AAP नेता अशोक ओझा पर पार्टी की महिला पदाधिकारी ने बलात्कार की दर्ज कराई शिकायत (साभार: Deshgujrat) अरविन्द केजरीवाल ने जब से अपनी आम आदमी पार्टी बनाई है तभी से किसी न किसी विवाद का शिकार होती आयी है। चर्चा में बने रहने और सहानुभूति वोट लेने कभी स्याही कभी थप्पड़ और न जाने कितने प्रपंच किये और जनता इन झांसों में आकर केजरीवाल को वोट देती रही।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वडोदरा शहर अध्यक्ष अशोक ओझा एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर विवादों में घिर गए हैं। पार्टी की ही एक महिला पदाधिकारी ने अशोक ओझा, उनके बेटे आनंद ओझा और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और शारीरिक शोषण के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, महिला को शराब पिलाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक उसका शोषण किया गया।
नौकरी का लालच देकर बढ़ाया संपर्क, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
महिला की शिकायत के अनुसार, अशोक ओझा ने उसके पति को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर परिवार से संपर्क बढ़ाया था। आरोप है कि बाद में महिला को अपने घर बुलाकर शराब पिलाई गई और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। इस दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया गया।
महिला का कहना है कि इसी वीडियो को आधार बनाकर उसे अलग-अलग होटलों और अन्य स्थानों पर ले जाकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद अशोक ओझा के बेटे आनंद ओझा ने भी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोपों से इनकार, पहले भी विवादों में रहा है नाम
महिला ने शिकायत में यह भी कहा है कि जब उसने पूरे मामले की जानकारी अशोक ओझा की पत्नी को दी तो उसे घर से निकालने की धमकी दी गई। वहीं शिकायत में परिवार के अन्य सदस्यों पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर अशोक ओझा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
इससे पहले अशोक ओझा को फर्जी आईबी कॉल मामले में आनंद साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी बनकर AAP नेताओं को धमकी भरे फोन किए गए थे। इसके अलावा एक अन्य महिला ने भी मकान दिलाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए की ठगी और अभद्र माँग करने के आरोप लगाए थे।
क्यों हर बार पीड़िताओं को ही ‘गुनहगार’ बताते हैं कांग्रेस नेता? महाराष्ट्र में अमरावती जिले से सामने आया मामला समाज की कई परतों को उजागर करता है। एक तरफ जहाँ मुस्लिम युवक मोहम्मद अयान अहमद तनवीर ने 180 लड़कियों को अपने जाल में फँसाया, उनके साथ 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो बनाए और इनमें से 100 वीडियो वायरल भी कर दिए। दूसरी तरफ कांग्रेस है, जो ऐसे गंभीर मामलों में पीड़िताओं को कठघरे में खड़ा करने से बाज नहीं आती।
इस पूरे मामले में कांग्रेस की ‘टुच्ची’ सोच को पूरी तरह उजागर करते कांग्रेस नेत्री यशोमती चंद्रकांत ठाकुर का पीड़िताओं पर सवाल उठाते बयान सामने आया है। उन्होंने उन पीड़िताओं को लेक्चर दिया- “लड़कियों में अक्ल नहीं है क्या? क्या लड़कियों ने अपनी बुद्धि खो दी है?”
🔴#BREAKING | "Didn't the girls have any sense" : Congress leader Yashomati Thakur on Maharashtra exploitation case pic.twitter.com/3aX4i44I8B
दिलचस्प बात यह है कि यशोमती ठाकुर 2019 से 2022 तक कांग्रेस और शिवसेना के गठबंधन वाली सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रह चुकी हैं। यानी जिस पद पर रहते हुए यशोमती ठाकुर से महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान की आस थी, वही कांग्रेस नेता आज पीड़ित लड़कियों पर सवाल उठा रही है।
सीधी बात है कि ये सिर्फ एक बयान नहीं है, ये कांग्रेस पार्टी की मानसिकता है। ये वही सोच है जो हर बार रेप, छेड़छाड़ या यौन शोषण के मामलों में अपराधी पर सवाल उठाने के बजाए लड़कियों को ही नसीहत देने लगती है। कभी उनके कपड़ों पर, कभी उनकी समझ पर, कभी उनके फैसलों पर। हर बार राजनीतिक बयानबाजी में निशाना पीड़िता ही बनती हैं।
और ये पहली बार नहीं हुआ है। कांग्रेस के नेताओं का ट्रैक रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए, ऐसे बयान बार-बार सामने आते हैं। कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर केआर रमेश कुमार का वो शर्मनाक बयान कौन भूल सकता है- “जब रेप होना ही है, तो लेटो और मजे लो।” यही नहीं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया खुलेआम कहते हैं- “खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो जाता है।” केरल कांग्रेस के नेता मुल्लापल्ली रामचंद्रन तो इससे भी आगे निकल जाते हैं और कहते हैं- “जिस लड़की का रेप हो, उसे आत्महत्या कर लेनी चाहिए।” वहीं अमरगौड़ा पाटिल जैसे नेता तो रेप पीड़िता के परिवार को ही झूठा करार देने लगते हैं।
ये कोई एक-दो फिसलती जुबान के उदाहरण नहीं हैं, ये उसी पुरानी, टुच्ची और गैर-जिम्मेदार सोच की झलक है जो अंदर तक बैठी हुई है।
और बात यहीं खत्म नहीं होती। जब राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी हाथरस की पीड़िता से मिलने जाते हैं, तब जो वीडियो सामने आई, उसने भी बहुत कुछ साफ कर दिया। जिस वक्त पूरे देश में गुस्सा और संवेदना का माहौल था, उस समय दोनों भाई-बहन का कार में हँसी-मजाक करते हुए जाना ये दिखाता है कि गंभीरता कितनी है। साफ है, ये सिर्फ अलग-अलग नेताओं की गलती नहीं है।
सबसे खतरनाक बात ये है कि इस तरह के बयान सीधे-सीधे अपराधियों को राहत देते हैं। जब देश की एक पार्टी के नेता ही पीड़ितों को दोष देने लगेंगे, तो अपराधियों का हौसला क्यों नहीं बढ़ेगा? उन्हें तो यही लगेगा कि गलती उनकी नहीं, बल्कि लड़कियों की ही है।
आखिर में साफ शब्दों में कहें तो कांग्रेस की समस्या बयान नहीं, पूरी सोच है। बार-बार वही गिरी हुई बातें, वही पीड़ितों को कठघरे में खड़ा करने की आदत ये दिखाती है कि ये कोई गलती नहीं बल्कि जड़ जमा चुकी मानसिकता है। जिस पार्टी के नेताओं को रेप जैसे गंभीर अपराध में भी संवेदनशीलता नहीं दिखती, वो महिलाओं की सुरक्षा की बात करें, ये खुद एक मजाक लगता है। सच यही है कि कांग्रेस के लिए ऐसे मुद्दे गंभीर नहीं, सिर्फ राजनीति का सामान है। और जब तक ये सोच नहीं बदलेगी, तब तक इनके बयान भी ऐसे ही जहरीले और शर्मनाक आते रहेंगे।
पत्नी का आरोप, नेताओं को लड़कियां उपलब्ध कराता है पति तमिलनाडु के अराकोणम से DMK युवा विंग के पदाधिकारी दैवसीयाल पर उनकी 20 वर्षीय पत्नी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। पार्टी में ऊँचा पद पाने के दैवसीयाल अपनी पत्नी समेत करीब 20 अन्य युवतियों को भी राजनेताओं के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था।
पीड़ित पत्नी ने बताया कि दैवसीयाल उसे ‘पागल कुत्ते की तरह काटता’ था और धमकी देता था कि उसे काट देगा। इसके अलावा पुलिस उसका ही साथ देगी। एक बार दैवसीयाल ने कॉलेज जाते समय हमला किया और फोन तोड़ दिया। पीड़िता ने परेशान होकर आत्महत्या की कोशिश भी की। पीड़िता ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से न्याय की गुहार लगाते हुए कही कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी जान दे देगी।
इन आरोपों के बाद, दैवसीयाल फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं, AIADMK ने DMK पर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस ने शुरू में FIR दर्ज करने में देरी की। AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने चेतावनी दी है कि अगर दैवसीयाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पार्टी बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
शिकायत करने पर दी धमकी
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसका पति देइवासेयाल है। वह खुद डीएमके की युवा शाखा का उप सचिव होने का दावा करता है। महिला का आरोप है कि उसके पति ने पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। साथ ही परिवार के सदस्यों को आग लगाने की भी धमकी दी है। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस भी शिकायक के बाद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि वह कई बार इस मामले में पुलिस से शिकायत कर चुकी है।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जाँच में यौन उत्पीड़न का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है और मामले की जाँच जारी है।
घर से बाहर निकलना किया बंद
पीड़िता का आरोप है कि वह कॉलेज से पढ़ाई कर रही है। पति की प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने पिता के पास आ गई। यहां भी उसका पति पीछे पड़ा हुआ है। उसने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। इसी वजह से उसकी परीक्षा भी नहीं दे सकी। उसका पति घर पर आकर भी गाली-गलौज करता है। पीड़िता ने इस मामले में अब डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से कार्रवाई की मांग की है।
किसन बाबूराव हजारे जिन्हें लोग समाजसेवी अन्ना हजारे के नाम से जानते हैं, उनके भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में सक्रिय रहे अरविंद केजरीवाल ने उनको धोखा देकर न सिर्फ आम आदमी पार्टी का दो अक्टूबर 2012 को गठन कर लिया, बल्कि अन्ना हजारे के मूल सिद्धांतों को भी तिलांजलि दे दी। आम आदमी पार्टी जिस भ्रष्टाचार विरोध के मुद्दे पर जन्मी थी, एक के बाद एक उसके नेता भ्रष्टाचार के जनक ही बनते गए। पार्षद, विधायक, मंत्री से लेकर अब उप-मुख्यमंत्री तक करोड़ों के भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं। आप सरकार के कानून मंत्री की वकालत की डिग्री फर्जी मिली, तो महिला कल्याण मंत्री ही महिला का बलात्कार करते धरे गए। अन्ना हजारे को अब दुख हो रहा है कि उन्होंने कैसे भ्रष्ट नेताओं के साथ मंच शेयर करके उनको आगे बढ़ाया था। दिल्ली से लेकर पंजाब तक नित-नए घोटाले, घपले और घूसखोर नेता सामने आने के कारण लगता है कि आम आदमी पार्टी (AAP) को अपना नाम बदलकर भ्रष्टाचार बढ़ाओ पार्टी (BBP) कर लेना चाहिए। क्योंकि केजरीवाल की भ्रष्टाचार पर खोखली जीरो टालरेंस नीति की अब पूरी तरह पोल खुल चुकी है। सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया केसों की जाँच में अरविन्द केजरीवाल का नाम आने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
दो मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार कर लेने से आप के पाप धुलने वाले नहीं
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिन में तारे नजर आने लगे हैं। विपक्ष इस घटनाक्रम में बाद आप सरकार और अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार को लेकर पूरी तरह से हमलावर हो गया है। इस सबको किस तरह से जवाब दिया जाए और सरकार की धूमिल हो रही छवि को कैसे बचाया जाए, इसको लेकर अब माथापच्ची की जा रही है। इसी के तहत कई महीने से जेल में बंद स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और अब धरे गए मनीष सिसोदिया से इस्तीफा मांग लिया है। लेकिन केजरीवाल के इन दोनों मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार कर लेने भर से आप के पाप धुलने वाले नहीं है। क्योंकि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, जबकि आप का बड़ा नेता भ्रष्टाचार को लेकर एक्सपोज हुआ हो।
डिप्टी सीएम और मंत्री ही नहीं, दो दर्जन से ज्यादा विधायक भी आरोपी
इससे पहले भी दिल्ली से लेकर पंजाब तक आप सरकार के मंत्री जेल जा चुके हैं। बहुत उछलकूद कर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी अब इन्हीं नेताओं की पंगत में शुमार हो गए हैं। मंत्रियों के अलावा आप के करीब दो दर्जन विधायकों पर घूसखोरी के अलावा अन्य आरोप लगे हैं और कुछ जेल गए हैं। वहीं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के इस्तीफे के बाद दिल्ली की राजनीति उफान पर है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से गत वर्ष 17 अक्तूबर को भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। इसके साथ ही ईडी ने भी कई जगह छापेमारी की थी। इससे पहले दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को ईडी ने ही गिरफ्तार किया था। ईडी ने जैन की लगभग पौने पांच करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की है।
जेल में बंद सबसे करीबी सत्येंद्र जैन को केजरीवाल ने दी थी क्लीन चिट
मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य आरोपों में जेल में बंद स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को केजरीवाल का बहुत करीबी माना जाता है। यही वजह है कि जैन के तिहाड़ जेल में जाने के बावजूद केजरीवाल ने अपने इस विश्वस्त मंत्री को पद से नहीं हटाया गया। खास बात ये रही कि अरविंद केजरीवाल की ओर से जैन को क्लीन चिट दी गई थी। उन्होंने कई अवसरों पर कहा कि राजनीतिक खुन्नस निकालने के लिए आप नेताओं को परेशान किया जा रहा है। लेकिन जांच एजेंसियों की लगातार की जा रही पड़ताल में दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। सत्येंद्र जैन के बाद मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी से केजरीवाल के भी तोते उड़ने लगे हैं। इसकी बड़ी वजह यही है कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचारियों की फौज बनती चली जा रही है। पंजाब की जनता ने केजरीवाल की पार्टी को जिताया तो वहां भी स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला भ्रष्टाचार के मामले जेल जा चुके हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का केस प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिकंजा कसते हुए दिल्ली में AAP सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया। ईडी ने जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की थी। दरअसल, जैन के परिवार के लोग कुछ ऐसी फर्म से जुड़े थे जो PMLA के तहत जांच के दायरे में हैं। सत्येंद्र जैन की बेटी सौम्या जैन को मोहल्ला क्लीनिक के लिए सलाहकार नियुक्त किए जाने के मामले ने भी काफी तूल पकड़ा था। इस मामले की जांच सीबीआई तक को दी गई थी। ईडी की जांच में पता चला है कि साल 2015-16 के दौरान जब सत्येंद्र कुमार जैन एक लोक सेवक थे, तब जैन पर अधिकारों के दुरुपयोग के भी कई आरोप लग चुके हैं।
महिला कल्याण मंत्री संदीप कुमार ने महिला को बनाया हवस का शिकार आम आदमी पार्टी के मंत्री भ्रष्टाचार में ही नहीं, रेप केस में भी संलिप्त पाए गए हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री रहे संदीप कुमार 2016 में राशन कार्ड बनवाने के बहाने महिला से रेप केस में फंस चुके हैं। इस मामले में उनको जेल भेजा गया। इस घटना की एक सीडी भी सामने आई थी। संदीप कुमार 2015 में दिल्ली की सुल्तानपुर माजरा विधानसभा सीट से विधायक बना और उसको केजरीवाल सरकार में महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्री बनाया गया था। 2016 में एक ऐसी सीडी वायरल हुई, जिसमें संदीप कुमार को दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालात में देखे जाने के आरोप लगे। महिला का कहना था कि वह संदीप कुमार के पास राशन कार्ड बनवाने गई थी। यहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया। उसके बाद रेप किया गया। मंत्री के रेप केस में आने के बाद भारी दबाव पड़ने पर केजरीवाल को संदीप को हटाना पड़ा।
दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की ही वकालत की बोगस डिग्री साल 2015 में दिल्ली सरकार में कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया गया था। उन पर वकालत की फर्जी डिग्री रखने के आरोप लगे। एक आरटीआई के हवाले से पता चला कि जितेंद्र की डिग्री बोगस है। भागलपुर यूनिवर्सिटी ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि जो पंजीकरण नंबर उनकी डिग्री पर है, उस नंबर पर कोई और पंजीकृत है। डिग्री पूरी तरह से गलत और बोगस है। जितेंद्र पहले कांग्रेस नेता भी रहे हैं। दिल्ली चुनाव में वो आम आदमी पार्टी से त्रिनगर से चुनाव जीते और केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री बने। उनको दिल्ली के पर्यटन, कला और संस्कृति की भी जिम्मेदारी दी गई थी।
खाद्य आपूर्ति मंत्री आसिम खान ने खाई छह लाख की रिश्वत दिल्ली सरकार में साल 2018 में मंत्री आसिम अहमद खान का नाम भी भ्रष्टाचार की सुर्खियों में आया। दिल्ली सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री आसिम खान पर एक बिल्डर से 6 लाख रुपये की रिश्वत खाने के आरोप लगे। आसिम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप की जांच CBI को सौंपी गई। भारी दबाव के बाद तब सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट मंत्री आसिम अहमद खान को हटाना पड़ा था।
जॉनी डेप (बाएँ) एलेन बार्किन (बीच में) एम्बर हर्ड (दाएँ) हॉलीवुड सुपरस्टार जॉनी डेप (Johnny Depp) अपनी एक्स वाइफ एम्बर हर्ड (Amber Heard) के साथ विवादों को लेकर काफी समय से सुर्खियों में हैं। अब इस केस से जुड़े 6000 से ज्यादा कोर्ट डॉक्यूमेंट सामने आए हैं, जिसमें कई सनसीखेज दावे किए गए हैं। एम्बर हर्ड के साथ जॉनी डेप के मानहानि के मुकदमे में अभिनेत्री और एलेन बार्किन (Johnny Depp’s ex-girlfriend Ellen Barkin) ने भी अपनी गवाही दी है।
जॉनी डेप की पूर्व प्रेमिका एलेन बार्किन ने दावा किया कि अभिनेता अक्सर नशे रहने वाले और उन्हें कंट्रोल करने वाला शख्स थे। उन्होंने बताया, “जॉनी अक्सर नशे में रहते थे और लोगों से ईर्ष्या (Jealous) करते थे, मुझे हमेशा पूछते थे कि तुम कहाँ जा रही हो? तुम किसके साथ जा रही हो? तुमने कल रात क्या किया?” उन्होंने ये भी दावा किया कि जॉनी ने उन पर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया था।”
68 वर्षीय बार्किन ने इस बात पर सहमति जताई कि ‘पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन’ फिल्म का अभिनेता हैंडसम हो सकता है, लेकिन वह बात-बात पर गाली देने वाला शख्स भी है। वह 1990 के आसपास डेप से मिलीं और 10 साल तक उनके करीब रहीं। उन्होंने बताया, “जब डेप और मैंने पहली बार सेक्स किया, तब अभिनेता ने उन्हें Quaalude (एक प्रकार की नशीली दवा) दी थी।
6000 से ज्यादा कोर्ट डॉक्यूमेंट के मुताबिक, बार्किन ने बताया कि जब वे 90 के दशक में एक दूसरे को डेट कर रहे थे, तब डेप ने उन्हें एक क्वाल्यूड (Quaalude) दिया और उनसे पूछा कि क्या वो सेक्स करना चाहती हैं। एक्ट्रेस ने डेप को शराबी बताते हुए कहा कि वह हिंसक व्यवहार करता है। उन्होंने अपने वीडियो बयान में कहा कि डेप अपने नीचे काम करने वाले लोगों को अक्सर अपमानित करता था। उन्होंने बताया कि एक बार तो उसने अस्सिस्टेंट को ‘सूअर’ तक कह दिया था। नवंबर 2019 में बार्किन की गवाही की वीडियोग्राफी की गई और वर्जीनिया में फेयरफैक्स काउंटी सर्किट कोर्ट में मानहानि के मामले की सुनवाई कर रहे सात लोगों की जूरी ने सब कुछ देखा।
बीते दिनों इन डॉक्यूमेंट्स में अभिनेत्री एम्बर के वकीलों ने तरह-तरह के दावे किए हुए थे। एम्बर हर्ड (Amber Heard) के वकीलों ने जॉनी को इसमें नपुंसक बताया था। वकीलों ने दावा किया था कि जॉनी डेप इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction) से जूझ रहे हैं यानी वह नामर्द हैं और इसलिए ही वह एम्बर के साथ हिंसा करते थे। उनका कहना था कि वह इस बीमारी का इलाज करा रहे थे और उन्होंने सबूत के तौर पर इससे जुड़े कागजात भी कोर्ट में पेश किए थे।
एक आर्टिकल को लेकर जॉनी डेप और एक्ट्रेस एम्बर हर्ड के बीच कानूनी लड़ी शुरू हुई थी। केस की शुरुआत में हर्ड के वकीलों ने कोर्ट को बताया गया था कि डेप नशीली दवाओं और शराब के नशे में उनकी मुव्वकिल का शारीरिक और यौन शोषण करते थे। इस दौरान वह ‘राक्षस’ बन जाते थे। वकील के अनुसार, 2015 में डेप ने हर्ड को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान उनको जमीन पर पटका। लात-घूँसों से मारा। उनके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल घुसेड़ दी थी। आरोप है कि एक के बाद एक कई बोतलें उनके ऊपर फेंकी और फिर फर्श पर टूटे हुए बोतलों पर उन्हें घसीटा भी था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा दिया था। यह नारा खूब चर्चित हुआ था। लेकिन इसका फायदा कांग्रेस को नहीं मिला। क्योंकि जनता को पता है कि कांग्रेस का यह नारा सिर्फ दिखावा है। महिला विरोधी मानसिकता वाली कांग्रेस में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है, यह एक बार फिर साबित हो गया है। केरल में यूथ कांग्रेस की महिला नेता ने विंग के राष्ट्रीय सचिव को पत्र लिखकर एक कार्यकारी सदस्य पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।
पलक्कड़ में एक से तीन जुलाई तक यूथ कांग्रेस के तीन दिवसीय युवा चिंतन शिविर का आयोजना किया गया था। महिला नेता ने अपने पत्र में बताया कि इस चिंतन शिविर में शराब के नशे में राज्य के कार्यकारी सदस्य विवेक नायर ने उसका यौन शोषण करने की कोशिश की। महिला नेता के पत्र के बाद विवेक नायर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि निलंबन का जो कारण बताया गया है, उसमें यौन शोषण के आरोप को खारिज कर दिया गया है।
प्रदेश नेतृत्व ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि निलंबन यौन शोषण के आरोप में नहीं बल्कि, राज्य में अराजकता पैदा करने और नेतृत्व का अपमान करने के लिए किया गया। बयान के मुताबिक, यौन शोषण के संबंध में किसी से शिकायत नहीं मिली है। गौरतलब है कि विवेक नायर को हाल ही में अनुचित आचरण के लिए बर्खास्त करने के बाद संगठन में फिर से शामिल किया गया था। एक महीने पहले यूनिवर्सिटी कॉलेज की छात्राओं के साथ बदसलूकी के आरोप में पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
आपको दिखाते हैं कि किस तरह से कांग्रेस पार्टी महिलाओं के नाम पर सिर्फ नौटंकी करती है। नीचे दिए गए बयानों और कांग्रेस नेताओं की हरकतों से साफ हो जाएगा कि कांग्रेस की नजर में महिलाओं की क्या हैसियत है।
कांग्रेस के मंत्री-पुत्र ने किया रस्सियों से बांधकर रेप राजस्थान सरकार में जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी के बेटे रोहित के खिलाफ जयपुर की 23 साल की युवती ने दिल्ली में रेप का केस दर्ज कराया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि रोहित जोशी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर कई बार रेप किया। मांग में सिंदूर भरकर शादी का झांसा दिया। शादी तो नहीं की, लेकिन उसे जबरन हनीमून पर ले गया। पीड़िता प्रेग्नेंट हुई तो अबॉर्शन करा दिया। परेशान होकर पीड़िता ने खुदकुशी की कोशिश की। इससे बची तो रोहित मारपीट पर उतारू हो गया। आखिरकार पीड़िता ने नॉर्थ दिल्ली के सदर थाने में मामला दर्ज करवाया।
कांग्रेस विधायक के बेटे ने नाबालिग से रेप कर बनाए अश्लील वीडियो राजस्थान में कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे दीपक मीणा पर नाबालिग से गैंगरेप व ब्लैकमेल करने का आरोप लगा। दौसा में एक 15 साल की नाबालिग से गैंगरेप के मामले में एमएलए के बेटे समेत 5 युवकों पर मामला दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि एमएलए के बेटे और उसके दोस्तों ने होटल में रेप कर अश्लील वीडियो बनाए। इन्हें वायरल करने की धमकी देकर साढ़े 15 लाख रुपए व जेवरात ले लिए। इसके साथ धमकाया भी कि कानून हमारा कुछ नहीं कर सकता। परिजनों ने बताया कि पीड़िता 10वीं क्लास में पढ़ती है।
कांग्रेस के मंत्री धारीवाल ने कहा था, रेप में नंबर-1, क्योंकि राजस्थान मर्दों का प्रदेश है पिछले दिनों विधानसभा में ही वरिष्ठ मंत्री शांति धारीवाल ने स्वीकारा था कि राजस्थान रेप के मामले में देशभर में नंबर वन है। इसके साथ ही धारीवाल ने शर्मनाक वक्तव्य भी जोड़ा कि क्या करें…राजस्थान मर्दों का प्रदेश है। गोठवाल ने कहा कि राजस्थान दुष्कर्म के मामलों में देश में पहले नंबर पर है। यहां आए दिन दुष्कर्म होते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार दुष्कर्म की घटनाओं पर काबू पाने में बिल्कुल विफल साबित रही है।
इंदौर में कांग्रेस विधायक के बेटे को बचाने रेप पीड़िता को आया कॉल, कहा- राहुल गांधी ने भेजा है, मामला सुलझाना है कांग्रेस पार्टी में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं, इस समय इंदौर की एक रेप पीड़िता से बेहतर कोई नहीं जानता। युवा कांग्रेस की महिला पदाधिकारी के रूप में जुड़ी रेप पीड़िता पर अब समझौता करने का दबाव बनाया गया। इसका खुलासा एक वायरल ऑडियो से हुआ, जिसमें पीड़िता से बात करने वाले एक युवक ने खुद को राहुल गांधी के ऑफिस से जुड़ा बताया। उसने दावा किया कि उसे इस मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली से भेजा गया था।
शीला दीक्षित – महिलाओं का ज्यादा एडवेंचरस नहीं होना चाहिए 2008 में युवा पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के बाद एक सवाल के जवाब में दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा था: “महिलाओं को ज़्यादा एडवेंचरस नहीं होना चाहिए।” तब हेडलाइंस टुडे में काम करने वाली सौम्या विश्वनाथन दफ्तर से घर लौट रही थीं जब वसंत कुंज में उन्हें कार में गोली मारी गई थी।
NSUI अध्यक्ष पर महिला कार्यकर्ता ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया 25 जून, 2018 को छत्तीसगढ़ में NSUI की एक कार्यकर्ता ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर NSUI अध्यक्ष फैरोज खान के ऊपर महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। महिला कार्यकर्ता ने लिखा कि फैरोज राजनीतिक तरक्की के लिए महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है।
सत्यदेव कटारे – जब तक महिला तिरछी नजर से नहीं देखेगी, पुरुष नहीं छेड़ेगा 24 अप्रैल, 2013 को भिंड में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सत्यदेव कटारे ने विवादित बयान दिया। कटारे ने कहा कि जब तक महिला तिरछी नजर से नहीं देखेगी, तब तक पुरूष उसे नहीं छेड़ेगा।
रेणुका चौधरी – रेप तो चलते रहते हैं रेप जैसे जघन्य अपराध को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रेणुका चौधरी ने बुलंदशहर में विवादित बयान दिया। रेणुका ने कहा कि “रेप तो चलते ही रहते हैं (रेप इज कॉमन)।”
सुभाष चौधरी बलात्कार मामला हरियाणा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुभाष चौधरी पर अक्टूबर, 2017 में दिल्ली के तुगलग रोड पुलिस स्टेशन पर रेप का एक मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप है कि सुभाष चौधरी ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद के घर की नौकरानी के साथ दुष्कर्म किया। मामला चर्चा आने के बाद भी, इस मामले में राहुल गांधी ने चुप्पी साध ली। तब वह कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे।
शिमला का गुड़िया गैंगरेप कांड हिमाचल प्रदेश में शिमला का जघन्य गुड़िया गैंग रेप कांड काफी दिनों तक लोगों को विचलित किए हुए था। इस मामले में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में बनी राज्य सरकार के मुखिया वीरभद्र सिंह ने जो बयान दिया वह बहुत ही आपत्तिजनक था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई देश या प्रदेश नहीं है, जहां अपराध नहीं होता।
सैन्य अफसर की पत्नी ने किया अहमद पटेल पर बलात्कार का केस वर्ष 2005 में सेना के एक अफसर की पत्नी सुनीता सिंह ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की कि कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता का कहना था कि वह पति की पिटाई से परेशान होकर घर से भाग गई और दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग में न्याय की गुहार लगाने आई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने उसे नारी निकेतन भेज दिया। नारी निकेतन से राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य यास्मीन अबरार उसे अपने साथ घर ले गईं। उसी के घर में कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने उसके साथ बलात्कार किया।
विधायक पर रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस 22 जुलाई, 2017 – केरल के कांग्रेस विधायक एम विंसेंट को रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। केरल पुलिस के अनुसार, 51 वर्षीय महिला ने विधायक के खिलाफ रेप के आरोप लगाए। घटना के बाद महिला ने सुसाइड की भी कोशिश की थी।
विधायक हेमंत कटारे बलात्कार मामला 2 फरवरी, 2018 – मध्यप्रदेश के भिंड जिले के अटेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण का प्रकरण दर्ज हुआ है। कटारे के खिलाफ एक महिला और उसकी बेटी प्रयांशु सिंह के द्वारा अलग-अलग दर्ज कराई गई। शिकायतों के आधार पर अपहरण और दुष्कर्म का अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किया गया है।
अभिषेक मनु सिंघवी का सीडी कांड 2012 में अभिषेक मनु सिंघवी का सीडी कांड पहली बार सबके सामने आया। इसमें किसी कोर्ट जैसे चैम्बर में सिंघवी एक महिला वकील के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही सिंघवी महिला वकील को कह रहे हैं कि वे उसे जज बना देंगे।
नारायण दत्त तिवारी का सेक्स स्कैंडल कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण दत्त तिवारी पर राजभवन में ही तीन महिलाओं के साथ सैक्स का वीडियो एक तेलुगु न्यूज चैनल ने ब्रॉडकास्ट कर दिया। इसके बाद उन्हें राज्यपाल का पद छोड़ना पड़ा। नारायण दत्त तिवारी के खिलाफ ही एक शख्स ने पिता होने का दावा किया था, जो बाद में डीएनए टेस्ट के बाद न्यायालय ने भी सही पाया।
युवा कांग्रेस की महिला नेता ने कांग्रेस विधायक के बेटे पर लगाया रेप का आरोप मध्य प्रदेश के इंदौर में युवा कांग्रेस की एक महिला पदाधिकारी ने अपनी ही पार्टी के विधायक मुरली मोरवाल के बेटे करण मोरवाल पर रेप का मामला दर्ज कराया था। दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि पिछले साल दिसंबर में वह करण के संपर्क में आई थी। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई। धीरे-धीरे वॉट्सऐप और मोबाइल पर बातें होने लगीं। कई बार करण मोरवाल उससे मिलने इंदौर भी आया। इसके बाद इंदौर बायपास स्थित होटल में उसे प्रपोज किया और शादी करने का झांसा देकर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया था।
कमलनाथ के करीबी सज्जन ने लड़कियों पर दिया बेतुका बयान कांग्रेस के नेता अपने बयानों से सारी मर्यादाओं को तार-तार करते रहते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा ने एक बार फिर विवादित बयान दिया। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल किए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि जब लड़कियां 15 साल में प्रजनन लायक हो जाती हैं तो शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है। 13 जनवरी, 2021 को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लड़कियों की बच्चे पैदा करने लायक उम्र 15 साल है। शादी की उम्र 18 साल है तो कौन सा बड़ा वैज्ञानिक या डॉक्टर हो गया शिवराज की शादी की उम्र 21 करेगा।
इमरती देवी अब जलेबी बन गई हैं- सज्जन सिंह वर्मा इसके पहले मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी नेता सज्जन सिंह ने एक विवादित बयान दिया। सज्जन सिंह ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि इमरती देवी अब ‘जलेबी’ बन गई हैं। दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार (1998-2003) में कैबिनेट मंत्री रहे सज्जन सिंह के इस बयान से पार्टी की काफी फजीहत हुई।
कमलनाथ ने इमरती देवी को कहा आइटम इसके पहले राहुल गांधी के करीबी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी की महिला नेता इमरती के लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया है वह पार्टी की महिलाओं के प्रति सोच को उजागर करती है। मध्य प्रदेश के डबरा में कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश राजे के लिए प्रचार करने पहुंचे कमलनाथ ने कहा, ‘सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे साधे हैं। यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, ‘यह क्या आइटम है’।
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If the 'item' comment on Imarti Devi had harmed Congress, why did she suffer a defeat in the election? Imarti Devi jalebi ban gayi: Madhya Pradesh Congress leader Sajjan Singh Verma on being asked if the remark was responsible for the party's defeat in recent bypolls (15.11) pic.twitter.com/L1W047CEcI
अजय सिंह ने पारुल साहू को कहा- टिकाऊ माल मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस के बड़े नेता अजय सिंह ने अपनी पार्टी की उम्मीदवार पारुल साहु को टिकाऊ माल कहा।
कांग्रेस दफ्तर में महिला कार्यकर्ता की पिटाई उत्तर प्रदेश के देवरिया में 10 अक्तूबर, 2020 को कांग्रेस पार्टी कार्यालय में एक महिला कार्यकर्ता तारा यादव को वहां मौजूद पुरुष कार्यकर्ताओं ने जमकर पीटा। महिला कार्यकर्ता ने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सचिन नायक के सामने उपचुनाव उम्मीदवार को रेप का आरोपी बताते हुए टिकट देने का विरोध किया था। इससे भड़के कार्यकर्ताओं ने महिला कार्यकर्ता को सबके सामने बुरी तरह पीटना शुरु कर दिया। महिला कार्यकर्ता के साथ आई तीन महिलाओं को भी जमकर पीटा गया।
नारायणसामी ने किरण बेदी को ‘राक्षस’ कहा पुडुचेरी के कांग्रेसी मुख्यमंत्री नारायणसामी ने 31 अक्टूबर, 2019 को इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश की महिला उपराज्यपाल किरण बेदी को राक्षस कहा। नारायणसामी ने कहा, “केंद्र सरकार ने यहां एक ‘राक्षस’ को बिठाया हुआ है। हम मंत्री 24 घंटे काम करने को तैयार है, लेकिन वो सभी योजनाओं को रोक देती है। चाहें वो गरीबों को चावल बांटने की योजना हो या पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्टों के लिए केंद्र सरकार से फंड लेना हो, वो दिल्ली जाती हैं और फंड आवंटन रूकवा देती हैं।”
सिद्धारमैया ने सरेआम खींची महिला की चुन्नी कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता सिद्धारमैया ने सरेआम एक महिला के साथ दुर्व्यवहार किया था। मैसूर में एक महिला सिद्धारमैया के पास उनके विधायक बेटे की शिकायत करने आई थी। महिला की शिकायत सुनते ही सिद्धारमैया भड़क गए और महिला से अभद्रता करने लगे। सिद्धारमैया ने मर्यादा की सभी सीमाओं को पार करते हुए महिला की चुन्नी खींच ली और गाली-गलौच करते हुए हाथापाई तक करने लगे।
राहुल के दफ्तर में महिला से अश्लील हरकत महिलाओं के प्रति कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नीच सोच का पता कुछ दिन एक बार फिर लगा था। हाल ही में कांग्रेस के नेताओं पर दिल्ली में राहुल गांधी के दफ्तर में ही सोशल मीडिया सेल में काम करने वाली महिला से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया था। महिला ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस कमिश्नर से की थी। इस मामले में राहुल गांधी ने पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, बाद में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जाहिर है कि जब कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के दूसरे बड़े नेता ही महिलाओं से दुर्व्यवहार करते रहे हों, उन पर अभद्र टिप्पणियां करते रहे हों तो फिर नीचे के कार्यकर्ता भी इसमें अपनी शान समझेंगे।
राहुल गांधी – क्या संघ की शाखाओं में महिलाएं छोटे कपड़े (शॉर्ट्स) पहने दिखती हैं। राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर,2017 को वडोदरा में महिलाओं को लेकर अमर्यादित बयान दिया। उन्होंने पूछा था कि क्या संघ की शाखाओं में महिलाएं छोटे कपड़े (शॉर्ट्स) पहने दिखती हैं। इस बयान पर महिलाओं ने आपत्ति जताई थी।
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस सांसद को टंच माल कहा कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने 27 जुलाई,2013 को इंदौर में अपनी पार्टी की सांसद मीनाक्षी नटराजन पर sexist remark दिया। उन्होंने नटराजन को टंच माल कहकर संबोधित किया था।
शशि थरूर ने मिस वर्ल्ड का मजाक उड़ाया मानुषी छिल्लर के मिस वर्ल्ड बनने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने उन्हें चिल्लर कह कर मजाक उड़ाया। 19 नवंबर, 2017 को ट्विट कर उन्होंने लिखा, ‘हमारी मुद्रा का विमुद्रीकरण करना कितनी बड़ी भूल थी! बीजेपी को इस बात का अहसास होना चाहिए कि भारतीय मुद्रा का विश्व भर में वर्चस्व है, देखिए हमारी चिल्लर भी मिस वर्ल्ड बन गई है.’
अभिजीत मुखर्जी – दिन में प्रदर्शन और रात में मेकअप से पुतकर पब में जाएंगी कांग्रेस सांसद और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी महिलाओं के मेकअप और पहनावे को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। 28 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में निर्भया गैंगरेप कांड के बाद महिला प्रदर्शनकारियों का मजाक उड़ाते हुए अभिजीत ने कहा था कि ये महिलाएं अब प्रदर्शन कर रही हैं और रात को मेकअप से पुतकर पब में जाएंगी। हालांकि उनकी इस टिप्पणी पर उनकी बहन शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ही आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्होंने भी माफी मांगी।
जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर पर ‘Hitler’s Secret Sex Life’ नाम से एक डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई है। ये डॉक्यूमेंट्री हिटलर के यौन मनोविज्ञान पर प्रकाश डालती है। इसमें उन दावों की पड़ताल है जिनमें हिटलर को पोर्न एडिक्ट बताया गया और कहा गया कि वह चुपके से दूसरों को संभोग करता देख आनंद पाता था।
इस डॉक्यूमेंट्री, जिसे स्काई हिस्ट्री पर मई 2 को रिलीज किया गया, इसमें बताया गया है कि हिटलर को सेक्स के दौरान उसके ऊपर पेशाब करने वाली महिलाएँ पसंद थीं और उसके संबंध अपनी भतीजी से भी थे। इन सबके अलावा वह सेक्स के दौरान चाहता था कि महिलाएँ उसे मुक्का मारें। फिर वह ऐसी स्थिति (शारीरिक या मानसिक पीड़ा पाकर खुद सुख लेना) का आनंद लेता था।
डॉक्यूमेंट्री कहती है कि हिटलर के बारे में दावे हैं कि वह इच्छाओं पर संयम रखने वाला, वेश्यावृत्ति के ख़िलाफ़ बोलने वाला और कम कामुक मर्दों को कमजोर और दयनीय बताता था। वह वेश्याओं और स्ट्रिपर्स को प्राइवेट कार्यक्रमों में निमंत्रण देता था। कथित तौर पर नाजी के आधिकारिक फोटोग्राफर हेनरिक हॉफमैन को अश्लील फिल्में सप्लाई करने का काम दिया गया था, जिन्हें हिटलर रात के अँधेरे में देखता था।
भतीजी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
डॉक्यूमेंट्री कहती है कि हिटलर के अपनी भतीजी गेली रॉबल (Geli Raubal) से संबंध थे, जो बाद में जर्मनी के मुनिक में मृत पाई गई। फिल्म में दिखाया गया है कि गेली के साथ हिटलर ने यौन संबंध बनाने के लिए जबरदस्ती की। संबंध लगभग 6 साल चला। फिर 1931 में वह मृत मिली जिसके बाद इस बात ने तूल पकड़ लिया कि हिटलर ने ही उसे मारा।
द सन पर प्रकाशित खबर के अनुसार, हिटलर अपनी भतीजी से कई घटिया चीजें करने को कहता था। जैसे वह उसे नंगा करता, अपने मुँह पर बैठाता और उत्तेजित होने के बाद वह उसे अपने मुँह पर पेशाब करने को कहता था। गेली ने ऐसी हरकतों को बेहद घिनौना कहा था।
डॉक्यूमेंट्री में एक और किस्से का जिक्र है जहाँ हिटलर के साथ सेक्सुअली एक्टिव होने के बाद अभिनेत्री रेनेटा मुलर की मृत्यु हो गई थी। एक्ट्रेस ने भी बताया था कि हिटलर उनसे उसे मारने को कहता था। मुलेर ने कथित तौर पर फिल्म निर्देशक अल्फ्रेड जेसलर को कहा था कि वह हिटलर को लगातार मारती थी, क्योंकि वह खुद ही जमीन पर लेटकर उसे ऐसा करने को कहता था।
इसके अलावा इसमें उन अफवाहों पर भी प्रकाश डाला गया है जिसमें हिटलर अपनी 13 साल की प्रेमिका इवा ब्रॉन के साथ सेक्स नहीं कर पाया था। इवा की गायनाकोलॉजिस्ट ने कथित तौर पर दावा किया था कि उसकी योनि इतनी कसी हुई थी कि सेक्स उसके लिए बेहद पीड़ादायक होता। वहीं उसकी हेयर ड्रेसर ने दावा किया था कि उन्हें इवा ने खुद बताया कि हिटलर ने कभी उसके साथ सेक्स नहीं किया।
वामपंथी प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ के सह संस्थापक और महिलाकर्मियों के साथ यौन शोषण के आरोपित सिद्धार्थ भाटिया को मुंबई प्रेस क्लब का अध्यक्ष चुना गया है। शनिवार (6 फरवरी 2021) को मुंबई प्रेस क्लब के चुनाव हुए थे, जिसमें सिद्धार्थ भाटिया ने सुधाकर कश्यप के खिलाफ जीत दर्ज की।
पत्रकार स्मिता देशमुख ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी कि घनघोर वामंथी पत्रकारों ने ‘प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायन्स’ (Progressive Democratic Alliance) नाम का समूह बना कर मुंबई प्रेस क्लब का चुनाव लड़ा। इसमें सिद्धार्थ भाटिया ने अध्यक्ष पद के लिए, इंडियन एक्सप्रेस के वामपंथी पत्रकार गुरबीर सिंह ने चेयरमैन और महाराष्ट्र टाइम्स के समर खलदस ने वाइस चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ा था।
They invited @AtishiAAP to have a PC when she was passing by Mumbai but forgot to invite Yogiji when he was in Mumbai. I asked them why such discrimination? They said Atishi PC was paid.
एक अन्य पत्रकार श्रीकांत भोंसले के मुताबिक़ प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायन्स ने क्लब के पदाधिकारियों के लिए 6 उम्मीदवार उतारे थे और 10 अन्य को समिति के सदस्यों के लिए उतारा था। इन सभी 16 उम्मीदवारों की अगुवाई घनघोर वामपंथी ‘पत्रकार’ सिद्धार्थ भाटिया ने की थी और सभी ने मुंबई प्रेस क्लब के चुनावों में जीत हासिल की है।
2018 के दौरान #Metoo अभियान काफी चर्चा में था। इसमें तमाम दिग्गजों पर कई गंभीर आरोप सामने आए थे। उसी दौरान एक महिला ने सिद्धार्थ भाटिया पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
सहकर्मियों ने लगाया था यौन शोषण का आरोप
#Metoo अभियान के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में, दो अलग-अलग महिलाओं ने सिद्धार्थ भाटिया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पावर और पोजिशन का इस्तेमाल करके उनका शोषण किया था। एक महिला के मुताबिक़ भाटिया DNA में रहते हुए नई इंटर्न्स को लिखने से जुड़ी बारीकियाँ समझाने के बहाने अपने झाँसे में लेता था। वहीं एक ट्विटर यूजर ने आरोप लगाया था भाटिया दफ्तर में महिलाकर्मियों की ब्रा की स्ट्रिप देख कर होठों का निचला हिस्सा चाटना शुरू कर देता था।
हालाँकि DNA के कार्यकाल से जुड़े महिला के आरोपों को भाटिया ने खारिज कर दिया था। भाटिया के मुताबिक़ जब वो DNA में काम करते थे, तब वहाँ इस नाम की कोई महिला काम नहीं करती थी। इसके अलावा भाटिया ने द वायर की कर्मचारी रह चुकी महिला के आरोपों पर कहा कि वो सच नहीं है क्योंकि द वायर हिन्दी में कोई महिला कर्मचारी नहीं थी।
इस तरह के तमाम आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उन पर आरोप लगाने वाले ट्विटर हैंडल्स की जाँच हो। भाटिया ने यहाँ तक दावा किया था कि उन्होंने महिलाओं से कहा था कि वह मामले से जुड़ी अधिक जानकारी के साथ आगे आएँ लेकिन ऐसा किसी ने नहीं किया।
ख़बरों से ज़्यादा विवादों के चलते सुर्ख़ियों में रहने वाले वामपंथी मीडिया समूह ‘द वायर’ हिन्दू विरोधी विचारधारा और देश विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने के लिए मशहूर है। स्वघोषित ‘समाचार वेबसाइट’ की शुरुआत अमेरिकी नागरिक सिद्धार्थ वरदराजन, एमके वेणु और सिद्धार्थ भाटिया ने की थी। ये वेबसाइट फर्जी ख़बरें फैलाने और प्रोपेगेंडा प्रचार करने के लिए मशहूर है।
ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब द वायर झूठ परोसते हुए नज़र आया है लेकिन इन्होंने अपने झूठ के लिए कभी माफ़ी नहीं माँगी। उन तमाम झूठों में ये कुछ झूठ हैं, जो द वायर ने पत्रकारिता के नाम पर परोसे हैं।
द वायर के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर फेक न्यूज़ फैलाने पर एफ़आईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा पूर्व न्यूज एंकर विनोद दुआ पर भी दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान गलत रिपोर्टिंग करने और जनता के बीच भ्रम पैदा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। विनोद दुआ पर भी यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे।
सिस्टर अभया, मामले में आरोपित थॉमस कुट्टूर और सिस्टर सेफी (चित्र साभार: मातृभूमि ऑनलाइन)
28 साल पहले हुई 19 साल की नन सिस्टर अभया की संदिग्ध मौत के मामले में फैसले की घड़ी आ गई है। दिसंबर 22, 2020 को तिरुवनंतपुरम में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत फैसला सुनाएगी। केरल के कोट्टायम में सेंट पायस कॉन्वेंट (Pious X Convent) में सिस्टर अभया का शव कुएँ से मिला था। ख़ास बात यह है कि इतने वर्षों तक चर्च भी इस अपराध के आरोपितों को निर्दोष बताती रही।
सेंट पायस कॉन्वेंट (Pious X Convent) के कुएँ से सिस्टर अभया 27 मार्च 1992 को मृत मिली थी। इसी पायस कॉन्वेंट में पढ़ने वाली बिना थॉमस को सिस्टर अभया नाम भी दिया गया। शुरुआत में मामले की जाँच स्थानीय पुलिस और राज्य अपराध शाखा ने की थी, जिसमें कहा गया था कि अभया ने आत्महत्या की है और फाइल को बंद कर दिया गया।
लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ता जोमोन पुथेनपुराकल के संघर्ष और कानूनी लड़ाई के बाद 29 मार्च, 1993 को इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। CBI ने वर्ष 2008 में कोट्टूर, पूथरुकायिल और सेफी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इस हत्या को आत्महत्या साबित करने के अगले दो दशकों तक इस केस में कोई नई जानकारी नहीं आई। इसके बाद सीधे 27 साल बाद इस मामले की फिर से सुनवाई शुरू हुई और एक-एक कर गवाह मुकरने लगे। सिस्टर अभया हत्या मामले में अहम फैसले से एक दिन पहले ही इस केस के मुख्य गवाह राजू उर्फ अदकाका राजू ने एक समाचार चैनल को बताया कि उसे पुलिस अधिकारियों द्वारा इस अपराध के लिए कई दिनों तक प्रताड़ित किया गया।
दरअसल, सिस्टर की हत्या के दिन राजू, जो कि एक छोटा-मोटा चोर था, वह बिजली का सामान चुराने कॉन्वेंट में घुसा था और हादसे के दौरान कॉन्वेंट परिसर में मौजूद था। बाद में, राजू ने कथित तौर पर सीबीआई अधिकारियों को बताया कि उसने रहस्यमय परिस्थितियों में कॉन्वेंट में दो पादरी (प्रीस्ट) और एक नन को देखा। उसने बताया, “मुझे बहुत पीड़ा हुई। मुझे अपराध कबूलने के लिए कहा गया, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। मैं चाहता हूँ कि सच्चाई सामने आए।”
सीबीआई ने इस मामले में कैथोलिक पादरी थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी पर चार्जशीट दायर की। इन लोगों पर हत्या, सबूत नष्ट करने, आपराधिक साजिश और अन्य आरोप लगाए गए। एक अन्य आरोपित फादर जोस पूथरुकायिल को पिछले साल अदालत ने सबूत न मिलने के कारण छोड़ दिया था।
इस मामले में वर्ष 2007 में CBI ने तीनों आरोपितों का NARCO टेस्ट भी किया और कहा गया कि इसकी रिपोर्ट के साथ भी छेड़छाड़ की गई। इसके बाद, आखिरकार वर्ष 2008 में आरोप-पत्र दायर किया गया और नवंबर, 2008 में तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। हालाँकि, एक ही माह बाद उन्हें जमानत भी मिल गई।
क्या हुआ था 28 वर्ष पूर्व
सीबीआई के आरोप-पत्र के अनुसार, घटना के दिन सिस्टर अभया एग्ज़ाम के लिए सुबह के चार बजे उठी और पानी लेने किचन में गईं। अभया ने दो पादरियों और एक नन- थॉमस कुट्टूर, जोस पूथरुकायिल, और सिस्टर सेफी को ‘आपत्तिजनक स्थिति’ में पाया। सिस्टर अभया ये बात किसी को बता न दें, इस डर से तीनों ने मिलकर उस पर हमला किया और सिस्टर अभया बेहोश हो गई। इसके बाद तीनों ने मिलकर उसे कुऍं में डाल दिया।
घटना के समय फादर थॉमस ने कथित तौर पर रसोई में उसका गला घोंट दिया, जबकि तीसरे आरोपित ने उस पर कुल्हाड़ी से वार किया। इसके बाद फादर जोस सहित तीनों लोगों ने फिर उसे एक कुएँ में फेंक दिया, जबकि वह तब भी जिन्दा थी। सिस्टर अभया की डूबने से मौत हो गई। हमले के समय एक पानी की बोतल किचन में गिर गई थी, उनके बाहर निकलते समय दरवाजे के नीचे एक कपड़ा मिला था और रसोई में विभिन्न स्थानों पर पाए गए अभया के चप्पल सभी सबूत का हिस्सा बने।
इस भयावह केस की चर्चा के गर्म रहने के बावजूद, चर्च भी यह कहते हुए आरोपितों के साथ खड़ी रही कि वे निर्दोष थे। CBI ने 177 गवाहों की भी एक सूची बनाई थी लेकिन अगस्त, 2019 में सुनवाई के पहले दिन ही पता चला कि जिन तीन गवाहों को बुलाया गया, उनमें से दो की मौत हो चुकी है जबकि तीसरा गवाह मुकर गया।
जिन दो गवाहों को दूसरे दिन बुलाया गया, उनमें से एक की मौत हो चुकी थी, और दूसरा गवाही देने से ही मुकर गया। सिस्टर अभया के माँ-बाप थॉमस और लीलाम्मा, दोनों की वर्ष 2016 में मौत हो चुकी है।
सिस्टर अभया के साथ की 67 ननों ने केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री के करुणाकरण के पास अपील की कि इस मौत को हत्या मानकर इसकी जाँच की जाए। सबसे पहले, केरल पुलिस ने मामले की जाँच की और इसे आत्महत्या करार दिया। बाद में क्राइम ब्रांच ने भी यही बात कही। भारी हंगामे के बाद यह मामला फिर सीबीआई को सौंप दिया गया था। पिछले महीने केंद्र सरकार ने सीबीआई एसपी नंदकुमार नायर के साथ कई अन्य लोगों की भी सेवा को बढ़ाया था, जिन्होंने इस मामले की जाँच की थी।
आमिर खान की बेटी इरा ने कुछ दिनों पहले वीडियो शेयर कर बताया था कि वह डिप्रेशन में हैं। अब इरा ने फिर अपना वीडियो शेयर किया है और बताया कि उन्हें कभी समझ ही नहीं आया कि वह क्यों डिप्रेस हैं। इरा ने यह भी बताया कि उनके पेरेंट्स का तलाक भी उनके डिप्रेशन की वजह नहीं था। इस वीडियो में इरा खान अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज खोलती नजर आ रही हैं।
इरा खान के मन की बात
वीडियो में इरा खान अपनी जिंदगी से जुड़ी बातें बताते हुए कह रही हैं, “काफी लोगों ने मुझे पूछा कि मैं डिप्रेस्ड क्यों हूँ और इस बात का जवाब मैं भी नहीं दे पाऊँगी क्योंकि मुझे खुद ही नहीं पता। पिछले कई साल से मैं इसे समझने की कोशिश कर रही हूँ लेकिन कोई सीधा और सही जवाब नहीं है। आज मैं आपको मेरी आसान और सहूलियत भरी जिंदगी के बारे में बताना चाहती हूँ। पैसों को लेकर मुझे कभी दिक्कत नहीं हुई। मेरे पास एक सपोर्ट सिस्टम है। मेरे माँ-पापा, मेरे दोस्त उन्होंने कभी मुझे किसी चीज का कोई दबाव नहीं दिया। मुझे पता था कि अगर मेरी जिंदगी में कुछ भी हुआ तो मैं अपने माँ-पापा के पास जाकर उनसे बात कर सकती हूँ।”
वीडियो में इरा खान आगे कहती हैं, “मैंने खुद का ख्याल रखना बंद कर दिया। मैं बहुत ज्यादा सोने लगी। अपनी जिंदगी ना जीने के बहाने, मैं वक्त सोने में गुजारती थी। पहले मैं काफी बिजी रहती थी फिर धीरे-धीरे मैं बेड से निकल ही नहीं पाती थी। अलग-अलग चीजों में भाग लेती थी और प्रॉमिस करती थी कि मैं आऊँगी लेकिन मैं जा ही नहीं पाती थी। फिर मैंने चीजों में भाग लेना बंद कर दिया। फिर मैंने अपने दोस्तों से बात करना बंद कर दिया क्योंकि मेरा मूड रोज-रोज खराब रहने लग गया था।”
आगे बात करते हुए वह कहती हैं, “मैं म्यूजिक भी नहीं सुन पाती थी क्योंकि उसमें भी आपको खुद के साथ रहना पड़ता है, तो मुझे टीवी देखना पड़ता था ताकि मैं खुद को उलझाए रखूँ और मुझे रोना ना आए। मेरा डिप्रेशन मेरा रोना बहुत बड़ा था क्योंकि मैं ऐसी इंसान नहीं हूँ, जिसे रोना बहुत जल्दी आ जाता है। 17 साल के बाद मेरा रोना शुरू हो गया। धीरे-धीरे रोना बढ़ता गया, कभी भी ये हो जाता था लेकिन कोई वजह नहीं थी। मुझे पता नहीं था कि मैं क्या करूँ इसलिए मैं बाथरूम भाग जाती थी। मुझे पता नहीं होता था कि मैं क्यों रोती हूँ।”
पेरेंट्स के तलाक पर की बात
वीडियो में इरा खान ने अपने पैरेंट्स के तलाक के बारे में भी बात करती नजर आईं। वह कहती हैं, “जब मैं छोटी थी तो मेरे पैरेंट्स का तलाक हो गया लेकिन उसको लेकर मुझे कोई बहुत बड़ा सदमा पहुँचा हो, ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरे माँ-बाप अभी भी बहुत अच्छे दोस्त हैं, कोई बिखरा हुआ परिवार नहीं है। जब मैं 6 साल की थी तब मुझे टीबी हुआ, तो टीबी भी मेरे लिए इतनी बुरी चीज नहीं थी कि मैं इतनी दुखी हूँ।”
14 साल की उम्र में हुआ था यौन शोषण
वो कहती हैं, “जब मैं 14 साल की थी तो मेरा यौन शोषण हुआ था, तो मुझे पता नहीं था कि क्या हो रहा है, लेकिन जब मुझे पता चला तो मैं इससे दूर चली गई। हाँ मुझे बुरा लगा कि मैंने अपने साथ ये क्यों होने दिया, लेकिन यह भी कोई जिंदगी भर का इतना बड़ा सदमा नहीं था कि मैं डिप्रेशन में जाऊँ। मुझे घुटन हो रही है, मैं रो रही हूँ, ये मैं अपने दोस्तों और माँ-पापा को बता सकती हूँ, पर क्या बताऊँ? वह मुझसे पूछेंगे? तो मैं क्या बताऊँगी? मेरे साथ कुछ बुरा ही नहीं हुआ है जैसा मैं महसूस कर रही हूँ। इस सोच ने मुझे उनसे बात करने से रोक दिया।” बता दें कि इरा और जुनैद आमिर खान और उनकी पहली पत्नी रीना दत्त के बच्चे हैं।
ईसाई मिशनरी संस्था 'स्क्रिप्चर यूनियन' के राज्य निदेशक का मैसेज वायरल (साभार: ट्विटर) ट्विटर यूजर जोएल गिफ़्ट्सन ने ट्विटर पर एक थ्रेड के जरिए ईसाई मिशनरी स्कूलों के बारे में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने लिखा कि ईसाई मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई करने वालों को ‘स्क्रिप्चर यूनियन’ नामक संस्था के बारे में पता होगा – जो एक ईसाई मिशनरी संस्था है और दुनिया भर के ईसाई मिशनरी स्कूलों में उपदेश देता है। अब इसी ईसाई मिशनरी संस्था के एक अधिकारी द्वारा नाबालिग छात्राओं को आपत्तिजनक मैसेज भेजने की बात सामने आई है।
उन्होंने लिखा कि सैम जयसुंदर तमिलनाडु में कई वर्षों तक ‘स्क्रिप्चर यूनियन’ का डायरेक्टर था। ये कई ईसाई मिशनरी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को आपत्तिजनक मैसेज भेजते हुए उन्हें वीडियो कॉल करने और अकेले में मिलने की माँग करते हुए उन्हें आलिंगन करने की इच्छा जता रहा था। उन्होंने बताया कि ये सब 2016 से ही चल रहा है और अब कई लड़कियों ने आगे आकर इसका खुलासा किया है।
अब तक उस पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई भी नहीं की गई है। कई छात्राओं और उनके माता-पिता ने आवाज़ उठाई है कि सैम जयसुंदर नाबालिग लड़कियों को आपत्तिजनक मैसेज भेजता है। वो भारत के ईसाई मिशनरी स्कूलों में जीसस और गॉस्पेल के बारे में पढ़ाता है। साथ ही उस पर लड़कियों पर अश्लील टिप्पणियाँ करने के आरोप भी हैं। लड़कियों ने कई बार उसकी शिकायत भी की लेकिन ‘स्क्रिप्चर यूनियन’ का सदस्य होने के कारण उस पर कार्रवाई नहीं हुई।
कई लड़कियों ने सोशल मीडिया पर बताया है कि वो एक ‘पीडोफाइल’ और ‘प्रिडेटर’ है। लड़कियों ने कहा है कि इस मामले में दो तरफ का कोई पक्ष ही नहीं है क्योंकि कई लड़कियों ने उसके इस व्यवहार का सामना किया है। लड़कियों ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो सैम जयसुंदर का बचाव कर रहे हैं। इंस्टाग्राम और व्हाट्सप्प पर स्टोरीज लगा कर इन लड़कियों ने कहा कि जो भी पीड़ित आरोपित के खिलाफ सामने आ रही हैं, वो काफी बहादुरी का कार्य कर रहीं।
साथ ही जोएल गिफ्टसन ने कई मैसेजों का स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया, जो ‘स्क्रिप्चर यूनियन’ के लोगों ने उन लड़कियों को भेजे थे। एक मैसेज में संस्था का एक व्यक्ति एक लड़की को स्कर्ट में अपनी ‘सुंदर तस्वीर’ भेजने को कह रहा है। एक अन्य लड़की से सैम जयसुंदर ‘साइड वाली तस्वीर’ भेजने को कह रहा है। इसके अलावा एक लड़की को उसने लिखा, “तुमने मेरी तस्वीरें लाइक की हैं, जिससे मुझे ख़ुशी हुई। अब अपनी सबसे क्यूट सी तस्वीर मुझे भेजो।“
एक लड़की से उसने पूछा कि क्या तुम कभी नंगा (फिर समझाते हुए उसने फिर पूछा- ‘बिना कपड़ों के?’) सोती हो? साथ ही वो लड़कियों को ‘स्वीटी’ कहते हुए उनसे फ्री होकर उससे बात करने को कहता भी दिख रहा है। एक 14 वर्षीय लड़की से उसने पूछा कि क्या वो और उसके साथी लड़का-लड़की एक-दूसरे को गले लगाते हैं? सैम ने नाबालिग से पूछा कि क्या किसी ने उसे आलिंगन में लिया है या किस किया है?
9वीं वर्ग की एक छात्रा से उसने कहा कि जब बारिश के दिनों में वो खेल रही थी तो उसके कपड़े भींग गए थे और उसके शरीर से चिपक रहे थे। एक लड़की को अपने बारे में बताते हुए उसने कहा कि चौथी वर्ग की एक छात्रा ने उसे गले लगाया था और किस भी किया था। उसने कहा कि उस लड़की के पिता नहीं हैं, वो उसे पसंद आई। एक छात्रा से उसने कहा कि वो ‘छोटे स्कर्ट्स में’ एकदम क्यूट दिख रही थी।
वो छात्राओं को अपने फोन नंबर देकर उन्हें कॉल करने को भी कहता था और कहता था कि वो उसकी आवाज़ सुनना चाहता है। साथ ही एक रुबेन क्लेमेंट नामक व्यक्ति का भी स्क्रीनशॉट वायरल हुआ है, जो ‘स्क्रिप्चर यूनियन’ से ही जुड़ा हुआ है। एक मैसेज में वो एक लड़की से पूछ रहा है कि उसके ‘पसंदीदा नाइट ड्रेस’ कौन सा है। वहीं सैम लड़कियों से उनके ‘बॉयफ्रेंड’ के बारे में भी पूछा करता था।
एक लड़की से उसने पूछा कि वो अपने पिता के साथ क्यों सोई हुई है? एक अन्य छात्रा से उसने ऐसी ड्रेस में तस्वीर भेजने को कहा, जिसमें उसका टीशर्ट ‘एक कंधे से नीचे’ लटक रहा हो। साथ ही उसने पूछा कि उसने अंतिम बार किस कब किया था? वो कई महीनों और सालों तक लड़कियों के पीछे पड़ा रहता था और उन्हें मैसेज भेजता रहता था। अधिकतर मैसेजों में वो तस्वीरों की डिमांड्स ही करता था।
बता दें कि मिशनरी स्कूलों में और चर्चों में यौन शोषण की कई ख़बरें अक्सर सामने आती रहती हैं और अधिकतर मामलों में आरोपित इतने पॉवरफुल होते हैं कि उन पर कार्रवाई नहीं होती। केरल की नन सिस्टर लूसी कलाप्पुरा ने अपनी आत्मकथा में खुलासा किया था कि पादरी और बिशप अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए ननों के साथ जबरदस्ती यौन सम्बन्ध बनाते हैं। वो इसके लिए कई ननों की जबरन सहमति भी लेते हैं।