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दिल्ली : ‘ये हिंदू हैं, इन्हें मार डालो’: धारदार हथियार लेकर अवैध मदरसा संचालक ने गुंडों से कहा

     पत्रकार विनोद शर्मा और उनके कैमरामैं तुषार को मदरसा में बनाया गया था बंधक (फोटो साभार: हेडलाइंस इंडिया)
देश को गंगा-जमुनी तहजीब, संविधान की दुहाई और सेकुलरिज्म जैसे भ्रमित नारों से जनता को गुमराह करने वाले समस्त छद्दम सेक्युलरिस्ट्स अब तक क्यों खामोश हैं? अवैध मदरसे में जो हरकत हुई है क्या इसी को गंगा-जमुनी तहजीब, संविधान में अधिकार और सेकुलरिज्म कहते हैं? आखिर कब तक इन छद्दम नारों से जनता को गुमराह किया जाता रहेगा? अगर डरे हुए समाज का यह हाल है अगर डरा हुआ नहीं होता तब तो पता नहीं क्या होता? क्या इस तरह डरा-धमका कर मुग़ल राज की वापसी का षड़यंत्र है? 
अब ज्वलंत प्रश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल वी के सक्सेना को दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस को भी तलब करना होगा कि सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा कैसे बन गया? किसकी इजाजत से मदरसा बना?   
देश की राजधानी दिल्‍ली के निजामुद्दीन इलाके में बने अवैध मदरसा जामिया अरबिया में 5 दिन पहले ‘हेडलाइंस इंडिया’ के रिपोर्टर और कैमरामैन को बंधक बनाकर मारपीट की गई थी। इस मदरसे को इलाके का कट्टरपंथी तौफील खान चलाता है। स्‍थानीय लोगों के मुताबिक, यह जमीन ‘लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस’ की है, जिस पर अवैध रूप से मदरसा चल रहा है। कोर्ट ने इस जमीन का सर्वे कराने के आदेश भी LnDO को दिए हैं।

इसी बात की जानकारी लेने और तौफील खान का पक्ष लेने ‘हेडलाइंस इंडिया’ के रिपोर्टर और कैमरामैन मौके पर पहुँचे थे। तौफील और उसके बेटों ने पहले तो रिपोर्टर विनोद शर्मा और कैमरामैन को कागजात दिखाने के बहाने ऑफिसनुमा घर में बुलाया। फिर दोनों को बंधक बना लिया। यही नहीं, कैमरा बंद करके दोनों के साथ मारपीट की। चापड़ (एक प्रकार का धारदार हथियार) से दोनों को जान से मारने की कोशिश की गई। साथ ही हिंदू होने पर तौफील और उसके साथियों ने गाली-गलौज की।

अवैध मदरसे के संचालक तौफील और उसके साथियों की मारपीट से घायल रिपोर्टर विनोद शर्मा और कैमरामैन तुषार शर्मा ने जो कहानी सुनाई, आप पर वह सुनेंगे तो होश उड़ जाएँगे, कि कैसे एक रिपोर्टर के हिंदू होने पर अवैध मदरसा संचालक उन्हें जान से मारने को आमादा हो गया।

समझिए पूरा घटनाक्रम, ‘हेडलाइंस इंडिया’ के रिपोर्टर विनोद शर्मा की जुबानी

हम लोगों को खबर मिली थी कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में एलएंडडीओ की जमीन पर एक अवैध मदरसा संचालित हो रहा है। कोर्ट ने तीन साल पहले इस जमीन पर सर्वे कराने के आदेश भी दिए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी हकीकत को टटोलने मैं अपने कैमरामैन तुषार के साथ गया था। यह अवैध मदरसा निजामुद्दीन इलाके में DPS स्‍कूल के पास में है। इसका नाम ‘मदरसा जामिया अरबिया’ है।
मैं जैसे ही मदरसे के कैंपस में पहुँचा तो देखा कि यह करीब 2 हजार गज से ज्‍यादा की जमीन है, जिस पर मदरसे के नाम पर मकान बनाए गए हैं, जिनमें कई परिवार रहते हैं। हमारी मुलाकात अवैध मदरसे के संचालक तौफील खान से हुई। वह ही इसे संचालित करता है। हमने कैमरा ऑन करके तौफील से जमीन के बारे में सवाल पूछने शुरू किए। वह किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सका। मैंने पूछा- क्‍या यह जमीन एलएंडडीओ की है तो उसने कहा- हाँ, लेकिन इस पर केस चल रहा है।
फिर मैंने पूछा कि जब आप कह रहे हैं कि यह जमीन एलएंडडीओ की है तो आपने फिर मदरसा क्‍यों खोल रखा है। मेरी इसी बात से तौफील भड़क गया। उसने कहा कि आप मेरे साथ ऑफिस में आइए मैं आपको अपने कागजात दिखाता हूं। मुझे और मेरे कैमरामैन तुषार को कागजात दिखाने के बहाने ऑफिसनुमा घर में ले गया। जैसे ही मैं अंदर पहुँचा तो देखा कि वहाँ ऑफिस नहीं, बल्कि‍ घर था। उसके साथ 5-6 लोग पहले से ही बैठे थे।
मैंने आफिस में पहुँच कर फिर वही सवाल पूछा कि आपके पास जमीन का क्या रिकार्ड है। मैं सवाल पूछ ही रहा था तभी उसके एक साथी ने बाहर से दरवाजा बंद कर लिया। मैंने रोकने की कोशिश की तो मुझे धक्का देकर पीछे धकेल दिया। इसी बीच अंदर उसके दो से तीन साथियों ने पहले मुझसे माइक छीनने की कोशिश की, इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गया है। उन्होंने मेरे हाथ को मोड़ा, मुझे धक्का देकर कुर्सी पर गिरा दिया।
इसके बाद हमारे कैमरामैन तुषार से कैमरा बंद करने को कहा, लेकिन तुषार ने कैमरा बंद करने की बजाए कैमरे को बचाने के लिए हाथों को उठा लिया, इस पर तौफील ने डंडे से तुषार पर हमला किया। इससे कैमरे के लेंस टूट गए। तौफील और उसके बेटों ने तुषार से कैमरा झपटा और उस पर हाथ-घूँसो से हमला कर दिया। मैं इधर बुरी तरह से फँस चुका था और पुलिस को फोन लगाने की कोशिश कर रहा था, ताकि किसी तरह हमारी जान बच सके।
तौफील और उसके साथियों ने तुषार के गले में ‘हेडलाइंस इंडिया’ का आईकार्ड देखा। इसमें उसका नाम देख लिया था। इस पर तौफील ने साथियों से कहा कि ये दोनों हिंदू हैं, इनको आज सबक सिखा दो। जाओ घर से चापड़ लेकर आओ। यह हालत देख हमारी साँसें अटक गई थीं। मैंने तुषार को इशारा किया वो गेट खोलकर बाहर भाग जाए। तुषार ने ऐसा ही किया, लेकिन तुषार जैसे ही भागा वैसे ही तौफील और उसके गुर्गों ने तुषार के पेट और प्राइवेट पार्ट पर लात-घूँसो से हमला कर दिया।
अवलोकन करें:-
दिल्ली : निजामुद्दीन में सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा का सच दिखाने पहुँची मीडिया टीम को मदरसा संचा
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दिल्ली : निजामुद्दीन में सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा का सच दिखाने पहुँची मीडिया टीम को मदरसा संचा
वह गिर गया। मैंने बीच-बचाव किया। तभी मौका पाकर तुषार ऑफिस का गेट खोलकर बाहर भाग निकला। उसने बचाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। करीब एक घंटे तक तौफील और उसके गुर्गों ने हमारे साथ मारपीट की। फिर कुछ देर बाद दिल्ली पुलिस आ गई। वो हमें और तौफील को थाने ले आई। मारपीट में मेरे के अंगूठे में काफी चोट लग गई। वहीं, हमारे कैमरामैन तुषार के गले, पेट और पैर में काफी चोट लगी। उसे चलने में भी दिक्कत हो रही थी। अवैध मदरसा संचालक तौफील की दबंगई देखकर आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।

दिल्ली : निजामुद्दीन में सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा का सच दिखाने पहुँची मीडिया टीम को मदरसा संचालक और साथियों ने बनाया बंधक

                           दिल्ली के मदरसे में 'Headlines India' रिपोर्टर और कैमरा मैन बंधक बनाया
भारत के दो राज्यों उत्तर प्रदेश और असम में अवैध मदरसों पर बुलडोजर चलने की खबरें सुर्ख़ियों में हैं, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में इससे बिल्कुल विपरीत माहौल देखने को मिला है। हाल ही में LnDO (Land And Development Office) की जमीन पर खड़े अवैध मदरसे का सच दिखाने जब एक मीडिया की टीम पहुँची तो कैमरामैन और रिपोर्टर को ही मदरसा संचालक व उसके साथियों द्वारा बंधक बना लिया गया।

अवैध बताया जा रहा ये मदरसा दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित हैं, जिसे ‘मदरसा जामिया अरबिया’ के नाम से जाना जाता है। जब ‘हेडलाइंस इंडिया‘ की एक टीम इस मदरसे की पोल खोलने यहाँ पहुँची, तो शुरू में तो थोड़ी बहसबाजी की गई, लेकिन जब रिपोर्टर सवाल पूछता गया तो उसे और कैमरामैन को बंधक बना लिया गया।

उत्तर प्रदेश और असम में हो रही हैं कार्यवाही

हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आदेश दिया है कि प्रदेश के सभी मदरसों का सर्वे किया जाए और उनकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाए। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प की दिशा में नई कोशिशों में जुटी हुई है। इसको लेकर मदरसों के सर्वे को लेकर सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया गया है।
इसके लिए 5 अक्टूबर, 2022 तक की समयसीमा भी तय की गई है। उन मदरसों का सर्वे होगा, जो गैर-मान्यता प्राप्त हैं। एक अहम बैठक के बाद उसमें स्पष्ट कर दिया गया कि सर्वे में SDM, BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) और जिला अल्पसंख्यक अधिकारी मौजूद रहेंगे। ये रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसे वो आगे सरकार को बढ़ाएँगे। वहीं इसका उद्देश्य मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाना है।
उत्तर प्रदेश के अलावा असम में भी पिछले कुछ दिनों से मदरसों को लेकर सरकार गंभीर बनी हुई है। हाल ही में राज्य की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने प्रदेश के तीन मदरसों को ध्वस्त कर दिया था। इन मदरसों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के केंद्र रूप में होता था। इन मदरसों से जुड़े कई मौलवियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गोलपारा में चौथे मदरसे को खुद जनता ने ही ध्वस्त कर डाला।