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‘सिखों को हमेशा कमजोर करना चाहते हैं मुस्लिम’: आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ पर मोंटी पनेसर, इंग्लैंड का पूर्व क्रिकेटर

                                                                    'लाल सिंह चड्ढा सेना' सेना और सिखों का अपमान करती है
देश के साथ अब विदेश में भी आमिर खान (Aamir Khan) की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Lal Singh Chaddha) के बायकॉट की माँग की जा रही है। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने आमिर खान की फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने दावा किया है कि ये फिल्म भारतीय सेना और सिखों का अपमान करती है। मोंटी ने इस फिल्म के बायकॉट की माँग भी की है।

मोंटी ने फिल्म के रिलीज होने के बाद गुरुवार (11 अगस्त 2022) को सिलसिलेवार कई ट्वीट्स करते हुए आमिर खान की फिल्म की कड़ी निन्दा की। उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा, “फॉरेस्ट गंप (Forrest Gump) अमेरिकी सेना पर फिट बैठती है, क्योंकि अमेरिका उस दौर में वियतनाम वार के लिए सेना को भरने के लिए कम आईक्यू वाले लोगों की भर्ती भी कर रहा था। पर ये फिल्म भारतीय सशस्त्र बलों, भारतीय सेना और सिखों का अपमान करती है। अपमानजनक शर्मनाक।”

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर ने अपने दूसरे ट्वीट में आमिर खान को आड़े हाथों लेते हुए तीखी टिप्पणी की है। मोंटी ने लिखा, “‘लाल सिंह चड्ढा में आमिर ने एक मंदबुद्धि इंसान का किरदार निभाया है। फॉरेस्ट गंप भी एक मंदबुद्धि इंसान था। अपमानजनक और शर्मनाक है।”

इसके बाद मोंटी ने एक और ट्वीट किया। इसमें उन्होंने फिल्म को बॉयकॉट करने की अपील की है। पनेसर ने अपने ट्वीट में कुछ आँकड़े भी दिए हैं। इनमें लिखा है, “एक पद्मविभूषण, एक पद्मभूषण, 21 इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट्स, 14 विक्टोरिया क्रॉस, दो परम वीर चक्र, चार अशोक चक्र, आठ महावीर चक्र, 24 कीर्ति चक्र, 64 वीर चक्र, 55 शौर्य चक्र, 375 सेना मेडल।”

यही नहीं उन्होंने मोहम्मद आदिल नाम के यूजर को रिप्लाई करते हुए लिखा, “मुस्लिम हमेशा से सिखों को कमजोर करना चाहते हैं। इस फिल्म का बहिष्कार करें।”

आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ हॉलीवुड स्टार टॉम हैंक्स की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ का हिंदी रीमेक है। वहीं कमाल आर खान उर्फ केआरके ने आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्डा’ का का मजाक उड़ाते हुए अभिनेता को पागल, बेवकूफ और मेंटल बताया है। उन्होंने फिल्म के डायलॉग्स को बेहद खराब बताया है। केआरके ने फिल्म की लीड एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) को ‘आंटी’ बताया है। केआरके ने कहा, “फिल्म बहुत स्लो और बोरिंग है। ट्रेन में बैठा आमिर खान पागलों जैसी हरकतें कर रहा है। मैं आमिर खान से सिर्फ इतना पूछना चाहता हूँ कि जब आपको फिल्म में पागल का ही रोल करना था फिर आपका सरदार बनना जरूरी क्यों था। क्या आप ये साबित करना चाहते हैं कि सरदार पागल होते हैं।”

लाल सिंह चड्डा के पोस्टर्स 

आमिर खान ने बुढ़ापे के रोल में पगड़ी पहनी हुई है, वहीं आर्मी यूनिफार्म में क्लीन शेव व बिना पगड़ी के है... इससे क्या सन्देश देने की कोशिश की गयी है??? यही ना, कि आर्मी ने उस पर जबरन अपने नियम थोपे होंगे?

जबकि आर्मी ने कभी सिखों को बाल काटने या शेव के लिए मजबूर नहीं किया

इसके कंधे पर लगा insignia देखिए....PARA लिखा है.... ये insignia हर किसी को नहीं मिलता.... सेना के भी गिने चुने कुछ हजार लोगों को सौभाग्य मिलता है यह Insignia लगाने के काबिल होने का....इसको तो यह भी नही पता की ये स्पेशल फ़ोर्स वाले लगाते हैं जो सर्जिकल स्ट्राइक किया करते हैं... Para वाले इंसान नहीं होते.... महामानव होते हैं.... जबकि यह चूहा टेढ़े मेढ़े मुँह बना कर Para कमांडो बना घूम रहा है.

अब इसके बांह पर लगी तलवार देखिए... curved तलवारें पाकिस्तान की सेना का sign है, जबकि भारतीय थल सेना हमेशा सीधी तलवार का इस्तेमाल करती है.

कुल मिलाकर फ़िल्म यह दिखाना चाह रही है, कि यह एक ढोंगी है, एक मंदबुद्धि है, जिसे भारत सरकार ने आर्मी में recruit कर लिया... फिर इसको para special forces में भेज दिया... और इसकी दाढ़ी मूंछ कटवा दीं... उसके बाद पाकिस्तान का insignia लगवा दिया..... वाह बेटे वाह.

और दुनिया इस अधकचरे अनपढ़ फर्जी अभिनेता को Perfectionist कहती है..... अब कृपया यह मत कहना कोई कि आमिर खान तो सिर्फ एक एक्टर है... उसे क्या पता इन सब के बारे में.....दुनिया को पता है आमिर का कितना दखल रहता है फ़िल्म में.

फुस्स लाल सिंह चड्ढा के पाकिस्तान में रिलीज के प्रयास, जहां 3 साल से बैन हैं भारतीय फिल्में

आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई। यह बीते 13 साल में आमिर खान की ओपनिंग डे पर सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म है। रक्षाबंधन के मौके पर गुरुवार (11 अगस्त 2022) को यह फिल्म रिलीज की गई थी। अब इसे पाकिस्तान में भी रिलीज कराने के प्रयास हो रहे हैं, जिसने बीते 3 साल से भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगा रखा है।

पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबन्ध कोई नई बात नहीं। फ़िल्मी इतिहास साक्षी है कि भारत में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी फिल्में पाकिस्तान में ही सफल होती रही हैं। और निर्माता अपने नुकसान की भरपाई कर पाता है। अभिनेता-निर्माता शेख मुख्त्यार फिल्म 'नूरजहां' बनाने में कर्जे में डूब गए थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह जा पड़ी, शेख को कर्जा चुकता करने के लाले पड़ गए, उस स्थिति में उन्हें फिल्म को पाकिस्तान में रिलीज़ करने का सुझाव तो दिया, लेकिन पाकिस्तान में भारतीय फिल्में प्रतिबंधित होने के आशा की किरण भी लुप्त ही थी, लेकिन संकटमोचन बने वर्तमान सांसद अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, जिन्हे तत्कालीन प्रशासक जिया-उल-हक़ अपना बेटा मानते थे, के प्रयास से शेख मुख्त्यार पाकिस्तान में अपनी असफल फिल्म को रिलीज़ करते ही मानों कर्ज में डूबे शेख को ऑक्सीजन मिल गयी, और कर्ज मुक्त होकर अल्लाह को प्यारे हो गए।  

‘लाल सिंह चड्ढा’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन करीब 10-11 करोड़ की कमाई की है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गुरुवार की सुबह बेहद धीमी शुरुआत की। इसे देखकर ऐसा लगा कि शायद फिल्म 10 करोड़ तक का भी कलेक्शन नहीं कर पाएगी। लेकिन, दोपहर बाद फिल्म ओपनिंग डे में करीब 10-11 करोड़ का आँकड़ा छूने में कामयाब रही। कहा जा रहा है कि फिल्म दिल्ली और पंजाब में बेहतर प्रदर्शन कर रही है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों में यह दर्शकों के लिए तरस रही है।

‘लाल सिंह चड्ढा’ की ओपनिंग डे की कमाई निर्देशक कबीर खान की फ्लॉप फिल्म ’83’ और फरहाद सामजी की फिल्म ‘बच्चन पांडे’ से भी कम रही है। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, ’83’ ने अपने ओपनिंग डे में 15 करोड़ रुपए और बच्चन पांडे ने 13.25 करोड़ रुपए कमाए थे। वहीं, यह फिल्म इस साल की सुपरहिट फिल्मों के ओपनिंग डे के करीब भी नहीं पहुँच सकी। ‘लाल सिंह चड्ढा’ ने जहाँ 10-11 करोड़ रुपए की ओपनिंग की, वहीं ‘आरआरआर’ ने पहले दिन 20.7 करोड़ रुपए और ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने पहले दिन 53.95 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था।

बॉलीवुड विशेषज्ञों के अनुसार, आमिर खान की फिल्म को 30 करोड़ रुपए की ओपनिंग मिलनी चाहिए थी। फिल्म का ओपनिंग डे का कलेक्शन 20 करोड़ रुपए से कम नहीं जाना चाहिए था। हालाँकि, दर्शकों ने फिल्म को सिरे से नकार दिया है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान में इस फिल्म को को रिलीज करने के प्रयास हो रहे। सिनेपैक्स मीडिया ग्रुप के महाप्रबंधक साद बेग ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि उन्होंने सूचना मंत्रालय से पाकिस्तान में लाल सिंह चड्ढा की रिलीज की अनुमति माँगी है। साद ने बताया, “हमने सूचना मंत्रालय को एनओसी के लिए आवेदन किया है। अगर हमें एनओसी मिलती है, तो फिल्म पाकिस्तान में रिलीज होगी।” साल 2019 में पुलवामा अटैक के बाद से पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लिया गया था।

वहीं, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) और सिंध बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने पाकिस्तान में ऐसी किसी भी रिलीज से इनकार किया है। सूचना मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान में ‘लाल सिंह चड्ढा’ की रिलीज के लिए एक एनओसी जमा किया गया है। साथ ही कहा है कि हमारी नीति एक जैसी है। कोई भी भारतीय फिल्म या भारत में बना कोई भी प्रोजेक्ट पाकिस्तान में रिलीज नहीं होगा।

आमिर खान : सबसे बड़ा हेटर गुजरात दंगे और नरेन्द्र मोदी को लेकर बोला झूठ, देवी-देवताओं का किया अपमान, देश में फैलाया डर


बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान इस समय अपनी आने वाली फ़िल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को लेकर सूर्खियों में हैं। यह फ़िल्म 11 अगस्त को रिलीज होने वाली है। इससे पहले ही इस फ़िल्म के बायकॉट की मांग हो रही हैं। ट्विटर पर #BoycottLaalSinghChaddha जमकर ट्रेंड हो रहा है। इधर, फिल्म के बायकॉट की मांग से आमिर खान दुखी नजर आ रहे हैं। आमिर ने कहा कि ‘लाल सिंह चड्‌ढा’ फिल्म का बायकॉट करना दुखद है। पता नहीं क्यों लोगों को लगता है कि मैं अपने देश से प्यार नहीं करता, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आमिर के इस बयान से स्पष्ट है कि उन्हें अपने अंदर भरी नफरत का ज्ञान नहीं है। तो चलिए आपको आमिर की नफरत और लोगों के बायकॉट और विरोध की वजह बताते हैं।

बायकॉट से परेशान आमिर खान सफाई देने पर मजबूर

दरअसल, आमिर खान को पता नहीं है कि वो जिस थाली में खाना खा रहे हैं, उसी में छेद कर रहे हैं। अब लोगों ने उनकी फ़िल्म के बायकॉट और विरोध के जरिए आमिर खान को सोचने और सफाई देने पर मजबूर कर दिया है। लोगों का आरोप है कि आमिर खान ने 2002 के गुजरात दंगों और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर झूठ बोला था। यहां तक कि जिस देश में वो शांतिपूर्वक रहते हैं। फिल्म के जरिए पैसे और प्रसिद्धि प्राप्त करते हैं। उसको लेकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की। इसके अलावा अपनी फिल्मों में हिंदू संस्कृति और देवी-देवताओं का अपमान करते हैं और उसे नीचा भी दिखाते हैं।

आमिर खान का भारत विरोधी तुर्की से संबंध

फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के लिए आमिर खान की तुर्की यात्रा भी विवादों के घेरे में हैं। आमिर खान ने भारत विरोधी तुर्की में जाकर किस तरह वहां के राष्ट्रपति से मुलाकात की और वहां के पर्यटन को प्रमोट किया, इससे भी उनके अंतरराष्ट्रीय इस्लामी एजेंडे को समझा जा सकता है। पाकिस्तान का यार तुर्की अक्सर कश्मीर राग अलापता है और भारत के मुस्लिमों को भड़काता है। जब भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था, तब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया था। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया जा चुका है कि तुर्की भारत में कट्टर इस्लामिक संगठनों को फंडिंग भी करता है। तुर्की की प्रथम महिला एमीन एर्दोगन से आमिर खान 15 अगस्त, 2020 को मिले थे। इस मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

नरेन्द्र मोदी के खिलाफ फैलाई नफरत 

पिछले 21 सालों में ऐसा कोई भी मौका नहीं है, जब नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने और उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें नहीं की गई हों। आखिरकार 24 जून, 2022 को सत्य की जीत हुई और सुप्रीम कोर्ट ने 2002 गुजरात दंगा मामले में ज़किया जाफरी की याचिका खारिज करते हुए दंगे की साज़िश के आरोप से तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को मुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कुछ लोगों ने अपने निहित स्वार्थ के लिए न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का प्रयास किया, ताकि मामला चर्चा में बना रहे। दरअसल नरेन्द्र मोदी को झूठे तथ्यों के आधार पर बदनाम करने की मुहिम चलाई गई, जिसमें राजनीतिज्ञ, पत्रकार और फर्जी सामाजिक कार्यकर्ता से लेकर आमिर खान जैसे बॉलीवुड अभिनेता भी शामिल थे। 

नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने की मुहिम में शामिल थे आमिर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आमिर खान की नफरत जगजाहिर है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक कई मौकों पर आमिर खान ने नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपनी नफरत को प्रदर्शित किया है। सोशल मीडिया पर एक वीडिया वायरल हो रहा है, जिसमें आमिर खान पत्रकार शेखर गुप्ता से बात करते हुए दिख रहे हैं। वर्ष 2002 के इस इंटरव्यू में आमिर खान ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को गुजरात दंगों में लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। और उनकी पार्टी पर भी सवाल खड़े किए थे। लेकिन गुजरात दंगे की बात करते हुए आमिर खान ने गोधरा में ट्रेन जलाए जाने और 59 हिन्दुओं की निर्मम हत्या का जिक्र नहीं किया था। 

गुजरात दंगों पर बोला झूठ

इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “एक इंसान के तौर पर मैं ये समझता हूं कि लोगों के दिमाग में बहुत जहर भरा है। गुजरात में जो हुआ बहुत बुरा हुआ। कोई आदमी मोदी जैसा, वहां गुजरात में इंडियन मारे गए थे। चाहे वो हिंदू हों, मुसलमान हों, सिख हों, ईसाई हो। मारे गए एक नेता के हाथों, जिसे सोचा गया था कि वो लोगों का नेता होगा, वो जिम्मेदार है लोगों के मरने के लिए। वो और उनकी पार्टी। वहां जो हुआ वो बहुत एंटी-इंडियन था। ये मानवता के खिलाफ था। लोगों ने इसके खिलाफ आवाज भी उठाई ये अच्छा हुआ। ये देख कर अच्छा लगा, मुझे भारत के लोगों में भरोसा है। वो थोड़ा भटकेंगे लेकिन मुझे उम्मीद है उन्हें प्यार में भरोसा है।”

अमेरिका का वीजा न मिलना राष्ट्रीय गौरव- आमिर

इसी इंटरव्यू में शेखर गुप्ता से बात करते हुए आमिर खान ने कहा था कि जो लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं, वो पूरी तरह से देश विरोधी हैं। ये लोग मानवता और स्वस्थ समाज की अवधारणा को ठेस पहुंचाते हैं। कुछ ही लोग इसके खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। आजकल खबर में आ रहा है कि अमेरिका ने नरेन्द्र मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया है और ये राष्ट्रीय गौरव की बात हो गई है। बताया जाता है कि आमिर खान ने नरेन्द्र मोदी को अमेरिका का वीजा न मिले इसके लिए भी एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था।

मेधा पाटेकर के साथ नर्मदा डैम प्रोजेक्ट के खिलाफ चलाया अभियान

आमिर ने साल 2006 में मेधा पाटेकर के साथ मिलकर नर्मदा डैम प्रोजेक्ट को लेकर नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभियान चलाया था। और गुजरात के विकास में बांधी डाली थी। 15 अप्रैल, 2006 को आमिर ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहीं एक्टिविस्ट मेधा पाटेकर का समर्थन किया था। मेधा उस समय गुजरात सरकार के एक फैसले का विरोध कर रही थी जिसमें ये कहा गया था कि सरदार सरोवर बांध की लंबाई बढ़ाई जाएगी। उस दौरान आमिर की फिल्म रंग दे बसंती रिलीज़ होने वाली थी और वे अपनी पूरी टीम के साथ मेधा का समर्थन करने पहुंचे थे। आमिर की नर्मदा बचाओ आंदोलन में सक्रियता देखकर कई लोग हैरान हुए थे।

इन्टॉलरेंस पर कहा था- देश का माहौल खराब है

आमिर खान ने कुछ साल पहले देश में बढ़ रहे इन्टॉलरेंस पर रिएक्ट किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने बच्चों को लेकर पहली बार डर लग रहा है, क्योंकि देश का माहौल बहुत खराब है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि उनकी पूर्व पत्नी किरण ने उनसे पूछा कि क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए? किरण अपने बच्चे की सेफ्टी को लेकर डर महसूस कर रही थीं। आमिर ने पत्नी के कहने पर देश तो नहीं छोड़ा लेकिन सलाह देने वाली पत्नी किरण राव को ही छोड़ दिया। अब उनका और किरण राव का तलाक हो चुका है। अब आमिर खान इससे नाराज़ हैं कि लोग ऐसा क्यों कह रहे हैं कि उन्हें देश से प्यार नहीं। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि देश में जिसे डर लगता हो, वो देश से कैसे प्यार कर सकता है?

पीके फिल्म में भगवान का अपमान किया था

आमिर की पिछली फिल्म ‘पीके’ को लेकर भी लोगों के मन में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि कैसे आमिर ने फिल्म में ‘भगवान’ का मजाक उड़ाया था और ‘हिंदू धर्म’ का ‘अपमान’ किया था। फिल्म के रिलीज के समय हिन्दू संगठनों ने फिल्म पर कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। फिल्म में ‘गौ माता’ और भगवान शिव जैसे देवी देवताओं को जिस तरह दिखाया गया है वह सनातन धर्म का आपमान है। लोग आमिर की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि हिन्दू-देवी देवताओं और भारत का अपमान करने वाली मानसिकता पर लगाम लगाने की जरूरत है। ताकि आगे से कोई अपमान करने की हिम्मत नहीं कर सके।

शिव पर दूध चढ़ाने वाला विवादित बयान

आमिर ने अपने शो ‘सत्यमेव जयते’ में कहा था कि शिव की मूर्ति पर 20 रुपये का दूध चढ़ाने के बजाय किसी बच्चे को खाना खिलाना ज्यादा बेहतर होगा। इस बात पर भी काफी विवाद हुआ था। अपने इस बयान के चलते आमिर खान को काफी ज्यादा ट्रोल होना पड़ा था। अब लोग कह रहे हैं कि वो ‘लाल सिंह चड्ढा’ पर पैसे खर्च करने के बजाय गरीब बच्चों को खाना खिलाएंगे।