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‘हिन्दुओं के कारण भारत सेक्युलर, काशी-मथुरा में गलती सुधारने का वक्त’: अयोध्या पर आर्कियोलॉजिस्ट केके मुहम्मद

अयोध्या में खुदाई कर मंदिर का सबूत जुटाने वाले पुरातत्वविद् केके मुहम्मद (Archeologist KK Mohammad) का कहना है कि बाबरी की तरह देश में अभी कई मुद्दे हैं और अगर सभी पक्षों ने इसका हल नहीं निकाला तो ये बड़ी समस्या बन जाएँगी। उन्होंने कहा कि देश में कई मंदिर हैं, जिन्हें तोड़कर मस्जिद बनाया गया है। उन्होंने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता हिंदुओं के कारण है।

केके मुहम्मद ने कहा कि मथुरा और काशी के ज्ञानवापी मामले को जल्द हल करना चाहिए। यहाँ प्रमाण की कमी नहीं है। बस सच को स्वीकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा मुसलमानों से कहता हूँ कि पाकिस्तान से अलग होने के बावजूद भारत सेक्युलर है, क्योंकि यहाँ हिंदुओं की मैजॉरिटी है।”

गौरतलब करने की बात है कि सेवानिर्वित होने के बाद तमिल भाषा में लिखी पुस्तक में इन्होने स्पष्ट शब्दों में लिखा कि अयोध्या में राममन्दिर कभी का बन गया होता, अगर कांग्रेस और वामपंथियों ने कोर्ट से खुदाई में मिले अनेकों प्रमाणों को छुपाकर केवल एक ही खम्बा नहीं दिखाया होता। उन्होंने लिखा है कि इन्हीं के निरीक्षण में अयोध्या में खुदाई हुई थी, जिसमें मन्दिर के ही सारे सबूत मिले थे।  

दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब बात साइंटिफिक रिसर्च की हो तो उस पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं कहता हूँ कि भारत जैसे देश में मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाए जाने पर कई मामले सामने आएँगे। ऐसे में पहले जो गलती की है, उसे सुधारने के पक्ष में सोचना चाहिए।”

देश में आर्कियोलॉजिस्ट के भविष्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि भात में इनका कोई भविष्य नहीं है। इसके लिए ना स्टूडेंट्स आगे आ रहे हैं और न ही सरकार सपोर्ट कर रही है। बीजेपी गवर्नमेंट से कुछ उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, मैं कहता हूँ कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) का सबसे खराब समय BJP के राज में ही है।”

अयोध्या मामले में हिंदू मंदिर की बात रखने के कारण केके मुहम्मद को मुस्लिम समुदाय का विरोध झेलना पड़ता। उन्होंने कहा, “लोगों के विरोध को फेस न करना पड़े, इसके लिए मैं अपने प्रोफेशन से धोखा नहीं कर सकता। खुदाई में मंदिर के अवशेष मिले। ये फैक्ट था। इतिहास के तथ्यों को रखना ही मेरा धर्म है।”

केके मुहम्मद ने कहा था कि 27 मंदिरों को तोड़कर दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद बनाई गई है। उन्होंने कहा था कि मंदिरों को तोड़कर निकाले गए और उन पत्थरों से ही यह मस्जिद बनी है। उन्होंने कहा था कि उस जगह पर अरबी में लिखे अभिलेखों और ताजूर मासिर नामक किताब में इसका जिक्र है।

केके मुहम्मद 1976-77 में पहली बार अयोध्या में जाकर राम मंदिर और बाबरी मस्जिद वाली विवादित जगह पर खुदाई की थी। उन्होंने बाबरी के नीचे मंदिर के अवशेषों का पता लगाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा था कि मंदिर के खंम्भों पर मस्जिद बनाई गई थी।