पत्रकार विनोद शर्मा और उनके कैमरामैं तुषार को मदरसा में बनाया गया था बंधक (फोटो साभार: हेडलाइंस इंडिया)
देश को गंगा-जमुनी तहजीब, संविधान की दुहाई और सेकुलरिज्म जैसे भ्रमित नारों से जनता को गुमराह करने वाले समस्त छद्दम सेक्युलरिस्ट्स अब तक क्यों खामोश हैं? अवैध मदरसे में जो हरकत हुई है क्या इसी को गंगा-जमुनी तहजीब, संविधान में अधिकार और सेकुलरिज्म कहते हैं? आखिर कब तक इन छद्दम नारों से जनता को गुमराह किया जाता रहेगा? अगर डरे हुए समाज का यह हाल है अगर डरा हुआ नहीं होता तब तो पता नहीं क्या होता? क्या इस तरह डरा-धमका कर मुग़ल राज की वापसी का षड़यंत्र है?
इसी बात की जानकारी लेने और तौफील खान का पक्ष लेने ‘हेडलाइंस इंडिया’ के रिपोर्टर और कैमरामैन मौके पर पहुँचे थे। तौफील और उसके बेटों ने पहले तो रिपोर्टर विनोद शर्मा और कैमरामैन को कागजात दिखाने के बहाने ऑफिसनुमा घर में बुलाया। फिर दोनों को बंधक बना लिया। यही नहीं, कैमरा बंद करके दोनों के साथ मारपीट की। चापड़ (एक प्रकार का धारदार हथियार) से दोनों को जान से मारने की कोशिश की गई। साथ ही हिंदू होने पर तौफील और उसके साथियों ने गाली-गलौज की।
अवैध मदरसे के संचालक तौफील और उसके साथियों की मारपीट से घायल रिपोर्टर विनोद शर्मा और कैमरामैन तुषार शर्मा ने जो कहानी सुनाई, आप पर वह सुनेंगे तो होश उड़ जाएँगे, कि कैसे एक रिपोर्टर के हिंदू होने पर अवैध मदरसा संचालक उन्हें जान से मारने को आमादा हो गया।


