कोलकाता में अवैध टीएमसी दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन (साभार : Aajtak) कोलकाता के न्यू मार्केट में मंगलवार (5 मई 2026) रात लोगों की भीड़ ने बुलडोजर चलाकर TMC का यूनियन ऑफिस ढहा दिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह दफ्तर अवैध कब्जे की जमीन पर बना था। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। न्यू मार्केट इलाके में TMC का ऑफिस जमींदोज कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह दफ्तर एक दुकानदार से जबरन छीनी गई जमीन पर बना था। लंबे समय से लोग इस अवैध कब्जे से नाराज थे। चुनावी नतीजों के बाद उत्साहित लोगों की भीड़ ने बुलडोजर बुलाकर इसे हटा दिया। मौके पर मौजूद लोग इसे जनता का इंसाफ बता रहे हैं।
बंगाल में हो रहे उपद्रव को मुख्य चुनाव आयोग ने बंगाल गृह सचिव को उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं।
TMC का हंगामा और बीजेपी कार्यकर्ता की मौत
अचानक हुए इस एक्शन से न्यू मार्केट में भगदड़ मच गई। डर के मारे दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए। ऐतिहासिक हॉग मार्केट के पास व्यापारियों में काफी खौफ देखा गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुँचीं। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और गश्त जारी है।
राज्य के अन्य हिस्सों में TMC समर्थकों पर हिंसा के आरोप लगे हैं। न्यू टाउन में BJP कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर TMC समर्थकों ने पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। कई जगहों पर BJP कार्यकर्ताओं के घरों पर भी हमले हुए हैं। हावड़ा में भी एक कार्यकर्ता की मौत की खबर है, जिसकी पत्नी ने TMC समर्थकों पर आरोप लगाए हैं।
प्रशासन ने माँगी रिपोर्ट
TMC नेताओं ने इस बुलडोजर एक्शन को गलत बताया है। वहीं, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई तोड़फोड़ और आगजनी पर चुनाव आयोग सख्त है। आयोग ने पुलिस से पूरी रिपोर्ट तलब की है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बीजेपी कार्यकर्ताओं को TMC विधायक की धमकी (साभार : dailypioneer) आखिर चुनाव आयोग द्वारा बंगाल में SIR से क्यों डर लग रहा है? क्या तृणमूल नेताओं द्वारा भड़काऊ बयान देने के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन है? आखिर संवैधानिक पद पर बैठी ममता संवैधानिक संस्था के काम में क्यों दखल कर रही है? क्या ममता बंगाल राज्य में गुंडाराज को अप्रयत्क्ष समर्थन दे रही है? यदि ऐसा होता है तो ममता के राज में अब तक हुए उपद्रवों को ध्यान में रख राज्य के शांतिप्रिय लोगों को चुनावी दिनों में चोटिल होने के ड्रामे को नज़रअंदाज कर सत्ता से बाहर करने के लिए मतदान करें।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया के बीच हिंसक और भड़काऊ बयान दिए हैं। बर्दवान (उत्तर) के TMC विधायक निशीथ मलिक ने एक रैली में खुलेआम धमकी दी कि अगर बीजेपी ने SIR के नाम पर किसी भी असली वोटर को हटाने की कोशिश की, तो वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से आग लगा देंगे।
इस धमकी को TMC के मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के बयान से और हवा मिली। हकीम ने कहा कि वे CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) का विरोध करेंगे, जिसका बीजेपी और चुनाव आयोग गठजोड़ कर रहे हैं और ‘उनके पैर तोड़ दिए जाएँगे।’ मेयर फिरहाद हकीम ने जोर देकर कहा कि जब तक ममता बनर्जी हैं, बीजेपी में यहाँ NRC लागू करने की हिम्मत नहीं है।
#WATCH | West Bengal Minister and Kolkata Mayor, Firhad Hakim, says, "We attended the all-party meeting. I have made it clear on behalf of my party that if the name of even one genuine voter is removed, we will oppose the SIR. We will not allow the name of even a single genuine… pic.twitter.com/VhgYBsvCu1
दोनों TMC नेताओं ने धमकी दी है कि अगर एक भी असली वोटर का नाम हटाया गया तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे। बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता एस आर बनर्जी ने इन बयानों को अशांति पैदा करने की रणनीति बताते हुए चुनाव आयोग से केंद्रीय बलों की सुरक्षा में SIR प्रक्रिया पूरी कराने की माँग की है।
बीजेपी कार्यकर्ता की टीएमसी के गुंडों ने निर्ममता से की हत्या (फोटो में बाईं तरफ मृतक का भाई)
लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण के मतदान के दिन शनिवार (1 जून 2024) को पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने बताया कि राजनीतिक हत्याओं को कैसे अंजाम दिया जाता है। टीएमसी के नेता और गुंडे बीजेपी कार्यकर्ता के घर पहुँचे, उसे गोली मार दी और फिर उसका गला धड़ से अलग कर दिया और सिर उठाकर ले गए। बीजेपी कार्यकर्ता का शव पड़ा रहा, लोग चीखते रहे, लेकिन टीएमसी के गुंडों का दिल नहीं पसीजा। हत्यारों में कासिम, सोहोज, नसीम, सोबुज, अली, बंडू के साथ ही कई अन्य लोग भी थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वारदात नादिया जिले के चाँदपुर गाँव की है, जहाँ टीएमसी नेता की अगुवाई में 10-12 गुंटे बीजेपी कार्यकर्ता के घर पहुँचे और उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान हाफिजुल शेख के रूप में हुई है, उसने कुछ समय पहले ही बीजेपी ज्वॉइन की थी। टीएमसी के लोग इससे नाराज थे। ऐसे में उन्होंने हाफिजुल शेख की दिनदहाड़े हत्या कर दी।
मृतक के भाई ने बताया कि टीएमसी के लोगों ने पहले हाफिजुल शेख को 2 गोलियाँ मारी, फिर उसका गला काट दिया और सिर वाले हिस्से को अपने साथ लेकर चले गए।
मृतक के भाई ने टीएमसी के गुंडों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। हाफिजुल की हत्या करने वालों के नाम कासिम, सोहोज, नसीम, सोबुज, अली, बंडू है। इनके साथ टीएमसी के अन्य गुंडे भी थे। मृतक के भाई ने बताया कि मृतक हाफिजुल पहले सीपीआई-एम में थे, लेकिन वो कुछ समय पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे। उन्होंने सीबीआई जाँच की माँग की है।
इस बार के लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में अकेले शनिवार को 2.5 हजार से ज्यादा शिकायतें सिर्फ पश्चिम बंगाल से मिली हैं। शनिवार को पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों दम दम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, माथुरपुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर पर मतदान हुआ था, जिसमें राजनीतिक पार्टियों की तरफ से 2500 से ज्यादा शिकायतें मिलीं, जिसमें ईवीएम में गड़बड़ी, पोलिंग बूथ पर एजेंट्स को जाने से रोका जाना और वोटर्स को धमकाना शामिल था। बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता वोटर्स को धमका रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में स्थितियाँ सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। एक भाजपा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से जुड़े गुंडों ने उसका घर जलाकर राख कर दिया। TMC कार्यकर्ताओं पर महिलाओं को साड़ी बाँटने और वोट के लिए धमकाने का भी आरोप लगा है।
भाजपा कार्यकर्ता सुब्रत मंडल ने आरोप लगाया है कि TMC कार्यकर्ताओं ने बुधवार (10 अप्रैल, 2024) की रात को उनके खुलना गाँव में स्थित घर को आग लगा दी। इस घटना के बाद घर पूरी तरीके से जल कर राख हो गया। गाँववालों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो गई और घर का तिनका तिनका जल उठा। हालाँकि, TMC नेताओं ने इस घटना में हाथ होने से इनकार किया है। सुब्रत के घर से सामने आई तस्वीरों से दिखता है कि आगजनी के बाद केवल कुछ बाँस के खम्भे बचे हैं।
TMC नेताओं का कहना है कि इस आगजनी में उनका कोई रोल नहीं है और सुब्रत मंडल के घर में आग पारिवारिक विवाद के चक्कर में लगी है। TMC नेता सुरेश मंडल ने कहा है कि घर पारिवारिक विवाद की वजह से जला और इसे अब साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है। TMC नेताओं का कहना है कि इस मामले में पुलिस की जाँच से सब सामने आ जाएगा।
आगजनी के कारण घर खोने वाले सुब्रत मंडल ने यह भी आरोप लगाया है कि TMC सरकार ने उन्हें सभी सुविधाओं से वंचित कर रखा है क्योंकि वह भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका घर जलाने के पीछे उनका TMC की सदस्यता ना लेना है।
साड़ी बाँट महिलाओं को धमका रहे TMC कार्यकर्ता
जहाँ एक ओर पूरा देश संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार पर चकित है तो वहीं TMC नेताओं की गुंडागर्दी अब भी नहीं रुक रही है। रिपब्लिक बांग्ला ने बताया है कि TMC कार्यकर्ता संदेशखाली में महिलाओं को साड़ी बाँट कर उनसे वोट की माँग कर रहे हैं। महिलाओं को चेताया जा रहा है कि अगर वह TMC को वोट नहीं देती तो उन्हने इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
TMC कार्यकर्ता संदेशखाली की इन महिलाओं को हरे रंग की साड़ी रात के अँधेरे में बाँट रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह साड़ियाँ भी TMC की तरफ से नहीं खरीदी गई हैं। यह साड़ियाँ पश्चिम बंगाल की आपदा राहत अथॉरिटी द्वारा खरीदी हुई साड़ियाँ हैं। इन्ह्ने बाढ़ में राहत सामग्री के रूप में खरीदा गया था। इन पर स्पष्ट रूप से इस बात की मोहर लगी हुई है। मोहर दिखाती है कि यह साड़ियाँ 2019 में खरीदी गईं थी। इससे साफ़ होता है कि यह पाँच वर्षों से किसी गोदाम में पड़ी हुई थीं और अब वोटरों के लिए निकाली गई हैं।
रिपब्लिक बांग्ला से बात करते हुए संदेशखाली की महिलाओं ने कहा कि TMC कार्यकर्ता रात में उनके पास साड़ियाँ लेकर आते हैं और उनको TMC के चुनाव चिन्ह पर वोट देने को कहते हैं। TMC कार्यकर्ताओं पर महिलाओं ने धमकाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि TMC कार्यकर्ता उनको धमकी देते हैं कि TMC को वोट ना देने पर उनकी उंगलियाँ काट दी जाएँगी, उन्हें मार दिया जाएगा। यह सारा काम अँधेरे में होते हैं।
महिलाओं का आरोप है कि उनके पास आने वाले लोग गुंडे शेख शाहजहाँ के लोग हैं और वह अभी TMC के इस पूर्व नेता से डरते हैं। उनका कहना है कि वह तभी एकदम निश्चित होकर वोट दे सकती हैं जब शाहजहाँ के खिलाफ सही से CBI जाँच हो।
पश्चिम बंगाल के बशीरहाट जिले में पड़ने वाले संदेशखाली से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। कई महिलाओं ने यहाँ के TMC नेता शेख शाहजहाँ और उसके गुंडों पर यौन शोषण, जमीन कब्जाने और मारने पीटने के आरोप लगाए थे। इस मामले में कुछ FIR भी दर्ज हुई थीं। शेख शाहजहाँ को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ ED और सीबीआई दोनों ही एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं।