होर्मुज स्ट्रेट और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (साभार-x@congress)
होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए बंद नहीं है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने साफ कर दिया है कि ये समुद्री रास्ता इजरायल अमेरिका, यूरोप के उसके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए बंद किया गया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कांग्रेस का प्रोपेगेंडा जारी है।
कांग्रेस फैला रही झूठ
कांग्रेस का कहना है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद कर दिया है। वहाँ से सिर्फ रूस और चीन के जहाज ही जा सकते हैं। इस लिस्ट में भारत का नाम नहीं है। कांग्रेस का ये भी कहना है कि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से 10 हजार करोड़ का भारतीय सामान, 38 जहाज और 1100 नाविक फँसे हुए हैं।
ईरान ने Strait of Hormuz बंद कर दिया है। वहां से सिर्फ रूस और चीन के जहाज ही जा सकते हैं। इस लिस्ट में भारत का नाम नहीं है।
— Congress (@INCIndia) March 5, 2026
• Strait of Hormuz बंद होने के चलते, 10 हजार करोड़ का भारतीय सामान, 38 जहाज और 1,100 sailors फंसे हुए हैं
• इंडियन नेशनल शिप ओनर्स एसोसिएशन ने भारत… pic.twitter.com/a4gOS1ZJIW
कांग्रेस का कहना है कि इंडियन नेशनल शिप ओनर्स एसोसिएशन ने भारत सरकार से मदद की गुजारिश की है, लेकिन सरकार मदद करने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि भारत सरकार ने ईरान के साथ बातचीत के सारे रास्ते बंद कर लिए हैं।
अब कांग्रेस को कौन समझाए कि ईरान ने जिसके जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर हमला करने की बात कही है, उसमें भारत का नाम नहीं है। ईरान सिर्फ उन देशों के जहाजों को पार नहीं होने देगा जिसने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से युद्ध में इजरायल और अमेरिका का साथ दे रहा है।
भारत ने विश्व शांति की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि वैश्विक स्थिरता को अभी सबसे ज्यादा खतरा है और शांति ही एकमात्र हर विवाद को सुलझाने का तरीका है। भारत ने ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक भी जताया है। ऐसे में भारत के जहाज पर ईरानी आक्रमण का खतरा नहीं है।
बीमा कंपनियों की मनाही का असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यूएस-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से इस रास्ते पर कई दिनों से अनिश्चितता बनी हुई है और कमर्शियल ट्रैफिक रुक गए हैं। अब रहा सवाल वहाँ भारतीय सामानों के फँसे होने का, तो इसकी वजह बीमा कंपनियों का होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाने वाले जहाजों पर से हाथ खींच लेना है। ब्रिटिश बीमा कंपनियों ने बीमा करना बंद कर दिया है, इसलिए आवाजाही रुकी है।
इंश्योरेंस कंपनियों ने शिपिंग कंपनियों को नोटिस दिया था कि वे ईरान पर इजराइल-US हमलों को देखते हुए इंश्योरेंस रोक देंगी और प्रीमियम बढ़ा देंगी। नॉर्थस्टैंडर्ड, अमेरिकन क्लब, स्वीडिश क्लब, स्कल्ड, गार्ड और लंदन पी एंड आई क्लब सहित प्रमुख बीमा कंपनियों ने पोत सुरक्षा के बढ़ते खतरों का हवाला देते हुए युद्ध जोखिम बीमा वापस ले लिया था।
ये खतरा इजरायल और अमेरिका की ईरान पर किए गए हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद बढ़ा। ईरान ने इसके बाद स्ट्रेट होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की चेतावनी दी थी।
"Effective IMMEDIATELY, I have ordered the United States Development Finance Corporation (DFC) to provide, at a very reasonable price, political risk insurance and guarantees for the Financial Security of ALL Maritime Trade... If necessary, the United States Navy will begin… pic.twitter.com/pIJyFwL78j
— The White House (@WhiteHouse) March 3, 2026
राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) को खाड़ी में काम करने वाली शिपिंग लाइनों को तुरंत ‘बहुत सही कीमत’ पर पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो US नेवी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से एस्कॉर्ट करना शुरू कर सकती है। ऐसी परिस्थिति में जब भारत अपने लिए रास्ता तलाश रहा है, कॉन्ग्रेस लोगों को डरा रही है।
देश को भयभीत करने की कोशिश कर रही कांग्रेस
कांग्रेस का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण देश के लोगों को खामियाजा उठाना पड़ेगा, क्योंकि एलजीपी, एलएनजी उसी रास्ते से आता है। मिडिल ईस्ट में होने वाले युद्ध का असर देश के फर्टिलाइजर, ट्रांसपोर्ट, माइनिंग, रेलवे, पॉवर, एग्रीकल्चर समेत कई सेक्टर्स पर पड़ेगा। आने वाले समय में जिस तरह से महँगाई बढ़ेगी और मंदी आएगी, हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
कांग्रेस ऐसा कह कर सरकार को आगाह करना चाहती है या देश को डराना चाहती है। मिडिल ईस्ट के देशों के साथ भारत के मधुर संबंध हैं और व्यापारिक रिश्ते भी काफी मजबूत हैं। भारत के लिए जब होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है, तो फिर ऐसा संकट क्यों आएगा। भारत को रूस ने तेल देने की पेशकश भी कर चुका है। बाकी रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का बयान
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। यह घोषणा गुरुवार 5 मार्च 2026 को ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के जरिए की गई है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि इंटरनेशनल कानून और संबंधित प्रस्तावों के मुताबिक, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान युद्ध के समय होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने को रेगुलेट करने का अधिकार रखता है। इसलिए इस रास्ते से अगर अमेरिका, इजराइल, यूरोप और उनके ‘समर्थकों’ का कोई भी जहाज इस रास्ते पर दिखेगा तो उसपर निश्चित रूप से हमला किया जाएगा।
इससे पहले ईरान ने साफ किया था कि वह चीनी झंडे लगे जहाजों को स्ट्रेट इस्तेमाल करने देगा। अब उसने दुनिया के बाकी देशों को भी ग्रीन सिग्नल दे दिया है, जो इस युद्ध में शामिल नहीं है या उसके खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं। ये पूरी दुनिया के लिए राहत भरी खबर है।
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