साभार
पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर हुए नरसंहार पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को क्यों clean chit को दी जा रही है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मोदी विरोधी तक किसी ने पूरी बहस में अब्दुल्ला का नाम तक नहीं लिया, क्यों? जबकि पहलगाम जम्मू-कश्मीर में आता है। अगर जम्मू-कश्मीर में बीजेपी की सरकार होती मीडिया से लेकर सारा INDI allaince बीजेपी मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे होते। क्यों नहीं उमर अब्दुल्ला ने इस नरसंहार की जिम्मेदारी ली? जब कश्मीर में इतने पर्यटक जा रहे हैं उन्हें सुरक्षा प्रदान करना राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की जिम्मेदारी थी। अगर हिन्दुओं की बजाए मुसलमानों का नरसंहार हुआ होता तब अब्दुल्ला का क्या रवैया होता? इस नरसंहार के लिए जितना पाकिस्तान जिम्मेदार है जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी काम दोषी नहीं।
जो भारत का पक्ष नहीं देख पा रहे हैं, उन्हें आईना दिखाने आया हूं- पीएम मोदी
2014 चुनावों से पहले तक कांग्रेस और इसकी समर्थक पार्टियों ने देश को पाकिस्तान के नाम से डराकर रखा हुआ था। जगह-जगह लिखा और घोषणा की जाती थी कि "किसी लावारिस चीज को न छुए, बम हो सकता है।" जनता में पाकिस्तान का ऐसा डर बैठ चुका था कि जैसे किसी बच्चे को सुलाने यह खाना नहीं खाने पर माएं अपने बच्चे से कहती थी कि "सो जा, चुपचाप खाना खाले नहीं तो गब्बर आ जाएगा।" लेकिन चुनावों के कालचक्र ऐसा घूमना शुरू कि पाकिस्तान और भारत में उसकी समर्थक पार्टियां डरी हुई है। पाकिस्तान द्वारा इस्लामिक आतंकी हमले को बचाने "हिन्दू आतंकवाद, भगवा आतंकवाद" देकर देश को गुमराह किया जाता था। यह कुकर्म जनहित में नहीं सिर्फ मुस्लिमों को खुश कर उनके वोट लेकर अपनी कुर्सी और तिजोरियों के भंडार भरने के लिए किया जा रहा था। और अक्ल से पैदल मुसलमान इन पार्टियों को अपना शुभचिन्तक मानती है। इन अक्ल से पैदल मुसलमानों को नहीं मालूम कि तुम्हारी इन हरकतों से कोई भी मुस्लिम देश इन्हे सम्मान से नहीं देखता, यहाँ तक पाकिस्तान भी नहीं। अगर कोई देश आतंकी घटनाओं के लिए फंडिंग करने का मतलब नहीं कि उनको भारतीय मुसलमानों की फ़िक्र है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 जुलाई को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं इस सदन में भारत का पक्ष रखने के लिए खड़ा हुआ हूं।
मैं भारत का पक्ष रखने के लिए खड़ा हुआ हूँ: PM @narendramodi in Lok Sabha pic.twitter.com/jSpcNQmszn
— PMO India (@PMOIndia) July 29, 2025
मैं भारत का पक्ष रखने के लिए खड़ा हुआ हूँ… प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अपना वक्तव्य इन लाइनों के साथ चालू किया। उन्होंने इस दौरान जहाँ भारतीय सेनाओं की सफलता पर बात की तो वहीं कॉन्ग्रेस को लगातार उलटे-सीधे प्रश्न उठाने पर आइना भी दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है।
#WATCH ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "22 अप्रैल को पहलगाम में जो क्रूर घटना घटी, जिस तरह आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी, वो क्रूरता की पराकाष्ठा थी। ये भारत को हिंसा की आग में झोंकने का एक सोचा-समझा प्रयास था। ये भारत… pic.twitter.com/C5E89Avkpc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2025
ऑपरेशन सिंदूर में कॉन्ग्रेस ने पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा फैलाया
लोकसभा में प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कॉन्ग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस अब पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ा रही है।
#MonsoonSession2025 ||
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मैंने कहा था कि यह भारत के 'विजयोत्सव' का एक सत्र है...जब मैं 'विजयोत्सव' की बात कर रहा हूं, तो मैं कहना चाहूंगा - ये 'विजयोत्सव' आतंकी मुख्यालयों को मिट्टी में मिलाने का है, ये 'विजयोत्सव' सिन्दूर की सौगंध को पूरा करने का है।" pic.twitter.com/ky4yCqsP3h
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं 22 अप्रैल को विदेश में था। मैं तुरंत लौट आया और वापस आने के तुरंत बाद मैंने एक बैठक बुलाई और हमने स्पष्ट निर्देश दिए कि आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देना है और यह हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है। ये सारी बातें उस बैठक में स्पष्ट रूप से कही गईं।
During Operation Sindoor, the synergy of the Navy, Army and Air Force shook Pakistan to its core. pic.twitter.com/GZMPpfz5KN
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उन्होंने कहा कि सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है। हमें गर्व है कि आतंकवादियों को सजा दी गई, और यह ऐसी सजा थी कि आतंक के उन आकाओं की आज भी रातों की नींद उड़ी हुई है।
India has made it clear that it will respond to terror on its own terms, won't tolerate nuclear blackmail and will treat terror sponsors and masterminds alike. pic.twitter.com/r4T3mBUWs4
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पीएम ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को दुनिया का समर्थन तो मिला, लेकिन दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कॉन्ग्रेस का समर्थन नहीं मिला। 22 अप्रैल 2025 के बाद 3-4 दिन में ही यह उछल रहे थे। ये लोग अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए मुझ पर निशाना साध रहे थे, लेकिन इनकी बयानबाजी और इनका छिछोरापन देश के सैनिकों का मनोबल गिराती रही।”
During Operation Sindoor, India garnered widespread global support. pic.twitter.com/SN56e2DUsw
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ऑपरेशन सिंदूर पर कॉन्ग्रेस ने पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा फैलाने काम किया है। इस पर पीएम ने कहा, “10 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की। इसको लेकर यहाँ भांति-भांति की बातें कही गईं। यह वही प्रोपेगेंडा है जो सीमा पार से फैलाया गया है। कुछ लोग सेना द्वारा दिए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठ को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।”
हम गोली का जवाब, गोले से देंगे! #ModiGovtAgainstTerror pic.twitter.com/iCZkKBfHm2
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) July 29, 2025
पीएम ने आगे कहा, “देश देख रहा है कि कॉन्ग्रेस राजनीतिक मुद्दों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर होता जा रहा है। कॉन्ग्रेस को पाकिस्तान के मुद्दे इम्पोर्ट करने पड़ रहे हैं। जब बालाकोट में एयरस्ट्राइक हुई तो कॉन्ग्रेस वाले पूछने लगे कि फोटो दिखाई, पाकिस्तान भी यही पूछता था, ये भी यही पूछते थे। आतंकवादी रो रहे हैं, उनके आका रो रहे हैं और उनको रोते देख यहाँ भी कुछ लोग रो रहे हैं।”
"वाह रे बयान बहादुरों...सिर्फ़ मैं नहीं पूरा देश आप पर हंस रहा है" : विपक्ष पर तंज कसते हुए बोले पीएम मोदी#PahalgamTerrorAttack #OperationSindoor #NarendraModi pic.twitter.com/jOECW4gioE
— AajTak (@aajtak) July 29, 2025
पीएम ने कॉन्गेस के लिए कहा, “पाकिस्तान के बयान और हमारा विरोध करने वालों के बयान फुल स्टॉप और कॉमा के साथ एक हैं। देश हैरान है कि कॉन्ग्रेस ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस को भारत के रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और गृह मंत्री पर भरोसा नहीं है, इनका भरोसा पाकिस्तान के रिमोट कंट्रोल से बनता और बदलता है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कॉन्ग्रेस के उठाए गए सवालों को लेकर विपक्ष को जमकर घेरा। पीएम ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पर इन्होंने (विपक्ष) कहा कि रोक क्यों दिया, पहले मानते ही नहीं थे और पूछते हैं कि रोक क्यों दिया। वाह रे बयानबहादुरों, पूरा देश आप पर हँस रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने कारगिल की लड़ाई में भारत की जीत को भी अब तक नहीं अपनाया है।
कॉन्ग्रेस की गलती याद दिलाईं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस सरकार को उनकी गलती याद दिलाईं। इनमें सिंधु जल समझौता से लेकर बाटला हाउस एनकाउंटर का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “1962 और 1963 के बीच कॉन्ग्रेस के नेता जम्मू-कश्मीर के नेता पूँछ, नीलम वैली और उरी को छोड़ देने का प्रस्ताव रख रहे थे। यह सब लाइन ऑफ़ पीस के नाम पर किया जा रहा था, 1966 में इन्होंने ही कच्छ के रण पर मध्यस्थता स्वीकार की थी, यह इनका राष्ट्रीय सुरक्षा पर विजन है।
पीएम ने आगे कहा, “1971 में पाकिस्तान के 93 हजार फौजी हमारे पास बंदी थे, उसका हजारों किलोमीटर एरिया हमने कब्जा किया था। हम बहुत कुछ कर सकते थे। उस दौरान थोड़ी समझ होती तो POK वापस लिया जा सकता था। इतना सारा जब सामने टेबल पर था तो करतारपुर साहिब वापस ले सकते थे।”
सिंधु जल समझौते पर बोलते हुए पीएम ने कहा, “सिंधु नदी से भारत जाना जाता था, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उस पर पंचायत करने का अधिकार वर्ल्ड बैंक को दिया। सिंधु जल समझौता भारत के स्वाभिमान के साथ बहुत बड़ा धोखा था। राज्यों के भीतर पानी को लेकर विवाद होता रहा और पाकिस्तान मौज मनाता रहा। अगर सिंधु जल समझौता ना होता तो कई बड़ी परियोजनाएँ बनतीं। सिंधु जल समझौते के बाद नेहरूजी ने करोड़ों रूपए भी दिए ताकि पाकिस्तान नहर बना सके।”
पीएम ने आगे कहा, “बाँध हमारा है, पानी हमारा है लेकिन पाकिस्तान का निर्णय है कि आप उसकी सफाई (डीसिल्टिंग) नहीं कर सकते। नेहरू ने कहा था कि सिंधु जल समझौता बाकी समस्याओं के लिए रास्ता खोलेगा। उन्होंने बाद में कहा लेकिन हम वहीं के वहीं हैं।”
कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान देश में असुरक्षा के माहौल पर बोलते हुए पीएम ने कहा, “2014 से पहले असुरक्षा का जो माहौल था, उसे याद करके लोग सिहर जाते हैं… हर जगह पर घोषणा होती थी कि कोई भी लावारिस चीज दिखे छूना मत, ये बम हो सकता है। देश के कोने-कोने में यही हाल था।”
बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान सोनिया गाँधी के आँसूओं का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, “दिल्ली में जब बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ तो कॉन्ग्रेस की एक बड़ी नेता के आँख में आसू थे, वोट पाने के लिए इसे देश भर में प्रसारित किया गया।”
पीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने हिंदुत्व का अपमान किया है। पीएम ने बताया, “कॉन्ग्रेस दुनिया को हिन्दू आतंकवाद की थ्योरी बेचने में लगी हुई थी। कॉन्ग्रेस के एक बड़े नेता ने अमेरिका के राजनयिक को कह दिया था कि लश्कर से बड़ा खतरा हिंदुत्व हैं।”
लोकसभा से पाकिस्तान को लताड़ा
प्रधानमंत्री ने लोकसभा से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फैलाई गई झूठी साजिशों का पर्दाफाश किया। पाकिस्तान को ‘आतंकियों का आका’ बताकर पीएम ने कहा कि उनकी रूह काँप रही है।
पीएम ने कहा, “सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी गई कि कब, कहाँ और कैसे जवाब दिया जाए। आतंकियों के आकाओं को ऐसी सजा मिली कि उनकी अब तक रूह काँप रही है। ऑपरेशन सिंदूर में 22 मिनट में 22 अप्रैल 2025 का बदला सेना ने निर्धारित लक्ष्य के साथ ले लिया।”
उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकी को हमने झूठा साबित कर दिया, भारत ने सिद्ध कर दिया कि न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी और ना ही अब इसके सामने भारत झुकेगा। आज तक पाकिस्तान के कई एयरबेस ICU में पड़े हैं… ऑपरेशन सिंदूर तकनीक की महारत में सफल सिद्ध हुआ है, पिछले 10 साल में हमने जो तैयारियाँ की हैं, वह ना की होती तो तकनीक के युग में हमारा कितना नुकसान हो सकता था, इसका अंदाजा लगा सकते है।”
पाकिस्तान को धमकी देते हुए पीएम ने कहा, “पहले दिन से क्लियर था कि हमारा लक्ष्य आतंकी और उनके आका हैं, उनके अड्डे हैं… उनको हम ध्वस्त करना चाहते हैं, हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हमने अपना काम कर दिया है। पाकिस्तान में समझदारी होती तो आतंकियों के साथ खुलेआम खड़े रहने की गलती ना करता, उसने निर्लज्ज होकर आतंकियों के साथ खड़े होने का फैसला किया… हम पूरी तरह तैयार थे और मौके की तलाश में थे।”
प्रधानमंत्री ने सीजफायर पर बोलते हुए कहा, “पकिस्तान ने इतने कड़े प्रहार के बाद DGMO को पाकिस्तान ने फोन करके गुहार लगाई कि बहुत मारा, अब और मार झेलने की ताकत नहीं है, हमला रोक दो। उसी दौरान 9 मई, 2025 को रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात का प्रयास किया।”
पीएम ने आगे कहा, “वह घंटे भर प्रयास कर रहे थे, लेकिन सेना के साथ मीटिंग के चलते मैं फोन उठा नहीं पाया। मैंने उन्हें कॉल बैक किया… तब उन्होंने फोन पर बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है। मेरा जवाब था- अगर पाकिस्तान का यह इरादा है तो उसे बहुत महँगा पड़ेगा। मैंने कहा था- हम गोली का जवाब गोले से देंगे।”
अंत में पीएम मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है।”
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