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पश्चिम बंगाल : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चेहरे पर पोती स्याही, लिख दिया ‘TMC का एजेंट’

                                    राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पोस्टर पर पोती स्याही
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ता अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के पोस्टर में उनके चेहरे पर स्याही पोत रहे हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राज्य में कांग्रेस को गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाया। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी उन पर हमलावर हैं। इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने पार्टी को क्षत्रप को चेताया भी। अब कोलकाता स्थित कांग्रेस भवन में इसका परिणाम देखने को मिला है।

आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्यों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के मुंह पर स्याही पोतनी पड़ी? कारण साफ है, जो भी नेता परिवार के विरुद्ध अगर पार्टी हित में भी काम करता है, वो परिवार को पसंद नहीं।  

पार्टी के पोस्टर में मल्लिकार्जुन खड़गे के चेहरे पर काले रंग की स्याही कांग्रेस के ही कार्यकर्ताओं ने पोत दी। उसी होर्डिंग पर पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की फोटो भी लगी हुई है। हालाँकि, उनकी तस्वीरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। कोलकाता में विधान भवन के सामने कांग्रेस पार्टी के पोस्टरों में इन दिग्गजों की तस्वीरें लगी हैं। जैसे ही कांग्रेस के अन्य स्थानीय नेताओं को मामले का पता चला, आनन-फानन में स्याही लगे होर्डिंग्स और बैनरों को हटाया।

TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कुछ दिनों पहले एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि वो सरकार बनने की स्थिति में I.N.D.I. गठबंधन को बाहर से समर्थन देंगी। इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया था कि ममता बनर्जी गठबंधन के साथ हैं। जबकि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन ममता बनर्जी के धुर विरोधी वामदलों से है। केरल में कांग्रेस पार्टी इन्हीं वामदलों के साथ लड़ रही है। केरल के CM पिनाराई विजयन और राहुल गाँधी ने एक-दूसरे पर खूब जुबानी हमले बोले हैं।

शनिवार(19 मई, 2024) रात को हुई ताज़ा घटना के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर के नीचे अज्ञात लोगों ने ‘TMC का एजेंट’ भी लिख दिया। बताया जा रहा है कि ये नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ही किया है। अधीर रंजन चौधरी फ़िलहाल अपने गृह-क्षेत्र बहरामपुर में हैं और उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मामले को लेकर शिकायत देकर FIR दर्ज कराने को कहा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि अधीर रंजन चौधरी ये निर्णय लेने वाले कोई नहीं हैं कि गठबंधन का स्वरूप कैसा होगा।

संविधान से सेकुलर और सोशलिस्ट शब्द गायब : कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी का दावा- नए संसद में एंट्री के समय मिली कॉपी में नहीं थे ये शब्द

 (फोटो साभार: द हिंदू इंडिया टुडे)
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने संविधान को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 19 सितंबर 2023 को सांसदों को संविधान की जो प्रति दी गई उसमें से ‘सेकुलर’ और ‘सोशलिस्ट’ शब्द गायब हैं।
यदि यह बात सत्य है तो इसका अर्थ है कि दिया गया संविधान आपातकाल से पूर्व का है, जिसे पुनः प्रकाशित कर वितरित किया गया है। क्योकि ये शब्द आपातकाल में तुष्टिकरण के चलते जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने विपक्ष को जेलों में भर दिया था, तब ये शब्द संविधान में डाल जनता विशेषकर हिन्दुओं को पागल बनाया जाता रहा। 

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता चौधरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “आज हमें जो नया संविधान दिया गया, जिस संविधान को हाथ में लेकर प्रवेश (नए संसद भवन) किए, उसकी प्रस्तावना में ‘सोशलिस्ट सेकुलर’ शब्द नहीं हैं। हम जानते हैं कि ये शब्द 1976 में एक संशोधन के बाद जोड़े गए थे, लेकिन अगर आज कोई हमें संविधान देता है और उसमें ये शब्द नहीं हैं, तो यह चिंता का विषय है।”

अधीर रंजन चौधरी ने इसको लेकर सत्ताधारी बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ये सब कुछ बहुत सोच समझ कर किया गया है। बड़ी चतुराई से किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले बार-बार मौक़ा खोज रहे थे, लेकिन पहले ऐसा नहीं कर पाए थे। अब सरकार में बैठे लोग कहेंगे कि जब दिया था तो यही था, अब इसे मुद्दा क्यों बना रहे हो।

कांग्रेस सांसद चौधरी का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की। लेकिन उनको मौका नहीं दिया गया। उनके अनुसार उन्होंने इससे राहुल गाँधी को भी अवगत करवा दिया है।

अभी संसद का विशेष सत्र चल रहा है। 19 सितंबर से सदन की कार्यवाही नए संसद में शुरू हो गई है। पुराने से नए संसद भवन में प्रवेश करने से पहले सांसदों ने संविधान के साथ मार्च किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद का नाम ‘संविधान सदन’ रखने का प्रस्ताव दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 20 सितंबर को विशेष सत्र के दौरान तीसरे दिन महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा होने की संभावना है। 19 सितम्बर को सरकार ने लोकसभा में यह बिल पेश किया था।

महिला विरोधी कांग्रेस : सांसद अधीर रंजन चौधरी ने आदिवासी महिला राष्ट्रपति को ‘राष्ट्रपत्नी’ बताकर किया अपमान


कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सत्याग्रह के नाम पर जिस तरह सड़कों पर ड्रामा कर रहे हैं, वो किसी भी सभ्य लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून के सामने हर कोई बराबर है। लेकिन कांग्रेस सोनिया गांधी और उनके बच्चों को संविधान और देश से ऊपर समझते हैं। कांग्रेसियों की माने तो वे किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है। ईडी की पूछताछ को आलाकमान की शान में गुस्ताखी मान रहे हैं। इसलिए कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। कांग्रेस नेता अजय कुमार के बाद अब कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपमान किया है। दरअसल, मोदी-योगी विरोध में कांग्रेसी अपना मानसिक संतुलन ही खोते जा रहे हैं।  

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रपत्नी’ शब्द इस्तेमाल करते सुना जा सकता है। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “हिन्दुस्तान की राष्ट्रपति जी सबके लिए हैं। राष्ट्रपति जी नहीं राष्ट्रपत्नी जी, हिन्दुस्तान की राष्ट्रपत्नी जी सबके लिए हैं। हमारे लिए क्यों नहीं।” जिस तरह ‘राष्ट्रपत्नी’ शब्द पर जोर दिया है, उससे लगता है कि कांग्रेस एक गरीब आदिवासी महिला को राष्ट्रपति के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए सोनिया गांधी राजमाता हैं, जो राष्ट्रपति से भी ऊपर हैं।

अधीर रंजन चौधरी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्विटर यूजर्स का कहना है कि राष्ट्रपति को ‘राष्ट्रपत्नी’ बोलना राष्ट्र और संवैधानिक पद का अपमान है। कई यूजर्स अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक ईडी की मार से कांग्रेस नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, इसलिए बदजुबानी कर रहे हैं।

दिखाते हैं कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा। कांग्रेस की नजर में महिलाओं की क्या हैसियत है और वे किस तरह महिलाओं का अपमान करते हैं…

अजय कुमार का द्रौपदी मुर्मु को लेकर विवादित बयान
महिला विरोधी मानसिकता वाली कांग्रेस में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है, यह कई बार साबित हो चुका है। कांग्रेस के नेता अपने बयानों से सारी मर्यादाओं को तार-तार कर दे रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मु को लेकर कांग्रेस नेता अजय कुमार ने विवादित बयान दिया था। अजय कुमार ने कहा था कि द्रौपदी मुर्मु आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि देश की एक बुरी विचारधारा (इविल फिलॉसफी) का प्रतिनिधित्व करती हैं। हमें द्रौपदी मुर्मु को आदिवासी प्रतीक नहीं बनाना चाहिए। अनुसूचित जाति की स्थिति बदतर हो गई है।

अजय सिंह ने पारुल साहू को कहा- टिकाऊ माल
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस के बड़े नेता अजय सिंह ने अपनी पार्टी की उम्मीदवार पारुल साहु को टिकाऊ माल कहा।

यूथ कांग्रेस की महिला नेता का यौन शोषण
हाल ही में केरल में यूथ कांग्रेस की महिला नेता ने विंग के राष्ट्रीय सचिव को पत्र लिखकर एक कार्यकारी सदस्य पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पलक्कड़ में एक से तीन जुलाई तक यूथ कांग्रेस के तीन दिवसीय युवा चिंतन शिविर का आयोजना किया गया था। महिला नेता ने अपने पत्र में बताया था कि इस चिंतन शिविर में शराब के नशे में राज्य के कार्यकारी सदस्य विवेक नायर ने उसका यौन शोषण करने की कोशिश की। महिला नेता के पत्र के बाद विवेक नायर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि निलंबन का जो कारण बताया गया है, उसमें यौन शोषण के आरोप को खारिज कर दिया गया था।

कांग्रेस के मंत्री-पुत्र ने किया रस्सियों से बांधकर रेप
राजस्थान सरकार में जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी के बेटे रोहित के खिलाफ जयपुर की 23 साल की युवती ने दिल्ली में रेप का केस दर्ज कराया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि रोहित जोशी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर कई बार रेप किया। मांग में सिंदूर भरकर शादी का झांसा दिया। शादी तो नहीं की, लेकिन उसे जबरन हनीमून पर ले गया। पीड़िता प्रेग्नेंट हुई तो अबॉर्शन करा दिया। परेशान होकर पीड़िता ने खुदकुशी की कोशिश की। इससे बची तो रोहित मारपीट पर उतारू हो गया। आखिरकार पीड़िता ने नॉर्थ दिल्ली के सदर थाने में मामला दर्ज करवाया। 

कांग्रेस विधायक के बेटे ने नाबालिग से रेप कर बनाए अश्लील वीडियो
राजस्थान में कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे दीपक मीणा पर नाबालिग से गैंगरेप व ब्लैकमेल करने का आरोप लगा। दौसा में एक 15 साल की नाबालिग से गैंगरेप के मामले में एमएलए के बेटे समेत 5 युवकों पर मामला दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि एमएलए के बेटे और उसके दोस्तों ने होटल में रेप कर अश्लील वीडियो बनाए। इन्हें वायरल करने की धमकी देकर साढ़े 15 लाख रुपए व जेवरात ले लिए। इसके साथ धमकाया भी कि कानून हमारा कुछ नहीं कर सकता। परिजनों ने बताया कि पीड़िता 10वीं क्लास में पढ़ती है।

कांग्रेस के मंत्री धारीवाल ने कहा था, रेप में नंबर-1, क्योंकि राजस्थान मर्दों का प्रदेश है
पिछले दिनों विधानसभा में ही वरिष्ठ मंत्री शांति धारीवाल ने स्वीकारा था कि राजस्थान रेप के मामले में देशभर में नंबर वन है। इसके साथ ही धारीवाल ने शर्मनाक वक्तव्य भी जोड़ा कि क्या करें…राजस्थान मर्दों का प्रदेश है। गोठवाल ने कहा कि राजस्थान दुष्कर्म के मामलों में देश में पहले नंबर पर है। यहां आए दिन दुष्कर्म होते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार दुष्कर्म की घटनाओं पर काबू पाने में बिल्कुल विफल साबित रही है। 

कमलनाथ के करीबी सज्जन ने लड़कियों पर दिया बेतुका बयान
कांग्रेस के नेता अपने बयानों से सारी मर्यादाओं को तार-तार करते रहते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा ने एक बार फिर विवादित बयान दिया। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल किए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि जब लड़कियां 15 साल में प्रजनन लायक हो जाती हैं तो शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है। 13 जनवरी, 2021 को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लड़कियों की बच्चे पैदा करने लायक उम्र 15 साल है। शादी की उम्र 18 साल है तो कौन सा बड़ा वैज्ञानिक या डॉक्टर हो गया शिवराज की शादी की उम्र 21 करेगा।

इमरती देवी अब जलेबी बन गई हैं- सज्जन सिंह वर्मा
इसके पहले मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी नेता सज्जन सिंह ने एक विवादित बयान दिया। सज्जन सिंह ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि इमरती देवी अब ‘जलेबी’ बन गई हैं। दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार (1998-2003) में कैबिनेट मंत्री रहे सज्जन सिंह के इस बयान से पार्टी की काफी फजीहत हुई।

कमलनाथ ने इमरती देवी को कहा आइटम
इसके पहले राहुल गांधी के करीबी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी की महिला नेता इमरती के लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया है वह पार्टी की महिलाओं के प्रति सोच को उजागर करती है। मध्य प्रदेश के डबरा में कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश राजे के लिए प्रचार करने पहुंचे कमलनाथ ने कहा, ‘सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे साधे हैं। यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, ‘यह क्या आइटम है’।

कमलनाथ ने महिलाओं को कहा सजावट का सामान
कमलनाथ ने इसके पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भी महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया था। कमलनाथ महिलाओं को सजावट का सामान कहा था। दरअसल, पत्रकारों ने जब उनसे विधानसभा चुनाव में कम महिला प्रत्याशी उताने के बारे में सवाल पूछा तो, कमलनाथ ने कह दिया कि उन्होंने महिलाओं को सजावट और कोटे के आधार पर टिकट नहीं दिए गए हैं।