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विदेशी मेहमान के आने पर देशद्रोही औकात दिखाने लगते हैं; मोदी सरकार को हिटलर बन इन सफ़ेदपोशियों पर हंटर चलाना होगा; Indigo का लाइसेंस रद्द हो #Boycott Indigo

                                                        इंडिगो और डीजीसीए (फोटो साभार - AI)
2014 में जब से भारत में मोदी सरकार सत्ता में आयी है किसी भी विदेशी मेहमान के आने पर #Toolkit के बिकाऊ देशद्रोही हरकत में आ जाते हैं। CAA विरोध से लेकर अब एयरलाइन्स द्वारा हुए उपद्रव प्रत्यक्ष प्रमाण है। विदेशी मेहमान के भारत आने पर 
#Toolkit के बिकाऊ देशद्रोही कोई नया मुद्दा लेकर देश का माहौल ख़राब करते हैं। इतना ही नहीं कुछ समय पहले कुछ विदेशी हमारी संसद प्रणाली देखने आये तो संसद में बैठे सफेदपोशी गुंडों ने संसद में कितना हंगामा किया था। और अब जॉर्जिया के कुछ मेहमान आये तो उनके सामने इन सफेदपोशी गुंडों ने हंगामा कर देश को कलंकित करने की कोशिश की।  Indigo पर सख्त कार्यवाही करनी होगी। इसको प्रतिबंधित करना होगा। जनता को भी Indigo एयरलाइन का बहिष्कार करना होगा। जिस समस्या पर  रूस के राष्ट्रपति पुतिन के आने पर उपद्रव किया क्या वह पुतिन के जाने के बाद नहीं किया जा सकता था? आखिर इन  #Toolkit के बिकाऊ देशद्रोहियों पर मोदी सरकार हिटलर बन कब हंटर चलाएगी? इन उपद्रवियों पर मोदी सरकार को हंटर चलाना होगा। सरकार को इन उपद्रवियों उग्र होना पड़ेगा। जो किसी विदेशी मेहमान के भारत में आने पर उपद्रवियों द्वारा उपद्रव करने से पहले हज़ार बार सोंचे। 

    

भारत की सबसे बड़ी कम लागत वाली एयरलाइन ‘इंडिगो’ पिछले चार दिनों से उड़ान संकट से जूझ रही है। शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को देशभर के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें रद्द होने की घटनाओं ने यात्री और अधिकारी दोनों को हैरान कर दिया।

दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सभी घरेलू उड़ानों को आधी रात तक रद्द कर दिया गया, जबकि बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कम से कम 102 उड़ानें रद्द हुईं। यह स्थिति उस दिन आई, जब इंडिगो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को बताया कि 8 दिसंबर 2025 से उड़ानों को सीमित किया जाएगा ताकि उड़ान हो रही रुकावट को कम किया जा सके।

एयरलाइन ने चेतावनी दी कि अगले दो-तीन दिनों तक विलंब और रद्द होने वाली उड़ानों की स्थिति बनी रहेगी। हालाँकि, एयरलाइन ने यह भी कहा कि फरवरी 10, 2026 तक संचालन पूरी तरह से स्थिर होने की उम्मीद है। इस दौरान, इंडिगो ने नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के तहत रात की उड़ानों में कमी के नियमों से छूट माँगी है। उसने कहा है कि अभी और फ्लाइट्स कैंसिल होंगी और सबकुछ सही होने में करीब 10 दिन का समय लग जाएगा।

वहीं, DGCA ने कहा है कि वो इस छूट पर विचार करेगी, लेकिन इसके लिए एयरलाइन को विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करना होगा। उसमें पायलट और क्रू की भर्ती, प्रशिक्षण, रोस्टर पुनर्गठन और सुरक्षा योजनाओं का विवरण होगा।

केंद्र सरकार ने इंडिगो की लगातार उड़ान रद्द होने की स्थिति में DGCA के नए FDTL नियमों को तुरंत रोक दिया है और मामले में उच्च-स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच यह पता लगाएगी कि इंडिगो ने नए नियमों की तैयारी क्यों नहीं की और इतनी बड़ी अव्यवस्था कैसे हुई। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि उड़ान सेवाएँ जल्द सामान्य हों और जहाँ भी लापरवाही मिले, कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद सरकार की प्रतिक्रिया

 देश भर में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने और शेड्यूल बिगड़ने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने DGCA द्वारा लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को तुरंत प्रभाव से रोक दिया है। मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा को देखते हुए लिया गया है, ताकि समय पर यात्रा पर निर्भर बुजुर्गों, छात्रों और मरीजों को राहत मिल सके।

सरकार ने साफ कहा है कि FDTL आदेशों को रोका गया है, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी किसी भी बात पर कोई समझौता नहीं किया गया है। मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत ऐसे कदम उठाएँ, जिससे उड़ानें जल्द से जल्द सामान्य हो सकें और यात्रियों को काम से काम परेशानी हो।

इसी के साथ, इंडिगो में हुई भारी अव्यवस्था पर सरकार ने उच्च-स्तरीय जाँच के आदेश भी जारी कर दिए हैं। जाँच में यह पता लगाया जाएगा की आखिर इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल क्यों हुईं और इंडिगो ने DGCA के नए नियम लागू होने के बावजूद पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की। आरोप है कि जहाँ बाकी एयरलाइंस ने समय रहते नए क्रू और पायलटों की भर्ती की, वहीं इंडिगो ने भर्ती के बिना अपने ऑपरेशन लगातार बढ़ाए, जिसके कारण यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

जाँच में इंडिगो के आंतरिक प्लानिंग, स्टाफ मैनेजमेंट और DGCA के नियमों को लागू करने की तैयारी की डीटेल से समीक्षा की जाएगी। सरकार ने कहा है कि जहाँ भी लापरवाही या जिम्मेदारी तय होगी, कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो।

मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम भी बनाया है, ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और यात्रियों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके। सरकार ने उम्मीद जताई है कि अगले एक-दो दिनों में उड़ानें सामान्य होने लगेंगी और तीन दिनों के भीतर स्थिति पूरी तरह ठीक कर दी जाएगी।

क्या है समस्या का कारण ?

इस समस्या के पीछे मुख्य कारण DGCA के नए FDTL नियम हैं, जो पायलटों और उड़ान कर्मचारियों के लिए अधिक आराम करने और थकान को कम करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

इन नियमों के तहत सात दिनों में पायलटों को 36 से 48 घंटे का आराम देना होगा, जिसके कारण लगातार काम करने वाले घंटे कम किए गए हैं। जुलाई और नवंबर 2025 में दो चरणों में लागू हुए इन नियमों के कारण इंडिगो ने अपनी उड़ान योजनाओं का सही अंदाज नहीं लगा सके।

एयरलाइन ने मान लिया कि उनके पास पर्याप्त पायलट और क्रू नहीं हैं, क्योंकि जिन पायलटों को पहले रोस्टर में ऑन ड्यूटी दिखाया गया था, उन्हें अब उड़ान भरने की अनुमति नहीं थी। इंडिगो सामान्य परिस्थितियों में हर दिन 2,200 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है, जिनमें कई रात की उड़ानें शामिल हैं।

एयरलाइन ने यह भी माना कि FDTL नियमों के दूसरे चरण को लागू करते समय उनकी प्लानिंग और गिनती में गलती हो गई। असल में उन्हें जितने पायलट और क्रू की जरूरत थी, वह उनकी उम्मीद से ज़्यादा निकली।

अधिकारिक बयान और एयरलाइन की प्रतिक्रिया

इस पूरे परेशानी के दौरान इंडिगो ने कई बार यात्रियों और अधिकारियों से माफी माँगी है। एयरलाइन ने एक्स पर कहा कि पिछले दो दिनों में उनके नेटवर्क में काफी समस्याएँ देखने को मिला है और उन्होंने प्रभावित सभी यात्रियों से माफी माँगी।
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों और यात्रियों से कहा कि सेवाओं और टाइम पर काम करने की व्यवस्था फिर से ठीक करना आसान नहीं होगा, लेकिन उनकी टीम सरकार और DGCA के सहयोग से स्थिति को सामान्य बनाने में पूरी मेहनत कर रही है।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि 8 दिसंबर 2025 से उड़ानों की संख्या कम कर दी जाएगी ताकि व्यवधान कम हो सके और संचालन को स्थिर किया जा सके। DGCA ने एयरलाइन को निर्देश दिए हैं कि वह क्रू भर्ती और प्रशिक्षण, रोस्टर पुनर्गठन, सुरक्षा उपायों और तत्काल सुधारात्मक योजनाओं का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करे।
इसके साथ ही एयरलाइन को हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। DGCA इस पूरे नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखेगी और यात्रियों की मदद सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटीज को निर्देशित किया गया है।
DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने क्रू मेंबर्स को मिलने वाले साप्ताहिक अवकाश से जुड़ी अपनी पुरानी गाइडलाइन वापस ले ली है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब पायलट और क्रू की भारी कमी की वजह से IndiGo समेत कई एयरलाइनों के संचालन में बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है और हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं।
नई अधिसूचना में DGCA ने कहा है कि मौजूदा ऑपरेशनल अव्यवस्था और एयरलाइनों से मिली शिकायतों को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। अब पहले वाला नियम, जिसमें कहा गया था कि क्रू के साप्ताहिक आराम की जगह कोई छुट्टी नहीं लगाई जा सकती, तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है।
इस फैसले का मतलब यह है कि एयरलाइंस अब पायलटों और क्रू की कमी को देखते हुए शेड्यूल को थोड़ी छूट के साथ चला सकेंगी, ताकि उड़ानों का संचालन स्थिर रहे और अव्यवस्था कम हो सके। यह कदम मौजूदा संकट को संभालने के लिए तत्काल राहत देने जैसा माना जा रहा है।

जनता की प्रतिक्रिया और व्यापक असर

इसका असर यात्रियों पर सबसे अधिक हुआ है। दिल्ली में अकेले शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को 220 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, बेंगलुरु में लगभग 100 और हैदराबाद में लगभग 90 उड़ानें रद्द हुईं।

यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए, जिसमें लम्बी प्रतीक्षा, भोजन और पानी की कमी और सही जानकारी न मिलने जैसी समस्याओं का जिक्र था। कई यात्री 12 से अधिक घंटे तक हवाई अड्डों पर फंसे रहे।

इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे उड़ान की स्थिति की जाँच करें, समय से पहले हवाई अड्डे पहुँचें और आवश्यक वस्तुएँ जैसे पानी, स्नैक्स और दवाइयाँ साथ रखें। इस दौरान पायलट संघों ने कहा कि एयरलाइन की प्लानिंग ठीक नहीं थी।

उनके हिसाब से यह पूरा सँकट इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी ने समय पर लोगों की भर्ती नहीं की और स्टाफ को संभालने की रणनीति भी ठीक नहीं थी। एयरलाइन पायलट संघों का कहना है कि FDTL नियमों की तैयारी के दो साल का समय मिला, लेकिन एयरलाइन ने इसे सही तरीके से लागू नहीं किया। हालाँकि नियम सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन एयरलाइन के संचालन और बड़ी संख्या में उड़ानों के कारण समस्या इतनी बढ़ गई।

इजरायल ने ईरान में की एयर स्ट्राइक, न्यूक्लियर संयंत्रों को बनाया निशाना… सेना प्रमुख-परमाणु वैज्ञानिकों की मौत: ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ लॉन्च करके बोले PM नेतन्याहू- ये हमारी अगली पीढ़ी के लिए जरूरी

  हमले में मारे गए ईरान के चीफ कमांडर हुसैन सलामी (बाएँ), इजरायली हमले से क्षतिग्रस्त इमारत (दाएँ), (साभार : Aajtak)
इजरायल ने शुक्रवार (13 जून 2025) सुबह ईरान पर एक बड़ा हमला किया है। इजरायली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बमबारी की है। इजरायल ने ईरानी सेना के ठिकानों के साथ-साथ उनके परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इजरायली मीडिया के अनुसार, तेहरान में बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

इजरायल ने जानकारी दी है कि 200 से ज़्यादा फाइटर जेट से ईरान में किए गए हमलों में ईरानी सेना के तीन बड़े कमांडर मारे गए हैं। इनमें ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर और ईरान के इमरजेंसी कमांड के कमांडर शामिल हैं।

 इजरायल का कहना है कि ये तीनों बहुत ही क्रूर हत्यारे थे, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खून बहाया है। इजरायल के अनुसार, इनके बिना दुनिया अब ज़्यादा सुरक्षित है।

इजरायल हमले का दावा

इजरायल ने घोषणा की है कि उसने ईरान के दर्जनों परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले में ईरान का नतांज स्थित मुख्य परमाणु संयंत्र, परमाणु बम बनाने वाले वैज्ञानिक और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के केंद्र शामिल हैं।

इस ऑपरेशन को ‘राइजिंग लॉयन’ (Rising Lion) नाम दिया गया है और यह कई दिनों तक जारी रह सकता है।

परमाणु बम वाले वैज्ञानिकों पर हमला- बेंजामिन नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले की पुष्टि की है। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने ईरान के परमाणु बम बनाने वाले वैज्ञानिकों पर भी हमला किया है। बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को उनके नेतृत्व और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का सामना करने के लिए धन्यवाद दिया।

इजरायली हमले में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ कमांडर हुसैन सलामी भी मारे गए हैं। ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। ईरान का रेवोल्यूशनरी गार्ड देश के मुख्य शक्ति केंद्रों में से एक है। यह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों के जखीरे को भी नियंत्रित करता है

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल का मानना ​​है कि सलामी के अलावा, इस हमले में ईरान के सैन्य प्रमुख मोहम्मद बाघेरी, सेना के शीर्ष अधिकारियों के अन्य सदस्य और वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए

ईरान के नतांज शहर में मौजूद न्यूक्लियर साइट ध्वस्त

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, ईरान के केंद्रीय प्रांत इस्फ़हान के नतांज शहर में विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जहां एक प्रमुख परमाणु स्थल स्थित है द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह जानकारी ईरानी सरकारी टीवी की रिपोर्ट के आधार पर दी है

जानकारी के अनुसार, "नतांज में जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी गई," जहां मुख्य यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं में से एक स्थित है ईरान के पास फ़ोर्डो और नतांज में दो भूमिगत परमाणु साइट हैं

ईरान के सरकारी समाचार पत्र नूर न्यूज ने पुष्टि की कि शुक्रवार की सुबह तेहरान के उत्तर-पूर्व में धमाके की सूचना मिली है दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स से पुष्टि की कि "इजरायल ने ईरान में हमले किए हैं" और स्पष्ट रूप से कहा कि इसमें "अमेरिका की कोई भागीदारी या सहायता नहीं थी" इजरायल की ओर से किए गए इस हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है.

नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि अगर इजरायल अभी कार्रवाई नहीं करेगा, तो अगली पीढ़ी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बेंजामिन नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान के पास अब 9 परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम जमा हो गया है और इजरायल उसे ऐसा करने से रोकेगा।

इजरायल में आपातकाल और सुरक्षा

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने ईरान पर हमले के बाद पूरे देश में आपातकाल की घोषणा की है। इजरायल कैट्ज ने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले होने की आशंका है। पूरे इजरायल में सायरन बज रहे हैं और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने सुरक्षा मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई है।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी आक्रामकता के जवाब में यह हमला किया है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रभाव

हमले में अमेरिका का रुख सामने आया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स से पुष्टि की है कि इजरायल ने ईरान में हमला किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कहा कि इसमें अमेरिका की कोई भागीदारी या सहायता नहीं थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि इजरायल ने ईरान के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है और अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता क्षेत्र में अमेरिकी सेना की सुरक्षा है।
इस हमले के बाद इराक ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे विमानों की आवाजाही रुक गई है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के पास परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम जमा होने की खबरें आ रही थीं, जिसे इजरायल अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है।

मेडिकल हॉस्टल में खाना खा रहे थे डॉक्टर, जब छत में घुसा एयर इंडिया का विमान: 240+ मौतें, पीड़ित परिजनों को 1-1 करोड़ रूपए देगा TATA; हादसा या साज़िश?

                                           अहमदाबाद प्लेन क्रैश (फोटो साभार : X_CISFHQrs)
गुजरात के लिए गुरुवार (12 जून 2025) का दिन एक काला दिन बन गया। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेक-ऑफ के चंद मिनटों बाद ही क्रैश हो गई।

इस दुर्घटना से देश हिल गया। News18 पर एंकर रुबिका लियाकत के लाइव शो "गूंज" में इस विमान में दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचे आकाश वत्स ने बताया कि विमान का एयर कंडीशन ठीक से काम नहीं कर रहा था। यात्री मैगज़ीनों से हवा कर रहे थे। जो विमान में कुछ तकनीकी खराबियों की ओर संकेत दे रहा है। 

अवलोकन करें:-

अहमदाबाद में मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराया एयर इंडिया प्लेन, भोजन कर रहे थे छात्र: PM मोदी ने ज

चर्चा यह भी हो रही है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है, ये तो TATA ग्रुप ही बता सकता है कि मेंटेनेंस तुर्किश की किसी कंपनी को दिया हुआ है। 

अहमदाबाद विमान हादसे की जांच शुरू, हाई लेवल कमेटी बनाई गई

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि अहमदाबाद में हुए दुखद विमान हादसे के बाद आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक हो रही है।

 सरकार एक हाई लेवल कमेटी भी बना रही है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह कमेटी हादसे की गहराई से जांच करेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम सुझाएगी।

इस विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स यानी कुल 242 लोग सवार थे। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के बड़े नेता विजय रूपाणी भी शामिल थे। विजय रूपाणी इस फ्लाइट में बिजनेस क्लास की 2D सीट पर सवार थे।

हादसा इतना भयानक था कि पूरा शहर सन्न रह गया। विमान मेघाणी नगर के रिहायशी इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग और अतुल्यम हॉस्टल से टकराया, और देखते ही देखते आग का गोला बन गया। चारों तरफ धुआँ, मलबा और चीख-पुकार फैल गई।

इस हादसे में सिर्फ एक यात्री रमेश विश्वास कुमार किसी चमत्कार से जिंदा बचा। बाकी 241 लोगों की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया। हालाँकि कई रिपोर्ट्स में दावा है कि बचने वालों की संख्या 2 है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 1:38 बजे हुआ। फ्लाइट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-ANB था। एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘मेडे’ कॉल भेजी। ये कॉल तब दी जाती है, जब विमान में कोई बहुत बड़ी तकनीकी खराबी हो और जान का खतरा हो। लेकिन इसके बाद विमान से संपर्क टूट गया। विमान सिर्फ 625 फीट की ऊँचाई तक पहुँचा था और फिर अचानक नीचे आ गिरा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान हवा में डगमगाया और फिर जोरदार धमाके के साथ क्रैश हो गया। मेघाणी नगर में जहाँ विमान गिरा, वहाँ की इमारतें हिल गईं। आसपास के लोग दौड़े, लेकिन आग और धुएँ ने सबकुछ तबाह कर दिया। हादसे के समय मेडिकल कॉलेज में छात्र भोजन कर रहे थे।

हादसे की खबर मिलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक ने बताया कि अब तक 204 शव बरामद हो चुके हैं। 41 लोग घायल हैं, जिनका सिविल और प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। मरने वालों की पहचान के लिए DNA टेस्ट किए जा रहे हैं। क्योंकि हादसा इतना भयानक था कि कई शवों को पहचान पाना मुश्किल हो गया है। राहत और बचाव के लिए NDRF, BSF और आर्मी की टीमें दिन-रात लगी हैं।

रैपिड एक्शन फोर्स और CRPF के 100 से ज्यादा जवान मलबा हटाने और लोगों को बचाने में जुटे हैं। दमकल की सात गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत कुछ जलकर खाक हो चुका था।

हादसे में जिंदा बचे इकलौते यात्री रमेश विश्वास कुमार की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं। रमेश ने बताया, “विमान में धमाका हुआ, और चारों तरफ आग फैल गई। मुझे कुछ समझ नहीं आया। एंबुलेंस में मुझे अस्पताल लाया गया। मुझे यकीन नहीं होता कि मैं जिंदा हूँ। ये किसी करिश्मे जैसा है।” रमेश का इलाज अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में चल रहा है। उनकी हालत नाज़ुक है, लेकिन वो जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। उनकी बातें सुनकर हर कोई हैरान है कि इतने बड़े हादसे में कोई कैसे बच सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। हादसे की खबर मिलते ही लोग अपने अपनों की खबर लेने के लिए अस्पतालों की ओर दौड़े। भावना पटेल नाम की एक महिला ने बताया कि उनकी बहन इस फ्लाइट में थी। वो रोते हुए अपनी बहन की हालत जानने की कोशिश कर रही थीं। ऐसे कई परिवार हैं जो अपनों को खोने के गम में डूबे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने ट्वीट किया, “अहमदाबाद का हादसा दिल दहलाने वाला है। मेरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।” उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और नागरक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से बात की और राहत कार्य तेज करने को कहा। गृहमंत्री अमित शाह शाम के समय हादसे वाली जगह पर भी पहुँचे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शोक जताते हुए कहा, “ये हादसा दिल तोड़ने वाला है। पूरा देश पीड़ितों के साथ खड़ा है।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी दुख जताया, क्योंकि विमान में कई ब्रिटिश नागरिक सवार थे।

एयर इंडिया ने हादसे की पुष्टि की और हेल्पलाइन नंबर 1800-5691-444 जारी किया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कंट्रोल रूम बनाया, जिसके नंबर 011-24610843 और 9650391859 हैं।

एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “हम प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दे रहे हैं।” विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो की टीम हादसे की जाँच के लिए अहमदाबाद पहुँच चुकी है। DGCA के मुताबिक, विमान के दोनों पायलट अनुभवी थे। कप्तान के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे का उड़ान अनुभव था। लेकिन फिर भी ये हादसा कैसे हुआ, ये सवाल सबके मन में है।

हादसे के तुरंत बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रोक दी गई थी, हालाँकि शाम तक सीमित संख्या में उड़ाने फिर से शुरू कर दी गईं। विमान ने दिल्ली से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी थी, और कुछ देर रुकने के बाद लंदन रवाना हुआ था। हादसे की वजह से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची है। मेघाणी नगर के लोग अब भी सदमे में हैं। वहाँ की गलियाँ मलबे और दुख से भरी पड़ी हैं।

ये हादसा भारत के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। विजय रूपाणी जैसे बड़े नेता का जाना और 241 लोगों की मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। गुजरात ही नहीं, पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। लोग सोशल मीडिया पर शोक जता रहे हैं। बीजेपी के गुजरात अध्यक्ष सीआर पाटिल ने भी रूपाणी के निधन की पुष्टि की और कहा कि ये पार्टी के लिए बड़ा नुकसान है।

अब सबकी नजरें जाँच पर टिकी हैं। आखिर इतना बड़ा हादसा हुआ कैसे? क्या तकनीकी खराबी थी या कोई और वजह? इन सवालों के जवाब मिलने में वक्त लगेगा। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर बता दिया कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। जो लोग सुबह अपने घरों से निकले, उन्हें क्या पता था कि वो कभी लौटकर नहीं आएँगे। पूरा देश इस दुख में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। और उम्मीद है कि रमेश विश्वास जैसे लोग जिंदगी की इस जंग को जीत जाएँगे।

अमेरिका की NTSB की टीम जांच में सहयोग करने अहमदाबाद आएगी

अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) जानकारी दी कि NTSB की एक टीम अमेरिका से भारत आएगी और दुर्घटना की जांच में भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की मदद करेगी।

बोइंग के CEO बोले- जांच में पूरा सहयोग करेंगे

बोइंग के CEO केली ऑर्टबर्ग ने कहा, "हम यात्रियों और क्रू मेंबर्स के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। अहमदाबाद में हादसे से प्रभावित सभी लोगों के साथ हमारी सहानुभूति है।" उन्होंने बताया कि उन्होंने एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से बात की है और बोइंग की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बोइंग की एक टीम जांच में भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की पूरी मदद के लिए तैयार है।