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BBC ने कहा- ‘मेट्रो खाली’, हकीकत में रिकॉर्ड सवारी और बढ़ता नेटवर्क: अधूरे डेटा से गढ़े गए प्रोपेगेंडा का असली विश्लेषण

                                                                                                                   साभार : Aajtak & BBC
बीबीसी (BBC) ने एक लेख छापा जिसका शीर्षक था, “भारत ने मेट्रो पर अरबों खर्च कर दिए, लेकिन यात्री कहाँ हैं?” इस लेख को पढ़कर ऐसा लगता है जैसे भारत की मेट्रो परियोजनाएँ सही तरीके से काम नहीं कर रहीं और लोग उनका इस्तेमाल ही नहीं कर रहे। लेकिन असल तस्वीर इससे अलग है। हकीकत यह है कि BBC ने दिल्ली मेट्रो जैसे बड़े और सफल मॉडल को ‘अपवाद’ कहकर किनारे कर दिया और नई मेट्रो लाइनों के शुरुआती कम उपयोग वाले डेटा को ही पूरी कहानी मान लिया। यह तरीका पूरा सच नहीं दिखाता।

सच्चाई यह है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट- जैसे मेट्रो, हाईवे या एयरपोर्ट को पूरी तरह चलने और लोगों की आदत में आने में समय लगता है। शुरुआत में लोग धीरे-धीरे जुड़ते हैं, नेटवर्क बढ़ता है और फिर उपयोग तेजी से बढ़ जाता है। 2025–26 के आँकड़े बताते हैं कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में मेट्रो का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली मेट्रो करोड़ों यात्रियों को रोज सफर करा रही है और मुंबई मेट्रो की नई लाइनों पर भी यात्रियों की संख्या हर महीने बढ़ रही है।

दिल्ली मेट्रो से सीख: सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होता है

BBC का मुख्य तर्क है कि कई शहरों में मेट्रो में उम्मीद से कम यात्री सफर कर रहे हैं। लेकिन इस विश्लेषण में वह दिल्ली मेट्रो के पूरे सफर को नजरअंदाज कर देता है। जब दिल्ली मेट्रो शुरू हुई थी, तब भी इसे लेकर सवाल उठे थे। कई लोगों ने कहा था कि यह महँगा है और ज्यादा काम नहीं आएगा। शुरुआती समय में लोगों को मेट्रो स्टेशन तक पहुँचने में दिक्कत होती थी, क्योंकि फीडर बसें और ई-रिक्शा जैसी सुविधाएँ पूरी तरह विकसित नहीं थीं।

धीरे-धीरे हालात बदले। जैसे-जैसे नेटवर्क बढ़ा, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत हुई और लोगों की निर्भरता बढ़ती गई। आज दिल्ली मेट्रो देश ही नहीं, दुनिया के सबसे सफल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स में गिनी जाती है। साल 2025 में इसमें औसतन 64.6 लाख लोग रोज यात्रा कर रहे हैं और साल भर में यह 235 करोड़ से ज्यादा यात्राएँ पूरी करती है। यह आँकड़ा एक बड़े देश जैसे न्यूजीलैंड की पूरी आबादी से भी ज्यादा है।

अब दिल्ली मेट्रो कमाई के मामले में भी मजबूत स्थिति में है। 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, यह ₹412 करोड़ से ज्यादा का ऑपरेटिंग सरप्लस कमा रही है। इसका मतलब है कि मेट्रो सिर्फ चल ही नहीं रही, बल्कि अपने खर्च निकालकर मुनाफा भी दे रही है। यह साफ दिखाता है कि कोई भी मेट्रो सिस्टम शुरुआत में धीमा हो सकता है, लेकिन समय के साथ वह मजबूत, उपयोगी और आत्मनिर्भर बन जाता है।

मुंबई एक्वा लाइन की सच्चाई: ‘सुनसान’ नहीं, तेजी से बढ़ता इस्तेमाल

BBC ने मुंबई की नई एक्वा लाइन (मेट्रो-3) को ‘सुनसान’ बताने की कोशिश की, लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग है। यह लाइन पूरी तरह अक्टूबर 2025 में शुरू हुई और अप्रैल 2026 तक इस पर 4 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। किसी भी नई मेट्रो लाइन के लिए इतने कम समय में यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

मुंबई की सभी मेट्रो लाइनों को मिलाकर अब रोज करीब 7.5 लाख लोग सफर कर रहे हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे लोग नई लाइन के बारे में जान रहे हैं और कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है, यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।

जहाँ तक किराए की बात है, 10 से 70 रुपए का खर्च मुंबई जैसे शहर में ज्यादा नहीं माना जाता। यहाँ लोग रोज ट्रैफिक में घंटों फँसते हैं। ऐसे में मेट्रो समय बचाती है और सफर आसान बनाती है। सरकार का काम सिर्फ आज की भीड़ संभालना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत ट्रांसपोर्ट तैयार करना भी है, ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके।

मेट्रो का बड़ा फायदा: सफर ही नहीं, जेब भी बचा रही है

मेट्रो का असर सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं है, यह लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुधार रही है। जनवरी 2026 की ‘EAC-PM’ रिपोर्ट बताती है कि मेट्रो आने से लोगों का रोज का ट्रांसपोर्ट खर्च कम हुआ है। पेट्रोल, डीजल और टैक्सी पर होने वाला खर्च बच रहा है, जिससे लोगों के पास हर महीने कुछ अतिरिक्त पैसे बच रहे हैं।

इस बचत का सीधा फायदा घर के लोन (होम लोन) चुकाने में दिख रहा है। दिल्ली में मेट्रो वाले इलाकों में लोन न चुका पाने वाले लोगों की संख्या 4.42% कम हुई है। बेंगलुरु में EMI लेट करने वालों की संख्या 2.4% घटी है, जबकि हैदराबाद में समय से पहले लोन चुकाने वालों की संख्या 1.8% बढ़ी है।

सीधी भाषा में समझें तो मेट्रो लोगों की जेब में बचत डाल रही है। इससे उनका आर्थिक बोझ कम हो रहा है और जीवन आसान बन रहा है। लेकिन ऐसे बड़े फायदे अक्सर BBC जैसी कुछ रिपोर्ट्स में नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

क्या मेट्रो घाटे में है?

अक्सर कहा जाता है कि मेट्रो प्रोजेक्ट घाटे का सौदा हैं। लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। शुरुआत में हर मेट्रो सिस्टम ‘नेट लॉस’ दिखाता है, क्योंकि उस पर बड़े लोन और निर्माण का खर्च होता है। इसे ही डेप्रिसिएशन कहा जाता है। इसलिए सिर्फ कुल घाटा देखकर फैसला करना सही नहीं होता।

असल पैमाना होता है ‘ऑपरेटिंग सरप्लस’। यानी रोजमर्रा का खर्च निकालने के बाद क्या मेट्रो के पास पैसा बच रहा है या नहीं। उदाहरण के तौर पर, बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो ने 2024-25 में 1,191 करोड़ रुपए कमाए और 229 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग सरप्लस हासिल किया। इसका मतलब है कि मेट्रो अपना खर्च निकालकर बचत भी कर रही है।

अहमदाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साफ है कि यह पैसा बर्बाद नहीं हुआ, बल्कि शहरों के लिए लंबी अवधि का मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार हुआ है। इससे प्रदूषण कम हो रहा है और पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है।

BBC की रिपोर्ट पर सवाल: क्या पूरी तस्वीर दिखाई गई?

बीबीसी की रिपोर्ट को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसमें पूरी तस्वीर नहीं दिखाई गई। कुछ चुनिंदा आँकड़ों के आधार पर ऐसा निष्कर्ष दिया गया, जैसे मेट्रो प्रोजेक्ट सही दिशा में नहीं हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है।

आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है, जो 1,000 किलोमीटर से ज्यादा फैल चुका है। यह अपने आप में दिखाता है कि यह सिस्टम लगातार बढ़ रहा है और शहरों की जरूरत बनता जा रहा है। मेट्रो ने लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम से राहत दी है और सफर को ज्यादा आसान और आरामदायक बनाया है।

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और फीडर बसों की दिक्कतें अभी भी कई शहरों में हैं, लेकिन इन पर तेजी से काम हो रहा है। दिल्ली इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जहाँ समय के साथ मेट्रो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है।

साफ है कि भारत में मेट्रो सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि शहरी बदलाव का बड़ा जरिया बन रही है। यह धीरे-धीरे हर शहर की जरूरत और आदत बनती जा रही है, और इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

दिल्ली मेट्रो में अरविंद केजरीवाल के लिए धमकी लिखने वाले अंकित गोयल को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा: क्या केजरीवाल का सुर्ख़ियों में रहने का नया पैंतरा?

                                                                                                                       साभार : IndiaTV
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए मेट्रो-ट्रेन और स्टेशनों पर धमकी भरे मैसेज लिखने वाले अंकित गोयल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का रहने वाला है। अंकित गोयल बेहद पढ़ा लिखा है और एक नामी बैंक में काम करता है। उसने अपने ही इंस्टाग्राम अकाउंट पर केजरीवाल को धमकाने वाले संदेशों को पोस्ट भी किया था।
कभी स्याही, कभी थप्पड़ या कोई अन्य ड्रामा करना केजरीवाल का सुर्ख़ियों में बने रहने का हत्कण्ठा अपनाया हुआ है। अन्य पार्टियों के मुकाबले मीडिया भी केजरीवाल के ही इर्दगिर्द घूमती रहती है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 33 वर्षीय अंकित गोयल ने मेट्रो स्टेशन पर सीएम केजरीवाल को जान से मारने की धमकी लिखी थी। दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट ने एफआईआर दर्ज की थी और मामले की जाँच कर रही थी। अब उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपित की मानसिक हालत ठीक नहीं है, हालाँकि इसका पता जाँच के बाद ही चल पाएगा। इस बीच, सूत्रों का कहना है कि अंकित गोयल के राजनीतिक दलों से जुड़ाव को लेकर भी जाँच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि आरोपित अंकित गोयल ग्रेटर नोएडा किसी काम से आया था। वो दिल्ली में 5 स्टार होटल में रुका था और मेट्रो के सफर के दौरान उसने अरविंद केजरीवाल के लिए धमकियाँ लिखी। उसने खुद ही उन धमकियों की फोटो भी अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर की थी। अंकित गोयल ने इन धमकियों की तस्वीरें इंस्टाग्राम हैंडल @ankit.goel_91 पर साझा की गई थी, जिसमें मेट्रो कोच के अंदर एक धमकी भरे संदेश में लिखा था, ‘केजरीवाल कृप्या दिल्ली छोड़ दीजिए वरना आपको वे तीन थप्पड़ याद आएँगे, जो आपने चुनाव से पहले खुद को मरवाए थे। अबकी बार असली थप्पड़ जल्द पड़ेगा। आज की बैठक झंडेवालान में।’

एक अन्य मैसेज में लिखा है, ‘दिल्ली के सीएम हमें छोड़ दें। हमें मुफ्त की चीजें और नहीं चाहिए। 45 करोड़ रुपए सीएम आवास पर।’ एक अन्य ट्रेन में लिखा हुआ था, ‘नीचे दी गई बातों का आप पालन करें। जल बोर्ड का पारदर्शी ऑडिट और जिम्मेदार लोगों/नेताओं की जिम्मेदारी तय करें, शराब नीति और आपके नेताओं को मिले रिश्वत पर क्या कहना है और राघव चड्ढा की आंख का इलाज एम्स, या सफदरजंग या आपके किसी पसंद के भारतीय अस्पताल में। AAP से आखिरी उम्मीदें हैं।’ एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इस तरह के मैसेज कम से कम तीन मेट्रो स्टेशन पटेल नगर, रमेश नगर और राजीव चौक पर भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने संज्ञान लिया है और जाँच शुरू कर दी है। और अब पुलिस ने अंकित गोयल को गिरफ्तार कर लिया है।

इस बीच आम आदमी पार्टी ने इसे भारतीय जनता पार्टी से की ओर से दी गई धमकी बताया है। ‘आप’ का दावा है कि धमकी की भाषा भाजपा जैसी है। पार्टी ने अपने राष्ट्रीय संयोजक पर जानलेवा हमले की साजिश का आरोप भी लगाया है।

दिल्ली मेट्रो में फिर से हस्तमैथुन: रक्षाबंधन पर भीड़ के बीच युवक ने नाबालिग पर गिराया स्पर्म

दिल्ली मेट्रो से एक बार फिर से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति ने भीड़ होने के बावजूद हस्तमैथुन किया और अपना स्पर्म नाबालिग लड़की पर गिरा दिया। लड़की ने इस घटना की जानकारी अपनी माँ को दी, जिसके बाद लोगों ने आरोपित को मेट्रो में ही पकड़कर खूब धुना और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया था। आरोपित पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।

राखी के दिन भीड़ में युवक ने की शर्मनाक हरकत

न्यूज 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना बुधवार (30 अगस्त 2023) की रात करीब साढ़े आठ बजे ‘रेड लाइन’ की है। रक्षाबंधन होने के कारण मेट्रो कोच में काफी भीड़ थी। नाबालिग की माँ को पता चला कि युवक ने उनकी बेटी पर अपना स्पर्म गिरा दिया है, तो वह बेटी के साथ सीलमपुर स्टेशन पर उतर गई। इस बीच दो लोगों ने आरोपित को मेट्रो में ही पकड़ लिया और उसे शाहदरा स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो अधिकारियों के हवाले कर दिया। इस दौरान लोगों ने उसकी पिटाई भी की।
वहीं इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का बयान भी आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा, “कुछ लोगों के चलते दिल्ली मेट्रो पूरे देश में बदनाम होती जा रही है। अब एक आदमी छोटी बच्ची को देखके मेट्रो में मास्टरबेशन करते हुए पकड़ा गया है। क्या घटियापन चल रहा है? हमने दिल्ली पुलिस को नोटिस इशू किया है। दिल्ली महिला आयोग मामले में सख़्त कार्यवाही करवाएगा।”
ऐसे लोगों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए! दिल्ली मेट्रो में कपल्स उसको लवर्स स्पॉट में तब्दील न करें ये भी सुनिश्चित करना चाहिए आजकल ये मेट्रो में ऐडल्ट ऐक्टस भी बहुत देखे जा रहे हैं! इन हरकतों से शायद ही कोई मेट्रो बचा हो। लेकिन जब तक कोई हादसा नहीं हो जाता, किसी की नींद नहीं खुलती।

पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले

दिल्ली मेट्रो में ऐसी घटनाएँ पहले भी आ चुकी हैं। बीती 10 अगस्त को मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर एक महिला को अश्लील इशारा करने के आरोपित 23 साल के युवक की गिरफ्तारी की गई थी। वहीं, 7 अगस्त को भी पुलिस ने ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, वो मंडी हाउस स्टेशन के दूसरे प्लेटफॉर्म पर खड़ी महिला को देखकर हस्तमैथुन करने लगा था।

अप्रैल माह में हस्तमैथुन करते युवक का वीडियो हुआ था वायरल

अप्रैल माह में एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो दिल्ली मेट्रो में ही सफर के दौरान पॉर्न देखते हुए हस्तमैथुन कर रहा था। उसके पास में ही एक जोड़ा इसकी वजह से काफी असहज हो रहा था। 27 सेकंड के उस वीडियो के वायरल होने के बाद दिल्ली मेट्रो प्रबंधन की काफी किरकिरी हुई थी।