तुलसी गबार्ड (फोटो साभार: US आर्मी)
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार (22 मई 2026) को ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक के दौरान उन्हें अपने फैसले की जानकारी दी। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय (ODNI) में उनका अंतिम दिन 30 जून 2026 होगा। भारत से जुड़ी पृष्ठभूमि रखने वाली तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने उनकी जमकर सराहना की है।
पति की बीमारी बनी इस्तीफे की वजह
तुलसी ने X पोस्ट पर अपने इस्तीफे से जुड़ा पत्र शेयर कर राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया है। तुलसी ने लिखा, “आपने मुझ पर जो भरोसा जताया और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय का नेतृत्व करने का अवसर दिया, उसके लिए मैं हार्दिक आभारी हूँ।”
उन्होंने आगे लिखा, “दुर्भाग्यवश, मुझे 30 जून 2026 से प्रभावी अपना इस्तीफा देना होगा। मेरे पति अब्राहम को हाल ही में हड्डियों के कैंसर के एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का पता चला है। हमारे परिवार के लिए इस बेहद निजी और कठिन समय में आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।”
I am deeply grateful for the trust President Trump placed in me and for the opportunity to lead @ODNIgov for the last year and a half.
— Tulsi Gabbard 🌺 (@TulsiGabbard) May 22, 2026
Unfortunately, I must submit my resignation, effective June 30, 2026. My husband, Abraham, has recently been diagnosed with an extremely rare… pic.twitter.com/PS0Dxp5zpd
उन्होंने आगे कहा कि डीएनआई के रूप में देश की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही और इसके लिए वह अमेरिकी जनता तथा राष्ट्रपति ट्रंप की हमेशा आभारी रहेंगी।
भारत से क्या है तुलसी गबार्ड का नाता
तुलसी गबार्ड का जन्म अमेरिका के समोआ में हुआ था। उनके पिता यूरोपीय मूल के हैं जबकि उनकी माँ भारतीय हैं। सेना में रहते हुए तुलसी ने इराक में भी सेवाएँ दी थीं।
तुलसी गबार्ड अमेरिका की पहली हिंदू सांसद मानी जाती हैं। वह पहले डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी थीं और पार्टी की प्रमुख नेताओं में शामिल रहीं। हालाँकि, साल 2022 में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ दी और बाद में रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हो गईं।
तुलसी कमला हैरिस की मुखर आलोचक रही हैं। साल 2019 में राष्ट्रपति पद की पहली डिबेट में उन्होंने कमला हैरिस को कड़ी चुनौती दी थी। साथ ही, तुलसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक भी माना जाता है।
इस्तीफे पर ईरान ने भी की तारीफ
तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बाद ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए तुलसी गबार्ड की तारीफ की और कहा कि उन्होंने ईरान के बारे में कई बार ऐसी ‘सच्चाई’ कही जिससे राष्ट्रपति ट्रंप असहज थे।
We wish Abraham a swift and complete recovery. You have previously shown at times that you work for America and not Israel, and sometimes you spoke truths about Iran that Trump hated. It was a pity that someone like you worked with this government, which has sidelined America and… https://t.co/OmfPaHvTwR
— IRI Embassy in Armenia (@iraninyerevan) May 22, 2026
ईरानी दूतावास ने अपने पोस्ट में लिखा, “हम अब्राहम के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हैं। आपने पहले भी कई बार यह दिखाया है कि आप अमेरिका के लिए काम करती हैं, इजरायल के लिए नहीं। आपने कई बार ईरान के बारे में ऐसी सच्चाइयां बताईं, जिनसे ट्रंप नफरत करते थे।”
No comments:
Post a Comment