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कहाँ है दलित हमदर्द और आन्दोलनजीवी? भीम आर्मी वाले चन्द्रशेखर को बृजभूषण शरण सिंह ने याद दिलाया ‘घसीटकर ले जाऊँगा’ वाला बयान, पूछा- दलित बेटी पर चुप्पी क्यों: रोहिणी घावरी ने सांसद पर लगाए हैं शोषण के आरोप

                                               बृजभूषण शरण सिंह और चंद्रशेखर रावण
भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सांसद चन्द्रशेखर रावण पर केस दर्ज किए जाने की माँग की है। उन्होंने चंद्रशेखर रावण पर लगे शोषण के आरोपों को लेकर जवाब माँगा है। चंद्रशेखर रावण के खिलाफ रोहिणी घावरी लगातार सोशल मीडिया पर लिख रही हैं।
क्या हमारी मीडिया भी DeepState और Toolkit का हिस्सा है? यदि नहीं फिर कल तक भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन शोषण के आरोप पर अपनी TRP के चक्कर में चौपालें(परिचर्चा) लगाकर मदारी की तरह डूबडूबी बजाने वाला भीम आर्मी के चंद्र शेखर रावण के विरुद्ध एक दलित बेटी द्वारा ठीक वैसा आरोप लगाने पर क्यों खामोश है? फिर से हमारे मीडिया ने साबित साबित कर दिया है कि मोदी मीडिया का चोला ओढ़ विपक्ष के आगोश में बैठ उसके इशारे पर अपनी चौपाल आयोजित करती है। कहाँ है दलित हमदर्द और आन्दोलनजीवी?       

मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण ने कहा, “जब मेरे ऊपर इस तरह के आरोप लगे, तब इन्हीं सांसद महोदय ने कहा था कि अगर समाज मुझे यह अनुमति दे तो मैं इसे घसीटकर ले जाऊँ। आज मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि मेरे ऊपर तो FIR हो गई। मैं न्यायपालिका का सामना कर रहा हूँ। सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आरोप लगते ही मैंने कहा था कि जिस दिन आरोप सिद्ध हो जाएँगे उस दिन फाँसी पर लटक जाऊँगा।”

आगे उन्होंने कहा, “अगर यह लड़की दूसरे समुदाय से होती, तो अब तक सोशल मीडिया और तमाम मंचों पर तूफान मच चुका होता। मगर आज सब इसलिए चुप हैं क्योंकि वह दबे-कुचले समाज से आती है। आज एक दलित बेटी का सवाल है। उस वक्त जाट बेटी का सवाल था। क्या वो मीडिया के सामने मुँह खोलेंगे। जो लड़की आरोप लगा रही है उसका जवाब देना चाहिए।”

बृजभूषण शरण सिंह ने खुद को न्याय का ठेकेदार बताने वालों की चुप्पी पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने पूछा कि कॉन्ग्रेस, आम आदमी पार्टी, ममता बनर्जी और किसान संगठन क्यों मौन हैं।

चंद्रशेखर पर रोहिणी ने लगाए शोषण के आरोप

आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर रावण पर रोहिणी घावरी ने कई आरोप लगाए हैं। रोहिणी घावरी पहले ही खुलासा कर चुकी हैं वो कि वो चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ के साथ रिलेशनशिप में थीं और वहाँ उन्हें धोखा मिला।
रोहिणी घावरी ने बड़ा आरोप लगाया था कि चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ अपनी शादी के बारे में छिपा कर कई बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खेल चुके हैं। रोहिणी ने हाल ही में बताया था कि कैसे चन्द्रशेखर (तब वो सांसद नहीं, एक्टिविस्ट हुआ करते थे) ने अपनी शादी की बात छिपाकर कई लड़कियों की इज्जत के साथ खेला।
ऑपइंडिया से बात करते हुए डॉ रोहिणी घावरी ने बताया था कि कैसे उन्हें दलित समाज के सामने झूठा साबित करने के लिए उन्हें बदनाम करने की तमाम तरह की कोशिशें हुईं और दबाव डलवाकर उनसे वो पोस्ट्स X से डिलीट करवाए गए। रोहिणी कुछ अन्य लड़कियों की आपबीती भी सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं, ताकि अपने आरोपों की पुष्टि कर सकें।
अवलोकन करें:-
चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' और रोहिणी घावरी के चैट्स हो गए थे वायरल
रोहिणी ने सांसद के कई वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें किसी में वो जमीन पर लेटकर माफ़ी माँगते हुए दिख रहे हैं तो किसी में रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

कांग्रेस पर बृजभूषण के 11 आरोप : मेरे बाबा को मार डाला, घर गिरा दिया, एनकाउंटर की कोशिश

जब से सोनिया गाँधी को परिवार भक्तों ने पार्टी अध्यक्ष बनाया कांग्रेस का ग्राफ निरंतर नीचे गिरता जा रहा है। और इस गिरते ग्राफ को आगे बढ़ा है राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा(गाँधी), जिसे मंद बुद्धि परिवार भक्त नहीं समझ रहा है। जिस परिवार भक्त इस कटु सच्चाई को समझ परिवार से दूरी बना ले लेंगे, कांग्रेस सत्ता तो नहीं, हाँ एक मजबूत विपक्ष जरूर बनकर उभरेगी, अन्यथा वह दिन भी अब अधिक दूर नहीं, जब कांग्रेस से कहीं अधिक वर्चस्व क्षेत्रीय पार्टियों का होगा और कांग्रेस को उनसे गठबंधन कर अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए चुनाव लड़ना पड़ेगा। 

बृजभूषण पर महिला पहलवान के जिस यौन शोषण को मुद्दा बनाकर उस महिला पहलवान के कंधे बन्दूक चलाई गयी, अब प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस को ही नुकसान देने जा रही है। अब देखना यह है कि बृजभूषण कांग्रेस पर लगाए आरोपों को किस तरह भुनाते है? और जंतर मंतर पर हुए जमावड़े का हिस्सा बने कितने लोग बृजभूषण के पीछे खड़े होकर कांग्रेस पर ही पलटवार करते हैं। कांग्रेस को नहीं मालूम कि यौन शोषण के पुराने मुद्दे को उछाल कर समाज में उस महिला को बेइज्जत किया है। देग में बहुत चावल होते है, लेकिन एक ही चावल को लेकर देखा जाता है कि पका है या नहीं। यानि जब India TV पर परिचर्चा के दौरान एंकर सौरव शर्मा ऐसे प्रश्न करते हैं जैसे वह कोई एंकर न होकर कोई वकील या जज हैं। बेशर्मों की तरह सौरव ऐसे प्रश्न कर रहे थे जो कोर्ट की चार दीवारी में किए जाते हैं, ऐसे खुले में नहीं। क्या उस पीड़ित महिला का कोई सम्मान नहीं? 
कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी को खुली चुनौती दी है। बता दें कि दिल्ली पुलिस द्वारा न्यायालय में दायर आरोप-पत्र में WFI अध्यक्ष द्वारा महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामला चलाए जाने की बात कही गई है, जिसके बाद उन्हें समन किया गया। इसके बाद प्रियंका गाँधी ने ट्वीट कर इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुप रहने का आरोप लगाया था। अब भाजपा सांसद ने एक नोट के जरिए निशाना साधा है।

उन्होंने प्रियंका गाँधी के ट्वीट को देश को गुमराह करने का षड्यंत्र बताते हुए कहा कि पुलिस की जाँच रिपोर्ट किसी को अपराधी नहीं बनाता, ये अधिकार न्यायालय का है और वहाँ अपनी बात रखने का अधिकार संविधान देता है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गाँधी और कांग्रेस पार्टी को न्यायपालिका में भरोसा नहीं है, इसीलिए वो मीडिया ट्रायल चाहती हैं। उन्होंने इतिहास की कई घटनाएँ गिनाते हुए बड़ा आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा उनके और उनके परिवार के खिलाफ साजिश रची है।

महिला पहलवानों द्वारा यौन शोषण के आरोपों से पहले की 10 घटनाएँ उन्होंने उदाहरण के रूप में गिनाई हैं। पहली घटना उन्होंने अपने दादा चंद्रभान सिंह का उदाहरण देते हुए बताया है कि वो कांग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक बने थे, लेकिन रहस्यमयी परिस्थितियों में अस्पताल में उनकी मौत कांग्रेस की साजिश थी। इसी तरह उन्होंने 1974 में कांग्रेस सरकार द्वारा उनका घर गिराए जाने और उनके परिवार वालों को जेल में बंद करने का आरोप भी लगाया।

सांसद ने तीसरी घटना का जिक्र किया है आपातकाल के दौरान का। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पूर्वांचल में उनके वजूद को अपने लिए चुनौती मानती है, इसीलिए पार्टी नेताओं के दबाव में उन पर गैंगस्टर एक्ट और IPC की धाराओं में 3 दर्जन से अधिक केस इसीलिए कर दिए गए क्योंकि उन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था। उन्होंने 1980 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उन पर ऑटोमैटिक हथियारों से प्राणघातक हमला हुआ था, जिसमें वो तो बच गए लेकिन उनके सहयोगी की मौत हो गई।

उन्होंने याद दिलाया है कि तब केंद्र और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ही सत्ता में थी। उन्होंने दावा किया है कि विश्वनाथ प्रताप सिंह के आदेश के बाद उनका एनकाउंटर करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन भारी जनसमर्थन के कारण ये साजिश विफल हो गई। उन्होंने छठा आरोप लगाया है कि 1989 के विधानसभा चुनाव में वो हारे नहीं थे, बल्कि कांग्रेस ने साजिश कर के 4 वोटों से उन्हें हरवाया था और उनके राजनीतिक सफर को रोकने का प्रयास किया था।

1989 में राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी पहली गिरफ़्तारी का ठीकरा भी उन्होंने कांग्रेस पर ही फोड़ा है। 8वीं घटना का जिक्र उन्होंने 1992 का किया है, जब बाबरी का ढाँचा गिराया गया और उन्हें भी केंद्र सरकार के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था। साथ ही 1995 में टाडा लगा कर उन्हें देशद्रोही साबित करने की कोशिश की गई, ये आरोप भी उन्होंने लगाया है। उन्होंने बताया है कि 2004 में एक दुर्घटना को हत्या बता कर उन्हें उसमें फँसाया गया, लेकिन CBI ने उन्हें क्लीन-चिट दी।

झूठ की तारीफ
सच का मज़ाक
कुछ ऐसा है आजकल
कांग्रेस का मिजाज.....
मेरे जीवन का सच.......
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बृजभूषण शरण सिंह ने इन 10 घटनाओं के अलावा 11वें बिंदु के रूप में ताजा प्रकरण की बात की है। उन्होंने पहलवानों वाले प्रकरण में प्रियंका गाँधी और कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश की कानून व्यवस्था पर यकीन रखते हैं। उन्होंने चुनौती दी है कि प्रियंका गाँधी ट्विटर-ट्विटर खेलना बंद करें और उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ कर दिखाएँ। उन्होंने लिखा कि जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।