नान के साथ ही महाकुंभ सम्पन्न हो जाएगा। देश-दुनिया के 43 करोड़ लोगों के साथ तमाम बड़े लोग भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं, लेकिन कांग्रेस नेता अभी तक महाकुंभ से दूरी बनाए हुए हैं। यहां तक की कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महाकुंभ पर तंज कसते हुए कहा था कि गंगा में स्नान करने से गरीबी और बेरोजगारी दूर नहीं होती। जो (खड़गे) सनातन का विरोध करता रहा हो, ऐसे विरोधी से और क्या अपेक्षा की जा सकती है? वैसे भी अब तो उनकी स्क्रिप्ट ही उनके आकाओं द्वारा लिखवाई जाती है।    

खरगे के इस बयान के बाद तो, जो कांग्रेस नेता महाकुंभ में जाना भी चाहते थे, उन्होंने जाना रद्द कर दिया। ऐसे में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगा कांग्रेस नेतृत्व को एक तरह से चुनौती दे दी है। 

चर्चा है कि राहुल गाँधी भी महाकुम्भ में आस्था की डुबकी लगाने का मन बना रहे हैं। अखिलेश यादव पहले ही लगा चुके हैं। वास्तव में अब सभी ने समझना शुरू कर दिया है कि तुष्टिकरण कर मुस्लिम वोट तो मिल सकता है, लेकिन उससे ज्यादा हिन्दू कटना शुरू हो चुका है। मोदी रहे या न रहे सनातन को कोई नहीं रोक सकता। वैसे भी इतिहास साक्षी है कि सनातन मिटाने वालों का दुनिया में कोई नाम लेने वाला नहीं। बस एक भारत है जहाँ उनके नाम पर सियासत की दुकाने चल रही हैं।  

राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच डीके शिवकुमार के इस स्नान से सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। हैरानी की बात यह भी है कि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने सिर्फ महाकुंभ में स्नान ही नहीं किया, बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ भी की और कहा कि इतना बड़ा आयोजन करना कोई मजाक नहीं है। ऐसे में लोग कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसते हुए कह रहे हैं कि यह सनातन विरोधियों के मुंह पर करारा तमाचा है। लोगों का कहना है कि डीके शिवकुमार ने प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र स्नान किया और इस ऐतिहासिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आयोजकों का आभार भी जताया। 

लेकिन कुछ दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ जाने को पैसे की बर्बादी बताया था और कहा था कि स्नान करने से गरीबी नहीं मिटती। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह वही मानसिकता है जो सनातन संस्कृति और आस्था का अपमान करती है, लेकिन जब चुनाव आते हैं तो यही लोग मंदिर-मंदिर घूमकर आशीर्वाद लेने का ढोंग करते हैं! यह स्पष्ट संदेश है कि सनातन धर्म हमारी संस्कृति और परंपरा की रीढ़ है, और इसे निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। आप भी देखिए लोग डीके शिवकुमार की डुबकी को लेकर क्या कह रहे हैं…

No comments: