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फर्जी IB कॉल केस के आरोपित AAP नेता अशोक ओझा और उसकी फैमिली के खिलाफ एक और FIR, AAP की महिला पदाधिकारी ने लगाए रेप-ब्लैकमेलिंग के आरोप

  AAP नेता अशोक ओझा पर पार्टी की महिला पदाधिकारी ने बलात्कार की दर्ज कराई शिकायत (साभार: Deshgujrat)
अरविन्द केजरीवाल ने जब से अपनी आम आदमी पार्टी बनाई है तभी से किसी न किसी विवाद का शिकार होती आयी है। चर्चा में बने रहने और सहानुभूति वोट लेने कभी स्याही कभी थप्पड़ और न जाने कितने प्रपंच किये और जनता इन झांसों में आकर केजरीवाल को वोट देती रही।   

आम आदमी पार्टी (AAP) के वडोदरा शहर अध्यक्ष अशोक ओझा एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर विवादों में घिर गए हैं। पार्टी की ही एक महिला पदाधिकारी ने अशोक ओझा, उनके बेटे आनंद ओझा और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और शारीरिक शोषण के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार, महिला को शराब पिलाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक उसका शोषण किया गया।

नौकरी का लालच देकर बढ़ाया संपर्क, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

महिला की शिकायत के अनुसार, अशोक ओझा ने उसके पति को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर परिवार से संपर्क बढ़ाया था। आरोप है कि बाद में महिला को अपने घर बुलाकर शराब पिलाई गई और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। इस दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया गया।

महिला का कहना है कि इसी वीडियो को आधार बनाकर उसे अलग-अलग होटलों और अन्य स्थानों पर ले जाकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद अशोक ओझा के बेटे आनंद ओझा ने भी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

आरोपों से इनकार, पहले भी विवादों में रहा है नाम

महिला ने शिकायत में यह भी कहा है कि जब उसने पूरे मामले की जानकारी अशोक ओझा की पत्नी को दी तो उसे घर से निकालने की धमकी दी गई। वहीं शिकायत में परिवार के अन्य सदस्यों पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर अशोक ओझा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

इससे पहले अशोक ओझा को फर्जी आईबी कॉल मामले में आनंद साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी बनकर AAP नेताओं को धमकी भरे फोन किए गए थे। इसके अलावा एक अन्य महिला ने भी मकान दिलाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए की ठगी और अभद्र माँग करने के आरोप लगाए थे।

पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी, केजरीवाल-मान-सिसोदिया के साथ तस्वीरें: कौन है AAP नेता अशोक ओझा, जो अपनी ही पार्टी के नेताओं को IB के नाम पर धमकाने के आरोप में हुआ गिरफ्तार

                            अरविंद केजरीवाल के साथ अशोक ओझा (फोटो साभार: ऑपइंडिया गुजराती)
गुजरात में आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के नाम पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को धमकियाँ दिए जाने का मुद्दा उठाकर अरविंद केजरीवाल, गोपाल इटालिया और दुर्गेश पाठक ने भारी हंगामा खड़ा किया था। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं, सवाल उठाए गए और पूरी घटना को राजनीतिक रंग दिया गया। लेकिन जाँच आगे बढ़ते ही पूरा खेल पलट गया। जिस ‘आईबी कॉल’ को लेकर परोक्ष रूप से सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा जा रहा था, उसमें अब आप (AAP) का वडोदरा शहर अध्यक्ष अशोक ओझा ही आरोपित के रूप में सामने आया है।

खास बात यह है कि अशोक ओझा कोई ऐसा चेहरा नहीं है जिसे पार्टी में कोई न जानता हो। गुजरात में आप का संगठन खड़ा करने की प्रक्रिया के दौरान अशोक ओझा लगातार पार्टी के शीर्ष नेताओं के आसपास देखा जाता रहा है। वह लंबे समय से गुजरात आप में सक्रिय है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक उसकी सीधी पहुँच है।

अरविंद केजरीवाल से लेकर इसुदान गढ़वी, गोपाल इटालिया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा मनीष सिसोदिया तक, अशोक ओझा कई मौकों पर पार्टी के बड़े चेहरों के साथ नजर आया है। गुजरात में पार्टी संगठन के विस्तार के काम के दौरान भी वह सक्रिय रहा और कई बार दिल्ली जाकर भी पार्टी का काम संभाला।

                                                गोपाल राय और भगवंत मान के साथ अशोक ओझा

गुजरात आप के संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में उसकी उपस्थिति देखी गई है। पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं के साथ उसके संपर्कों और नजदीकी के प्रमाण के रूप में कई तस्वीरें और कार्यक्रमों के रिकॉर्ड मौजूद हैं। गुजरात में आप के प्रभारी के रूप में काम कर चुके गोपाल राय के साथ भी वह कई बार देखा गया था। संक्षेप में कहें तो अशोक ओझा केवल शहर स्तर का पदाधिकारी नहीं था, बल्कि पार्टी के बड़े नेताओं के साथ सीधा संपर्क रखने वाला और संगठन में पहचान रखने वाला चेहरा था।

                                     मनीष सिसोदिया और मनोज सोरठिया के साथ अशोक ओझा

इसके अलावा गुजरात के आम आदमी पार्टी के कई नेताओं के साथ भी उसके अच्छे संबंध हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी के साथ भी उसके संबंध करीबी हैं। इसके अलावा गोपाल इटालिया और मनोज सोरठिया के साथ भी वह कई बार दिखाई देता है। इन सभी नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें भी इस समय उपलब्ध हैं।

मामला, जिस पर राजनीतिक रोटियाँ सेंक रही थी केजरीवाल एंड कंपनी

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने दावा करना शुरू किया कि गुजरात में उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नाम पर फोन करके धमकाया जा रहा है। मामला तब और ज्यादा चर्चा में आया जब दिल्ली के पूर्व विधायक और आप नेता दुर्गेश पाठक ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि गुजरात में काम कर रहे आप कार्यकर्ताओं को एक विशेष नंबर से फोन आ रहे हैं और फोन करने वाला खुद को आईबी का अधिकारी बता रहा है।

कुछ ही समय में आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे को हाथ में ले लिया। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दावा किया था कि उनके एक कार्यकर्ता को इस प्रकार का फोन आया था। उन्होंने आगे यह भी दावा किया था कि उन्होंने खुद उस नंबर पर फोन करके पूछा था कि क्या वे आईबी से बोल रहे हैं? और सामने से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद जैसे ही उन्होंने बताया कि वे अरविंद केजरीवाल बोल रहे हैं, तो फोन काट दिया गया। इसके बाद केजरीवाल ने सार्वजनिक रूप से सवाल किया था कि एक राज्य से दूसरे राज्य में राजनीतिक काम करने जाने वाले नागरिकों का आईबी द्वारा वेरिफिकेशन किस कानून के तहत किया जाता है।

आप के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे को आगे बढ़ाया। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं, बयान दिए गए और पूरे मामले को ऐसा रंग दिया गया जैसे कोई सरकारी एजेंसी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही हो। परिणामस्वरूप यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

हालाँकि इस बीच आणंद के आप कार्यकर्ता केशव चौहान को भी इसी तरह का फोन आने की बात कहे जाने पर मामला पुलिस तक पहुँच गया। केशव चौहान ने आणंद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल्स और तकनीकी डेटा की जाँच शुरू की।

जांच के दौरान सबसे पहला चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जिस नंबर को लेकर हंगामा मचाया जा रहा था, वह नंबर आणंद के नितिन डोबरिया के नाम पर होने की बात सामने आई। पुलिस ने जब नितिन डोबरिया से पूछताछ शुरू की तो पूरी कहानी ने एक अलग ही मोड़ ले लिया। पूछताछ के दौरान नितिन डोबरिया ने बताया कि उसने वडोदरा शहर आप अध्यक्ष अशोक ओझा के कहने पर फोन किए थे और कुछ मामलों में खुद को आईबी अधिकारी के रूप में पेश किया था।

इस खुलासे के बाद पुलिस ने अशोक ओझा से भी पूछताछ शुरू की। जिसके बाद जाँच में सामने आया कि यह पूरा मामला किसी बाहरी एजेंसी या राजनीतिक विरोधियों से जुड़ा नहीं था, बल्कि आप की आंतरिक गुटबाजी और संगठन के भीतर की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से जुड़ा हुआ था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के नेता दुर्गेश पाठक को वडोदरा और गुजरात में अधिक सक्रिय भूमिका दिए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष पैदा हुआ था। जाँच में यह दावा किया गया कि अशोक ओझा को डर था कि केंद्रीय नेतृत्व के बढ़ते हस्तक्षेप से स्थानीय संगठन में उसका वर्चस्व कम हो सकता है। इसी वजह से फर्जी आईबी अधिकारी का खेल रचा गया था, ताकि कुछ नेताओं पर दबाव बनाया जा सके।

अंततः जिस मुद्दे पर आप के शीर्ष नेताओं ने सार्वजनिक रूप से हंगामा मचाया था, जिस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ सवाल उठाए गए थे, उसी मामले में अब आप के अपने ही एक शहर अध्यक्ष और उसके साथी की गिरफ्तारी होने की बात सामने आई है।

फर्जीवाड़ा करने वाले ही ‘IB फोन कर धमका रही है’ कहकर केजरीवाल ने मचाया हंगामा, जाँच में निकली AAP की ही साजिश: वडोदरा पार्टी अध्यक्ष गिरफ्तार

वडोदरा शहर AAP अध्यक्ष अशोक ओझा और उनके सहयोगी नितिन डोबरिया को किया गिरफ्तार 
गुजरात में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नाम पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमकी भरे फोन किए जाने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जिस मुद्दे को लेकर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सवाल उठाए थे, उसी मामले में पार्टी के एक स्थानीय नेता का नाम सामने आया है।

जाँच के बाद पुलिस ने वडोदरा शहर AAP अध्यक्ष अशोक ओझा और उनके सहयोगी नितिन डोबरिया को गिरफ्तार किया है।

फर्जी IB अधिकारी बनकर किए गए फोन

आणंद साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, नितिन डोबरिया खुद को IB अधिकारी बताकर AAP के केंद्रीय नेता दुर्गेश पाठक और अन्य कार्यकर्ताओं को फोन करता था। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई थी, जब दुर्गेश पाठक ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं को एक नंबर से लगातार कॉल आ रही है।

उन्होंने बताया कि कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को IB का अधिकारी बताकर सत्यापन के लिए बुला रहा है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाते हुए सवाल किया था कि आखिर किस कानून के तहत दूसरे राज्यों से आए लोगों का IB द्वारा सत्यापन किया जा रहा है।

जाँच में सामने आई आंतरिक राजनीति की कहानी

पुलिस की तकनीकी जाँच में संबंधित मोबाइल नंबर नितिन डोबरिया के नाम पर दर्ज पाया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि कथित साजिश के पीछे वडोदरा AAP अध्यक्ष अशोक ओझा की भूमिका थी। पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय नेता दुर्गेश पाठक को वडोदरा की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्थानीय संगठन में असंतोष पैदा हो गया था।

जाँच में यह भी सामने आया कि पार्टी के भीतर बढ़ते शक्ति संतुलन को लेकर चिंता के चलते यह पूरा घटनाक्रम रचा गया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।