ट्रंप की बेटी इवांका को मारना चाहता था मोहम्मद बाकेर, ईरानी सेना से मिली थी ट्रेनिंग: सुलेमानी की मौत का बदला लेना था मकसद

    ट्रंप और बेटी इवांका (बाएँ), हत्या की साजिश रचने वाला आतंकी मोहम्मद बाकेर (दाएँ), (साभार : CNN & Newyorkpost)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पर एक बड़ा खतरा टल गया है। अमेरिकी अखबार ‘न्यू यॉर्क पोस्ट’ के अनुसार, इवांका की हत्या की साजिश रचने वाले एक ट्रेंड आतंकी मोहम्मद बाकेर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस आतंकी के पास से इवांका के फ्लोरिडा वाले घर का पूरा नक्शा मिला है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं।

पकड़े गए आतंकी का पूरा नाम मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी है। उसकी उम्र 32 साल है। छह साल पहले बगदाद में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी सैन्य प्रमुख कासिम सुलेमानी मारा गया था। अल-सादी उसे अपना अब्बू जैसा मानता था। वह सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था। उसने लोगों से कहा था कि वह इवांका को मारकर ट्रंप से अपना बदला पूरा करेगा।

इंटरनेट पर दी थी खुली धमकी

आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर काफी एक्टिव था। उसने वहाँ इवांका और उनके पति के 24 मिलियन डॉलर (225 करोड़ रुपए) के घर का नक्शा डाला था। उसने अरबी भाषा में लिखा था कि अमेरिकी महल या सीक्रेट सर्विस भी उन्हें नहीं बचा पाएगी। उसने लिखा कि हमारा बदला बस कुछ ही समय की बात है। वह लोगों को डराने के लिए साइलेंसर लगी पिस्तौल की तस्वीरें भी भेजता था।

तुर्की में पकड़ा गया आरोपित

इस बड़े आतंकी को 15 मई को तुर्की में पकड़ा गया। वह वहाँ से रूस भागने की तैयारी में था। गिरफ्तारी के बाद उसे तुरंत अमेरिका भेज दिया गया। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उस पर यूरोप और अमेरिका में 18 हमलों का आरोप है। अभी उसे ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। वहाँ उसे सबसे अलग एक कड़े पहरे वाली कोठरी में बंद किया गया है।

कई देशों में फैलाया था खौफ

यह आतंकी सिर्फ ट्रंप की बेटी इवांका के पीछे नहीं था। वह ‘कथैब हिजबुल्लाह’ और ईरान के ‘IRGC’ जैसे खतरनाक संगठनों से जुड़ा है। उसने एम्स्टर्डम में एक बैंक पर पेट्रोल बम फेंका था। उसने लंदन में दो लोगों पर चाकू से हमला किया था। उसने टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी भी की थी। इसके अलावा बेल्जियम और रोटरडैम में भी उसने हमले किए थे।

सरकारी पासपोर्ट का उठाया फायदा

रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित के पास इराक का खास ‘सर्विस पासपोर्ट’ था। यह पासपोर्ट सिर्फ वहाँ के प्रधानमंत्री की इजाजत से मिलता है। इस VIP पासपोर्ट के कारण एयरपोर्ट पर उसकी जाँच नहीं होती थी। उसे हर जगह VIP लाउंज की सुविधा मिलती थी। इसी का फायदा उठाकर वह आसानी से दूसरे देशों में जाता था। वहां वह बड़े आराम से अपने आतंकी नेटवर्क को चला रहा था।

ट्रैवल एजेंसी के नाम पर धोखा

अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए उसने एक तरकीब निकाली थी। उसने मजहबी यात्राएँ कराने वाली एक ट्रैवल एजेंसी खोली थी। इसी एजेंसी की आड़ में वह पूरी दुनिया में घूमता था। वह अलग-अलग देशों में जाकर अपने साथियों से मिलता था। वह सोशल मीडिया पर एफिल टावर जैसी मशहूर जगहों के साथ फोटो डालता था। कई बार वह मिसाइलों और हथियारों के साथ भी अपनी फोटो पोस्ट करता था।

इस मामले पर अभी सब शांत

इवांका ट्रंप ने साल 2009 में अपनी शादी से पहले यहूदी धर्म अपना लिया था। इस बड़ी साजिश के सामने आने के बाद भी अभी सब शांत हैं। न्यू यॉर्क पोस्ट ने इस मामले पर बात करने के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया था। उन्होंने आरोपित के वकील से भी बात करने की कोशिश की। हालाँकि, अभी तक किसी की भी तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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