योगी ने बंगाल में लिया था ‘नेताजी’ जी का भी नाम, अधूरे क्लिप से TMC-कांग्रेस ने फैलाया प्रोपेगेंडा

                योगी के चुनावी भाषण को TMC-कांग्रेस ने काट-छाँट कर पेश किया (साभार : Aajtak & TV9)
पश्चिम बंगाल के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी जनसभा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण का एक छोटा सा हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस(TMC) की नेता महुआ मोइत्रा और कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेता समेत कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ का श्रेय स्वामी विवेकानंद को दे दिया।

महुआ मोइत्रा ने उन्हें ‘बुलडोजर बुद्धि’ तक कह डाला। लेकिन जब इस पूरे Video की पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। यह रिपोर्ट TMC और कांग्रेस के भ्रामक प्रचार और CM योगी के वास्तविक भाषण के बीच के अंतर को स्पष्ट करती है। विपक्ष ने इस छोटी सी बात को जानबूझकर इतना बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास इसलिए भी किया है क्योंकि योगी आदित्यनाथ न केवल एक मुख्यमंत्री हैं, बल्कि एक प्रतिष्ठित धार्मिक पीठ (गोरक्षपीठ) के प्रमुख भी हैं।

योगी के भाषण का सच

सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा Video अधूरा और काट-छाँट कर पेश किया गया है। भाषण के करीब 10 मिनट के बाद के हिस्से को अगर ध्यान से सुना जाए, तो स्पष्ट होता है कि सीएम योगी बंगाल की महान विभूतियों का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा, “याद करिए, स्वामी विवेकानंद इसी बंगाल की धरती से जन्मे हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था… (यहाँ हल्का सा ठहराव लेकर उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम लिया)… तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा, नेताजी का यह उद्घोष भारत की आजादी का मंत्र बना।”

अक्सर रैलियों में जब वक्ता कई महापुरुषों का नाम एक साथ लेता है, तो शब्दों का प्रवाह (स्लिप ऑफ टंग) हो जाता है। CM योगी ने तुरंत उसी वाक्य में ‘नेताजी’ का नाम लेकर इसे स्पष्ट कर दिया था। लेकिन TMC ने केवल ‘स्वामी विवेकानंद’ और ‘नारे’ वाले हिस्से को जोड़कर इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की ताकि बंगाल की जनता के सामने उनकी छवि खराब की जा सके।

महुआ मोइत्रा और सुप्रिया श्रीनेत का गुमराह करने वाला पोस्ट

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने तथ्यों की जाँच किए बिना सोशल मीडिया पर योगी पर निजी हमला किया। उन्होंने लिखा, “हेलो बुलडोजर बुद्धि, अपने फैक्ट्स ठीक करो। नेताजी ने कहा था- तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा, स्वामी विवेकानंद ने नहीं। वापस यूपी जाकर फैंटा पियो और बंगाल को अकेला छोड़ दो।”

यह पोस्ट न केवल अपमानजनक था, बल्कि जानबूझकर जनता को गुमराह करने वाला भी था। TMC ने बंगाल में अपनी सरकार के खिलाफ बन रहे माहौल और ‘भ्रष्टाचार’ के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस छोटी सी जुबान फिसलने वाली घटना को ‘तथ्यात्मक गलती’ के रूप में पेश किया।

वहीं, कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस बहती गंगा में हाथ धोते हुए ट्वीट किया कि ‘योगी जी यह बात नेताजी ने 1944 में कही थी, जबकि विवेकानंद जी का निधन 1902 में हो गया था।’ दोनों ही नेताओं ने जनता को यह दिखाने की कोशिश की कि CM योगी को इतिहास की जानकारी नहीं है, जबकि उन्होंने जानबूझकर वीडियो के उस हिस्से को नजरअंदाज किया जहाँ स्पष्टीकरण मौजूद था।

सोशल मीडिया पर TMC-कांग्रेस की फजीहत: लोगों ने सिखाया ‘सुनने का सलीका’

महुआ मोइत्रा के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नेटिजन्स ने उन्हें जमकर आईना दिखाया। नेटिजन्स ने पूरा Video साझा करते हुए बताया कि योगी जी ने नेताजी का नाम स्पष्ट रूप से लिया था।

एक यूजर ने CM योगी की Video शेयर कर हुए लिखा, “मैडम कानों का इलाज कराओ, यूपी में अच्छे अस्पताल हैं।”

एक अन्य यूजर ने महुआ मोइत्रा को स्पष्ट कर लिखा, “योगी जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संदर्भ में ही नारा दिया था, विवेकानंद जी के साथ उसे नहीं जोड़ा। यह तथ्य की गलती नहीं, आपके सुनने की विफलता है।”

इसके अलावा एक और यूजर ने महुआ मोइत्रा को फटकार लगाते हुए लिखा, “सच्चाई जानने के बजाय आपने गाली देना चुना, जो आपकी राजनीति को दर्शाता है।”

विपक्ष के कुशासन और हिंदू गौरव पर कड़ा प्रहार

अपने उसी भाषण में योगी आदित्यनाथ ने TMC पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती रामकृष्ण परमहंस, नेताजी और खुदीराम बोस की पावन धरा है, लेकिन आज TMC यहाँ राम भक्तों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार दुर्गा पूजा रुकवाती है और विसर्जन पर प्रतिबंध लगाती है। CM योगी ने स्वामी विवेकानंद के उस आह्वान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था, “गर्व से कहो हम हिंदू हैं।”

योगी आदित्यनाथ का मुख्य निशाना TMC की तुष्टीकरण की राजनीति थी। उन्होंने बंगाल की जनता से विकास और सम्मान के लिए एकजुट होने की अपील की। शायद यही कारण है कि TMC ने उनके पूरे भाषण के मुख्य मुद्दों (सुरक्षा, धर्म और विकास) को दबाने के लिए एक छोटे से ‘वर्ड प्ले’ को प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल किया।

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