असम CM की पत्नी को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस का फर्जीवाड़ा, पाकिस्तानी के खोए अमीरात ID कार्ड में हेराफेरी कर बताया रिनिकी का UAE पासपोर्ट


असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस खुद ही फँसती नजर आ रही है। दरअसल, पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ व बारबुडा के 3 विदेशी पासपोर्ट हैं। उन्होंने इन दावों के समर्थन में कुछ दस्तावेज भी दिखाए।

हालाँकि, मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी दोनों ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ये आरोप झूठे, मनगढ़ंत और राजनीतिक मकसद से लगाए गए हैं। इस पूरे मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। जिन दस्तावेजों को कांग्रेस की ओर से पेश किया गया था, उनमें कई गड़बड़ियों की चर्चा पहले ही सामने आ गई थीं।

अब सामने आया है कि यह दस्तावेज असल में एक पाकिस्तानी नागरिक के खोए हुए अमीरात आईडी कार्ड की फोटो से छेड़छाड़ करके बनाया गया था। जानकारी के मुताबिक, ‘Pakistani in Ajman’ नाम के एक फेसबुक ग्रुप में टीपू सुल्तान नाम के व्यक्ति ने 28 मार्च को पोस्ट कर बताया था कि उसके दो एमिरेट्स आईडी कार्ड, एक कार का दस्तावेज और एक एटीएम कार्ड खो गए हैं। उसने अपने आईडी कार्ड की तस्वीर भी शेयर की थी।

उस आईडी कार्ड का नंबर 784-1996-5557498-8 है। यह वही नंबर है जिसे कांग्रेस ने रिनिकी भुइयां सरमा के कथित ‘UAE पासपोर्ट’ के रूप में दिखाया था। उस व्यक्ति की जन्मतिथि 10 जुलाई 1996 थी और ID नंबर के बीच के अंक भी उसी वर्ष को दिखाते हैं।

जब दोनों तस्वीरों की तुलना की गई तो साफ दिखा कि नाम को बदलकर ‘अशरफ अब्देलकादर अब्देलसमद हुसैन’ की जगह ‘रिनिकी भुइयां सरमा’ कर दिया गया। जन्मतिथि, जारी करने और समाप्ति की तारीख भी बदल दी गई लेकिन ID नंबर वही रखा गया।

यहाँ तक कि राष्ट्रीयता भी नहीं बदली गई और मिस्र ही बनी रही। यह भी सामने आया कि फेसबुक पोस्ट में ID कार्ड का पीछे का हिस्सा नहीं था। ऐसे में माना जा रहा है कि पीछे की तस्वीर किसी और स्रोत से ली गई और उसमें भी बदलाव किया गया।

इस पूरे मामले पर असम के मंत्री पियूष हजारिका ने भी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह ‘गोल्डन कार्ड’ नंबर उसी फेसबुक ग्रुप से लिया गया है। उन्होंने लिखा, “पवन खेड़ा ने ‘गोल्डन कार्ड’ नंबर फेसबुक से चुराया है। कितनी शर्मनाक बात है।”

‘गोल्डन कार्ड VS रेजिडेंट आइडेंटिटी कार्ड’

फेसबुक पर जो दस्तावेज सामने आया उसमें ‘रेजिडेंट आइडेंटिटी कार्ड’ लिखा हुआ है जबकि कांग्रेस द्वारा पेश किए गए दस्तावेज में उसे ‘गोल्डन कार्ड’ बताया गया। ऐसे में कांग्रेस यह दावा कर सकती है कि यह जालसाजी नहीं है बल्कि एक अलग असली कार्ड है जिसका आईडी नंबर वही है। लेकिन यह संभव नहीं है। UAE में हर निवासी को 15 अंकों का एक यूनिक एमिरेट्स आईडी नंबर दिया जाता है।

यह नंबर व्यक्ति के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से जुड़ा होता है, जो फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी के केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज रहता है। यह नंबर कभी नहीं बदलता, चाहे कार्ड की अवधि खत्म हो जाए, उसे रिन्यू किया जाए, व्यक्ति वीजा या स्पॉन्सर बदल ले या फिर गोल्डन वीजा में अपग्रेड हो जाए।

UAE के असली एमिरेट्स आईडी नंबर पूरी तरह यूनिक होते हैं और दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। इसलिए अलग-अलग दस्तावेज होने के बावजूद एक ही नंबर का इस्तेमाल संभव नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कॉन्ग्रेस द्वारा पेश किया गया दस्तावेज फर्जी है।

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