Showing posts with label #Geert Wilders. Show all posts
Showing posts with label #Geert Wilders. Show all posts

इस्लाम के विरुद्ध स्वीडन उठा, बड़े नेताओं को खरीद जॉर्ज सोरोस कोशिश कर रहा पूरे यूरोप के इस्लामीकरण के लिए

सुभाष चन्द्र

स्वीडन की उप प्रधानमंत्री एब्बा बुश ने मुस्लिम समुदाय को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि “शरिया कानून वाले इस्लाम के लिए स्वीडन में कोई जगह नहीं है। मुसलमान अपने जीवन में स्वीडिश मूल्यों को अपनाएं या फिर देश छोड़ दें। इस्लाम को स्वीडिश मूल्यों के अनुसार ढलना होगा स्वीडन और यूरोप में बहुत से लोग इस्लाम का उसी तरह जैसे वे अधिनायकवादी राज्यों में करते हैं”

एब्बा बुश ने आगे भी कहा कि “इस्लाम को हमारे मौलिक साझा मूल्यों के अनुकूल होना चाहिए, जो स्वीडन और यूरोप को यूरोप बनाते हैं, ये वही मूल्य हैं जो हमें एक दूसरे के साथ सहिष्णुता, शांति और स्वतंत्रता में रहने में सक्षम बनाते हैं, कुछ मूल्य वैकल्पिक नहीं होते” 

एब्बा बुश के समर्थक बयान की तारीफ कर कह रहे हैं कि उनका रुख स्वीडिश सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है उनके विरोधी (लगता है सेकुलर हैं) कह रहे हैं कि वे इस्लामोफोबिया को बढ़ा रही हैं। वो मुसलमानों को कलंकित कर उन्हें अलग थलग कर देंगी स्वीडन इसी वर्ष मार्च में NATO में शामिल हुआ है

 

लेखक 
चर्चित YouTuber 
पूरा यूरोप और ब्रिटेन मुस्लिम शरणार्थियों से भरा पड़ा है और ये सब शरणार्थी इस्लामिक देशों से आये हैं जिन्हें 56 इस्लामिक देश कभी अपने यहाँ शरण नहीं देते और आज ये शरणार्थी ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में समस्या बन चुके हैं स्वीडन में हाल ही में शरणार्थी प्रवासियों की संख्या बढ़ी है और जाहिर एब्बा बुश की चिंता का कारण यही है स्वीडन के वर्तमान आबादी करीब एक करोड़ 70 लाख है जिसमें 1,88,000 मुस्लिम हैं और सबसे ज्यादा 20% मुस्लिम स्वीडन के शहर Maimo में रहते हैं

पिछले कुछ समय में स्वीडन, डेनमार्क, बुल्गारिया, ब्रिटेन, नॉर्वे, जर्मनी (बर्लिन) और फ्रांस में मुस्लिमों ने जम कर दंगे किए और करोड़ों की संपत्ति को आग लगा दी एक ही तरह से दंगे किए जाते रहे हैं, यूरोप के अलावा म्यांमार, दिल्ली, हल्द्वानी,श्रीलंका, थाईलैंड और बांग्लादेश में भी दंगे किए गए

ये सभी यूरोपीय देश और ब्रिटेन जहां दंगे हुए NATO के सदस्य हैं और इन देशों में दंगे करने वाले मुस्लिमों को कोई इस्लामिक देश कंट्रोल नहीं करना चाहता जबकि कई इस्लामिक देशों से उन्हें  पूरी मदद पहुंचती है किसी इस्लामिक देश में इतनी हिम्मत नहीं कि मुस्लिम समुदाय के लिए इनमे से किसी देश पर हमला कर दे क्योंकि सब NATO मेंबर हैं 

कुछ समय पहले नीदरलैंड के Geert Wilders ने भी अपने मुल्क में मुस्लिमों पर सख्त टिप्पणियां करते हुए मस्जिदों को बैन करने की भी बात कही थी इटली की Giorgia Meloni ने भी नई मस्जिदों पर पाबंदी लगाई थी और यहां तक कहा था मस्जिदों में जो कुछ भी होता है सरकार को बताना पड़ेगा

जर्मनी और ब्रिटेन को भी अब कुछ समझ आ रहा है जहां मस्जिदों पर निगरानी की जा रही है और बंद किया जा रहा है क्योंकि वहां आतंकी गतिविधियों के सबूत मिले सबसे बड़ा रहस्य तो हंगरी के प्रधानमंत्री Viktor Orban ने खोला है कि George Soros की योजना पूरे यूरोप का इस्लामीकरण करने की है जिसके लिए उसने यूरोपीय देशों के कुछ बड़े नेताओं को खरीद लिया है 

अभी अमेरिका इस्लाम के खतरों से परिचित होते हुए भी ध्यान नहीं दे रहा लेकिन कल वहां भी वही होगा जो आज यूरोपीय देशों में हो रहा है 

किसी समाज में Integrate (एकीकृत) होकर रहना इस्लाम में संभव नहीं है क्योंकि उनके लिए किसी भी देश के संविधान और कानून से ऊपर शरिया है चीन ने जो मुस्लिमों का इलाज किया है उस पर कोई इस्लामिक देश नहीं बोलता और लगता है एक दिन पूरे विश्व को चीन का फार्मूला अपनाना पड़ेगा 

नीदरलैंड : नुपूर शर्मा के ‘हमदर्द’ गीर्ट वाइल्डर्स के प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावनाएं

नुपुर शर्मा का समर्थन कर चुके गीर्ट वाइल्डर्स के नीदरलैंड के पीएम बनने के आसार (फोटो साभार: Britannica/ABP)
यूरोपीय देश नीदरलैंड के चुनाव नतीजों ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) को चर्चा में ला दिया है। वजह हैं गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders)। वाइल्डर्स की पहचान एक ऐसे नेता के तौर पर है जो इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर हैं।

बीते साल जब ‘ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा को टारगेट किया था, तब वाइल्डर्स ने बीजेपी की इस पूर्व नेता का समर्थन किया था। जुबैर के उकसावे के बाद से नुपुर शर्मा को जिहादी हत्या की धमकी दे रहे हैं। वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहने को मजबूर हैं।

हालिया चुनावों के बाद गीर्ट वाइल्डर्स के नीदरलैंड के प्रधानमंत्री बनने के आसार हैं। दक्षिणपंथी वाइल्डर्स की पार्टी को एग्जिट पोल में सर्वाधिक सीट मिलती दिख रही है। 22 नवम्बर 2023 को नीदरलैंड के आम चुनावों के लिए सामने आए एग्जिट पोल में यह स्पष्ट हो गया है कि वाइल्डर्स की कंजर्वेटिव पार्टी फॉर फ्रीडम (PVV) सर्वाधिक 35 सीटें जीतने की ओर है। उनकी पार्टी नीदरलैंड में इस्लाम के प्रसार के विरुद्ध रही है। ऐसे में इन नतीजों का पूरे यूरोप पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

PVV नीदरलैंड में मस्जिदों, कुरान और हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की माँग करती रही है। अब 150 सीटों वाली नीदरलैंड की संसद में यह सबसे अधिक सीटों वाला दल बनने की और अग्रसर है। उनकी पार्टी को यूरोप के अन्य दक्षिणपंथी नेताओं और पार्टियों की तरफ से बधाई मिल रही है।

PVV सरकार बनाने में सबसे आगे होगी। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। उसे 35 सीटें मिल सकती हैं। यह 2021 के मुकाबले दोगुनी है। हालाँकि, स्पष्ट बहुमत ना होने के कारण उसे अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा। लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि गठबंधन का नेतृत्व करते हुए गीर्ट वाइल्डर्स प्रधानमंत्री बनेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में अभी 8-10 महीने का समय लगने की संभावना है।

कौन हैं गीर्ट वाइल्डर्स?

गीर्ट वाइल्डर्स एक दक्षिणपंथी डच नेता हैं। वह अपने इस्लाम विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। वह वर्ष 2004 के बाद से लगातार पुलिस सुरक्षा में रहते हैं। उनके एक बार मोरक्को के लोगों को कूड़ा बोलने पर काफी विवाद हुआ था।
वाइल्डर्स पिछले ढाई दशकों से नीदरलैंड की राजनीति में सक्रिय हैं, वह 1998 के बाद से डच संसद में हैं। उनका ताल्लुक एक सामान्य माध्यम वर्गीय परिवार से है। वह 1981 से 1983 के बीच इजरायल में भी रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मध्य एशियाई देशों की यात्रा की, जिस दौरान उनके इस्लाम विरोधी विचार बने।
वाइल्डर्स को अवैध प्रवासियों के प्रति उनके कठोर रवैए और डच हितों को सबसे आगे रखने के लिए जाना जाता है। उन्होंने जुलाई 2022 में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा और बांग्लादेशियों का मुद्दा भी डच संसद में उठाया था। उन्होंने अक्टूबर 2022 में भी नुपुर शर्मा के समर्थन में ट्वीट किया था।
गीर्ट वाइल्डर्स ने हिन्दुओं से सहिष्णुता छोड़ने का अपील भी की थी।
डच सांसद ने भारत में हिंदुओं पर हमले की घटनाओं का भी जिक्र किया था। उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा एक हिंदू दर्जी (कन्हैया लाल) का सिर कलम करने की घटना पर भी प्रकाश डाला था।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी वे सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश में हिंदू घरों, पूजा स्थलों और दुकानों में आग लगानी वाली घटना पर विचार करने को कहा था। मालूम हो कि 15 जुलाई 2022 को बांग्लादेश में लोहागारा के सहपारा इलाके में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हिन्दुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया था।

बकरीद है बर्बर और घिनौना इस्लामी हत्याकांड: डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स

डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स
आतंक और धार्मिक असहिष्णुता को लेकर बेहद मुखर रहने वाले डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) ने पशु हिंसा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि बकरीद के नाम पर मुस्लिमों द्वारा पशुओं की खिलाफ की जाने वाली हिंसा बंद होनी चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) और मजहबी किताब कुरान (Quran) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

गीर्ट ने मुस्लिमों के त्योहार बकरीद को लेकर ट्वीट कर कहा, “आज से शुरू हो रहे घिनौने बर्बर इस्लामी बलिदान का त्योहार #ईद हत्याकांड पर रोक लगाओ।” गीर्ट ने इसके साथ ही एक भेड़ की हत्या का वीभत्स फोटो भी साझा किया है।

अपने अन्य ट्वीट में गीर्ट ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद और कुरान के खिलाफ लोगों को शिकायत दर्ज करानी चाहिए और अदालत में साबित करना चाहिए कि इसके मूल में हिंसा, भेदभाव और असहिष्णुता है। इसके बिना समाज अधिक स्वतंत्र और सुरक्षित रहेगा।

गीर्ट इस्लाम और जिहाद के नाम पर हिंसक रूप के आलोचक रहे हैं। देश में नूपुर शर्मा को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन और उदयपुर में कन्हैया लाल एवं अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या पर उन्होंने इस्लामी कट्टरपंथ पर सवाल उठाए थे।

गीर्ट ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्हें आग में जलता दिखाया गया है। वीडियो में लिखा हुआ है ‘गीर्ट वाइल्डर्स को सजा दो। हम उसे कभी माफ नहीं करेंगे।’ इसके लिए उन्होंने इस्लामी कट्टरपंथियों पर निशाना साधा और कहा कि वे कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगे।

अपने ट्वीट में गीर्ट ने लिखा, “वे मुझे ये भेजते हैं क्योंकि मैं नूपुर शर्मा और हिंदुत्व का समर्थन करता हूँ तथा हिंसक एवं अधिनायकवादी इस्लामी अवधारणा ईशनिंदा के खिलाफ खड़ा हूँ। लेकिन, मैं इस तरह की बर्बरता के आगे कभी नहीं झुकूँगा और आजादी के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूँगा। हमेशा!”

उदयपुर में कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या पर गीर्ट ने कहा था कि कट्टरवाद, आतंकवाद और जिहादियों से हिंदुत्व को बचाना जरूरी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “एक दोस्त होने के नाते मैं भारत को सलाह दे रहा हूँ कि असहिष्णुता के प्रति सहिष्णु होना बंद कीजिए। जिहादियों, आतंकवादियों और कट्टरपंथियों से हिंदुत्व की रक्षा कीजिए। इस्लाम का तुष्टिकरण नहीं करिए, नहीं तो यह बहुत भारी पड़ेगा। हिंदुओं को ऐसे नेता चाहिए जो शत प्रतिशत उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है, “भारत में हिंदुओं को सुरक्षित होना चाहिए। यह उनका देश है। उनकी मातृभूमि है। भारत उनका है। भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है।” गौरतलब है कि जून की शुरुआत में वाइल्डर्स ने नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए कहा था कि अपराधी और आतंकवादी अपनी धार्मिक असहिष्णुता और घृणा व्यक्त करने के लिए सड़क पर हिंसा करते हैं।

इसके बाद उन्हें कट्टरपंथियों की ओर से धमकी भी मिली थी। इसके स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उन्होंने लिखा था, “यही कारण है कि मैं बहादुर नूपुर शर्मा का समर्थन कर रहा हूँ। जान से मारने की सैकड़ों धमकियाँ। यह मुझे उनका समर्थन करने के लिए और भी अधिक दृढ़ बनाता है। क्योंकि, बुराई कभी नहीं जीत सकती। कभी नहीं।”

गीर्ट ने कहा था कि इस्लाम (Islam) असहिष्णु है और इसकी विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा था कि भारत से माफी माँगने वाले मुल्क देश बेहद क्रूर शरिया शासन से संचालित होतेे हैं और उनका मानवाधिकार का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है।

वाइल्डर्स ने कहा था कि जो मुल्क अपने यहाँ के अल्पसंख्यकों की हत्या कर देते हैं और उन्हें जेल में डाल देते हैं, वे कानून द्वारा शासित एक लोकतांत्रिक देश से माफी की माँग करते हैं तो यह सबसे बड़ा पाखंड है। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि ईरान, कतर, सऊदी अरब जैसे इस्लामिक अपने अल्पसंख्यकों को कितना प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने इस्लामिक देशों को सबसे बड़ा पाखंडी बताया।

हॉलैंड की सबसे बड़़ी पार्टी के प्रमुख और वहाँ की संसद में विपक्ष के नेता वाइल्डर्स ने एक अन्य ट्वीट में कहा था, “केवल अपराधी और आतंकवादी अपनी धार्मिक असहिष्णुता और घृणा व्यक्त करने के लिए सड़क पर हिंसा का उपयोग करते हैं। असहिष्णु के प्रति सहिष्णु होना बंद करो। हम जीवन को संजोते हैं, वे मृत्यु को संजोते हैं।”