Showing posts with label #Vadodara. Show all posts
Showing posts with label #Vadodara. Show all posts

फर्जी IB कॉल केस के आरोपित AAP नेता अशोक ओझा और उसकी फैमिली के खिलाफ एक और FIR, AAP की महिला पदाधिकारी ने लगाए रेप-ब्लैकमेलिंग के आरोप

  AAP नेता अशोक ओझा पर पार्टी की महिला पदाधिकारी ने बलात्कार की दर्ज कराई शिकायत (साभार: Deshgujrat)
अरविन्द केजरीवाल ने जब से अपनी आम आदमी पार्टी बनाई है तभी से किसी न किसी विवाद का शिकार होती आयी है। चर्चा में बने रहने और सहानुभूति वोट लेने कभी स्याही कभी थप्पड़ और न जाने कितने प्रपंच किये और जनता इन झांसों में आकर केजरीवाल को वोट देती रही।   

आम आदमी पार्टी (AAP) के वडोदरा शहर अध्यक्ष अशोक ओझा एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर विवादों में घिर गए हैं। पार्टी की ही एक महिला पदाधिकारी ने अशोक ओझा, उनके बेटे आनंद ओझा और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और शारीरिक शोषण के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार, महिला को शराब पिलाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक उसका शोषण किया गया।

नौकरी का लालच देकर बढ़ाया संपर्क, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

महिला की शिकायत के अनुसार, अशोक ओझा ने उसके पति को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर परिवार से संपर्क बढ़ाया था। आरोप है कि बाद में महिला को अपने घर बुलाकर शराब पिलाई गई और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। इस दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया गया।

महिला का कहना है कि इसी वीडियो को आधार बनाकर उसे अलग-अलग होटलों और अन्य स्थानों पर ले जाकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद अशोक ओझा के बेटे आनंद ओझा ने भी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

आरोपों से इनकार, पहले भी विवादों में रहा है नाम

महिला ने शिकायत में यह भी कहा है कि जब उसने पूरे मामले की जानकारी अशोक ओझा की पत्नी को दी तो उसे घर से निकालने की धमकी दी गई। वहीं शिकायत में परिवार के अन्य सदस्यों पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर अशोक ओझा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

इससे पहले अशोक ओझा को फर्जी आईबी कॉल मामले में आनंद साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी बनकर AAP नेताओं को धमकी भरे फोन किए गए थे। इसके अलावा एक अन्य महिला ने भी मकान दिलाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए की ठगी और अभद्र माँग करने के आरोप लगाए थे।

सेलिब्रिटी के लिए अलग नियम नहीं हो सकते: गुजरात हाई कोर्ट ने यूसुफ पठान के सरकारी जमीन पर कब्जे को बताया ‘अवैध’, वडोदरा में TMC सांसद के प्लॉट हड़पने का मामला

                      गुजरात हाई कोर्ट ने यूसुफ पठान की याचिका खारिज कर दी (फोटोः आजतक/भास्कर)
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान की जमीन विवाद से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस मौना भट्ट की सिंगल बेंच ने पठान को सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकारी घोषित किया।

दरअसल, वडोदरा नगर निगम ने यूसुफ पठान को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में नोटिस भेजा था। इसके बाद पठान ने नगर निगम के नोटिस और राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

ऑपइंडिया के पास मौजूद आदेश की कॉपी में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यूसुफ पठान द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करना अवैध और जबरदस्ती है और इसे किसी भी हालत में वैध नहीं माना जा सकता।

मामले का इतिहास

यह मामला 2012 से शुरू हुआ। यूसुफ पठान ने अपने बंगले के पास 978 वर्ग मीटर का प्लॉट नंबर 90 को 99 साल की लीज पर लेने के लिए वडोदरा नगर निगम में आवेदन दिया। नगर आयुक्त और निगम की स्थायी समिति ने इसे मंजूरी दी। 8 जून 2012 को निगम की आम सभा ने भी प्रस्ताव मंजूर कर लिया।

चूँकि यह जमीन बिना सार्वजनिक नीलामी के दी जानी थी, इसलिए इसे राज्य सरकार के पास भेजा गया। सरकार ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बावजूद यूसुफ पठान ने जमीन पर कब्जा कर लिया।

वीएमसी ने तुरंत कार्रवाई नहीं की लेकिन 2024 में विवाद फिर चर्चा में आया और निगम ने पठान को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने को कहा। इसके बाद यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

यूसुफ पठान के क्या हैं तर्क?

पठान के वकील ने कहा कि नगर निगम एक स्वतंत्र निकाय है और अधिनियम 1949 के तहत निगम आयुक्त को जमीन पट्टे पर देने का अधिकार है। राज्य सरकार की मंजूरी लेना आवश्यक नहीं है। उन्होंने संविधान के 74वें संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम जैसे स्थानीय निकायों में राज्य का हस्तक्षेप उचित नहीं है।
यूसुफ पठान ने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और सांसद हैं, जमीन का मौजूदा बाजार मूल्य चुकाने को तैयार हैं और निगम ने 12 साल तक कोई आपत्ति नहीं जताई, इसलिए उनका कब्जा वैध मानना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित जमीन उनके बंगले के पास है, इसलिए सुरक्षा का मामला भी है।

सरकार और निगम का तर्क

नगर निगम और सरकार के वकील ने कहा कि किसी को भी सरकारी या निगम की जमीन पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है। जमीन बिना नीलामी के दी जानी थी, इसलिए राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी थी। पठान ने चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया जबकि कोई औपचारिक आदेश नहीं था।
सरकार ने यह भी कहा कि पठान ने निगम को एक भी रुपया नहीं दिया और सुरक्षा का कोई सबूत भी नहीं पेश किया। निगम ने अदालत से कहा कि अगर पठान सचमुच जमीन चाहते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक नीलामी में हिस्सा लेना चाहिए, जैसा हर नागरिक करता है।

हाई कोर्ट का फैसला

जस्टिस मौना भट्ट ने कहा कि 9 जून 2014 को राज्य सरकार ने जमीन का प्रस्ताव खारिज कर दिया था। इसके बाद यूसुफ पठान का कोई कानूनी अधिकार नहीं बचा। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक कब्जा बनाए रखने से किसी को भी जमीन पर अधिकार नहीं मिल जाता।
कोर्ट ने पठान के बाजार मूल्य चुकाने की दलील भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यूसुफ पठान जैसी हस्तियाँ और सांसद समाज के आदर्श होते हैं और उनसे आम नागरिकों से अधिक कानून का पालन करने की उम्मीद होती है। कानून तोड़ने के बाद भी विशेष सुविधाएँ मिलें, तो समाज को गलत संदेश जाएगा।
अदालत ने यह भी कहा कि निगम की लापरवाही यूसुफ पठान को लाभ नहीं पहुँचा सकती। अंतिम आदेश में याचिका खारिज कर दी गई और कहा गया कि जमीन पर अवैध कब्जा तुरंत हटाना चाहिए। नगर निगम को आदेश दिया गया कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। यूसुफ पठान का कब्जा अवैध था और इसे कोई भी विशेष दलील वैध नहीं बना सकती। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रसिद्धि या पद से कानून पर अलग नियम नहीं हो सकते हैं।

गुजरात : ‘आंगनवाड़ी को मदरसा न बनाया जाए’: कहीं बच्चों से पढ़वाया नमाज़ तो कहीं लगवाए ‘या हुसैन’ के नारे

                                                                                                    प्रतीकात्मक चित्र साभार: Bing AI
जामनगर के बाद अब वडोदरा के करनाली आंगनवाड़ी में बच्चों को नमाज पढ़ाने पर विवाद खड़ा हो गया है। खबर सामने आई है कि हिंदू बच्चे सिर पर रुमाल बाँधकर ईद मना रहे हैं। पूरी घटना पर स्थानीय हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है। इतना ही नहीं, बल्कि वडोदरा के विधायक शैलेश मेहता ने भी इस घटना पर विरोध जताया है। विधायक ने घटना की जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री को दी है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि आंगनवाड़ी केंद्रों को मदरसा न बनने दिया जाए। उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की माँग की है।

जानकारी के मुताबिक, वडोदरा के दाभोई स्थित करनाली आंगनवाड़ी में बच्चों को नमाज अदा की गई है। पाठ्यक्रम में ईद पर कोई पाठ न होने के बावजूद हिंदू बच्चों को जश्न मनाने का यह तरीका सिखाया जाने पर हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया है। आरोप है कि आंगनबाडी संचालिका ने बच्चों के सिर पर रूमाल बाँधकर ईद मनाई और इस दौरान उन्हें नमाज अदा करना सिखाया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने घटना की सूचना शिक्षा प्राधिकरण को दी है और तत्काल कार्रवाई की माँग की है।

पूरे मामले में विधायक शैलेश मेहता का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि करनाली करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। शुक्रवार (12 जुलाई, 2024) को यहाँ एक आंगनवाड़ी में छोटे बच्चों को ईद और नमाज पढ़ाई गई। छोटे-छोटे बच्चों के सिर पर रूमाल बाँधकर प्रार्थना कराने का प्रयास किया गया। विधायक ने कहा कि ये घटना बेहद दुखद है, जैसे ही घटना उनके संज्ञान में आई, उन्होंने कलेक्टर, डीडीओ, दाभोई प्रांतीय अधिकारी आदि से संपर्क किया और उन्हें जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने व्हाट्सएप्प के जरिए राज्य के शिक्षा मंत्री को भी इसकी सूचना दी गई।

उन्होंने आगे कहा, “घटना के बाद हमने मुख्यमंत्री के निजी सचिव को भी सूचित किया। ये मामला बेहद गंभीर है। छोटे बच्चों को दूसरे मजहब की शिक्षा देना बहुत गंभीर मामला है। बच्चे शिक्षा के लिए आंगनबाड़ियों में जाते हैं, वहाँ मजहबी ज्ञान की जरूरत नहीं है। यदि वह धार्मिक शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, यदि वह मुस्लिम है, तो वह मदरसे में जाएगा। लेकिन आंगनबाड़ियों को मदरसे में बदलने का चल रहा कार्यक्रम बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि जामनगर की आंगनवाड़ी में भी इस तरह की घटना हुई, यह गंभीर मामला है, सरकार को भी इसे गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, गुजरात में किसी भी आंगनवाड़ी को मदरसा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार को आंगनवाड़ियाँ खुलते ही इस पर कार्रवाई की जाएगी और अगर नहीं हुई तो हम इस मामले को गंभीरता से लेकर गाँधीनगर तक जाएँगे।

इससे पहले जामनगर के सोनलनगर स्थित आंगनवाड़ी में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। सोशल मीडिया पर आंगनवाड़ी का एक वीडियो वायरल हो गया। इसमें व्यवस्थापक बच्चों को ईद के बारे में पढ़ा रहा था और बच्चों से दुआ पढ़वा रहा था। इतना ही नहीं बच्चों से ‘या हुसैन’ के नारे भी लगवाए गए। व्यवस्थापक बच्चों को बिरयानी बनाकर ईद के दिन सुबह जल्दी उठकर मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए प्रेरित भी कर रहा था। इस घटना के बाद भी हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की माँग की।

वडोदरा : गोमांस भरकर समोसा बेच रहा था ‘हुसैनी समोसे वाला’

                                               वडोदरा में बीफ भरकर बनाया जा रहा था समोसा
गुजरात के वडोदरा में एक मशहूर समोसे वाला समोसों में स्टफिंग के नाम पर बीफ भरकर बेच रहा था। पुलिस ने उसकी दुकान पर रेड मारकर 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं समोसे की स्टफिंग के लिए तैयार किया गया सामान भी बोरी में जब्त किया गया।

जानकारी के मुताबिक, वडोदरा के चिपवाड़ स्थित इस समोसे की दुकान का नाम ‘हुसैनी समोसा वाला’ है। दुकान से कई सौ किलो (कुछ जगह मौजूद जानकारी के अनुसार 350 किलो) बीफ की स्टफिंग बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस ने इसका सैंपल फॉरेंसिंक टेस्ट के लिए भेजा और रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हुआ कि समोसे में गोमांस ही भरा जा रहा था।

सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों की पहचान युसूफ शेख, नसीम शेख, हनीफ भाटियारा, दिलावर पठान मोइन हबदल और मोबिन शेख के तौर पर हुई है।

पुलिस ने कहा कि शहर में बीफ समोसे बेचे जा रहे थे और कुछ ग्राहक इसे ये सोचकर खरीद रहे थे कि ये मीट वाला समोसा है। इस मामले में डीसीपी पन्ना मोमाया ने बताया कि आरोपित बड़ी तादाद में कच्चा समोसा तैयार करते थे और फिर इन्हें दुकानों पर बेचा जाता था। वहाँ दुकानदार इसे तलकर ग्राहकों को देते थे।

डीसीपी ने बताया कि ये पूरा बिजनेस बिना लाइसेंस के 5 मंजिला बिल्डिंग में चल रहा था। पुलिस ये पता लगा रही है कि ये कबसे बीफ वाले समोसे बेच रहे थे और कहाँ से बीफ खरीदा जा रहा था। अब तक पूछताछ में युसूफ शेख ने बताया है कि उसके अब्बा इस काम को करते थे बाद में उसने भी इसे काम को शुरू कर दिया। उसने ये जानकारी भी दी कि वो लोग अपने समोसो में गोमांस इसलिए डालते थे क्योंकि वो भैंस या फिर गाय के मीट से ज्यादा सस्ता था और उसे इससे ज्यादा फायदा होता था।

एनिमल एक्टिविस्ट नेहा पटेल ने इस दुकान में चल रहे अवैध काम का खुलासा करने में पुलिस की मदद की। नेहा ने बताया कि ये शहर की मशहूर समोसा की दुकान है, लेकिन फिर भी दुकान पर कहीं नहीं लिखा हुआ कि ये मीट समोसा बेचते हैं। ऐसे में नेहा को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने लोगों से जानना चाहा कि क्या उन्हें इस बारे में पता है? जब नेहा को लगा कि ये काम लोगों की जानकारी के बिना हो रहा है तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की और माँग की कि ऐसी दुकानों को सील किया जाए। साथ ही खाने-पीने की दुकानों की चेकिंग नियमित होती रहे।

जेहादियों का तांडव : वहाब ने कुत्ते को रामनामी पहनाया, जामिया में लगे बाबरी के नारे: कही पथराव-कहीं भगवा फाड़ा, दरभंगा से बाड़मेर तक घृणा की कई घटनाएँ

                            दरभंगा में शोभायात्रा पर पत्थरबाजी और हमला (फोटो साभार : दैनिक जागरण)
राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो गई है। अयोध्या राम मंदिर को लेकर जहाँ चारों ओर हर्षोल्लास देखने को मिल रहा है, वहीं हिंदू और राम नाम से घृणा करने वाले भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। जब तक इन जेहादियों पर कोई सख्त कानून नहीं बनेगा, ये बिकाऊ 'अभिव्यक्ति की आज़ादी'(freedom of speech) के नाम से उपद्रव करते रहेंगे। आखिर 
freedom of speech की छूट एक तरफ़ा क्यों और कब तक? गाजियाबाद में वहाब ने अपने कुत्ते को रामनामी पहनाकर पूरे मोहल्ले में घुमाया तो दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया में बाबरी के नारे लगाए गए। राजस्थान के बाड़मेर में भगवा झंडे को फाड़ा गया तो बिहार के दरभंगा में शोभा यात्रा पर पथराव हुआ। गुजरात के वडोदरा में भी शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया।

गाजियाबाद में शादाब ने कुत्ते को रामनामी पहनाया

दिल्ली से सटे जिले गाजियाबाद में वहाब ने अपने कुत्ते के गले में भगवान राम के नाम की पटका डाली और उसे पूरे मोहल्ले में घुमाया। इस घटना पर स्थानीय लोगों ने तीखा विरोध किया तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शादाब को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) स्वतंत्र कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वैशाली सेक्टर तीन में मजहब विशेष के युवक ने ऐसा काम किया। कौशांबी पुलिस ने जाँच के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वहाब के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ भड़काने समेत अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

बिहार के दरभंगा में शोभा यात्रा पर पथराव

बिहार के दरभंगा में रामलला की शोभा यात्रा पर पथराव किया गया। ये मामला सिंहवाड़ा थाने के भपुरा गाँव का है। सोमवार (22 जनवरी 2024) को श्रीराम शोभा यात्रा के दौरान पथराव किया गया। उपद्रवियों ने दो बाइक सहित डीजे वाहन को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए हमले से शोभायात्रा में शामिल रामभक्तों में अफरातफरी की स्थिति हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

राजस्थान में फाड़ा भगवा झंडा

राजस्थान के बाड़मेर में एक पोल पर लगे भगवा झंडा को फाड़ दिया गया, जिसके बाद लोग गुस्से में आ गए। गुस्साए लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। मामला बाड़मेर के ग्रामीण कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपित को भाडखा कस्बे से गिरफ्तार कर लिया है। घटना 22 जनवरी के शाम की है।

जामिया में बाबरी की गूँज, पुलिस बल की तैनाती

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बाबरी मस्जिद के समर्थन में नारे लगाए गए। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि नारेबाजी में कुछेक छात्र शामिल थे। इन्होंने ‘स्ट्राइक फॉर बाबरी’ जैसे नारे लगाए। हालाँकि शैक्षणिक गतिविधि पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

वडोदरा में शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी

गुजरात के वडोदरा में भी शोभायात्रा निकाल रही टोली पर पत्थरों से हमला किया गया। वडोदरा के पडरा में जब शोभा यात्रा चल रही थी तो अचानक पत्थरों की बारिश होने लगी। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अफरातफरी का माहौल दिख रहा है। पास ही एक मस्जिद भी नजर आ रही है। फिलहाल हालात काबू में हैं।
अवलोकन करें:-
राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले भी कई जगहों से हिंसा की खबरे सामने आई थी। कहीं मुस्लिम भीड़ ने छतों से पत्थरबाजी की, तो कहीं पर चलती सड़क पर हिंदुओं को निशाना बनाया। एक जगह तो तिलमिलाहट में इस्लामी कट्टरपंथी ने अयोध्या के राम मंदिर को ही उड़ा डालने की धमकी दी है। गुजरात के मेहसाना में प्राण प्रतिष्ठा से पहले निकाली गई शोभा यात्रा पर छतों से पत्थरबाजी हुई। पुलिस को स्थिति काबू करने के लिए आँसू गैस के छोड़ने पड़े। इलाके में पुलिस बल तैनात है और पत्थरबाजों पर कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें महिलाएँ भी शामिल हैं। इसी तरह मुंबई के मीरा रोड में भी सनातन यात्रा पर भीड़ ने हमला किया है।

गुजरात : सॉफ्टवेयर कंपनी के ‘खड़ूस बॉस’ को सेक्स चैट में फँसाया, फिर पत्नी से लेकर HR तक को भेज दी नंगी तस्वीरें

                                                                                          प्रतीकात्मक फोटो, साभार: yespunjab.com
खड़ूस बॉस से बदला लेने की ऐसी कहानी आपने शायद ही सुनी हो! गुजरात के वडोदरा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी के बॉस से बदला लेने के लिए दो कर्मचारियों ने उसे हनीट्रैप में उलझाया। फिर उसकी नंगी तस्वीरें उसकी पत्नी से लेकर कंपनी के एचआर तक को भेज दी। तीन महीने तक टॉर्चर झेलने के बाद जब बॉस ने पुलिस से शिकायत की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस ने आईपी एड्रेस के माध्यम से हनीट्रैप का जाल बिछाने वाले लोगों का पता लगाया तो दोनों उसी कंपनी के पूर्व कर्मचारी निकले। इनमें एक महिला और एक पुरुष हैं। कथित तौर पर बॉस की प्रताड़ना से तंग आकर दोनों ने नौकरी छोड़ी थी। फिर महिला के नाम से इंस्टाग्राम पर फेक अकाउंट बनाकर बॉस को फँसाया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार फेक अकाउंट से दोनों कर्मचारियों ने करीब चार महीने पहले बॉस के साथ सेक्स चैट शुरू किया। उसे एक वेबसाइट से डाउनलोड की गई कुछ नंगी तस्वीरें भेजी। बॉस उनके जाल में उलझ गया। उसे लगा कि वह किसी महिला के साथ चैट कर रहा है। उसने भी अपनी नंगी तस्वीरें भेज दी। इसके बाद बॉस को फेक अकाउंट से मैसेज आने बंद हो गए।

 चैट बंद होने के कुछ दिन बाद बॉस को ही ईमेल पर दोनों ने उसकी नग्न फोटोज और चैट के स्क्रीनशॉट भेजे। इसके बाद कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट को इसी तरह का ईमेल भेजा गया। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। बॉस की पत्नी को भी उसकी नंगी तस्वीरें और चैट पहले मेल किए गए और फिर स्पीडपोस्ट के जरिए तस्वीरों का प्रिंट आउट उस दफ्तर में भेजा गया जहाँ वह काम करती है।

पुलिस के मुताबिक इंतकाम का यह प्लान बॉस की कथित डाँट के कारण नौकरी छोड़ने वाली महिला कर्मचारी ने अपने एक पुरुष सहकर्मी के साथ मिलकर बनाया था। रिपोर्ट में पीड़ित और आरोपितों की पहचान नहीं बताई गई है। पुलिस के अनुसार पीड़ित इस मामले को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं है। हालाँकि पुलिस ने दोनों आरोपितों को सीआरपीसी 41 (ए) के तहत बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। वडोदरा के एसीपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकाडिया ने इसे कॉर्पोरेट दुश्मनी का मामला बताया है।

गुजरात : रोडशो कर 1200+ कांग्रेसी भाजपा में हो गए शामिल: कहा – सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं

                      वडोदरा कांग्रेस की पूरी लीडरशिप ही भाजपा में शामिल हो गई (फोटो साभार: संदेश)
वडोदरा कांग्रेस की पूरी लीडरशिप ही भाजपा में शामिल हो गई। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल मौजूद रहे। गुजरात के समाचार पत्र ‘संदेश’ में इस बारे में कवरेज है कि सीआर पाटिल सिर्फ दो नेताओं को शामिल कराने के लिए वडोदरा पहुँचे थे, लेकिन कांग्रेसी  नेताओं ने बाकायदा पूरे शहर में रोडशो किया और शाम तक पूरे शहर की 
कांग्रेस लीडरशिप भाजपा में शामिल हो गई।

ये खबर कांग्रेस के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही मुकुल वासनिक, जिन्हें गुजरात कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है, वो वडोदरा पहुँचे थे और सभी नेताओं को भाजपा से मुकाबले की ट्रेनिंग देकर आए थे, लेकिन सभी कांग्रेसी भाजपा से मुकाबला करने की जगह खुद ही भाजपाई हो गए और कांग्रेस का झंडा उठाने वालों तक की कमीं पड़ गई।


गुजराती अखबार ‘संदेश’ में कांग्रेस लीडरशिप के भाजपा में शामिल हो जाने की कवरेज

RSS के कार्यक्रम के लिए प्लॉट दिया, तो कांग्रेस ने निकाला

कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वडोदरा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश पटेल ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को किसी कार्यक्रम के लिए जगह उपलब्ध कराई थी। इस मामले में कांग्रेस लीडरशिप ने उनकी बात सुने बगैर उन पर कार्रवाई कर दी। जबकि उनकी तीन पीढ़ियाँ कांग्रेस में रही थी। उन्होंने तभी फैसला कर लिया था कि वो कांग्रेस को छोड़ देंगे। सीआर पाटिल की मौजूदगी में करीब 1200 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली।

हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ हुई कांग्रेस और INDI एलायंस, तो छोड़ी पार्टी

वडोदरा के कांग्रेस अध्यक्ष रहे प्रशांत पटेल ने 2019 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। उन्होंने कहा कि I.N.D.I. गठबंधन के नेता लगातार हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने उनका विरोध करने की जगह उनका साथ दिया, चाहें वो उदयनिधि स्टालिन हों या कोई और। कांग्रेस ने उनकी निंदा तक नहीं की, ऐसे में सनातन का अपमान होता वो नहीं देख सके। प्रशांत पटेल ने कहा कि उनके लिए सनातन सबकुछ है।
                                    प्रशांत पटेल का बयान (फोटो साभार : ‘संदेश’)

जयेश ठक्कर समेत कई कांग्रेसी बने भाजपाई

जयेश ठक्कर साल 2012 में कॉन्ग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वो भी भाजपा में शामिल हो गए। उनके अलावा पूर्व पार्षद अनिल परमार समेत अनेक कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिर्फ नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ही देश और गुजरात का कल्याण हो सकता है। बता दें कि सीआर पाटिल का वडोदरा दौरा इसलिए था कि प्रशांत पटेल और सुरेश पटेल कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष थे, लेकिन उनके साथ पूरे वडोदरा के नेताओं का भाजपा में शामिल होना उनके और पार्टी के लिए बोनस जैसा साबित हुआ।