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गुजरात : ‘ऑपरेशन डेल्टा’ के तहत 1 ही दिन में दबोचे गए 500+ बांग्लादेशी घुसपैठिए: गृह राज्य मंत्री बोले- पनाह और नौकरी देने वालों पर होगा कड़ा एक्शन

           एक ही दिन में गुजरात से 500+ अवैध बांग्लादेशी हिरासत में (फोटो साभार : X_@ANI Video SS)
बंगाल विधानसभा चुनाव केवल चुनाव नहीं था बल्कि देश की आंख, नाक और कान खोलने वाला चुनाव था। किस कदर घुसपैठियों ने बंगाल में बबाल मचाया हुआ था किसी तथाकथित सेक्युलरिस्ट और INDI गठबंधन में से किसी की आवाज़ नहीं निकली। बीजेपी शासित राज्य में छोटी से घटना होने पर चील-कौओं की तरह चिल्लाते हैं। सिर्फ अपने मुस्लिम वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए। लेकिन ये गैंग भूल रहा है कि जिस दिन मुसलमान सच्चाई जान जाएगा कोई मुस्लिम कट्टरपंथी गैंग भी तुम्हारे साथ खड़ा नहीं मिलेगा। क्या कोई अपने बच्चों का नाम मीर ज़फर या जय चंद रखता है? इतिहास से कुछ सीखो वरना इतिहास ही तुम्हारी हस्ती मिटा देगा। बंगाल में सत्ता बदलते ही घुसपैठियों ने भागना शुरू कर दिया। आखिर ये तथाकथित सेक्युलरिस्ट्स और INDI गठबंधन इन्हे दामादों की तरह क्यों संरक्षण दे रहा है?

जितने भी घुसपैठियों के हिमायती है बताएं क्या वह घुसपैठी बन दुनिया के किसी भी देश में रह सकते हैं? यदि नहीं, फिर क्यों अपनी कुर्सी और तिजोरियों की खातिर भारत में इनको संरक्षण देते हो?   

गुजरात में घुसपैठियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत एक ही दिन में 501 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि हर घुसपैठिए को ढूँढकर वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 6200 से अधिक संदिग्ध लोगों का डेटाबेस तैयार किया है। इसी जानकारी के आधार पर यह राज्यव्यापी अभियान चलाया गया। पकड़े गए लोगों में से कई ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र भी बनवा लिए थे। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और पुलिस की 30 टीमें इस मामले की गहराई से जाँच कर रही हैं।

शुरुआती जाँच में पता चला है कि ये लोग कोलकाता के बिचौलियों और मोबाइल ऐप के जरिए बांग्लादेश पैसा भेज रहे थे। सरकार ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। अब घुसपैठियों के साथ-साथ उन्हें पनाह और नौकरी देने वालों पर भी सख्त मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

दिल्ली चुनाव : चुनाव आयोग ने नियमित प्रक्रिया के अंतर्गत राज्यों से माँगे सुरक्षा बल, गुमराह करने वाले केजरीवाल ने बना दिया ‘पंजाब बनाम गुजरात’ की लड़ाई: गृहमंत्री ने रगड़ा, कहा- अब समझा आपको झाँसेबाज क्यों कहते हैं

                                                    अरविंद केजरीवाल और गुजरात मंत्री हर्ष सांघवी
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटने से बौखलाए हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये सब चल क्या रहा है, दिल्ली चुनाव के लिए पंजाब पुलिस की सुरक्षा को हटा दिया गया है और गुजरात पुलिस को लगा दिया गया। उन्होंने एक आदेश की कॉपी शेयर करते हुए ऐसे दिखाया कि चुनाव में सिर्फ गुजरात पुलिस तैनात की गई है। हालाँकि सच्चाई ये नहीं है।

केजरीवाल के आरोपों का जवाब गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी ने दिया है। उन्होंने केजरीवाल का झूठ दुनिया को बताते हुए लिखा– “मुझे अब समझ आया कि लोग आपको झांसेबाज क्यों कहते हैं!”

उन्होंने अरविंद केजरीवाल को लिखा, “एक पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में, मुझे आश्चर्य है कि आप चुनाव आयोग के मानदंडों से अवगत नहीं हैं। उन्होंने गुजरात ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों से सुरक्षा बलों का अनुरोध किया है। वास्तव में भारत के चुनाव आयोग ने विभिन्न राज्यों से एसआरपी की तैनाती का आदेश दिया है। यह एक नियमित प्रक्रिया है।”

हर्ष सांघवी ने बताया, “चुनाव आयोग के अनुरोध के अनुसार, 11/1/25 को निर्धारित चुनाव के लिए गुजरात से एसआरपी की 8 कंपनियाँ दिल्ली भेजी गईं। केजरीवाल जी सिर्फ गुजरात का चयनात्मक उल्लेख क्यों?”

जो दस्तावेज हर्ष सांघवी ने शेयर किया है उसमें साफ लिखा है कि चुनाव के दौरान क्षेत्र पर फ्लैग मार्च, निगरानी आदि के लिए 8 जनवरी 2025 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 70 कंपनियों की अग्रिम तैनाती की जाएगी। गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (गृह) को भेजे गए फैक्स संदेश में कहा गया है कि दिल्ली में सुरक्षित, स्वतंत्र और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव कराने के लिए सीएपीएफ/राज्य सशस्त्र पुलिस/भारतीय रिजर्व बटालियन की अतिरिक्त 75 कंपनियाँ तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, विभिन्न राज्य सशस्त्र पुलिस (एसएआर) या इंडिया रिजर्व (आईआर) बटालियनों की 65 कंपनियों का अनुरोध किया गया। कुल मिलाकर, लगभग 14,500 कर्मचारी राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव ड्यूटी पर होंगे।

अरविंद केजरीवाल की इस हरकत के बाद अब उन्हें सोशल मीडिया पर ‘झांसेबाज, झूठा’ और न जाने क्या-क्या जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि इसी तरह के झूठ बोल-बोलकर उन्होंने दिल्ली वालों को 10 साल भ्रमित किया। वहीं भाजपा में ही से गुजरात मंत्री के अलावा अन्य नेताओं ने भी केजरीवाल का पलटवार किया। अमित मालवीय ने पूछा ये आपका पहला चुनाव है क्या या आप हार से डर रहे हैं? वहीं शहजाद पूनावाला ने लिखा- झूठ बोलना बंद कर।