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‘333 करोड़ खुदा, जानवरों वाले गॉड्स, हनुमान, गणेश…’: अब अजमेर दरगाह के खादिम के बेटे आदिल चिश्ती ने हिंदू देवताओं पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

                                आदिल चिश्ती ने हिंदू देवी-देवताओं पर की आपत्तिजनक टिप्पणी
नूपुर शर्मा ने इस्लामिक किताबों में लिखी बात को गैर-मुस्लिमों तक पहुंचाकर कट्टरपंथियों की दुखती नब्ज पर हाथ रख कर बिलों में छुपे हिन्दू विरोधियों को बाहर निकाल, उन हिन्दुओं की आंखें भी खोलने का प्रयास किया है, जो अपने ही हिन्दू देवी-देवताओं को छोड़ कब्रों को पूजते हैं और अब उन्ही के चढ़ावे पर ऐश करने वाले ही उनके देवी-देवताओं को अपमानित कर रहे हैं।  

अजमेर दरगाह के चिश्तियों और खादिमों ने पिछले कुछ दिनों में नूपुर शर्मा की टिप्पणियों और उनके समर्थन में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बार-बार नफरत भड़काई है। इसी सिलसिले को जारी रखते हुए अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती के बेटे आदिल चिश्ती ने हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया है। आदिल चिश्ती ने टाइम्स नाउ के साथ इंटरव्यू के दौरान हिंदू देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की।

इस वीडियो में आदिल चिश्ती ने कहा, “अगर नुपुर शर्मा हिंदू हैं, तो मेरे पास उनसे कुछ सवाल हैं। 333 करोड़ खुदाओं का अस्तित्व कैसे माना जाएगा? यह कैसे तार्किक है? एक खुदा का तो समझ में आता है। विभिन्न धर्मों के लोगों की अलग-अलग व्याख्याएँ हो सकती हैं। लेकिन, 333 करोड़ खुदा, थोक में देवता (Wholesale of Gods), उसको कैसे माना जाएगा? मैं सोचता हूँ कि अगर व्यक्ति को हजार साल की जिंदगी मिले तो भी वह सभी 333 करोड़ खुदाओं को राजी नहीं कर सकता है।”

इन हिन्दू विरोधियों को इतना भी ज्ञान नहीं, कि हिन्दुओं के वास्तव में कितने देवी-देवता हैं, चले हैं, हिन्दुत्व का विरोध करने। इन अक्ल से पैदल हिन्दुओं की कमाई पर पलने वालों को इतना भी नहीं मालूम कि हिन्दुओं के 333 नहीं 33 करोड़ देवी-देवता हैं। 

आदिल चिश्ती ने आगे कहा, “दूसरी बात, मैं नुपुर शर्मा से यह भी पूछना चाहूँगा कि हिंदू पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि भगवान विष्णु के 10 अवतार हैं। इनमें से कुछ अवतार इंसानों वाले हैं, कुछ जानवरों वाले हैं, और कुछ इंसान और जानवर से मिलकर बने हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि क्या ये 10 अवतार संभव हैं या विश्वसनीय हैं कि तुम कहते हो कि वह एक ईश्वर है और फिर वह दस अलग-अलग अवतारों में प्रकट होता है। कुछ इंसानों के रूप में, कुछ जानवरों के रूप में और फिर कुछ फ्यूज़न के रूप में।”

आदिल चिश्ती ने कहा, “तीसरा, हनुमान जी… उसका अस्तित्व, उनका वजूद कैसे साबित करेंगी आप? गणेश जी का वजूद कैसे साबित करेंगी आप? वजूद से मेरा क्या मतलब है वो आप समझ जाएँ, वो पूरी तरह से इंसान नहीं थे ना। आप खुद मानते हैं कि वह आपके भगवान हैं। गणेश हो या हनुमान… क्या ये बातें तार्किक लगती हैं? नहीं।” आदिल चिश्ती ने 23 जून 2022 को ये बातें कहीं थी।

आदिल चिश्ती ने अपने बयान में एक बड़ी तथ्यात्मक गलती करते हुए कहा कि हिंदू धर्म में 333 करोड़ देवी-देवता हैं। लोगों में यह एक आम भ्रांति है कि हिंदुओं में 33 करोड़ देवता है। पौराणिक वेदों के अनुसार हिंदू में 33 करोड़ नहीं बल्कि 33 ‘कोटि’ के देवी-देवता हैं। 33 कोटि का मतलब 33 करोड़ नहीं, बल्कि 33 प्रकार के देवी-देवता हैं।

हिंदू ग्रंथों में जिन 33 कोटि देवी-देवताओं का जिक्र है, उसमें 12 आदित्य, 11 रुद्र, 8 वसु और 2 अश्विनी कुमार हैं। 12 आदित्यों में अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, ववस्वान और विष्णु हैं। 8 वसु में अहष, ध्रुव, सोम, धरा, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभाष हैं। 11 रुद्र में शम्भु, पिनाकी, गिरीश, स्थाणु, भर्ग, भव, सदाशिव, शिव, हर, शर्व और कपाली हैं। जबकि दो अश्विनी कुमारों में नासत्य और दस्त्र आते हैं। इन 33 देवताओं को सामूहिक रूप से 33 कोटि देवता कहा जाता है। मगर आदिल चिश्ती ने इन्हें 333 करोड़ देवी-देवता कहा।

अजमेर दरगाह के चिश्तियों ने हाल के दिनों में इस तरह के कई घृणित बयान दिए हैं। आदिल चिश्ती के पिता सरवर चिश्ती ने कहा था कि भारत में एक ऐसा आंदोलन होगा, जिससे पूरा हिंदुस्तान हिल जाएगा। सरवर चिश्ती ने हिंदुओं के आर्थिक बहिष्कार का भी आह्वान किया था। पिछले दिनों उन्हें अजमेर के सद्भावना रैली में देखा गया था। सरवर चिश्ती के भतीजे गौहर चिश्ती ने भी नूपुर शर्मा और कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने वालों का सिर कलम करने की माँग करते हुए ‘सर तन से जुदा’ का नारा लगाया था। गौहर चिश्ती ने कन्हैया लाल के हत्यारों से भी मुलाकात की थी। बता दें कि कन्हैया लाल की उदयपुर में नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के कारण गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी।

चिश्तियों के भड़काऊ बयान के बाद अजमेर में 90% घट गई रेस्टॉरेंट्स की कमाई, होटलों की बुकिंग्स रद्द

कहावत है कि 'आसमान पर थूका अपने ही ऊपर आता है' जो अजमेर की बहुचर्चित दरगाह के खादिमो और प्रबंधकों पर सटीक बैठ रही है। हिन्दू विरोध में नूपुर विरोध में हत्या और हिन्दू को आर्थिक रूप से उन्हें कमजोर करने उनकी दुकानों के बहिष्कार करने की बड़ी-बड़ी बातें करने अपनी शान समझ रहे थे, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। अगर हिन्दुओं ने भविष्य में भी यही नीति अपनाई निश्चित रूप से मुस्लिम विद्वान अतीकुर रहमान की तरह ये ही सब बोलेंगे नूपुर ने वही कहा जो हमारी इस्लामिक किताबों में लिखा है। इतना ही नहीं, हिन्दुओं को यही नीति अन्य दरगाहों पर भी अपनाना होगा। दूसरों के धन के लालच में अपनी इस्लामिक किताबों को झुठलाकर खूनखराबा कर सच को दबाने की कोशिश कर मुसलमान और इस्लाम को बदनाम करने चले थे।  
जहाँ पहले अजमेर की इन संकरी गलियों में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर आने वाले लोगों की भीड़ होती थी, अब लगातार नकारात्मक कारणों से सुर्ख़ियों में रहने के बाद वो स्थिति नहीं है। रेस्टॉरेंट्स और ट्रांसपोर्ट के कारोबारियों की बाकी दिन के मुकाबले मात्र 10% ही कमाई हो पाई। इतना ही नहीं, होटलों के लिए किए गए एडवांस बुकिंग्स भी लोग रद्द कर रहे हैं। खादिम ऐनुद्दीन चिश्ती का कहना है कि शहर की अर्थव्यवस्था उन 15-20 हजार लोगों पर टिकी है, जो रोज यहाँ आते थे।

अजमेर के खादिमों के भड़काऊ बयानों के बाद यहाँ ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर आने वाले लोगों की संख्या में भी भारी कमी देखी गई है। यहाँ तक कि शुक्रवार (8 जुलाई, 2022) को जुमा होने के बावजूद यहाँ सन्नाटा पसरा रहा। नूपुर शर्मा को लेकर दरगाह के 3 खादिम अब तक भड़काऊ बयान दे चुके हैं। उदयपुर में कन्हैया लाल का सिर कलम करने वाले जिहादियों से भी दरगाह के खादिमों के सम्बन्ध सामने आए हैं।

दरगाह बाजार, दिल्ली गेट, दिग्गी बाजार और खादिम मोहल्ला, कम्मानी गेट, अंदर कोटे सहित लखन कोटरी के होटल और गेस्ट हाउस भी रोज बड़ा नुकसान उठा रहे हैं, क्योंकि दरगाह के नमाजी नहीं आ रहे हैं। बड़ी संख्या में हिन्दू भी अजमेर शरीफ दरगाह पर आया करते थे, जिन्हें ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के इतिहास के बारे में नहीं पता। इन इलाकों में एक-एक घर ऐसे ही पर्यटकों से कमाता है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ ने अपनी खबर में ये जानकारी दी है।

दरगाह क्षेत्र में ‘जन्नत ग्रुप ऑफ होटल्स’ के मालिक रियाज खान ने कहा कि यहाँ आने वाले लोगों पर घृणास्पद बयानों से असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में जो भी होता है, उसका अजमेर के बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। हालाँकि, उदयपुर की घटना के बाद से ही लोगों ने बुकिंग्स रद्द करने शुरू कर दिए थे। ‘सोहन हलवा’ के लिए जाने जाने वाले ‘ख्वाजा गरीब नवाज स्वीट्स’ के मालिक शदभ सिद्दीकी ने कहा कि कमाई 90% घट गई है।

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अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती से कन्हैया लाल के हत्यारों मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस के कनेक्शन सामने आए हैं। दोनों भाग कर अजमेर ही जा रहे थे। नूपुर शर्मा की गर्दन लाने वाले को अपना मकान देने का वादा करने वाले सलमान चिश्ती को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वायरल वीडियोज के आधार पर राजस्थान पुलिस पर उसे बचाने के आरोप लगे थे। दरगाह कमिटी के सचिव सरवर चिश्ती ने भी हिन्दुओं की कमाई खत्म करने और भारत को हिला देने की धमकी दी थी।