Showing posts with label #Narottam Mishra. Show all posts
Showing posts with label #Narottam Mishra. Show all posts

टुकड़े-टुकड़े गैंग में दूसरे मजहब पर फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं : नरोत्तम मिश्रा, गृह मंत्री, मध्य प्रदेश

                                                                                                                    फोटो साभार: ट्विटर/HT
बॉलीवुड फिल्मों के बायकॉट पर भड़ास निकालना अभिनेता अर्जुन कपूर को भारी पड़ रहा है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने उन्हें फ्लॉप और फ्रस्ट्रेटेड एक्टर बताया है। साथ ही कहा है कि वे जनता को धमकी देने की जगह अपनी एक्टिंग पर ध्यान दें तो यह उनके लिए ज्यादा अच्छा होगा।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “अब कोई फ्लॉप और फस्ट्रेट एक्टर जनता को धमकाएगा। मैं इसे अच्छा नहीं मानता हूँ। अगर जनता को धमकाने की बजाय वे अपनी एक्टिंग पर ध्यान दें, तो ये उनके लिए ज्यादा अच्छा होगा।” बॉलीवुड के हिंदूफोबिक चरित्र पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा, “मैं उनसे सवाल करना चाहता हूँ कि क्या उनमें और टुकड़े-टुकड़े गैंग के हिमायती लोगों में इतनी हिम्मत है कि वह अन्य मजहब पर फिल्म बना सकें। उस मजहब के लिए अपमानित शब्द बोल सकें और उस मजहब के देवी-देवताओं को नीचा दिखा सकें। यह सब केवल हम सनातनी लोगों के साथ किया जाता है। ऐसा करने के बाद फिर बायकॉट को लेकर जनता को धमकाते हैं। इंतजार करो आप भी अर्जुन कपूर। अब जनता जागरूक हो गई है। फिल्म अभिनेता का जनता को धमकाना ठीक बात नहीं है। जनता को धमकाने की जगह आपको अपने अभिनय पर ध्यान देना चाहिए।”

बॉलीवुड फिल्मों के बॉयकॉट ट्रेंड को लेकर कई सितारे अपनी फिल्मों को लेकर डरे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘रक्षा बंधन’ के विरोध के बाद अब लोग ऋतिक रोशन की ‘विक्रम वेधा’, शाहरुख खान की ‘पठान’ और सलमान खान की ‘टाइगर 3’ को बायकॉट करने की माँग कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश : खाना खाते-खाते गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बरखा दत्त को ऐसे धोया

                           बरखा दत्त को नरोत्तम मिश्रा का ये इंटरव्यू बना चर्चा का विषय (फोटो साभार: MOJO STORY)
पत्रकार बरखा दत्त को इंटरव्यू देने के दौरान मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के ‘स्वैग’ के लोग कायल हो गए हैं। जहाँ एक तरफ नरोत्तम मिश्रा अपने ही अंदाज़ में भोजन करते-करते सवालों के जवाब देते रहे वहीं दूसरी तरफ बरखा दत्त का चेहरा देखने लायक था। बरखा दत्त इस बात से नाराज़ थीं कि मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर इस्लामी भीड़ की हिंसा के बाद सरकार ने दंगाइयों के घरों पर आखिर बुलडोजर क्यों चलाया?

बरखा दत्त ने नरोत्तम मिश्रा से पूछा कि आपने ये बयान क्यों दिया कि जिन्होंने पत्थरबाजी की और घर जलाए, उनके खुद के घर भी खंडहर बन जाएँगे। उन्होंने पूछा कि ये किस तरह का कानून है? इस पर भोजन करते-करते नरोत्तम मिश्रा ने ‘जैसे को तैसा’ कहावत की याद दिलाते हुए कहा कि उनका मानना है कि दंगाइयों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को समाज का द्रोही बताते हुए कहा कि ये भले लोगों का जीना मुश्किल कर देते हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने याद दिलाया कि कैसे दंगाइयों ने गरीबों के घर जलाए, बच्चों को निर्ममता से मारा और कई लोग ICU में भर्ती हो गए, कई पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं। नरोत्तम मिश्रा ने बरखा दत्त से सवाल पूछा कि ऐसे लोगों के साथ क्या करना चाहिए? इस पर बरखा दत्त कहने लगीं कि इसका फैसला पुलिस और कोर्ट करे, बुलडोजर का इसमें क्या रोल है? इस पर नरोत्तम मिश्रा ने सधा हुआ जवाब दिया कि दंगाइयों पर तात्कालिक कार्रवाई भी तो होनी चाहिए, सरकार नाम की कोई चीज भी तो दिखनी चाहिए।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में रामनवमी पर एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। हमारी जवाबदारी है, लेकिन हमारे एसपी को गोली लगी और पुलिस अधिकारी का सिर फटा – मतलब वो वहाँ थे। अब मध्य प्रदेश में भी तूतू-मैंमैं नहीं होगी।” बरखा दत्त इस दौरान ‘गुनहगार’ और ‘आरोपित’ का फर्क बताने लगीं, लेकिन नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि सारी प्रक्रियाएँ कानूनी ढंग से पूरी की गई है। नरोत्तम मिश्रा ने दंगाइयों के घरों को पत्थर में तब्दील किए जाने वाले बयान पर कहा कि उनका बयान ऐसा था, आगे भी रहेगा।

नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें उनके बयान के लिए कोई दुःख नहीं है और वो इससे संतुष्ट हैं, क्योंकि सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है। इस पर बरखा दत्त कहने लगीं कि CAA विरोधी प्रदर्शनों में यूपी में हुई कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अक्षरशः पालन की बात कही। बरखा दत्त ने दावा किया कि सिर्फ मुस्लिमों के घर तोड़े जा रहे हैं, जिस पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘मुस्लिम’ समझ कर कुछ नहीं किया, ‘दंगाइयों’ पर कार्रवाई की।

‘हमला हमारे ही त्योहारों पर क्यों’: राजदीप सरदेसाई को मध्य प्रदेश गृहमंत्री की लताड़

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के मौके पर हिंदुओं की शोभा यात्रा को जान-बूझकर निशाना बनाए जाने के बाद जो हिंसा भड़की, उसमें उपद्रवियों द्वारा कई दुकानों, मकानों को आग लगाया गया। इसके बाद मंदिरों में जो तोड़फोड़ हुई वो अलग और जो आधा दर्जन पुलिसकर्मी समेत 24 से ज्यादा लोग घायल हुए वो अलग…। छानबीन में सामने आया कि ये कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं थी बल्कि इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी। छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम इकट्ठा थे ताकि शोभा यात्रा पर फेंके जा सकें। जो इस बात को साबित करता है कि उपद्रवियों की मंशा देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने की थी। वरना पत्थर और पेट्रोल बम जमा करने का क्या मतलब था। जब तक उत्तर प्रदेश की तरह अन्य राज्यों में भी उपद्रवियों से सख्ती से निपटा नहीं जायेगा तब तक देश में बेगुनाह अकाल मौत के गाल में जाते रहेंगे। 

देश में उपद्रवियों पर कार्यवाही 2014 में सत्ता होने के बाद से शुरू हुई है, उससे पूर्व उपद्रवी ऐश करते थे और पीड़ित हिन्दू ही प्रताड़ित होता था। उसी को कसूरवार ठहराया जाता था। सरकार को केवल उपद्रवियों पर ही कार्यवाही नहीं, बल्कि इन्हे उकसाने वालों पर भी नकेल डालनी चाहिए। इनके बैंक खाते सील कर देने चाहिए। हर सरकारी सुविधा से वंचित कर देना चाहिए। 

प्रशासन को भी जब तथ्यों को पता चला तो उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और उपद्रवियों के घर बुलडोजर चलाया गया। अब पूरे घटनाक्रम को देखें तो मामला हिंदुओं पर हमला किए जाने से शुरू हुआ। मगर, जो वामपंथी लिबरल खेमा है उसे दिक्कत इस बात से नहीं है कि आखिर कैसे हिंसा को भड़काया गया। उन्हें मलाल इस बात का है कि प्रशासन आखिर उन उपद्रवियों की संपत्तियों पर कैसे बुलडोजर चला सकती है जो इस देश के अल्पसंख्यकों में आते हैं।

द वायर की आरफा खानुम शेरवानी को पढ़िए। उपद्रवियों के घर पर चलाए गए बुलडोजर से नाराज आरफा लिखती हैं कि ये बुलडोजर सिर्फ मुस्लिमों के घर तक नहीं रुकेगा बल्कि सबका नंबर आएगा। आरफा पूछती हैं, “किस कानून के तहत मुस्लिमों के घर खरगोन में गिराए जा रहे हैं? किस कानून ने ऐसा करने का अधिकार दिया है? क्या कोर्ट अब इस भारत में काम कर रहे हैं?”

सबा नकवी इस एक्शन से आहत होकर लिखती हैं, “तो संक्षेप में भारत में कानून की स्थिति ये है कि अगर मेरे पड़ोस में या इमारत में एक व्यक्ति या समूह दुर्व्यवहार करता है और वहाँ मुसलमान रहते हैं तो पूरे ब्लॉक को नीचे गिरा दिया जाएगा।” वह एनडीटीवी से बातचीत में कहती हैं, “ जब अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणा से भरे भाषण दिए जाते हैं, तब तो कोई गिरफ्तारी नहीं होती।”

उपद्रवियों से हमदर्दी रखने वालों की लिस्ट में आरफा-सबा जैसे कई सेकुलरवादी हैं। स्वाति चतुर्वेदी ने भी अपने ट्वीट में शिवराज सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए लिखा है- मोदी और उनके मुख्यमंत्री अब कानून पर, प्रक्रिया पर और लोकतंत्र पर बुलडोजर चला रहे हैं।

दिलचस्प बात ये है कि अगर आप इन सेकुलरवादी, कट्टर विचारों वाले, या वामपंथी स्वभाव के लोगों के ट्विटर हैंडल खंगालेंगें तो आपको पता चलेगा कि इनके सवाल ये कहीं नहीं है कि आखिर हिंदुओं की यात्रा पर पथराव करके माहौल बिगाड़ने का क्या मतलब था बल्कि इनकी चिंता तो ये है कि आखिर कैसे प्रशासन उपद्रवियों के विरुद्ध इतनी सख्त कार्रवाई कर रहा है।

राजदीप को MP गृहमंत्री ने लताड़ा

राजदीप सरदेसाई, जो वामपंथी खेमे के वरिष्ठ माने जाते हैं उन्होंने हाल में अपने शो में मध्य प्रदेश के गृहमंत्री से इस बाबत सवाल-जवाब करके अपनी खूब फजीहत कराई है। जैसे उनका सवाल देखिए- शिवराज सरकार मुस्लिम दंगाइयों को निशाना बना रही है पर हिंदू या हिंदुत्व दंगाइयों को कोई कुछ नहीं कह रहा?
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री से लताड़ लगने के बाद राजदीप ने फिर अगला सवाल ओवैसी के कंधे पर रखकर पूछा। उन्होंने कहा “आप धर्म का इस्तेमाल करके राम नवमी पर नफरत फैलाना चाहते हैं, हिंदुत्व का राज करना चाहते हैं।” इस सवाल को सुन मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा, “ओवैसी जैसे लोगों के मन में हम प्रेम भी पैदा नहीं करना चाहते। हमने उनका प्रेम देखा है कैसा है। ये मैंने बताया न कि ये क्रोनोलॉजी है जो देश में चल रही है और आप जैसी चर्चाओं से कभी कभी गलत दिशा में चली जाती है। राम नवमी साल में एक दिन आती है और 12 जगह देश में दंगा हो जाता है। ये सब हमारे त्योहारों पर ही होता है न उनके त्योहारों पर नहीं होता कभी।”
राजदीप ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आखिर क्यों कुछ नहीं किया जबकि अगर पुलिस चाहे तो कोई दंगा नहीं हो सकता। राजदीप का सवाल सुन नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “पुलिस अगर नहीं होती तो एसपी को गोली कैसे लगती, टाआई का सिर कैसे फटता, जवान घायल कैसे होते। मगर, ये लोग पहले से तैयारी किए हुए थे। उनके पास पत्थर थे, असला था, बंदूक थी, कट्टे थे। तभी तो गोली चली है।”
राजदीप ने प्रशासन कार्रवाई से आहत होकर कहा कि आखिर उनकी सरकार भाईचारा कैसे फैलाएगी अगर बार-बार इसी तरह डर बनाने का काम करेगी। इस पर राज्य गृहमंत्री ने कहा, “जब तक दंगाइयों के फन नहीं कुचले जाएँगे तब तक भाईचारा नहीं फैल पाएगा। इसलिए इन्हें सबक सिखाना जरूरी है।”
राजदीप ने गृहमंत्री के सामने ये मुद्दा उठाया कि बिहार में जैसे लोग मस्जिद के सामने जाकर नारेबाजी कर रहे हैं क्या आप धार्मिक जुलूस से अपनी ताकत का प्रदर्शन चाहते थे? यह सवाल सुन नरोत्तम मिश्रा भड़क गए। उन्होंने राजदीप की फजीहत करते हुए कहा, “आपको तो यही लगेगा।” उन्होंने पूछा कि आखिर धार्मिक जुलूस में कहाँ भाजपा या कॉन्ग्रेस का झंडा दिखाई दिया जो राजदीप को वो जूलूस राजनैतिक लग गया। नरोत्तम मिश्रा ने ये पूछे जाने पर कि क्या बुलडोजर पॉलिटिक्स का थोड़ा भी दुख है या नहीं, वह बोले जो गलती करेगा वो सजा को भुगतेगा।

रामनवमी पर अलग-अलग जगह हुआ माहौल बिगाड़ने का प्रयास

जानकर हैरानी होगी कि लिबरल और वामपंथियों में जितनी सुगबुगाहट उपद्रवियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलता देखकर हुई उतना उन्हें उस राम नवमी वाले दिन भी नहीं हुई जब केवल खरगोन में ही नहीं देश के विभिन्न राज्यों में राम नवमी की शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया। आप देखें चाहे राजस्थान का करौली, बंगाल का हावड़ा, गुजरात का हिम्मतनगर, झारखंड का लोहारगढ़ या कर्नाटक का मुलबगल हो… हर जगह शोभा यात्रा को निशाना बनाकर यह सबूत दिया गया कि हिंदू त्योंहारों के लिए कितनी घृणा लोगों के मन में हैं मगर, इन सबके बाद भी लिबरलों की आँख बंद रही। ये नींद टूटी जब दंगाइयों पर कार्रवाई होनी शुरू हुई।
अब भी इन लोगों के जरिए या इनके अकॉउंट पर अगर संबंधित घटना या कार्रवाई पर बात हो रही है तो वो या तो मोदी सरकार की आलोचना के एंगल से हो रही है या फिर प्रशासन के एक्शन पर हो रही है। इनके लिए वो राजस्थान का करौली चर्चा का कारण नहीं है जहाँ 10-12 किलो के पत्थर छतों से हिंदुओं की शोभा यात्रा पर फेंके गए, मगर प्रशासन ने दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई की जगह हिंदू त्योहार के समय जगह-जगह धारा 144 लगा दी और वहीं दूसरी ओर रमजान के समय में दूसरे समुुदाय को पूरी-पूरी बिजली देने का वादा कर दिया।
ऐसे दोहरे रवैये वाले सेकुलरों के बीच रहते हुए मध्य प्रदेश के गृहमंत्री की तरह सवाल पूछना जरूरी हो जाता है कि हमारे ही धार्मिक आयोजनों पर हमले क्यों होते हैं? क्यों हिंदुओं की शोभा यात्रा को निशाना बनाया जाता है? क्यों वामपंथी ये मानते हैं कि हिंदुओं पर हमला हिंदुओं की गलती है कि आखिर वह मुस्लिम इलाके में अपना जुलूस लेकर गए कैसे?

मेरी ब्रा का साइज भगवान ले रहे’: टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी

टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी (TV Actress Sweta Tiwari) हिंदू भावनाओं को आहत करने के मामले में विवादों में घिर गई हैं। इस मामले में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने भोपाल के पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर को 24 घंटे में मामले की पूरी जाँच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मिश्रा ने कहा कि हिंदू भावनाओं को आहत करने वाला श्वेता तिवारी का हालिया बयान उन्होंने देखा और सुना है और वे इसकी कड़ी निंदा करते हैं। दरअसल, मनीष हरिशंकर की वेब सीरीज ‘शो-स्टॉपर्स’ के प्रमोशन के लिए सीरीज प्रोडक्शन की पूरी यूनिट भोपाल आई हुई थी। इसको लेकर प्रोडक्शन टीम द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया था।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक शो स्टॉपर फैशन से जुड़ी एक वेब सीरीज है जिसमें सौरभ राज जैन एक ‘ब्रा फिटर’ की भूमिका निभा रहे हैं। कथित तौर पर, उन्होंने सौरभ के संदर्भ में मजाक में बयान दिया, जो टीवी शो महाभारत में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाने के लिये जाने जाते हैं।
श्वेता के बयान का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है और अब भगवान का मजाक उड़ाने और उसी वाक्य में उनके इनरवियर का जिक्र करने के लिए उनकी आलोचना हो रही है।

26 जनवरी 2022 को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बेव सीरीज और स्टार कास्ट को लेकर पत्रकारों को जानकारी दी जा रही थी। इसी दौरान श्वेता तिवारी ने कहा, “मेरी ब्रा का साइज भगवान ले रहे हैं।” इतना कहने के बाद वो अपने बगल में बैठी दूसरी एक्ट्रेस के साथ हँसने लगती हैं। उल्लेखनीय है कि इस वेब सीरीज में श्वेता तिवारी के साथ रोहित रॉय नजर आने वाले हैं।

बहरहाल एक्ट्रेस के इस बयान को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए भोपाल में शूटिंग नहीं करने देने की चेतावनी दी है। वहीं, संस्कृति बचाओ मंच के चंद्रशेखर तिवारी ने अभिनेत्री से सार्वजनिक तौर पर माफी माँगने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने गृहमंत्री मिश्रा से श्वेता तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की भी माँग की। उनका कहना है कि फिल्म निर्देशक, अभिनेता और अभिनेत्रियों ने भगवान के अपमान का ठेका ले रखा है।

श्वेता तिवारी इससे पहले भी विवादों में रही हैं। अपने पारिवारिक मसले को लेकर चर्चा में रहने वाली श्वेता तिवारी अपने पहले पति राजा चौधरी और दूसरे पति अभिनव कोहली से विवादों को लेकर सुर्खियों में रही थीं। 

उनकी बेटी पलक तिवारी ने भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा है। हार्डी संधू के हिट गाने बिजली बिजली में दिखाई देने के बाद वह फेमस हो गई है। इसके अलावा, वह विवेक ओबेरॉय के साथ रोज़ी द केसर चैप्टर के साथ बॉलीवुड में अपनी शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। हाल ही में, वह सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान के साथ डेट पर जाने के बाद सुर्खियों में आई थीं।