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RPSC घूस कांड : कुमार विश्वास की पत्नी पर FIR

मशहूर कवि व पूर्व AAP नेता कुमार विश्वास की पत्नी और राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्य मंजू शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज हुई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने यह कार्रवाई अधिशासी अधिकारी (EO) परीक्षा में ओएमआर शीट बदलवाने के बदले घूस लेने के आरोप में की। हालाँकि एसीबी के डीजी ने उन्हें मौखिक रूप से क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में पुलिस कांग्रेस नेता और पूर्व राज्य मंत्री गोपाल केसावत समेत अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी (ईओ) की भर्ती परीक्षा में घूस लेने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो सख्त रुख अपना रहा है। एसीबी ने इस मामले में कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा के अलावा आयोग की सदस्य संगीता शर्मा और संगीता आर्य के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। इनमें से संगीता आर्य राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार और पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी हैं।

इस मामले में राजस्थान एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने कहा है कि एक शिकायतकर्ता को विश्वास में लेने के लिए एक बिचौलिए ने कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा का नाम लिया था। यही नहीं एक बिचौलिए ने शिकायतकर्ता से यह भी कहा था कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे गोपाल केसावत लोक सेवा आयोग की सदस्य संगीता आर्य और मंजू शर्मा को जानते हैं। केसावत इन दोनों के जरिए लोगों को पास करा सकते हैं।

हालाँकि एसीबी के डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने मंजू शर्मा समेत राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों को मौखिक रूप से क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में लोक सेवा आयोग का किसी भी स्तर का कोई व्यक्ति शामिल नहीं है। 

क्या है मामला

एडवोकेट ह‍रदीप सिंह सुंदरिया अभ्यर्थी विकास व एक अन्य व्यक्ति ने 7 जुलाई 2023 को सीकर के एंटी करप्शन ब्यूरो में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में कहा गया था कि अधिशासी अधिकारी यानि ईओ की भर्ती परीक्षा में विकास नामक अभ्यर्थी को मेरिट में लाने के लिए अनिल कुमार नामक बिचौलिए ने आरपीएससी सदस्‍य मंजू शर्मा व आरपीएससी चेयरमैन के नाम से 40 लाख रुपए की माँग की थी। 
शिकायत में यह भी कहा गया था कि बिचौलिए के साथ रिजल्ट आने से पहले 25 लाख रुपए और बाद में 15 लाख रुपए देने का सौदा हुआ था। अनिल ने ओएमआर शीट देखकर यह भी कहा था कि अभ्यर्थी के 62 प्रश्न सही और 20 गलत हैं। इसके बाद एसीबी ने बिचौलियों और कांग्रेस नेता गोपाल केसावत को दलालों संग रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

ACB के ट्रैप से हुई गिरफ्तारी

भर्ती के लिए 40 लाख रुपए की घूस की माँग को लेकर शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने जाल बिछाया था। शुक्रवार (14 जुलाई 2023) को एसीबी ने जाल के तहत ही बिचौलिए अनिल कुमार और ब्रह्मप्रकाश को 18.50 लाख रुपए की रिश्वत दिलाई थी। इसके बाद एसीबी दोनों पर निगरानी रख रही थी। शुक्रवार रात को ही दोनों आरोपित एक अन्य बिचौलिए रविन्द्र शर्मा को 7 लाख 50 हजार रुपए देने पहुँचे थे। जहाँ एसीबी ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों आरोपितों से हुई पूछताछ में गोपाल केसावत सहित अन्य लोगों का नाम सामने आया था।
इसके बाद एसीबी ने कुल 18.50 लाख रुपए में से 7.5 लाख रुपए शिकायतकर्ता को वापस देते हुए जयपुर में राजस्थान राज्य विमुक्त, घुमंतू व अर्द्धघुमंतू कल्याण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे गोपाल केसावत ​को देने के लिए कहा था। जब गोपाल केसावत शिकायतकर्ता से यह पैसा ले रहे थे तब एसीबी ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। 

केजरीवाल समर्थक ने रामकथा करने पर कुमार विश्वास को दी हत्या की धमकी, भगवान राम को गंदी-गंदी गालियाँ

आम आदमी पार्टी के अब तक के इतिहास को ऐसा आभास होता है कि यह पार्टी सफेदपोश गुंडों का जमावड़ा है? कवि कुमार विश्वास को धमकी मिलना कोई नई बात नहीं। 

सेवानिर्वित होने के बाद एक हिंदी पाक्षिक को सम्पादित करते एक रपट शीर्षक "कांग्रेस के गर्भ से जन्मी आप" प्रकाशित करने पर मुझे भी धमकी मिली, परिणाम अगले ही अंक के प्रथम पृष्ठ पर फ़ोन नंबर(जिस नंबर से धमकी आयी थी) प्रकाशित करने के साथ-साथ कांग्रेस और आप का DNA शीर्षक "कांग्रेस और आप का Positive DNA" प्रकाशित कर धमकी का जवाब दे दिया। (देखिए संलग्न पृष्ठ) जिसे कोई तथाकथित खोजी पत्रकार भी नहीं बताता। सबको अपनी TRP और विज्ञापन की चिंता रहती है। कांग्रेस और इसके समर्थक पार्टियों की बांसुरी से निकली आवाज़ आप को भाजपा की बी टीम बताते रहते हैं। 

केजरीवाल, सिसोदिया, योगेंद्र यादव आदि सब सोनिया गाँधी की सलाहकार समिति के सदस्य हैं। इतने वर्षों तक किसी ने खंडन नहीं किया। कांग्रेस द्वारा हिन्दू विरोधी Anti-Communal Violence Bill को बनाने में कहते हैं कि इसी ग्रुप की भी भूमिका थी। 

भगवान राम पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कवि कुमार विश्वास को जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान लोकेश शुक्ला के रूप में हुई है। वह आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल का समर्थक है।

दरअसल, कुमार विश्वास के मैनेजर प्रवीण पाण्डेय ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि बीते कुछ दिनों से कवि को जान से मरने की धमकी दी जा रही है। उन्हें यह धमकी ईमेल के माध्यम से दी जा रही थी।

मैनेजर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि धमकी देने वाला व्यक्ति मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को बेहद अपमानजनक गंदी एवं अश्लील गालियाँ देते हुए कहा था कि कुमार भगवान राम का महिमामंडन न करें। यही नहीं, आरोपित ने धमकी भरे ईमेल में अरविंद केजरीवाल की भी तारीफ की थी। साथ ही, उसने कहा था, “मैं शहीद ऊधम सिंह की शपथ लेता हूँ कि मैं तुझे मारूँगा।”

पुलिस को दिए शिकायत पत्र के साथ कुमार विश्वास ने ट्वीट कर इस बारे में पूरी जानकारी दी थी। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा था, “अब उन्हें और उनके चिंटुओं को मेरे द्वारा मेरे राघवेंद्र सरकार राम का महिमामंडन करना पसंद नहीं। कह रहे हैं कि मार देंगे, ये सब ठीक है पर अपने चिंटुओं को बोलो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को गाली न बकें। अपना काम करो, नहीं तो याद रखो रावण तक का वंश नहीं बचा, तुम ऐसे कौन लवणासुर हो?”

इंदौर से गिरफ्तार हुआ आरोपी 

पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि भगवान राम को गाली और कुमार विश्वास को धमकी देने वाले व्यक्ति को इंदौर के सुदामा नगर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान लोकेश शुक्ला के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया है कि वह अरविंद केजरीवाल से प्रभावित है। इसलिए, कुमार विश्वास द्वारा भगवान राम पर कविता सुनाने या केजरीवाल को लेकर कोई भी बात कहने से वह नाराज होता था।
इस मामले में, इंदिरापुरम थाना प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर ने कहा है कि गिरफ्तार आरोपित लोकेश शुक्ला ने कुमार विश्वास को धमकी भरा पहला मेल 23 अक्टूबर को भेजा था। इसके बाद उसने अगले चार-पाँच दिनों तक कुमार विश्वास को धमकी भरे मेल किए। इन मेल में भगवान राम को गाली दी गई थी। साथ ही, उसने शहीद उधम सिंह की कसम खाते हुए जान से मारने की भी धमकी दी थी। लगातार धमकी भरे मेल मिलने के बाद कुमार विश्वास के कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेता हुए गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी।

‘सत्ता के लिए केजरीवाल कुछ भी कर सकते हैं, सरकार गिराने-लाने वाले सबसे बड़े मुजरिम हैं अरविंद: मुनव्वर राणा

मुनव्वर राणा का अरविन्द केजरीवाल पर आरोप (फाइल फोटो)
विवादित शायर मुनव्वर राणा के निशाने पर अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल आ गए हैं। उन्होंने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सत्ता के लिए कुछ भी कर गुजरने वाला व्यक्ति बताया। मुनव्वर राणा ने कुमार विश्वास के आरोपों में सच्चाई होने की भी संभावना जताई है।

हिंदुस्तान द्वारा 25 फरवरी को प्रकाशित इंटरव्यू में मुनव्वर राणा ने कहा, “कॉन्ग्रेस की सरकार को गिरा कर भाजपा को सत्ता में लाने में सबसे बड़ा हाथ अरविन्द केजरीवाल का ही है। अन्ना तमाशा इनकी ही मिली-जुली सरकार थी। बाद में केजरीवाल ने भाजपा को भी धोखा दे दिया। कुमार विश्वास का आरोप झूठ भी नहीं हो सकता। कुमार विश्वास और केजरीवाल काफी गहरे दोस्त रहे हैं। सत्ता के लिए केजरीवाल कुछ भी कर सकते हैं।”

मुनव्वर राणा ने आगे कहा, “कुमार विश्वास आज कल मुझ से नाराज चल रहे हैं। मेरे बहुत ज्यादा ताल्लुकात फ़िलहाल उनसे नहीं हैं। कुमार विश्वास काफी सोच समझ कर बोलते हैं। देश तोड़ने की बातें तो आज कल मुहावरा जैसी बन चुकी हैं। आरोपों को जैसे बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जाता था, वैसा है नहीं।”

कुछ दिन पहले कुमार विश्वास ने अरविन्द केजरीवाल पर खालिस्तान समर्थक होने का आरोप लगाया था। उन्होंने केजरीवाल को खालिस्तान के खिलाफ बोलने की भी चुनौती दी थी। इन आरोपों के जवाब में केजरीवाल ने खुद को ‘स्वीट आतंकी‘ कहा था।

कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर जो आरोप लगाया था, वो नया नहीं है। अरविंद केजरीवाल को लेकर आम आदमी पार्टी के कई संस्थापक सदस्यों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें कपिल मिश्रा जैसे नामी-गिरामी लोग से लेकर आम कार्यकर्ता तक रहे हैं। 

‘राज्यसभा नहीं देने पर आरोप लगा देते हैं’: अब CM केजरीवाल के समर्थन में उतरे राकेश टिकैत

डॉ कुमार विश्वास द्वारा अरविंद केजरीवाल को खालिस्तान का समर्थक बताने के बाद अब भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत केजरीवाल के सपोर्ट में उतर आए हैं। टिकैत ने कहा है कि अगर कुमार विश्वास को आम आदमी पार्टी से राज्यसभा का टिकट मिल जाता तो शायद वो ये आरोप नहीं लगाते।

राकेश का केजरीवाल के समर्थन आना कोई हैरानी की बात नहीं, किसान आंदोलन के समय केजरीवाल द्वारा समर्थन देने के कारण ही राकेश बचाव करते नज़र आ रहे हैं। ज्ञात हो, किसान आंदोलन में खालिस्तान के झंडे नज़र आये थे।

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा, “वो आंदोलनकारी तो हैं। लेकिन इस तरह के नहीं लगते। कुमार विश्वास तो इनकी पार्टी में था। इन दोनों के बीच राज्यसभा पर कुछ रोड़ा हुआ था। अगर राज्यसभा मिल जाती तो बढ़िया था। राज्यसभा नहीं दिए तो फिर आरोप लगा देते हैं। इसलिए इस तरह का मामला तो नहीं लगता।”

हाल ही में कवि कुमार विश्वास ने केजरीवाल को लेकर कहा था, “उसने (केजरीवाल ने) मुझसे ऐसी भयानक बातें बोली हैं जो पंजाब में सभी को पता है। एक दिन जब मैंने उससे 2020 के जनमत संग्रह के बारे में बात की तो वो कहता है कि तू चिंता मत कर एक दिन मैं या तो स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूँगा या फिर स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) का पहला प्रधानमंत्री बनूँगा। जब मैंने बताया कि इस रेफरेंडम को आईएसआई से लेकर दुनिया भर के अलगाववादी तत्व फंडिंग कर रहे हैं तो उन्होंने मुझे चिंता नहीं करने को कहा।”

इसके जवाब ने सीएम केजरीवाल ने अपने ‘विकास कार्यों’ को गिनाते हुए खुद को ‘स्वीट टेररिस्ट’ करार दिया था। इसका जवाब देते हुए कुमार विश्वास ने कहा था, “केजरीवाल बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कोई भी सफेद झूठ बोलने में माहिर हैं। ऐसी सूरत बना के ये सिद्ध करते हैं कि पूरी दुनिया इनके पीछे पड़ी है। मैं ये पूछना चाहता हूँ कि भाई आपको तो किसी ने आतंकी नहीं कहा। ये देश को बताइए कि क्या पिछले चुनाव में आपके घर पर आतंकी संगठनों से सहानुभूति रखने वाले लोग आते थे या नहीं? जब मैंने इस पर आपत्ति जाहिर की थी तो मुझे पार्टी की पंजाब की बैठकों से बाहर कर दिया गया था।”

‘हिम्मत है तो बोलो खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा, अब विक्टिम कार्ड नहीं चलेगा’: केजरीवाल को कुमार विश्वास ने दी चुनौती

अरविन्द केजरीवाल अपनी महत्वकांशा पूरी करने के लिए जनता को किस हद तक पागल बना सकते हैं, अन्ना हज़ारे के आंदोलन से अब तक इनके इतिहास को देखा जा सकता है। लेकिन जनता भी इतनी पागल है जो फ्री के चक्कर में इसका समर्थन एवं वोट देती है। जो आदमी अपनी संतान की कसम खाकर पलट जाए, वह सत्ता पाने के लिए क्या नहीं कर सकता? दूसरे, किसान आंदोलन में खालिस्तान के झंडे होने के बावजूद आंदोलन को समर्थन। एक न्यूज़ चैनल पर आप की विधायिका रही अलका लाम्बा ने भी कुमार विश्वास के आरोप का समर्थन करते कहा कि तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह से भी पूछा जाये क्योकि उस मीटिंग में वह भी मौजूद था। 
अरविंद केजरीवाल ने कवि कुमार विश्वास को ‘कॉमेडियन’ बताने के बाद विक्टिम कार्ड खेलते हुए खुद को दुनिया का सबसे अधिक ‘स्वीट टेररिस्ट’ करार दिया था। लेकिन, केजरीवाल के विक्टिम कार्ड पर पलटवार करते हुए विश्वास ने कहा कि पिछले चुनाव में केजरीवाल ने अपने घर पर खालिस्तानी आतंकी समर्थकों से मुलाकात की थी।

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने एक बार फिर से दावा किया कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान केजरीवाल और आप पार्टी अलगाववादियों औऱ आतंकवादी समर्थकों के साथ मिलकर काम कर रही थी।

कुमार विश्वास ने कहा, “केजरीवाल बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कोई भी सफेद झूठ बोलने में माहिर हैं। ऐसी सूरत बना के ये सिद्ध करते हैं कि पूरी दुनिया इनके पीछे पड़ी है। अपनी इसी खासियत के चलते पूरे देश और अपने साथियों को मूर्ख बनाया और प्रदेश के लोगों पर डोरे डाले। मैं ये पूछना चाहता हूँ कि भाई आपको तो किसी ने आतंकी नहीं कहा। ये देश को बताइए कि क्या पिछले चुनाव में आपके घर पर आतंकी संगठनों से सहानुभूति रखने वाले लोग आते थे या नहीं? जब मैंने इस पर आपत्ति जाहिर की थी तो मुझे पार्टी की पंजाब की बैठकों से बाहर कर दिया गया था। एक दिन मैने इनके घर पर रंगेहाथ इन्हें आतंकियों के समर्थकों के साथ बैठक करते पकड़ा था। गेटमैन को हटाकर मैं किसी तरह अंदर जाकर देखा तो वही लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। जब मैंने उन्हें (केजरीवाल को) उन लोगों के बारे में चेतावनी दी, जिनसे वह दोस्ती कर रहे थे, तो उन्होंने मुझसे कहा कि नहीं-नहीं इससे बड़ा फायदा होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “वो किसी प्लेटफॉर्म पर आकर बहस क्यों नहीं कर रहे। वो कहते हैं कि कवि है, हास्य कवि है। अरे मैं पढ़ा-लिखा हूँ और टॉपर हूँ 17 साल तक पढ़ाया है। तुम तो ऐसे हास्य कलाकार (भगवंत मान) को लिए घूम रहे हो जिसकी 10वीं, 12वीं भी तीन बार में हुई है। कल को वो कोई गड़बड़ कर देगा तो तुम तो कह दोगे कि वो तो हास्य कलाकार है। राहुल गाँधी और मोदी जी भले ही चुनाव में एक-दूसरे पर प्रहार करते हैं, लेकिन कम से कम उन दोनों में ये तमीज तो है कि राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर एक हो जाते हैं। प्रधानमंत्री कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत का संविधान इकसार कर चुके हैं। रही बात चुनाव की तो वो तो भारत में सीएम या पीएम बनना चाहते हैं। लेकिन तुम तो…”

कुमार विश्वास ने यह भी कहा, “केजरीवाल को चुनौती देता हूँ कि मैं इस देश के लिए खून के आखिरी कतरे तक लड़ूँगा। वो ये कह दे कि मैं खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा। इन्हें कहीं भी पनपने नहीं दूँगा। क्या चुनाव-चुनाव करता है क्या इतना कहने की हिम्मत है। रही बात भगत सिंह की तो वो देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे। लेकिन ये तो अलग देश की आजादी के लिए लड़ रहा है। तू इधर-उधर की बात न कर ये बता कि खालिस्तान के विरोध में तेरा क्या स्टेटमेंट है। ये बता कि तेरे घर पे लोग आते थे या नहीं? नहीं बताएगा तो मैं बता दूँगा।”

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केजरीवाल को खालिस्तान समर्थक बताने पर राघव चड्ढा ने दी मीडिया को धमकी, क्यों?

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केजरीवाल को खालिस्तान समर्थक बताने पर राघव चड्ढा ने दी मीडिया को धमकी, क्यों?

केजरीवाल ने इससे पहले कुमार विश्वास के आरोपों के जबाव में खुद को स्वीट आतंकी बताया था।

केजरीवाल को खालिस्तान समर्थक बताने पर राघव चड्ढा ने दी मीडिया को धमकी, क्यों?

कुमार विश्वास द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर अलगाववादी खालिस्तान का समर्थन करने का आरोप लगाए जाने के बाद पार्टी अब मीडिया को भी धमकाने लगी है। आप नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने धमकी दी है कि अगर कोई कुमार विश्वास के बयानों को छापता है या दिखाता है तो AAP उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। इतना ही नहीं चड्ढा ने दावा किया है कि इस तरह के बयान अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने के लिए दिए गए हैं।

उन्होंने इस मुद्दे पर ट्वीट किया, “कुमार विश्वास फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो के जरिए अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने और उनका मजाक उड़ाने के लिए उक्त वीडियो प्रसारित/प्रकाशित कर रहे हैं।” आप नेता ने कहा कि कुमार विश्वास ने जो भी बयान दिए हैं वो सभी दुर्भावनापूर्ण, निराधार, मनगढ़ंत और भड़काऊ हैं। चड्ढा का कहना है कि विश्वास के बयान न केवल मानहानि वाले हैं, बल्कि इससे समाज में और विशेष रूप से आप के साथ-साथ समर्थकों में अशांति पैदा हो सकती है।

राघव ने मीडिया को धमकाते हुए ट्वीट किया, “अगर कोई चैनल इसे प्रकाशित/प्रसारित करता है या उसे प्रसारित करने के लिए मंच प्रदान करता है तो हमें कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिसमें उसे उकसाने/सहायता करने के अपराध शामिल होंगे।”

अब चर्चा यह हो रही है कि मीडिया को धमकाने की बजाए कुमार विश्वास पर क्यों नहीं केस किया जाता? कुमार पर केस करने से क्या आम आदमी पार्टी को काले चिट्ठे खुलने का डर है? खंडन करने की बजाए मीडिया को क्यों धमकाया जा रहा है? चांदनी चौक से आप विधायिका रही अलका लाम्बा ने भी काले चिट्ठे(एक ट्वीट में देखा जा सकता है) को खोला है। ट्विटर पर जो खालिस्तान संबंधों की बात हो रही है तो क्या अब ट्विटर पर भी कोई कानूनी कार्यवाही की जाएगी?

क्या है पूरा मामला

विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर खालिस्तान अलगावादियों के सम​र्थन का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि एक बार केजरीवाल ने उनसे कहा था कि या तो वे पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर स्वतंत्र देश (खालिस्तान) के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में विश्वास ने खुलासा किया कि केजरीवाल ने उनसे कहा था, “उसने (केजरीवाल ने) मुझसे ऐसी भयानक बातें बोली हैं जो पंजाब में सभी को पता है। एक दिन जब मैंने उससे 2020 के जनमत संग्रह के बारे में बात की तो वो कहता है कि तू चिंता मत कर एक दिन मैं या तो स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूँगा या फिर स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) का पहला प्रधानमंत्री बनूँगा। जब मैंने बताया कि इस रेफरेंडम को आईएसआई से लेकर दुनिया भर के अलगाववादी तत्व फंडिंग कर रहे हैं तो उन्होंने मुझे चिंता नहीं करने को कहा।”
कुमार विश्वास ने आगे कहा, “ऐसे में एक ऐसा आदमी जिसे पिछले चुनाव में मैने ये सुझाव दिया था कि अलगाववादी तत्वों का समर्थन न लें, जो कि पिछले चुनाव में अलगाववादियों से मिला हुआ था। लेकिन, उसने कहा था कि नहीं-नहीं हो जाएगा चिंता मत करो। जब मैंने उससे पूछा कि वो कैसे करेगा तो उसने इसका फार्मूला भी बताया था कि भगवंत मान और फुलका को लड़वा दूँगा। आज भी वो उसी रास्ते में है। नहीं भी होगा तो सरकार को कंट्रोल करने के लिए कोई न कोई कठपुतली बैठा लेगा।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा था, पंजाब का सीएम या खालिस्तान का पहला पीएम बनूंगा : कुमार विश्वास का सनसनीखेज खुलासा

पंजाब चुनाव बहुत संगीन होता नज़र आ रहा है। कांग्रेस प्रियंका वाड्रा की मौजूदगी में विभाजन खेल खेल रही है तो दूसरी तरफ कभी अरविन्द केजरीवाल के विश्वासपात्र रहे कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर खालिस्तान समर्थक होने की बात कहकर सनसनी फैला दी है। देखना यह होगा कि क्या पंजाब की जनता पंजाब को पुनः खालिस्तान की आग में धकेलना चाहती है या नहीं? वैसे अरविन्द केजरीवाल की पार्टी पर काफी समय से खालिस्तान के शुभचिंतक होने के समाचार आते रहे हैं।  
पंजाब में विधानसभा चुनाव से चार दिन पहले कवि और पूर्व आप नेता कुमार विश्वास ने सनसनीखेज खुलासा किया है। कुमार विश्वास ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अलगाववादियों की मदद लेने में भी कोई परहेज नहीं है। एक ऐसा आदमी जिसे एक समय में मैंने ये तक कहा था कि अलगाववादियों का साथ नहीं लीजिए। तो उन्होंने कहा था कि नहीं-नहीं हो जाएगा। पंंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी कह चुके हैं कि आप संयोजक का सपना दिल्ली के बाद पंजाब का मुख्यमंत्री बनने का है। उन्होंने सिर्फ चुनाव के लिए ही भगवंत मान को सीएम का चेहरा घोषित किया है।

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल अलगाववादियों के समर्थक

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री और अपने पूर्व साथी अरविंद केजरीवाल पर बड़ा सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में अलगाववादियों के समर्थक थे। कुमार विश्वास ने कहा कि केजरीवाल ने एक बार उनसे कहा था कि वे या तो पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे या स्वतंत्र राष्ट्र खालिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे।
मैंने अलगाववादियों का साथ देने को मना किया तो वो बोले, कोई बात नहीं
देश के चर्चित कवि कुमार विश्वास ने दावा किया कि केजरीवाल को अलगाववादियों की मदद लेने में भी कोई परहेज नहीं है। पंजाब कोई राज्य नहीं है। पंजाब एक भावना है। पूरी दुनिया में पंजाबियत एक भावना है। ऐसे में एक ऐसा आदमी जिसे एक समय मैंने ये तक कहा था कि अलगाववादियों का साथ नहीं लीजिए। तो उन्होंने कहा था कि नहीं-नहीं हो जाएगा।
केजरीवाल का फॉर्मूला : भगवंत मान और फूल्का का लड़वाकर सीएम बनूंगा
उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने खुद के मुख्यमंत्री बनने का फार्मूला भी बताया था। उस वक्त केजरीवाल ने कहा था कि मैं भगवंत मान और एचएस फूल्का को लड़वा दूंगा और मैं पहुंच जाऊंगा। आज भी वो उसी पथ पर हैं। एक दिन केजरीवाल ने कहा था कि आप चिंता मत करिए मैं एक दिन स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूंगा। जब मैंने अलगाववाद की बात कही तो उन्होंने कहा कि तो क्या हो गया, अगर ऐसा होता तो स्वतंत्र देश का प्रधानमंत्री बनूंगा।
चन्नी भी कह चुके, मान की जगह खुद सीएम बनना चाहते हैं केजरी
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी कह चुके हैं कि आप संयोजक का सपना दिल्ली के बाद पंजाब का मुख्यमंत्री बनने का है। उन्होंने सिर्फ चुनाव के लिए ही भगवंत मान को सीएम का चेहरा घोषित किया है। यदि पंजाब में आप की सीटें आ जाती हैं तो वे भगवंत मान को हटाकर सीएम बन सकें। चन्नी ने कहा कि हालांकि केजरीवाल का पंजाब सीएम बनने का सपना कभी पूरा नहीं होगा, क्योंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी बुरी तरह हार रही है।