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बजट 2024 : युवा वर्ग के लिए बड़े ऐलान : देश के 4.10 करोड़ युवाओं के लिए विशेष पैकेज, मिलेगा सीधे 1 महीने का वेतन: इंटर्नशिप से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था


देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश कर दिया। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में देश के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश के 4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा और रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे देश के युवाओं को बड़ा फायदा होने वाला है। वित्तमंत्री ने युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान करते हुए कहा कि युवाओं को इंटर्नशिप से लेकर ईपीएफओ तक, उच्च शिक्षा से लेकर ट्रेनिंग तक में सरकार मदद करेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मुझे 5 साल की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए 5 योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री के पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।”

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा। इस योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक माह का वेतन दिया जाएगा। इन्हें तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। EPFO में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी।

वित्तमंत्री ने कहा कि ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रुपये होगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियाँ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ मिलकर महिला हॉस्टल और बालगृहों की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी। यह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के EPFO योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।

बजट 2024-25 का इन सामानों पर पड़ा सीधा असर, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महँगा


मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई 2024) को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश की। बजट में कृषि से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, किसानों से लेकर मीडिल क्लास तक के लोगों के लिए कई घोषणाएँ की गई हैं। बजट घोषणा के कारण कई चीजों के दामों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और वे महँगे या सस्ते होंगे। बजट में 7 चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटी है, जबकि 2 पर बढ़ी है।

इस बार जो सबसे अधिक राहत पहुँचाने वाली है, वह कैंसर के मरीजों के लिए दवाइयाँ। बजट में कैंसर से जुड़ी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएँ और उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इससे कैंसर का इलाज सस्ता होगा। इससे कैंसर पीड़ितों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा। इसके साथ ही आयातित ज्वैलरी भी सस्ती करने की घोषणा की गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को भी बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने सोने और चाँदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6 प्रतिशत कर दी है। इससे सोने और चाँदी के गहने सस्ते हो जाएँगे। मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, बिजली के तार, एक्स-रे मशीन एवं ट्यूब और सोलर सेट्स पर भी टैक्स कम किया है। चमड़े से बनी वस्तुओं के साथ झींगा मछली के दाम में भी कमी आएगी।

बजट के कारण मोबाइल फोन भी सस्ता होगा। मोबाइल फोन और चार्जर पर ड्यूटी 15 प्रतिशत तक घटाई है। लिथियम आयन बैटरी सस्ती करने की भी घोषणा की गई है। इससे इलेक्ट्रिक व्हिकल भी सस्ते हो सकते हैं। देश में बनने वाले जूते, कपड़ा और चमड़े सस्ते होंगे।

ये सामान हुए महँगे

सरकार ने कुछ सामानों। पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इससे कुछ सामान महँगे हो जाएँगे। टेलीकॉम उपकरण पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया है। पहले इन प्रोडक्ट्स पर 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती थी, लेकिन अब यह ड्यूटी 15 प्रतिशत लगेगी। वहीं सिगरेट सहित तंबाकू से बने उत्पाद भी महँगे हो जाएँगे।
सरकार ने प्लास्टिक प्रोडक्ट्स पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इसके कारण प्लास्टिक से बनी चीजों के दाम भी बढ़ जाएँगे। सोलर सेल या फिर सोलर मॉड्यूल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सोलर ग्लास पर भी टैक्स बढ़ाया गया है। इसका मतलब है कि सोलर सिस्टम से जुड़े सामान महँगे जाएँगे।
इस साल के बजट में केंद्र सरकार ने पेट्रोकेमिकल एवं अमोनियम नाइट्रेट पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इससे जुड़े सामानों के महँगे होने की आशंका है। हवाई जहाज की यात्रा अब महँगी हो जाएगी। वहीं, पीवीसी का आयात घटाने के लिए सरकार ने इसकी ड्यूटी में 10 से 25 फीसदी का इजाफा करके इसे महँगा बना दिया है।

बजट 2024 : 63000 गाँवों का विकास, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, छोटे कारीगरों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार; करदाताओं के लिए, 3 लाख रूपए तक की आय पर 0% टैक्स, स्टैंडर्ड डिडक्शन रूपए 50000 से रूपए 75000 हुआ: TDS भरने में देरी अपराध नहीं


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई, 2024) को संसद में बजट 2024 पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए टैक्स को सिंपल रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर के रोगियों को राहत देते हुए उनसे जुड़ी 3 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म किया जाएगा। मोबाइल फोन के उत्पादन में भारत में 3 गुना बढ़ोतरी हुई है, इस पर पहले से कम कर के 15% कस्टम ड्यूटी लगाई जाएगी।

साथ ही अंतरिक्ष और रक्षा से जुड़े 25 मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म की जाएगी। चमड़ा और टेक्सटाइल के एक्सपोर्ट पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) कम की जाएगी। उन्होंने कॉम्प्रिहेंसिव इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की समीक्षा का भी ऐलान किया। फाइनेंस बिल के तहत चैरिटी के लिए टैक्सेशन के रेट को कम किया जाएगा। TDS भरने में देरी पर अब आपराधिक मामला नहीं बनेगा। ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को भी TDS में बड़ी छूट प्रदान की गई है। ये अब 1% से सीधा 0.1% हो जाएगा।

अब वेतन के TDS में ही TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) को समायोजित किया जा सकेगा। स्टार्टअप निवेशकों को फायदा देते हुए एंजेल टैक्स को खत्म कर दिया गया है। ये गैर-सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा शेयर जारी करने के माध्यम से जुटाई गई पूंजी पर लगाया जाता है। दो तिहाई करदाताओं ने ‘न्यू टैक्स रिजाइम’ के तहत विकल्प चुना है। स्टैण्डर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपए से 75,000 रुपए तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही नए टैक्स स्लैब की भी घोषणा की गई है।

3 लाख रुपए तक की आय पर 0%, 7 लाख तय की आय पर 5%, 10 लाख तक की आय पर 10%, 12 लाख तक की आय पर 15%, 15 लाख तक की आय पर 20% और इससे ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा। वहीं कुछ फाइनेंसियल असेट्स पर शॉर्ट टर्म गेन पर 20% टैक्स लगेगा। 1 साल से अधिक रखे गए फाइनेंसियल असेट्स को अब लॉन्ग टर्म माना जाएगा। सोना और चाँदी पर भी कस्टम ड्यूटी अब 6% कर दिया गया है।

63000 गाँवों का विकास, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, छोटे कारीगरों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार

‘विकसित भारत’ के लिए मोदी सरकार 9 प्राथमिकताएँ तय की हैं, जिनसे सबको मौका मिले – कृषि में उत्पादकता एवं लचीलापन, रोजगार एवं कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास एवं सामाजिक न्याय, विनिर्माण एवं सेवाएँ, शहरी विकास, आपातकालीन सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा, नवाचार अनुसंधान एवं विकास, अगली पीढ़ी के सुधार। शिक्षा, रोजगार एवं कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

कृषि अनुसन्धान के क्षेत्र में मोदी सरकार ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु के हिसाब से फसलों को विकसित करने के लिए एग्रीकल्चर रिसर्च सेटअप की व्यापक समीक्षा की जाएगी। सरकार और बाहर से विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी, प्राइवेट सेक्टर को भी फंडिंग मिलेगी। 1 करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही 10,000 बायो इनपुट रिसॉर्स सेंटर स्थापित किए जाएँगे।

दालों एवं तिलहन की उत्पादकता, रख-रखाव और बाज़ार के लिए रणनीति बनाई जा रही है। रोजगार एवं कौशल विकास में महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कामकाजी महिला हॉस्टलों एवं शिशु गृहों की स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 25,000 छात्रों के लिए 7.50 लाख रुपए ऋण की व्यवस्था कौशल विकास के लिए की जाएगी। घरेलू संस्थानों में उच्चतर शिक्षा के लिए 10 लाख रुपए तक के ऋण पर 3% वार्षिक ब्याज छूट की व्यवस्था की जाएगी।

महिलाओं एवं कन्याओं से संबंधित योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। उत्तर-पूर्व में भारतीय डाक के 100 से अधिक शाखाएँ खोली जाएँगी। आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी पर बन रहे पोलावरम सिंचाई परियोजना के पूरी होने के बाद देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। विशाखापत्तनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए कोप्पार्थी और हैदराबाद-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ओरवाकल नोड में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।

‘पूर्वोदय’ के तहत बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का विकास किया जाएगा। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, बोधगया-राजगीर-दरभंगा सड़क के लिए निधि उपलब्ध कराई जाएगी और बक्सर में गंगा नदी पर 26,000 करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाया जाएगा। भागलपुर के पीरपैंती में 2400 MW का पॉवर प्लांट 21,400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम योजना’ की घोषणा भी की गई है।

इसके तहत जनजातीय बहुल गाँवों के विकास के लिए कदम उठाए जाएँगे। इससे 63,000 गाँवों में जनजातीय समाज के 5 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। MSME सेक्टर को बैंक लोन में आसानी के लिए नई व्यवस्था लाई जाएगी। मुद्रा लोन को 10 से अब 20 लाख रुपए तक बढ़ाया जाएगा। 50 मल्टी-प्रोडक्ट फ़ूड इरेडिएशन इकाइयाँ स्थापित की जाएँगी। पारंपरिक कारीगरों के लिए ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र PPP मोड में स्थापित किए जाएँगे, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार मिले।